Jobs & Career

खादी व ग्रामोद्योग आयोग को कारगिल और लेह में रोजगार पैदा करने में मिली सफलता, 8200 युवाओं को मिला रोजगार

खादी व ग्रामोद्योग आयोग को कारगिल और लेह में रोजगार पैदा करने में मिली सफलता, 8200 युवाओं को मिला रोजगार

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना काल में जहां एक ओर रोजगार में कमी आई वहीं दूसरी और खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को कारगिल और लेह में रोजगार पैदा करने में सफलता मिली है। पिछले साढ़े तीन साल के भीतर केवीआईसी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत करीब 1000 छोटी और मध्यम स्तर की मैन्युफैक्च रिंग यूनिट स्थापित की हैं। इनसे केवल साढ़े तीन साल की अवधि में ही स्थानीय युवाओं के लिए 8200 से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इन इकाइयों ने 2017-18 से 32.35 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी जारी की है। लेह लद्दाख क्षेत्र का विकास केंद्र सरकार का प्रमुख उद्देश्य रहा है। 2019 में जम्मू और कश्मीर के विभाजन के बाद से इस क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

00 इन क्षेत्रों में बढ़ें रोजगार के अवसर-
सीमेंट ब्लॉको के विनिर्माण से लेकर लोहे और स्टील की वस्तुओं के विनिर्माण, ऑटोमोबाइल मरम्मत वर्कशॉप, टेलरिंग इकाइयां, लकड़ी की फर्नीचर निर्माण इकाइयां, लकड़ी पर नक्काशी की इकाइयां, साइबर कैफे, ब्यूटी पार्लर और सोने के आभूषणों के निर्माण आदि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें केवीआईसी ने सहायता प्रदान की है। इससे स्थानीय लोगों को सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में मदद मिली है। यहां तक कि 2020-21 के पहले 6 महीनों के दौरान, कोविड-19 लॉकडाउन के बावजूद केवीआईसी ने विभिन्न क्षेत्रों में कारगिल में 26 और लेह में 24 नई परियोजनाएं स्थापित करने में मदद की, जिससे इन दोनों क्षेत्रों में 350 नौकरियों का सृजन हुआ।

00 32.35 करोड़ रुपये का किया वितरण
दरअसल, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत केवीआईसी एक नोडल कार्यान्वयन एजेंसी है। 2017 18 से 30 सितंबर 2020 तक केवीआईसी ने कारगिल में 802 परियोजनाएं और लेह में 191 परियोजनाएं स्थापित की हैं। जिसमें कारगिल में 6,781 और लेह में 1421 रोजगारों का सृजन हुआ। केवीआईसी ने कारगिल में इन परियोजनाओं के लिए मार्जिन मनी के रूप में 26.67 करोड़ रुपये का वितरण किया, जबकि इसी अवधि के दौरान लेह क्षेत्र में 5.68 करोड़ रुपये का वितरण किया गया।

00 कारगिल और लेह में 6 महीने तक ही होता है संपर्क-
केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि, `प्रधानमंत्री मोदी के नजरिए के कारण चुनौतीपूर्ण कारगिल और लेह में रोजगार में वृद्धि हो सकी है। इस क्षेत्र में पूरे साल में केवल छह महीने तक ही संपर्क स्थापित हो पाता है। कारगिल और लेह ने विभिन्न विनिर्माण गतिविधियों को बनाए रखने की अपार क्षमता दिखाई है। लेह और कारगिल देश के बाकी हिस्सों से लगभग छह महीने तक कटा रहता है। हालांकि, ये इकाइयां इन क्षेत्रों में पूरे वर्ष सामानों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करेंगी। कारगिल और लेह के लाभार्थियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी उत्पादन इकाइयां शुरू करने के बाद नौकरियों की तलाश में दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इन इकाइयों ने न केवल उनके लिए स्व रोजगार सृजित किए हैं बल्कि इस क्षेत्र के कई अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।

Related Topics