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दुनिया की एक ऐसी अनोखी जगह, जहां 69 दिन का सूरज फिर 90 दिन का अंधेरा, लोगों ने फेंक दीं अपनी घड़ियां

दुनिया की एक ऐसी अनोखी जगह, जहां 69 दिन का सूरज फिर 90 दिन का अंधेरा, लोगों ने फेंक दीं अपनी घड़ियां

नई दिल्ली (एजेंसी)। …सोचिए आप किसी ऐसी जगह पर हों जहां दिन शुरू हो तो खत्म ही न हो, और रात आए तो बीते ही नहीं… और ये सिलसिला कुछ घंटे नहीं बल्कि कई-कई दिन, या हफ्तों या फिर महीनों तक जारी रहे. हमारे-आपके यहां तो सूरज रोज सुबह निकलता है और हर रोज रात आती है… लेकिन दुनिया में हर जगह के लोगों की जिंदगी हमारी तरह ही हो जरूरी नहीं. पृथ्वी (Earth) की बनावट और ब्रहांड  के नियम अलग-अलग जगहों पर लोगों के सामने जिंदगी के अलग-अलग रूप पेश करते हैं.

हम आपको आज एक ऐसी जगह की जिंदगी के बारे में बताने जा रहे हैं जहां साल में 69 दिन सूरज डूबता ही नहीं है. इस जगह पर सर्दियों में 90 दिन तक सूरज दिखता भी नहीं है. इतना ही नहीं गर्मी के मौसम में आधी रात को निकला सूरज लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है और इस नजारे को देखने के लिए दुनिया भर से टूरिस्ट आते हैं. यहां के लोगों की जिंदगी हमसे-आपसे काफी अलग है.

दुनिया के किस कोने में बसी है ये जगह?

हम बात कर रहे हैं हरे-भरे प्राकृतिक नजारों के बीच बसे और अपने व्हाइट सैंड सी बीच के लिए मशहूर सोमारोय द्वीप की. जो नॉर्वे के पश्चिमी इलाके में बसा हुआ है और टूरिस्ट्स में खासा पॉपुलर है. खूबसूरत समंदर के बीच ये पूरा आइलैंड 84 एकड़ इलाके में फैला हुआ है. पहाड़ियों और पानी के बीच बने खूबसूरत वुडेन मकान और होटल यहां पर्यटकों को खासा लुभाते हैं. फिशिंग और टूरिज्म यहां के लोगों के आय का मुख्य स्रोत हैं.

यहां का जीवन इतना अलग क्यों?

सोमारोय आइलैंड के लोगों के लिए प्राकृतिक स्थिति हमारे-आपके हालात से काफी अलग हैं. पृथ्वी के आर्कटिक सर्किल के 200 मील उत्तर में स्थित होने के कारण यहां 18 मई से 26 जुलाई के बीच पूरे 69 दिन के लिए सूरज डूबता ही नहीं है. इसी तरह नवंबर से जनवरी के बीच 90 दिन तक यहां लॉन्ग पोलर नाइट का भी लोगों को सामना करना पड़ता है. यानी सूरज उगता ही नहीं. ये 90 दिन यहां के लोग अंधेरे में बिताते हैं. यहां की कुल आबादी 350 लोगों की है लेकिन टूरिस्ट का आना-जाना सालभर चहल-पहल बनाए रखता है. खासकर आधी रात को भी निकले सूरज को देखने के लिए या बिना सूरज के 24 घंटे देखने के लिए या यहां के प्राकृतिक वातावरण में साहसिक और रोमांचक खेलों में शामिल होने के लिए भी टूरिस्ट यहां लगातार आते हैं.

आधी रात का सूरज

यहां के लोगों के लिए दिन-रात ऐसे हैं कि इनका कोई मतलब ही नहीं रह गया है. नवंबर से जनवरी के बीच जब 24 घंटे रात ही रहती है तो लोग टाइम को फॉलो करना छोड़ ही देते हैं. कभी भी बाहर निकलो अंधेरा ही मिलता है और सबकुछ बिजली की रोशनी में ही करना होता है. वैसे ही जब मिडनाइट में सूरज निकलने का सीजन होता है तो यहां रात के 2 बजे भी लोग आपको फोन कॉल आराम से कर सकते हैं. रात के 2 बजे सड़कों पर बच्चे फुटबॉल खेलते, लोग अपने घर को पेंट करते, सड़कों पर टहलते, लॉन में घास को रिसाइज करते, स्विमिंग करते युवा या सी बीच पर मिडनाइट सन के नजारे का लुत्फ उठाते टूरिस्ट मिल जाते हैं.

घड़ियों से मुक्ति क्यों चाहते हैं यहां के लोग?

यहां के लोग खुद को टाइम जोन से फ्री कराना भी चाहते हैं क्योंकि यहां न रात का और न दिन का कोई मतलब है. यहां के कैंपेनर्स का कहना है कि हमें घड़ियों से मुक्ति चाहिए ताकि हम चाहें तो 4 बजे सुबह अपने लॉन की घास काट सकें, 2 बजे रात को अपने घर को पेंट कर सकें या 4 बजे स्विमिंग कर सकें. यहां के सी बीच पर रात के 2 बजे कॉफी की चुस्कियां लेते सैलानियों का नजारा आम है. कुछ साल पहले यहां की संस्था इनोवेशन नॉर्वे ने एक बड़ा प्रचार कैंपेन चलाया था फ्री टाइम जोन को लेकर.

इस आइलैंड पर एंट्री करने से पहले लोग अपनी घड़ियों को ब्रिज पर बांध देते हैं और समय से बंधे होकर जीवन जीने से कुछ दिन आजादी को फील करते हैं. कुछ लोगों ने टाइम फ्री जोन बनाने के कैंपेन को टूरिज्म प्रोमोशन कैंपेन का हिस्सा बताया था. लेकिन कारण चाहे जो भी हो टाइम फ्री जोन को लेकर ये जगह दुनिया भर में काफी पॉपुलर हो गई. यहां तक कि नॉर्वे यूनिवर्सिटी के साइंस और लाइफस्टाइल के एक्सपर्ट्स ने इसे जीवन में समय से बंधे होने की मजबूरी से मुक्ति का अनोखा आइडिया बताया और इसे लागू करने का समर्थन किया.

कैसी है यहं के लोगों की जिंदगी?

सोमारोय आइलैंड में आमतौर पर सर्दी काफी रहती है. फरवरी महीने में यहां रात का तापमान माइनस 9 डिग्री तक हो जाता है. वहीं जुलाई के सबसे गर्म महीने में भी रात का तापमान 9 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा पाता. बर्फबारी यहां सालों भर देखने को मिल जाती है. जिससे सर्दी तो बढ़ती है लेकिन प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है. यहां के मकान पानी के किनारे बने होते हैं और रेड वुड के बने होते हैं.

यहां आने वाले टूरिस्ट्स को सी सफारी, फिशिंग ट्रिप समेत कई रोमांचक चीजें लुभाती हैं. पानी से घिरे खूबसूरत सोमारोय आइलैंड तक जाने के लिए नॉर्वे के मेनलैंड से सड़क मार्ग से जाया जा सकता है. मई से जुलाई के बीच के सबसे गर्म मौसम में यहां रात होती ही नहीं है. इसलिए और भी चहलपहल रहती है. इसलिए इसे समर आइलैंड भी कहा जाता है. 18 मई से 26 जुलाई के बीच के 24 घंटे डे लाइट वाले काल में यहां लोग जब जैसा चाहे जीवन जीते हैं. हमेशा दिन ही रहता है यहां. यहां आने वाले टूरिस्ट इस मौसम में मिडनाइट सन सफारी का लुत्फ उठाने में खूब एंजॉय करते हैं.

यहां के लोग घड़ी बिना देखे कैसे रात के सूरज को पहचानते हैं?

सोमारोय आइलैंड के स्थानीय लोग चाहते हैं मिडनाइट सन के टाइम में यहां दुकानों, स्कूलों और दफ्तरों के टाइमटेबल को टाइम जोन फ्री करने की जरूरत है. उनका कहना है कि मिडनाइट सन के टाइम में हमारे लिए कुछ भी निश्चित समय के मुताबिक करना संभव नहीं होता इसलिए समय बदलने की जरूरत है.

यहां के लोग घड़ियों पर निर्भर रहने की बजाय मिडनाइट सन के महीने में सूरज को नेचुरल तरीके से पहचानने का तरीका भी जानते हैं. ऐसा लोग सूरज की पोजिशन और बदलते हुए रंग से समय का अनुमान लगा कर करते हैं. चमकता हुआ लेकिन ऑरेंज कलर का सूरज रात के टाइम का संकेत देता है, वहीं उच्च चमक वाला सूरज दिन के समय का संकेत होता है. यहां सैलानियों के लिए सबकुछ टाइमलेस होता है. टूरिस्ट प्लान, होटल, शॉप्स, होटल में खाना, कॉफी शॉप्स मिडनाइट सीजन में 24 घंटे चलते रहते हैं ताकि लोग जब चाहें यहां के अद्भुत प्राकृतिक नजारे का लुत्फ उठा सकें.

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