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जून महीने में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52 फीसदी अधिक ट्रैक्टर बिके

जून महीने में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52 फीसदी अधिक ट्रैक्टर बिके

दुर्ग। राज्य सरकार की कृषि को बढ़ावा देने की योजनाओं का लाभ आटोमोबाइल सेगमेंट में नजर आने लगा है। पिछले साल जून महीने में आरटीओ आफिस में 82 ट्रैक्टरों का पंजीयन हुआ था। इस साल जून महीने में कराए गए रजिस्ट्रेशन की संख्या 134 है। यह पिछले साल के मुकाबले 52 फीसदी अधिक है। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में 226 ट्रैक्टर बिके हैं। जिसमें 92 जिले के स्थानीय डीलरों से अन्य जिले के किसानों ने क्रय किए हैं। कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था में आए दबाव और पूरे देश में इसके असर के बावजूद दुर्ग जिले में बिक्री में आया यह उफान यह बताता है कि राज्य शासन द्वारा खेती-किसानी को आगे बढ़ाने वाली योजनाओं का जमीनी स्तर पर अच्छा असर हुआ है और किसान अब इस स्थिति में आ रहे हैं कि आधुनिक खेती की ओर बढ़ें। यह आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि पिछली बार भी कर्ज माफी के चलते और 2500 रुपए में धान खरीदी के चलते किसानों को खेती से काफी संबल मिला। उन्हें खेती पर निवेश करने का अवसर मिला और ट्रैक्टर की बिक्री में काफी इजाफा हुआ। छत्तीसगढ़ में जून महीने में ट्रैक्टर की खासी संख्या में बिक्री होती है क्योंकि खरीफ फसल लेने से पूर्व सबसे ज्यादा लोग खरीदते हैं। ऐसे में इस बार पिछले साल की तुलना में भी ट्रैक्टर की अधिक बिक्री होना काफी महत्वपूर्ण है। कारों की बिक्री में भी इजाफा हुआ। उल्लेखनीय है कि पिछले साल जून महीने में 360 कारें बिकीं थीं, इस साल इसी महीने में 387 कार बिकी है।
इस तरह से मिला राजीव किसान न्याय योजना से संबल- बीते वर्षों में खेती किसानी से आर्थिक लाभ की संभावना कम होती जा रही थी। कर्जमाफी के निर्णय ने किसानों को उबार लिया, फिर दूसरी सकारात्मक बात 2500 रुपए में धान खरीदी के निर्णय को लेकर हुई। इन दोनों बातों से किसान के पास खेती में निवेश करने के लिए अवसर आए हैं। इसके साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से भी किसानों को संबल दिया गया। पहली किश्त में ही जिले के 80 हजार किसानों के खाते में इस योजना से 64 करोड़ रुपए की राशि आई है। स्वाभाविक रूप से इसका उपयोग किसानों ने अपनी खेती की बेहतरी के लिए किया।

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