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रक्तदान-महादान परिकल्पना साकार : एमबीडीडी ने एक बार फिर रचा इतिहास

रक्तदान-महादान परिकल्पना साकार : एमबीडीडी ने एक बार फिर रचा इतिहास

रायपुर। रक्तदान : जीवनदान की परिकल्पना को साकार कर एक बार फिर मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव एमबीडीडी ने इतिहास रच डाला है। आचार्य महाश्रमण के मंगल आशीर्वाद से सेवा संस्कार संगठन के क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने शनिवार को पूरे भारत और साथ ही 22 अन्य देशों में एक साथ रक्तदान के 6185 शिविरों का आयोजन कर 1,68,000 यूनिट से ज्यादा रक्त एकत्र कर रक्तदान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। देश भर में हुए शिविरों में राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने मौजूद रह कर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। वहीं कई व्यक्तियों ने खुद भी रक्तदान कर इस पुनीत भागीरथी प्रयास में अपना सहयोग दिया। शिविर में युवाओं ने जहां बढ़-चढ़  कर भाग लिया, वहीं महिलाएं भी किसी से पीछे नजर नहीं आई। शिविरों में एकत्र ब्लड के स्टोरेज की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर ब्लड बैंक के साथ तालमेल रखा गया था। शिविर में एकत्र ब्लड ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों के काम में आ सके इसके लिए अभातेयुप अपनी सभी इकाइयों में मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ तालमेल बैठाने में सहयोग भी करेगी।

अभातेयुप  राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज डागा ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने कोविड की जंग को जीता। सम्पूर्ण देश की जनता को वेक्सीनेशन किया गया। अब इस रक्तदान अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में एकता व रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभातेयुप जैसी गौरवशाली संस्था को प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान किया था। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव में सहयोग दिया गया।

 एमबीडीडी राष्ट्रीय संयोजक हितेश भांडिया ने बताया कि इस मेगा आयोजन में  भारत के विभिन्न शहरों, जिला मुख्यालयों तथा 22 अन्य राष्ट्रों में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस महाअभियान के साथ सैंकड़ों की संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग अभातेयुप को मिला। रक्तदान कैंप में डाटा संकलन का काम भी ऑनलाइन किया गया। सभी शिविरों के आंकड़े देर रात तक अपडेट होते रहे।

रायपुर शहर में यह शिविर 21 जगह आयोजित किया गया। सवेरे से लेकर देर शाम तक चले शिविर में 1383 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया। रक्तदान शिविर के आयोजन में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स, रायपुर मिल मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन,  रायपुर इलेक्ट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन, वर्धमान मित्र मंडल, छत्तीसगढ़ कंप्यूटर डीलर एसोसिएशन, पंडित रवि शंकर विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय आदि द्वारा सहयोग  किया गया। स्थानीय प्रवक्ता  निर्मल बेंगाणी , अध्यक्ष मनीष दूगड़ एवं मंत्री महेश गोलछा ने बताया कि शिविर में मुख्य रूप से सुनील सोनी (सांसद रायपुर), कुलदीप जुनेजा (विधायक रायपुर उत्तर), बृजमोहन अग्रवाल (विधायक रायपुर दक्षिण), संजय शर्मा  (ए आई जी ट्राफिक) , गौतम चंद चौरसिया (पूर्व न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय) मौजूद रहे।

अभातेयुप के नाम है पहले से रक्तदान शिविर लगवाने का रिकॉर्ड

अभातेयुप के राष्ट्रीय महामंत्री पवन मांडोत ने बताया कि संस्था ने 17 सितम्बर 2012 को एक दिन में देश के 276 शहरों एवं कस्बों में 651 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 96,600 यूनिट रक्त संग्रह का कीर्तिमान रचा था। संस्था ने 6 सितंबर 2014 को देश के 286 स्थानों पर 682 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 100212 यूनिट रक्तदान के साथ अपना नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था। सन् 2016 में एक वर्ष तक निरंतर 366 दिन तक 410 स्थानों पर 468 रक्तदान शिविरों के साथ विश्व के सबसे लंबे समय तक निरंतर चलने वाले रक्तदान अभियान के रूप में इण्डिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। सन् 2020 में कोविड-19 की विकट परिस्थितियों व लॉकडाउन की स्थिति में भारत सरकार के अनुरोध पर 55000 यूनिट रक्तदान एवं एक माह में 2000 प्लाज्मा डोनेशन के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, ग्लोबल रिकॉर्ड एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, एशिया पेसिफिक रिकॉर्ड्स और ग्लोबल रिकॉर्ड्स में अभातेयुप का नाम दर्ज हुआ।

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