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आज का हिन्दू पंचांग

आज का हिन्दू पंचांग

 हिन्दू पंचांग 

दिनांक - 23 नवम्बर 2022
दिन - बुधवार
विक्रम संवत् - 2079
शक संवत् - 1944
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - हेमंत
मास - मार्गशीर्ष ( गुजरात एवं महाराष्ट्र में कार्तिक मास )
पक्ष - कृष्ण
तिथि -अमावस्या सुबह 06:54 से 24 नवम्बर प्रातः 04:26 तक
नक्षत्र - विशाखा रात्रि 09:37 तक तत्पश्चात अनुराधा
योग - शोभन अपरान्ह 03:40 तक तत्पश्चात अतिगण्ड
राहु काल - दोपहर 12:26 से 01:48 तक
सूर्योदय - 06:58
सूर्यास्त - 05:54
दिशा शूल - उत्तर दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:14 से 06:06 तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:00 से 12:52 तक

व्रत पर्व विवरण - अमावस्या
विशेष - अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

अमावस्या विशेष

23 नवम्बर 2022 सुबह 06:54 से 24 नवम्बर प्रातः 04:26 तक अमावस्या है ।

1. जो व्यक्ति अमावस्या को दूसरे का अन्न खाता है उसका महीने भर का किया हुआ पुण्य दूसरे को (अन्नदाता को) मिल जाता है ।
(स्कंद पुराण, प्रभास खं. 207.11.13)

2. अमावस्या के दिन पेड़-पौधों से फूल-पत्ते, तिनके आदि नहीं तोड़ने चाहिए, इससे ब्रह्महत्या का पाप लगता है ! (विष्णु पुराण)

4. अमावस्या के दिन खेती का काम न करें, न मजदूर से करवाएं ।

5. अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता का सातवाँ अध्याय पढ़ें और उस पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पण करें । सूर्य को अर्घ्य दें और प्रार्थना करें । आज जो मैंने पाठ किया मेरे घर में जो गुजर गए हैं, उनको उसका पुण्य मिल जाए । इससे उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पत्ति बढ़ेगी ।

अमावस्या के दिन आहुति प्रयोग

गरीबी है, बरकत नहीं है, बेरोजगारी ने गला घोंटा है तो फिक्र न करो । हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें ।

सामग्री : १. काले तिल २. जौ ३. चावल ४. गाय का घी ५. चंदन पाउडर ६. गूगल ७. गुड़ ८. देशी कपूर एवं गौ चंदन या कण्डा ।

विधि : गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवन कुण्ड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये मंत्रों से ५ आहुति दें ।
आहुति मंत्र
 १. ॐ कुल देवताभ्यो नमः
 २. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः
 ३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः
 ४. ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
 ५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

इस प्रयोग से थोड़े ही दिनों में स्वास्थ्य, समृद्धि और मन की प्रसन्नता दिखायी देगी ।     
   
स्वास्थ्य-अमृत

(१) दमे की तकलीफ : छुहारों को धो के धूप में सुखा दें, फिर कूट के चूर्ण बना के रख लें । १ ग्राम चूर्ण में थोड़ी सोंठ मिलाकर चाट लें या तो सोंठ के साथ पानी से फाँक लें । दिन में ३ बार यह प्रयोग करने से दमे में आराम मिलता है ।

(२) उच्च रक्तचाप : थोड़ी अरवी (कचालू) भोजन में खाना शुरू करो और 'ॐ शांति... शांति...' जपो इससे उच्च रक्तचाप में कइयों को आराम हुआ है ।

(३) निम्न रक्तचाप : गाजर का ३१० मि.ली. रस और पालक का १२५ मि.ली. रस मिलाकर पीने से और आरोग्यप्रद, पुण्यदायी ॐकार का जप करने से फायदा होता है ।

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