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जवानों के बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने देगी सरकार : शाह

जवानों के बलिदानों को व्यर्थ नहीं जाने देगी सरकार : शाह

 जयपुर,  (एजेंसी ): पुलवामा आतंकी हमले  के बाद  देश भर में फैले आक्रोश के बीच भाजपा  के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश के जवानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी और आतंकी  घटनाओ को अंजाम देने वाली तत्वों को  सेना माकूल जवाब देगी। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले के बाद कुछ और सैनिकों के शहीद होने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आज पूरा देश शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन जवानों ने जो हमारी सेना, हमारे सुरक्षा बलों की वीरता की उज्जवल परंपरा को आगे बढाने का काम किया है... मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार इनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगी। इनके बलिदानों का सुनिश्चित रूप से माकूल जवाब हमारे सेना के जवानों द्वारा दिया जाएगा।’’

शाह ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों में भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जो आतंकवाद के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ की नीति अपनाती है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर के नेता आतंकवाद के खिलाफ हैं लेकिन आतंकवाद का जवाब देने, इससे निपटने की जितनी राजनीतिक इच्छाशक्ति हमारे नेता नरेंद्र मोदी में है उतनी विश्व के किसी नेता में नहीं है।’’ शाह यहां सूरज मैदान में संकल्प केंद्र सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और सीकर लोकसभा क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों तथा शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

शाह ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के शुरुआती कार्यकाल पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा ‘‘मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की खींचतान के चलते राज्य में विकास कार्य ठप्प हो गए हैं।’’

देश के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकती कांग्रेस 
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रविवार को पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कांग्रेस पर उसकी ‘‘वंशवादी’’ राजनीति को लेकर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी देश के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकती और उसके उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर सकती। शाह ने नेहरू...गांधी परिवार के कांग्रेस नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी में ‘‘आंतरिक’’ लोकतंत्र नहीं है।


भाजपा नेता शाह ने यहां पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी...मैं भविष्य के नाम का उल्लेख नहीं कर रहा हूं। कार्यकर्ताओं के शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है। ऐसी पार्टियां देश के लोकतंत्र को मजबूती नहीं दे सकतीं और उसके उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर सकतीं।’’

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