Chhattisgarh

आमदनी का साधन बना गुड़ का व्यवसाय

आमदनी का साधन बना गुड़ का व्यवसाय

दीपेश शाहा (कापसी )

परलकोट में शीत का आगमन के साथ खजूर रसपान की शौक इन दिनों युवाओं में देखी जा रही । खजूर का मीठा रस मौसमी पेय पदार्थ है। इसका सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ- साथ स्वास्थ  के लिए भी लाभकारी है। कहते है खजूर रस के सेवन से  पाचन शक्ति में वृद्धि होती है। परलकोट के कई गांव ऐसे है जहा लोगों की रोजगार का मुख्य जरिया खजूर का रस  है। ये लोग रस संचय कर गुड़ बनाने की कला में माहिर होते है। गुड़ को प्रदेश के अलावा अन्य राज्य में भी निर्यात कर अच्छा आमदनी अर्जित कर रहे है। 
बता दे कि ठंड मौसम के शुरुवाती दिनों से ही व्यवसायी गुड़ बनाने में  जुट जाते है। सिजनेवल  एक अच्छी आमदनी के साथ गुड़ का व्यवसाय भी परलकोट में खूब जोरो  पर चलता है । सुबह से गुड़ व्यवसायी 2 से 3 हांडी मीठे खजूर रस का विक्रय करते है । एक हांडी 8 लीटर रस की कीमत 200 रु है । गुड़ व्यायसाई अन्य लोगो के खेतों, घरों के खजूर पेड़ को 3 से 4 माह के लिए लीज में लेते है और  उसी से प्राप्त रस को  पटाली गुड़ 250 रु प्रति किग्रा, दाना गुड़ 150 रु प्रति किग्रा व झोला गुड़ 120 रु प्रति किग्रा बनाकर मार्केट में बेचते है । एक खजूर पेड़ प्रतिदिन 500 रु तक कि आमदनी देती हैं । यह गुड़ पच्छिम बंगाल, बांग्लादेश तथा बंगाली समाज में काफी चाव खाया जाता है तथा इस गुड़ से कई किस्म के बंगाली मिठाई भी बनाई जाती है।

क्या है मीठा रस:
खजूर के  रस को निकलने के लिए व्यावसायी को सूर्यास्त के बाद खजूर पेड़ के शीर्ष में पहुचकर तेजधारनुमा चाकू से व्ही आकार में काटकर फाइल को रस टपकने जैसा बनाना होता है जो पेड़ में लगे मिट्टी के घड़े में सीधे जाकर जमा हो जाती है। दुषरे दिन सुबह  सूर्योदय के पहले निकाल लिया जाता है। अच्छा और शुद्ध रस के लिए मौसम का अच्छा होना जरुरी है। बदली और ख़राब मौसम होने पर रस  पिने योग्य नहीं रह जाता है।  मीठा रस पाने के लिए साफ मौसम का होना जरूरी होता है । 

परलकोट से निर्यात:
इस गुड़ का काफी डिमांड होता है जिसके चलते व्यापारी को बाजार में इसका अच्छा भाव मिल जाता है ।  रायपुर, माना कैम्प,  भिलाई , धमतरी के अलावा दूसरे राज्य में भी इस गुड़ का काफी मांग है । कोलकाता ,महाराष्ट्र चंद्रपुर, विशाखापटनम, दिल्ली, मुम्बई आदि कई बड़े राज्यो के निवासरत बंग बंधुओ द्वारा परलकोट के पटाली गुड़ की मांग करते है ।

बंगाली होटलों में बनती है खजूर गुड़ के रसगुल्ले 
परलकोट के गुड़ व्यवसायियों से अंचल के दुकानदातो के अलावा अन्य जिले के व्यवसायी भी मिठाईयां बनाने में इस गुड़ का इस्तेमाल करते हैं। रसगुल्ले के मीठे चाशनी में इस गुड़ को उपयोग में लायी जाती है जो रसगुल्ले को अलग ही स्वादिष्ट बनाता  है । 

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