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ममता बनर्जी का आरोप :  केन्द्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति के शिकार हुए तापस पॉल

ममता बनर्जी का आरोप : केन्द्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति के शिकार हुए तापस पॉल

कोलकाता (एजेंसी ).  तृणमूल कांग्रेस नेता एवं अभिनेता तापस पॉल की मौत से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पॉल की मौत के लिए केन्द्र सरकार की ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ को जिम्मेदार ठहराया, वहीं भाजपा ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि उनकी मौत के लिए तृणमूल कांग्रेस द्वारा की गई उनकी ‘‘अनदेखी और खराब बर्ताव’’ जिम्मेदार है। तृणमूल कांग्रेस से दो बार सांसद रहे पॉल (61) का दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार को मुम्बई में निधन हो गया था।अभिनेता से नेता बने पॉल रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले में आरोपी थे और एक साल से अधिक समय तक जेल में भी रहे थे। वह रोज वैली समूह के ब्रांड एंबेसडर थे।
बनर्जी ने पॉल को श्रद्धांजलि देते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता सुल्तान अहमद की मौत भी दिल का दौरा पड़ने से हुई थी जो 2016 के नारद टेप घोटाला मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद से तनाव में थे।पूर्व केंद्रीय मंत्री अहमद का 2017 में निधन हो गया था।तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि पार्टी सांसद प्रसून बनर्जी की पत्नी की मौत भी केंद्र की ‘‘बदला लेने वाली’’ राजनीति की वजह से हुई थी।प्रसून बनर्जी का नाम भी नारद टेप घोटाला मामले में आया था और उनसे प्रवर्तन निदेशालय तथा सीबीआई दोनों ने ही पूछताछ की थी। ममता बनर्जी ने यहां रवीन्द्र सदन में पत्रकारों से कहा, ‘‘तापस पॉल पर केन्द्रीय एजेंसियों का गहरा दबाव था और वह केन्द्र की प्रतिशोध की राजनीति के शिकार हुए।’’ 
पॉल का पार्थिव शरीर रबीन्द्र सदन में रखा गया ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। दोपहर बाद पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बनर्जी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा, ‘‘उनके मन में तापस पाल के लिए सम्मान जैसा कुछ था ही नहीं । उन्हें (पॉल) तृणमूल कांग्रेस में कभी सम्मान नहीं मिला। तृणमूल कांग्रेस भ्रष्टाचार में डूबी हुई पार्टी है।’’ बंगाली सिनेमा के सबसे अच्छे कलाकारों में से एक के रूप में पॉल की सराहना करते हुए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस ने पॉल की गिरफ्तारी के बाद उनकी अनदेखी की।उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा अनदेखी और खराब बर्ताव किए जाने से पॉल अवसाद में चले गए और उनकी हालत बिगड़ती गई। बनर्जी ने ‘दादर कीर्ति’ और ‘साहेब’ जैसी फिल्मों में काम के लिए पॉल की प्रशंसा करते हुए कहा कि कलाकार और अभिनेता कई संगठनों से ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़े होते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन क्या यह ऐसी गलती है जिसके लिए उन्हें एक वर्ष से अधिक समय जेल में रहना पड़ा? क्या यह सही है? यह शुद्ध रूप से राजनीतिक प्रतिशोध है।’’  (भाषा)

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