Chhattisgarh

पत्रकारिता में निरंतर बढ़ रही करियर की सम्भावनाएं

पत्रकारिता में निरंतर बढ़ रही करियर की सम्भावनाएं

रायपुर। अग्रसेन महाविद्यालय (पुरानी बस्ती) में पत्रकारिता विभाग आज पत्रकारिता में करियर की संभावना”- विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें आकाशवाणी रायपुर के वरिष्ठ उद्घोषक परेश राव ने वर्तमान समय में प्रिंट मीडिया के अलावा, इलेक्ट्रोनिक मीडिया और सोशल मीडिया में करियर की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

राव ने कहा कि बदलते दौर में तकनीकी विकास के कारण अब पत्रकारिता का विस्तार उन क्षेत्रों में ज्यादा होने की सम्भावना है, जहां तकनीक का इस्तेमाल अधिक से अधिक हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से ज्यादातर टीवी चैनल, रेडियो या अन्य संचार माध्यम अब मोबाइल एप पर भी आने लगे हैं। इसलिए बहुत से पत्रकारिता का एक बड़ा हिस्सा अब मोबाइल ऐप के भीतर सिमट गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पत्रकारिता का विस्तार सोशल मीडिया के अलावा इंटरनेट मोबाइल फोन और स्काइप जैसी नई तकनीकों के जरिए और भी तेजी से हो सकेगा। उन्होंने पत्रकारिता के महाविद्यालयो से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि अब जो युवा एक साथ बहुत तरह के तकनीकी और रचनात्मक कार्य कर सकते हैं, पत्रकारिता में उनके सफल होने की सम्भावना अधिक रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के पत्रकार साथी जो भी कार्य करें, उसमें तकनीकी कौशल तो अनिवार्य है। साथ ही उन्हें ईमानदार और असरदार भी होना पड़ेगा। राव ने मीडिया में अच्छी भाषा और संवेदनशील प्रस्तुति को भी अनिवार्य आवश्यकता बताया। इस दौरान उन्होंने अपने लम्बे करियर के अनुभव भी साझा किये। इस मौके पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने कहा कि मीडिया में करियर की अपार सम्भावना है। क्योंकि कोरोना जैसे कठिन समय में भी मीडिया की जरुरत लगातार बनी रही।

महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो अमित अग्रवाल ने कहा कि पत्रकारिता के छात्रों के प्रायोगिक अध्ययन और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए ही महाविद्यालय में टेलीविजन और रेडियो का अत्याधुनिक स्टूडियो बनाया गया है। अनुभवी विशेषज्ञों के सहयोग से यहाँ विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कार्यक्रम के आरम्भ में पत्रकारिता संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. विभाष कुमार झा ने अतिथि वक्ता परेश राव का परिचय दिया और विषय की प्रस्तावना रखी। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग के सहयोगी प्राध्यापक प्रो. राहुल तिवारी और प्रो. कनिष्क दुबे भी सक्रिय रूप से शामिल हुए।

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