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योग से कब्ज की शिकायत होगी दूर, पेट भी रहेगा साफ़

योग से कब्ज की शिकायत होगी दूर, पेट भी रहेगा साफ़

हेल्थ डेस्क । कहते हैं उदर स्वस्थ तो लाइफ मस्त। गैस, अपच, जी मितलाना, कब्ज, पाइल्स, भूख न   लगना, माइग्रेन संबंधी सभी विकारों को प्राकृतिक तौर पर ठीक करने के लिए सप्ताह में एक बार लघु शंख प्रक्षालन करना चाहिए। कब्ज की ज्यादा शिकायत होने पर इसे सप्ताह में दो या तीन बार भी किया जा सकता है। 
यह 5 आसनों का मिश्रण है जिसे तीन चक्रों में किया जा सकता है। इसे किसी अवकाश वाले दिन घर पर आसानी से सुबह उठते ही खाली पेट में किया जाता है। अभ्यास शुरू करने से पहले आठ गिलास गुनगुना पानी तैयार कर लें। इसमें एक चुटकी नमक मिला लें। प्रत्येक आसन से पहले 2-2 ग्लास पानी पी लें। 
ताड़ासन-दोनों हाथों की अंगुलियां एक दूसरे में फंसाकर हाथों के साथ ही पूरे शरीर को पंजों पर ऊपर उठाएं और थोड़ा रुककर वापस लौटें। इसे 4 बार दोहराएं।

तिर्यक ताड़ासन-पैरों को फैलाकर ताड़ासन करें और पहले दाई तथा फिर बायीं ओर झुकें। इसका अभ्यास 3-3 बार दाएं-बायें झुककर कर लें।
कटिचक्रासन-पैरों को फैलाकर शरीर के ऊपरी हिस्से को दायीं ओर मोड़कर, बायां हाथ दाएं कंधे पर तथा दाहिना हाथ पीछे की ओर घुमाकर कमर पर लपेटें। इसी अभ्यास को दूसरी ओर घूमकर भी कर लें। दोनों ओर 4-4 बार।
तिर्यक भुजंगासन-पेट के बल लेटकर पैरों को सीधा और लंबा फैलाएं। हथेलियों को कंधों के ठीक नीचे र
खकर शरीर को ऊपर उठाएं सिर घुमाकर पैरों को देखने का प्रयास करें। यह प्रक्रिया दोनों और 4 बार करें। 
उदराकर्षण आसन-हाथों को घुटनों पर रखकर उकडू बैठें और धड़ को दाहिनी ओर मोड़ते हुऐ शरीर के पीछे की ओर देखते हुऐ बाएं घुटने को जमीन पर झुकाएं। वापस आकर विपरीत दिशा में मुड़ें। दोनों ओर 5-5 बार दोहराएं।
इन आसनों का 4-4 चक्र पूरा करें और फिर शेष पानी पीकर थोड़ी देर टहलें। यह अभ्यास करने से पेट अच्छी तरह से साफ हो जाएगा और सभी विकार धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे।