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अव्यवस्थित जीवनशैली तथा मोटापा डायबिटीज डायबिटीज़ का प्रमुख कारण : डॉ. तिवारी

अव्यवस्थित जीवनशैली तथा मोटापा डायबिटीज डायबिटीज़ का प्रमुख कारण : डॉ. तिवारी

हेल्थ डेस्क। यह स्पष्ट है कि मोटापा टाइप—2 डायबिटीज़ का प्रमुख कारण है। अव्यवस्थित जीवनशैली व खान-पान इसमें मुख्य भूमिका निभाते है। ज्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट, रक्त में इंसुलिन का स्तर बढ़ाते हैं। पेट का मोटापा (ट्रंकल ओबेसिटी), लगातार बढ़ रहा इंसुलिन का स्तर, शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध (resistance) पैदा करता है। भोजन के बाद अग्नाशय (पैंक्रियास) बढ़े शुगर स्तर का सामना करने के लिए अधिक इंसुलिन का उत्पादन करता है अतिरिक्त इंसुलिन का उत्पादन करने से अग्नाशय पर उत्पन्न लगातार उच्च मांग अग्नाशय (पैंक्रियास) में इंसुलिन पैदा करने वाली बीटा सैल्स को नुकसान पहुंचाता है। 

क्या मधुमेह होने से रोका जा सकता है? 
हां, Swedish   diabetes prevention program and Indian diabetes prevention program, और LOOK AHEAD trial से इसके प्रमाण मिलते हैं कि डायबिटीज़ को संयमित जीवनशैली से रोका जा सकता है। फीनिश डीपीपी में पाया गया कि संयमित जीवन शैली से से 58 प्रतिशत सापेक्ष जोखिम में कमी हुईऔर डायबिटीज़ के होने को 5 वर्ष आगे बढ़ाया। 

प्री—डायबिटीज को डायबिटीज में बदलने से रोकने के आसान उपाय
-5 प्रतिशत से अधिक वजन घटाना
-भोजन में फैट की मात्रा कुल कैलोरीज़ की 30 प्रतिशत से कम
-सैचुरेटेड फैट कुल कैलोरीज़ खपत में 10 प्रतिशत से कम
-भोजन में रेशे (फाइबर) कि मात्रा 15 ग्राम/एक हजार कैलोरीज़ से ज्यादा
-30 मिनट से ज्यादा का शारीरिक व्यायाम

क्या मधुमेह से मुक्ति संभव है? 
क्या मधुमेह होने के बाद वापस सामान्य होना संभव है? इसका सबूत डायरेक्ट ट्रायल स्टडी से मिलता है जिसको यूनाइटेड किंग्डम में प्राथमिक उपचार केंद्रों में किया गया।  इस अध्ययन  में टाइप—2 मधुमेह के रोगियों का कैलोरी प्रतिबंधित तरल आहार के माध्यम से तेज़ी से वज़न घटाया गया और श्रंखलाबद्ध तरीके से खाद्य पदार्थ जोड़ें गए व वज़न कम बनाए रखने के कार्यक्रम पर रखा गया। 
डायबिटीज रेमिशन क्लिनिकल ट्रायल (डायरेक्ट ट्रायल) में लगभग 300 रोगियों ने हिस्सा लिया, कैम्ब्रिज वेट प्लान  से वजन घटाने  व एक समर्पित वज़न नियंत्रण कार्यक्रम से, 36 प्रतिशत टाइप—2 डायबिटीज़ के रोगी 2 वर्ष तक बिना दवाई लिए अपनी बीमारी को नियंत्रण में रख सके। 
यह इंटरवेंशन मधुमेह और बीपी की दवाओं को बंद करने से शुरू हुआ कम कैलोरी वाले तरल आहार के साथ 3 से 5 महीनों के लिए प्रतिदिन 825 से 853 कैलोरीज का भोजन दिया गया।इसके बाद श्रृंखलाबद्ध तरीके से भोज्य पदार्थ जोड़े गए ,उस घटे हुए  वजन को बनाए रखने के लिए 2 सालों में औसतन 7.7 समर्पित सहयोग परामर्श दिए गए। इस अध्ययन से इस अवधारणा को हमेशा के लिए विश्राम मिल गया की डायबिटीज कभी न खत्म होने वाली बीमारी है।

बीमारी का सुसुप्त अवस्था में जाना इन चीजों पर निर्भर 
1. जिन लोगों ने 10 किलो से ज्यादा वजन घटाया उनमें 64 प्रतिशत मरीज सुसुप्त अवस्था (रैमिशन) प्राप्त करने में कामयाब रहे।
2. वजन घटाने के बावजूद भी जिन मरीजों में बीमारी की अवधि औसतन 2.7 साल से ज्यादा थी उनमें बीमारी सुसुप्त अवस्था (रैमिशन) में नहीं गई।

कम कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार (मेडिटरेनियन डायट)
कम कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार शरीर में इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करते हैं 2014 में प्रकाशित नेपल्स की सेकंड यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार 1 साल तक कम कार्बोहाइड्रेट वाली भूमध्यसागरीय आहार लेने से 15 प्रतिशत टाइप टू डायबिटीज के मरीज, अपनी बीमारी को सुसुप्त अवस्था मैं लाने में कामयाब रहे इसके विपरीत एक साल में कम वसा वाले वाले आहार पर केवल 4 प्रतिशत मरीज अपनी बीमारी को सुसुप्त अवस्था मैं ला पाए और 6 साल में इनका प्रतिशत शून्य था।

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