Health

डिप्रेशन की प्रॉब्लम को बूस्ट कर देते है ये फूड्स, लेकिन भूलकर भी ना करें सेवन

डिप्रेशन की प्रॉब्लम को बूस्ट कर देते है ये फूड्स, लेकिन भूलकर भी ना करें सेवन

न्युज डेस्क (एजेंसी)। आजकल की दुनिया में स्ट्रेस का लेवल बढ़ते जा रहा है, जिसके चलते चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर पाते हैं. तनाव को वक्त रहते कम न किया जाए, तो ये डिप्रेशन का कारण बन सकता है. डिप्रेशन की वजह कई हो सकती हैं, लेकिन इस परिणाम सिर्फ एक है और वो है बिगड़ा हुआ मानसिक स्वास्थ्य. एक्सपर्ट्स के मुताबिक अच्छी नींद और सही खानपान इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकता है.

मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि खानपान से डिप्रेशन का इलाज हो जाए, इसका कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन खाने पीने की कुछ चीजों का सेवन कम या बंद करने से काफी फर्क महसूस किया जा सकता है. दरअसल, कई ऐसे फूड्स हैं, जो डिप्रेशन की प्रॉब्लम को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं. यहां हम आपको इन्हीं फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं.

फास्ट फूड 

कई अध्ययनों में सामने आया है कि जिन्हें स्ट्रेस या डिप्रेशन रहता है उन्हें फूड क्रेविंग ज्यादा परेशान करती है. ये अपनी क्रेविंग को कम करने के लिए ऐसे फूड्स खाते हैं, जो बॉडी को नुकसान पहुंचाते हैं. फास्ट फूड भले ही टेस्टी हो, लेकिन इनमें आर्टिफिशियल ट्रांस फैट, रिफाइंड कार्ब्स और चीनी मौजूद होती है. रिसर्च में ये भी सामने आया है कि जो लोग फास्ट फूड ज्यादा खाते हैं उनके डिप्रेशन से ग्रसित होने के आसार ज्यादा बने रहे हैं. फ्राई मोमोज, बर्गर, पिज्जा जैसे फूड्स का कम से कम सेवन करें.

शराब

पूरी दुनिया में दुख या अपने साथ कुछ भी बुरा होने पर ज्यादातर लोग शराब को अपना साथी बना लेते हैं. शराब से भले ही नींद आ जाए, लेकिन ये आपके डिप्रेशन को खत्म होने के बजाय और बढ़ा सकती है. डिप्रेशन से पीड़ितों को भूल से भी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. एक रिसर्च में सामने आया है कि शराब शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है और इसी वजह से किसी का भी मूड खराब हो सकता है.

रिफाइंड ग्रेन 

वैसे ग्रेन यानी अनाजों का सेवन शरीर के लिए अच्छा होता है, लेकिन कुछ लोगों को रिफांइड ग्रेन को खाने की आदत होती है. कहा जाता है कि इन्हें रिफाइंड करने से इनमें पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. रिसर्च में ये भी सामने आया है कि जो लोग रिफाइंड ग्रेन का सेवन करते हैं, उनमें डिप्रेशन के होने की अधिक संभावना बन जाती है. होल ग्रेन यानी जौं, गेहूं, चना को मिक्स करके फ्लोर तैयार करवाएं और उसका सेवन करें.


( Note : इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं.TCP24 News इनकी पुष्टि नहीं करता है. किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इस पर अमल करें.)

Related Topics