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बिना चेहरे के पैदा हुई बच्ची, मौत को दी मात, डॉक्टरों ने कर दी थी मौत की भविष्वाणी

बिना चेहरे के पैदा हुई बच्ची, मौत को दी मात, डॉक्टरों ने कर दी थी मौत की भविष्वाणी

ब्रासीलिया (एजेंसी)। कहते हैं कि जीवन और मौत ऊपर वाले के हाथ में होता है, ये बात बिना चेहरे के पैदा हुई बच्ची विटोरिया मार्चियोली के केस में सच साबित हुई है. डॉक्टरों ने इस बच्ची के पैदा होते ही मौत की ‘भविष्यवाणी’ कर दी थी. परिवार वालों की खुशी मातम में बदल गई थी, यहां तक कि बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी होने लगी थी लेकिन कुदरत के करिश्मे ने मेडिकल साइंस को गलत साबित कर दिया. बच्ची आज भी जिंदा है.

ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम से पीड़ित है बच्ची

ब्राजील के बारा डी साओ फ्रांसिस्‍को में विटोरिया मार्चियोली का जन्म हुआ. यह बच्ची सामान्य बच्चों से बिल्कुल अलग थी. बच्ची के न आंख थी, न नाक, चेहरा ही नहीं था. जब डॉक्टरों ने बच्ची को देखा तो वो हैरान रह गए थे कि इस बच्ची का जन्म कैसे हो सकता है. डॉक्टरों की टीम ने टेस्ट के बाद बच्ची के मां-बाप से कहा कि यह बच्ची कुछ ही देर की मेहमान है. डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची का जीना असंभव है. डॉक्टरों के इतना बताते ही परिवार की खुशी मातम में बदल गई.

चेहरे की 40 हड्डियां विकसित ही नहीं हो पाई थीं

डॉक्टरों के मुताबिक ट्रेचर कॉलिन्स सिंड्रोम (Treacher Collins syndrome) के चलते उस छोटी सी बच्ची के चेहरे की 40 हड्डियां विकसित ही नहीं हो पाई थीं इसलिए उसके पास न तो आंख थीं और न ही नाक. बिना चेहरे के जीवन असंभव है. डॉक्टरों के इतना कहने और बच्ची की हालत देखने के बाद परिवार वाले भी मान चुके थे कि बच्ची कुछ ही देर की मेहमान है, कभी भी उसकी सांसें थम सकती हैं. परिवार वाले भारी मन से बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने डॉक्टरों को गलत साबित कर दिया.

मौत को दी मात

रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों ने जिस बच्ची को कुछ ही मिनटों की मेहमान बताया था उस बच्ची ने मौत को मात दे दी. जब दो दिनों बाद भी बच्ची जिंदा थी तो फिर डॉक्टरों ने उसे विशेषज्ञों पास रेफर कर दिया. इसके बाद विटोरिया मार्चियोली की आंख, नाक और मुंह की आठ सर्जरी हो चुकी हैं. डॉक्टर समेत परिवार वाले उसका जीवन बेहतर बनाने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं. चूंकि बच्ची का इलाज काफी महंगा है इसलिए कई लोगों ने मदद के हाथ बढ़ाए. लोग इस बच्ची को नई जिंदगी देने के लिए अपनी-अपनी सामर्थ्य के हिसाब से दान दे रहे हैं. हाल ही में बच्ची ने अपना 9वां जन्मदिन बनाया है.

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