Astrology

आज का हिन्दू पंचांग

आज का हिन्दू पंचांग

हिन्दू पंचांग 

दिनांक - 25 जनवरी 2023
दिन - बुधवार
विक्रम संवत् - 2079
शक संवत् - 1944
अयन - उत्तरायण
ऋतु - शिशिर
मास - माघ
पक्ष - शुक्ल
तिथि - चतुर्थी दोपहर 12:34 तक तत्पश्चात पंचमी
नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद रात्रि 08:05 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद
योग - परिघ शाम 06:16 तक तत्पश्चात शिव
राहु काल - दोपहर 12:52 से 02:15 तक
सूर्योदय - 07:22
सूर्यास्त - 06:22
दिशा शूल - उत्तर दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:38 से 06:30 तक
निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:26 से 01:18 तक

व्रत पर्व विवरण - विनायक चतुर्थी, वरद चतुर्थी, श्रीगणेश जयंती
विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है ।
 (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

चतुर्थी  तिथि विशेष

विनायक चतुर्थी - 25 जनवरी

चतुर्थी तिथि के स्वामी  भगवान गणेश जी हैं ।
हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं । पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं । अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं ।

शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके । पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥

 अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्ष के उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।

दरिद्रता नाश करने के लिये

 सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें ।
 चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें ।
 इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।
ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नहीं ।

 कफ रोग का इलाज 

50 ग्राम शहद, 50 ग्राम लहसुन, 1 ग्राम तुलसी के बीज पीस कर उसमें डाल दो, चटनी बन गयी थोड़ा-थोड़ा बच्चे को चटाओ हृदय भी मजबूत हो जायेगा, कफ भी नाश हो जायेगा ।

 वसंत पंचमी - 26 जनवरी 2023

 25 जनवरी दोपहर 12:35 से 26 जनवरी सुबह 10:28 तक ।

विशेष :- उदया तिथि के अनुसार सरस्वती पूजा 26 जनवरी गुरुवार को मनाई जाएगी ।

 वसंत पंचमी माँ सरस्वती का प्रागट्य दिवस है । सारस्वत्य मंत्र लिए हुए जो भी साधक हैं , सरस्वती माँ का पूजन करें और सफेद गाय का दूध मिले अथवा गाय के दूध की खीर बनाकर सरस्वती माँ को भोग लगायें । सफेद पुष्पों से पूजन करें और जिन विद्यार्थियों ने सारस्वत्य मंत्र लिया है वे तो खास जीभ तालू पर लगाकर सारस्वत्य मंत्र का जप इस दिन करें तो वे प्रतिभासम्पन्न आसानी से हो जायेंगे ।

 वसंत पंचमी माँ सरस्वती की आविर्भाव का दिवस है । जो भी पढ़ते हों और शास्त्र आदि या जो भी ग्रन्थ, उनका आदर-सत्कार-पूजन करो । और भ्रूमध्य में सूर्यदेव का ध्यान करो । जिससे पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ोगे ।

Related Topics