Chhattisgarh

10 वी का पहला पर्चा देकर निकले बच्चो के चेहरे में खुशी

10 वी का पहला पर्चा देकर निकले बच्चो के चेहरे में खुशी


दीपेश शाह (कापसी)। शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे परीक्षा देकर निकले सभी परीक्षार्थियों के चेहरे में खुशी देखी गई। बाहर निकले सभी परीक्षार्थियों के चेहरे खुशी से खिले नजर आए। परीक्षा देकर बाहर निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि परीक्षा में पूछे गए सवाल काफी आसान थे। आपस में बातचीत के दौरान भी उनकी खुशी साफ झलक रही थी। 
बता दे कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं की परीक्षाए 1 मार्च से शुरू हो गयी है। विधार्थियों ने पहला पर्चा हिंदी दिलायी। कापसी की परीक्षा केंद्र परीक्षा हॉल प्रवेश के पूर्व बच्चो को नकल न करने की नशीहत दी गयी ।  केंद्र अध्यक्ष प्रदीप कुमार विश्वास ने बतलाया कि 274 पंजीकृत परीक्षार्थियों में 4 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। एकल सीट कुर्शी टेबिल के माध्यम से बैठक व्यवस्था की गई । कापसी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला के 10 कमरों में 19 शिक्षकों की निगरानी में परीक्षा का सफल संचालन किया गया । 

सहायक केंद्र प्रभारी तोमन लाल देवांगन ने परिक्षा के पहले माँ सरस्वती की वंदना कर बच्चो को अच्छे से उत्तरपुस्तिका को भरने को कहा और बतलाया कि सावधानी पूर्वक लिखे । अतिरिक्त सप्लेमेंट्री उत्तरपुस्तिका आपको नही दी जाएगी । 40 पृष्ठों की एक ही ओएमआर उत्तरपुस्तिका में आपको पूरा प्रश्न के उत्तर लिखना होगा । इसलिए प्रश्न से संबंधित उत्तर ही  साफ सुथरे सुंदर लिखावट में लिखे । साथ ही उत्तरपुस्तिका के शीट में प्रश्न पत्र के विषय कोड प्रवेश पत्र को देखकर सही मिलान कर भरने को कहा ।

तलाशी लेकर बच्चो को प्रवेश 
परीक्षा कक्ष में अंदर जाने के पहले बच्चो की तलाशी ली गयी, जो बच्चे मोबाइल लेकर आये थे उन्हें मोबाइल अपने परिचितों के पास छोड़ने को कहा गया । नकल करने का कोई अवसर बच्चो को न मिल पाए इसलिए कक्षा में अतिरिक्त शिक्षक को चोकसी भी लगवाई गयी । बच्चो को जूते चप्पल बाहर खोलकर आने को कहा गया ।

देवपुर पिव्ही 2 की हाईस्कूल की छात्राएं कुमारी पूजा साना और कु अनिता सरकार ने बतलाया कि परीक्षा देने से पहले मन मे एक घबराहट सी थी क्यों कि पहले हमने कभी भी इस तरह के परीक्षा नही दिलाये थे। आज परीक्षा देकर मन हल्का हो गया । 

सहायक प्रभारी दिनेश सरकार, बंशी राम मंडावी ने कहा की प्रथम दिन होने के कारण सुबह बच्चे प्रवेश पत्र हाथो में लिए सूचना फलक पर अपने अनुक्रमांक खोजकर बैठक कक्ष जाने परेशान दिख रहे थे । उसके बाद स्कूल स्टाफों की मदद ली गयी और उन्हें बच्चो की सहायता करने को कहा गया ।

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