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कमर व पेट के आसपास चर्बी जमा होने व कंधों में दर्द जैसी समस्या को दूर करने के लिए करें यह आसन, जानिए जबरदस्त फायदे

कमर व पेट के आसपास चर्बी जमा होने व कंधों में दर्द जैसी समस्या को दूर करने के लिए करें यह आसन, जानिए जबरदस्त फायदे

 हेल्थ न्युज (एजेंसी)। भागदौड़ भरी इस जिदंगी में लोग काम में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि वह खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते. फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने से ज्यादातर लोगों को  कब्ज, कमर व पेट के आसपास चर्बी जमा होने, कंधों में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं. अगर आप इन सब से बचना चाहते हैं तो योग करें. योग एक स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र है. योग करना अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक शक्ति को बढ़ाने के लिए एक शानदार तरीका है. इसलिए हम आपके लिए सेतुबंध आसन के फायदे लेकर आए हैं.

सेतुबंध का नियमित तौर पर आसन का अभ्यास करने से पाचन और गले की खराश जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है. नीचे जानिए इसे करने का तरीका और फायदे…

सेतुबंध योग आसन करने की विधि

सबसे पहले एक योगा मैट को बिछा के सीधे यानि पीठ के बल लेट जाएं.
अब अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़े और अपने कूल्हों को फर्श से ऊपर उठायें.
अपने दोनों हाथों को पीठ के नीचे लाएं और दोनों को आपस में जोड़ लें.
इस आसन में रहते हुए आप 20 बार सांस लें और और फिर अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं.
स्टेमिना को बढ़ाने के लिए आप इसे 5 मिनिट तक करने का प्रयास करें.

सेतुबंध आसन से मिलने वाले फायदे 

इसका नियमित अभ्यास करने से कमर दर्द हमेशा-हमेशा के लिए गायब हो सकता है. 
जिनका पैर कमजोर है और जब तब शून्य हो जाता है उसे सेतुबंध आसन करना चाहिए.
पाचन संबंधित एंजाइम के स्राव में यह मदद करता है, लिहाजा आप कब्ज की समस्या से बच सकते हैं.
इसके अभ्यास से आप अपने किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं.
सेतुबंध के अभ्यास से आपको अस्थमा में बहुत हद तक सफलता मिल सकती है.
शीर्षासन के बाद अगर सेतुबंध किया जाये तो थाइरोइड के लिए बहुत प्रभावी है. 
इस योगाभ्यास के करने से रीढ़ की हड्डी में अच्छी लचक देखी जा सकती है.
इस आसन के करने से पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है.

सेतुबंध का अभ्यास करते वक्त रखें ये सावधानियां

अगर घुटने में भी दर्द है तो इसे करने से बचें.
कंधे में तकलीफ होने पर भी इसे नहीं करना चाहिए.
हाईपर एक्टिव थाइरोइड वाले मरीज इसे न करें
ब्लड प्रेशर के मरीज भी इस आसन को न करें
गर्दन में किसी भी तरह का दर्द होने पर इसे न करें
याद रखें कि सेतुबंध करने के समय को धीरे धीरे बढ़ाते जाएं.

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.​

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