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जिला चिकित्सालय में एक से बढ़कर पांच हुई डायलिसिस मशीनें

जिला चिकित्सालय में एक से बढ़कर पांच हुई डायलिसिस मशीनें

बैकुंठपुर। किडनी से संबंधित रोगों के इलाज में गम्भीर मरीजों के लिए डायलिसिस बेहद जरूरी होता है। एक बार डायलिसिस कराने के लगभग 2500 रुपये तक खर्च हो जाते हैं। ऐसे में मरीज और उनके परिजन के लिए मेडिकल खर्च वहन कर पाना मुश्किल हो जाता है। आमजन की सहूलियत और उनकी समस्याओं के निराकरण के मद्देनजर राज्य शासन के नेतृत्व में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार करते हुए अब 05 मशीनें डायलिसिस के लिए जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में उपलब्ध हैं। राहत की बात है कि यहां डायलिसिस की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है।

बता दें कि जिले में पूर्व से ही 01 डायलिसिस मशीन के ज़रिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब 04 मशीनें और स्थापित की गई हैं जिससे एक ही दिन में अब 10 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में नयी मशीनें स्थापित की गयी हैं। दिसम्बर 2020 में जिला चिकित्सालय में एक मशीन के साथ डायलिसिस सेवा शुरू हुई थी। गत 10 सितंबर को स्थापित 04 नवीन मशीनों के साथ अब वर्तमान में कुल 5 मशीनों के माध्यम से डायलिसिस किया जा रहा है।

प्रतिदिन 10 मरीजों को मिल सकेगी सुविधा
सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि पूर्व में संचालित एक मशीन से प्रतिदिन 02 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही थी, अब जिला अस्पताल में मशीनों की संख्या बढ़ने से प्रतिदीन 10 मरीजों का डायलिसिस किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सितंबर 2022 तक जिला चिकित्सालय में कुल 536 डायलिसिस किए गए, किडनी रोगियों में डायलिसिस की बढ़ती आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए मशीनों की संख्या में वृद्धि की गयी, जिसके बाद विगत 15 दिवस में ही 24 जरूरतमंदों का निःशुल्क डायलिसिस किया गया।

जिला चिकित्सालय में डायलिसिस हेतु भर्ती मरीज 60 वर्षीय नारायण दुबे के परिजनों ने बताया कि वे पहले डायलिसिस हेतु अम्बिकापुर जाते थे, सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। एक डायलिसिस का खर्च लगभग 2500 रुपये होता था, इस तरह सप्ताह में डायलिसिस का खर्च 7500 रुपए हो जाता था। इसके साथ आवागमन और दवाइयों का भी खर्च होता था। जिला चिकित्सालय में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा से हमें बेहद राहत मिली है।

इसी प्रकार बैकुंठपुर के 68 वर्षीय रियाजुद्दीन ने बताया कि वे जून माह से जिला अस्पताल में लगातार डायलिसिस करवा रहें हैं, एक मशीन की वजह से पहले थोड़ा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब नयी मशीन लगने से यह समस्या खत्म हुई है। चरचा की 60 वर्षीय प्रेमकुमारी बताती हैं कि मैं पहले निजी अस्पतालों में डायलिसिस करवातीं थीं, जिसमें बहुत खर्च होता

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