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परलकोट जलाशय की सुंदरता पर आखिर कौन लगा रहा ग्रहण, स्थानीय प्रशासन नही दे रहा ध्यान

परलकोट जलाशय की सुंदरता पर आखिर कौन लगा रहा ग्रहण, स्थानीय प्रशासन नही दे रहा ध्यान

दीपेश साहा की रिपोर्ट। परलकोट जलाशय लबालब हो चूका । ओवर फ्लो का नाजरा देखने एक ओर जहां काफी भीड़ उमड़ रही है वही दूसरी ओर लोग जान की बाजी लगाकर सेल्फी लेने से भी नही कतरा रहे। जलाशय में सुरक्षा के कोई उपक्रम नही है वाटर फॉल एरिया के पास रेलिंग क्षतिग्रस्त हो चुके है। लोग वाटर ओवर फ्लो एरिया में खड़े होकर सेल्फी लेते नजर आ रहे है अगर जरा सी सावधानी हटी तो सीधे मौत के आगोश मे। ओवर फ्लो के दौरान डीप एरिया में डूबने से कापसी के एक युवक की मौत इसी जलाशय में हो चुकी इसके बाद भी डीप एरिया में सुरक्षा बॉडी नही लगाया गया । शराबी लोगो का जमावड़ा बना रहता है अभी रक्षाबंधन पर्व पर हाल ही के दिनों में परलकोट जलाशय में शराब पीकर मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया था उसके बाद भी प्रशासन ने ध्यान नही दिया । वही नाबालिक बच्चे को जलाशय के वाटर फाल डीप एरिया में 50 फिट ऊपर से छलांग लगाकर नहाते हुए देखा जा रहा है । जिसका वीडियो सोशल मिडिया में खूब वायरल हो रहाहै ।उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन जलाशय पर किसी भी प्रकार की स्थानीय निगरानी समिति गठित नही की । जल संसाधन विभाग ने किसी भी प्रकार की सूचना बोर्ड भी नही लगाया , मनोरम दृश्य देखने आए आगंतुकों को शक्त निर्देश देने,पालन करने के लिए किसी भी प्रकार की सावधानी सूचना फलक नही लगवाया गया। असामाजिक लोगों द्वारा जलाशय के शांति पूर्ण माहौल को भंग किया जा रहा । वे लोग जलाशय में मदिरा सेवन कर अश्लील गालीगलौज करते है । लोग परिवार के साथ जलाशय जाने में भी घबराते है कि कोई घर के माँ बेटी पर कमेंट पास न कर दे । इसके पूर्व जलाशय घुमने आयी युवती पर कुछ असामाजिक लोगों द्वारा छेड़खानी करते हुए वीडियो बनाकर कर उसे सोसल साइड में वायरल करने के मानले को लेकर भी बड़ा बवाल हो चुका है उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन ने कभी भी इस बेहद शोचनीय गंभीर मामले पर ध्यान आकर्षित नही किया । ग्रामीणों ने मांग की है कि ओवरफ़्लो के समय व त्यौहार पर्व के मौके पर जलाशय में भाड़ी भीड़ उमड़ती है इस दौरान के पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जानी चाहिए । बता दे कि परलकोट के इतिहास के बारे में अगर विस्त्रित जानकारी दी जाए तो परलकोट क्षेत्र के उत्तर दिशा में सुन्दर प्रकृति की गोद में परलकोट जलाशय मानो किसी जन्नत से कम नहीं है | यह जलाशय कांकेर मुख्यालय से 125 कि.मी और कापसी क्षेत्र से 10 किमी की दुरी पर स्थित है और लोग इस सुन्दर मनोरम ह्रदय स्मरणीय जलाशय को खैरकट्टा डैम के नाम से जानते है यहाँ जलाशय पुरे कांकेर जिले का सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण जलाशय में से एक है | प्रति वर्ष विशेष पर्व त्योंहारो जैसे 15 अगस्त ,26 जनवरी ,राखी विश्वकर्मा पूजा में इस जलाशय की सुन्दरता देखने लोगो का भीड़ उमड़ता है| इस डैम का निर्माण केंद्र सरकार के दण्डकारण्या परियोजना (डी.एन के ) के तहत सन 1972 -73 में सिचाई हेतु जल आपूर्ति के लिए इस जलाशय का निर्माण हुआ जिसे सन 1986 में स्टेट को हस्तांतरित किया गया उस समय की यहाँ परियोजना से पुरे परलकोट गाँव में रोजगार के अवसर कुछ वर्षो तक सुलभ हो पाए और इसी बाँध के पानी से कई गाँव में रवि और खरीफ की फसल सिचाई होती है | ज्ञात हो की क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से जुलाई -अगस्त माह तक परलकोट जलाशय का जल भराव शत प्रतिशत हो जाता है जिससे वेस्ट वेयर (निकासी द्वार )से जल प्रवाह की सुन्दर मनोरम स्थिति निर्मित होती है जिसे देखने कई दूर दराज से लोग देखने आते है | जलाशय में भीड़ देखकर लगता है मानो जलाशय में कोई जलसा का आयोजन हो। वजूद खोता जा रहा जलाशय। नहरो का जीJर्णोद्धार भी नही हो रहा । देखरेख के अभाव में जलाशय की सुंदरता पर ग्रहण लगता नजर आ रहा । रेस्ट हाउस व स्टाफ विल्ड़िंग देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया । वही नहरो का मरम्मत दिखाई ही नही देता लोग नहरो के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी जलाशय की निगरानी चौकसी मे लापरवाही बरती जा रही। वही अधिकारी कार्यालय से अक्सर गायब रहते है ।

जलाशय में नही है पेयजल की व्यवस्था

 जलाशय में आये लोग पेयजल के लिए अक्सर भटकते रहते है जलाशय में पेयजल की कोई व्यवस्था नही हैं कृषि के मामले में परलकोट जलाशय का महत्व। ज्ञात हो की परलकोट के किसान एक मात्र कृषि पर निर्भर है रबी फसल में मक्का और खरीफ फसल में धान इस परलकोट के किसानों द्वारा अधिक मात्रा में उपज की जाती है पुरे छतीसगढ़ में पैदावार की श्रेणी में परलकोट अव्वल है । परलकोट जलाशय के पानी से पहले कई हजार एकड भूमि सिंचित होती थी लेकिन अब यह कुछ ही गांव तक पानी को पहुचा पाती है। गौरतलब है कि इस वर्ष औसतन अच्छी बारिश हुई है। जिससे जलाशय पूरी तरह से भरी हुई है। जो किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

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