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जानें महिलाओं में क्यों बढ़ रही थायराइड और रसौली की समस्याएं, कैसें करें उपाय

जानें महिलाओं में क्यों बढ़ रही थायराइड और रसौली की समस्याएं, कैसें करें उपाय

रायपुर। बिजी लाइफस्टाइल के कारण महिलाओं में थायराइड और रसौली की समस्याएं बढ़ गई है। रसौली को आम भाषा में गांठ कहा जाता है। इसमें गर्भाश्य या उसके आसपास गांठें बनने लगती हैं। रसौली परिवार के एक जनरेशन से दूसरी जनरेशन में चलती है और आंशिक रूप से हार्मोन के स्तर से निर्धारित होती हैं। वैसे तो रसौली आमतौर पर 30 से 50 साल की महिलाओं के बीच देखने को मिलती है, लेकिन अब यह समस्या कम उम्र की महिलाओं में भी नजर आने लगी है। रसौली के कारण : एस्ट्रोजन हार्मोन की ज्यादा मात्रा, जेनेटिक कारण, गर्भनिरोधक गोलियों का ज्यादा सेवन, गर्भावस्था के दौरान, मोटापा, जो कभी मां ना बनी हो, खाना-पीना सही ना होना, पानी कम पीना, पीरियड्स सही ना आना।

रसौली होने के लक्षण : पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग, अनियमित पीरियड्स, पेट के नीचे के हिस्से में दर्द, प्राइवेट पार्ट से खून आना, एनीमिया, कमजोरी , महसूस होना, प्राइवेट पार्ट से बदबूदार डिस्चार्ज, पेशाब रुक-रुककर आना।

आंवला का जूस रसौली दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है। आंवला में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। रोजाना सुबह एक चम्मच आंवला का जूस, में शहद डालकर खाली पेट पीने आपको काफी फर्क नजर आएगा। ग्रीन टी कोशिकाओं में रसौली को फैलने से रोकता है. इसके लिए रोज 2 से 3 कप ग्रीन टी का सेवन करें। हल्दी में मौजूद एंटीबॉयोटिक गुण शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही इससे गर्भाश्य कैंसर का खतरा भी कम होता है।

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