Chhattisgarh

डेयरी विकास हेतु ऋण लेकर अनुदान सहायकता का लाभ लेने का सुनहरा अवसर

डेयरी विकास हेतु ऋण लेकर अनुदान सहायकता का लाभ लेने का सुनहरा अवसर

 कांकेर. जिला विकास अधिकारी नाबार्ड ने डी.के मल्ल्कि ने जानकारी दी है कि पशुपालन,डेयरी और मत्स्य विभाग, भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के  डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) का प्रारंभ किया गया है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, एकक्रियान्वयनकर्ता संस्था है, इस योजना के अंतर्गत छोटी डेयरी इकाईयों की स्थापना, ओसर बछाड़ा पालन, मिल्किंग मशीन, मिल्कटेस्टर, मिल्क कुलिंग इकाईओं (5000 लीटर की क्षमता तक), डेयरी प्रसंस्करण उपकरणों की खरीद,दूध और दूध उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधा,दूध उत्पाद परिवहन सुविधा पशु, चिकित्सालय और डेयरी विपणन केन्द्रोें, कृषकों एकल उद्यमियों, सदस्यों की ओर  से स्वयं सहायता  समूहों  डेयरी सहकारी समितियों, दूध यूनियन दूध संघो, पंचायती राज संस्थानों आदि इस योजना के अंतर्गत ऋण से जुड़ी अनुदान सहायता का लाभ ले सकते है।

 योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी को वित्त पोषण करने वाले बैंक (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, राज सहकारी बैंकांे, क्षेत्रीय बैंकों) से ऋण लेना होगा और अनुदान सहायता लाभार्थी  को अंत में दी जायेगी, उधार लेने वाले को स्वीकृत पात्र ऋण के समक्ष  संबंधित  बैंक द्वारा नाबार्ड से अनुदान सहायता हेतु योजना में निर्धरित समय सीमा के भीतर दावा किया जायेगा। अनुदान राशि प्राप्त होने के बाद उसे लाभार्थी के अनुदान प्रारक्षित निधि मेें रखा जायेगा जब तक  लाभार्थी  को प्रदत्त ऋण की अंतिम  किश्त की चुकौती  नहीं हो जाती  और परियोजना  के  क्रियान्वयन के दौरान योजना से संबंधित  सभी दिशानिर्देशों  का अनुपालन किया गया हो। अनुदान सहायता दो किश्तों (अग्रिम अनुदान सहायता और अंतिम अनुदान सहायता ) में जारी की जाएगी। यदि कर्जदार का खाता अनर्जक आस्ति हो जाता है या योजना के दिशा निर्देशों का उल्लंघन होने पर अनुदान सहायता राशि वापस की जाएगी।
अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए अनुदान सहायता की राशि परियोजना लागत 33.33 प्रतिशत और 25 प्रतिशत  होगी  (योजना के दिशानिर्देशों में इंगित इकाई लागत के अधीन)योजना  से संबंधिज दिशा निर्देश नाबार्ड की वेबसाइwww.nabard.org औरwww. dadf.gov.in उपलब्ध किया गया है। कर्ज लेने वाले कृपया  योजना से संबंधित दिशा निर्देशों के ध्यान पूर्वक पढ़े बैंकों द्वारा इन दिशा निर्देशों का अनुसरण सुनिचित  किया जाएँ और निर्धारित समय सीमा में एन्श्योर  पोर्टल ( ¼ ensure.nabard.org )में दावा प्रेषित, अपलोड करें अन्यथा अनुदान सहायता राशि स्वीकृत नहीं की जाएगी। इस योजना हेतु छत्तीसगढ़ को 4.56 करोड़ की बजट राशि आबंटित की गई है, मुख्य महाप्रबंधक एन.पी. महापात्र नाबार्ड ने बताया है कि इस योजना से राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ेगा साथ ही सभी हितग्राहियों को लाभ लेने के लिए आह्नान किया गया है।

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