Chhattisgarh

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तलाब में ट्रेक्टर पलटने से युवक की दम घुटने से हुई मौत

Date : 29-Jul-2021
पखांजुर । पखांजुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत देवपुर के एक 36 वर्षीय युवक की ट्रेक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई । मिली जानकारी के अनुसार युवक का नाम निशिदा दत्ता पिता संतोष दत्ता ग्राम पीवी 2 जो अपने निजी ट्रेक्टर से अपने रिश्तेदार बुआ जो पीवी 3 के खेत को जोतने गया था । कार्य सम्पन्न कर वापस अपने घर की ओर जा रहा था तभी ट्रेक्टर अनियंत्रित होकर सीधे तालाब में जाकर पलट गई ट्रेक्टर के नीचे आ जाने से यूवक की दम घुटने से मौत हो गई। आसपास खेतो में काम कर रहे किसानो ने आवाज सुनकर घटना स्थल पर पहुंच युवक को बचाने का प्रयास किया काफी जद्दोजहद के बाद करीबन 10 से 15 मिनट के बाद युवक को तलाब से निकाला और युवक को पखांजुर निजी अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया जहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
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स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारियों का कार्यकाल 5 वर्ष रखने और उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने के नियम को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दी चुनौती

Date : 29-Jul-2021

बिलासपुर। स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारियों का कार्यकाल 5 वर्ष रखने और उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने के नियम को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। 28 जुलाई को इस मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी की कोर्ट में हुई।

हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि स्टेट बार में 5 साल और डिस्ट्रिक्ट बार में 2 साल के कार्यकाल को पूरा करने के बाद पदाधिकारी इसे अपना पेशा बना लेते हैं और बार-बार चुनाव में खड़े होते रहते हैं। वे चुनाव जीतने के तमाम हथकंडे अपनाते हैं और फिर से अपने और अन्य पदों पर वापस आ जाते हैं। इनमें ऐसे भी बहुत से अधिवक्ता रहते हैं जो प्रैक्टिस नहीं करते। बार के चुनाव अधिनियम में इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं है। इसे देखते हुए हाई कोर्ट अधिवक्ता उत्तम तिवारी ने अधिवक्ता राजेश कुमार केशरवानी के माध्यम से एक पिटीशन हाईकोर्ट में दायर की है।

याचिका में मांग की गई है कि जो सदस्य एक बार 5 साल के लिए चुन लिया जाता है उसे अगले चुनाव में प्रत्याशी बनने से रोका जाए ताकि नए लोगों को मौका मिले। इससे बार काउंसिल के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। बार-बार एक ही व्यक्ति के चुने जाने के चलते बार काउंसिल में एकाधिकार स्थापित हो रहा है। कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

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कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में 31 पदो पर नियुक्तियों में हुई गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

Date : 29-Jul-2021

रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में साल 2008 में हुए क्लर्क, चपरासी, रीडर, एसोसिएट्स प्रोफेसर, स्टोनो, सहित करीब 31 पदो पर नियुक्तियों में हुई गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। फर्जी दस्तावेजों, फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी लेने, अयोग्य व्यक्तियों को नियुक्ति देने की शिकायत उच्च शिक्षा विभाग और राजभवन में की गई थी। जिस पर कार्रवाई के अभाव में अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा के माध्यम से बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

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विधानसभ में नेता प्रतिपक्ष ने उठाया गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी का मामला

Date : 29-Jul-2021

रायपुर। सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी का मामला उठाया। मुद्दे पर चर्चा के दौरान हंसी-ठहाके के बीच सरकार ने माना कि चार गोबर ख़रीदी केंद्रों से गोबर चोरी होने और बहने की शिकायत आई है। आखिर में बात गौठानों के संचालन में पंचायतों के अधिकार के हनन तक पहुंची, जिस पर सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि गोबर की चोरी भी हुई है और गोबर पानी में भी बहा है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि गोबर ख़रीदी योजना शुरू होने से अब तक 4 लाख 86 हज़ार 904 टन गोबर की ख़रीदी हुई है। 97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। खरीदे गए गोबर से वर्मी कॉम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट तथा अन्य सामग्री का उत्पादन किया जा रहा है। इन उत्पादों के विक्रय से 54 करोड़ की राशि सरकार को प्राप्त हुई है। राज्य में 11 हज़ार गौठान का काम चल रहा है. एक हजार से अधिक गौठान स्वालंबी हो गये है।

भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि गोबर को सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी किसकी है? मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पंचायतीराज अधिनियम के तहत गौठान बनाये गये हैं। ग़ौठान पंचायत की संपत्ति है, पंचायत समिति इसकी देखरेख करते हैं। इस पर भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि ग़ौठान समितियों में राजनीतिक लोगों की नियुक्ति कर दी गई है। सरकार पंचायत के अधिकार का अतिक्रमण कर रही है।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि गौठान समितियों को भुगतान क्या हुआ है? कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 दिन के भीतर भुगतान किये जाने का कमिटमेंट किया है, निरंतर भुगतान हो रहा है। किसी का भुगतान नहीं रोका जायेगा। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल और नारायण चंदेल ने पूछा कि गौठानों के संचालन के लिये क्या पंचायतों को पूरा अधिकार दिया जायेगा? ये पंचायतों के अधिकार में दख़ल है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पंचायत के किसी अधिकार का हनन नहीं हुआ है।

कृषि रविंद्र चौबे ने कहा कि ये योजना सफल लग रही है। आज सदन में कई सवाल इसे लेकर लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और जनता कांग्रेस विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह दोनों के सवाल लगे हैं। मंत्री अमरजीत भगत ने टिप्पणी करते हुये कहा कि दोनों मिलकर गोबर कर रहे हैं। स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत ने चुटकी लेते हुये कहा कि ग़लत चीज़ मत बोलिये, दोनों गुड़ गोबर कर रहे हैं। अमरजीत भगत ने कहा कि पूरे विपक्ष के दिमाग़ में गोबर घुस गया है। कुछ समझ ही नहीं पा रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ को हर साल मिलेंगे डेढ़ सौ डॉक्टर, भाजपा कर रही इसी का विरोध : कांग्रेस

Date : 29-Jul-2021

रायपुर। कांग्रेस सरकार ने स्व. चंदूलाल चंद्राकर स्मृति मेडीकल कालेज अधिग्रहण की दिशा में ठोस पहल की स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह फैसला राज्य के लोगों के लिए ही स्वास्थ्य सुविधाओ और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

छत्तीसगढ़ को हर साल मिलेंगे डेढ़ सौ डॉक्टर, भाजपा कर रही है इसी का विरोध, छत्तीसगढ़ की भावना से जुड़े एआईसीसी प्रवक्ता रहे दैनिक हिंदुस्तान के संपादक रहे स्वर्गीय चंदूलाल चंद्राकर की स्मृति में बने मेडिकल कॉलेज और 700 बिस्तरों का अस्पताल की सरकारी अधिग्रहण कर रक्षा कर पाना हम सब के लिये गौरव की बात है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ की पूरी जनता और छात्रों के हित में तथा प्रदेश में तेजी से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया है। इससे चिकित्सा महाविद्यालय के रूप में एक तैयार अधोसंरचना का अधिग्रहण किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ की भावना से जुड़े, एआईसीसी प्रवक्ता, दैनिक हिंदुस्तान के संपादक रहे स्व चंदूलाल चंद्राकर की स्मृति में निर्मित मेडिकल कालेज और 700 बिस्तर के अस्पताल का कोई सौदा नहीं हुआ है। अभी तक कोई मूल्यांकन भी नहीं हुआ। 350 चिकित्सा छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल पर भाजपा स्तरहीन राजनीति कर रही है। भाजपा को इस पर साथ देना चाहिए था ना कि इस पर राजनीति करके सवाल खड़े करने चाहिए। 350 चिकित्सा छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल पर बीजेपी की स्तरहीन राजनीति बेनकाब हो गई है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की जनता के प्रति हमेशा उत्तरदायित्व पूर्ण रवैय्या अपनाया है। कांग्रेस सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर है। भाजपा की केन्द्र सरकार की तरह छत्तीसगढ़ सरकार जनता की संपत्ति नहीं बेच रही हैं।

भूपेश बघेल सरकार ने चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कालेज में अध्ययनरत छात्रों के भविष्य के लिए यह कदम उठाया है। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर लगाये जा रहे विपक्ष के तरह-तरह के कयास सभी निराधार साबित हुए। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज का अधिग्रहण प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने के लिये लिया गया ठोस फैसला है। इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने में लगने वाले समय की बचत होगी। हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे। सरकारी खजाने से दुर्ग में एक मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ खर्च कर और 5 साल इंतजार करने के बजाय सरकारी राशि की बचत कल डेढ़ सौ करोड़ में जल्दी अस्पताल शुरू करवाने का फैसला लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साबित कर दिया है कि वे छत्तीसगढ़ के सभी लोगो को अपना परिवार मानते है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अभी छत्तीसगढ़ के लोग रमन सिंह सरकार के पिछले 15 सालों को भूली नहीं है। जब मामूली स्वास्थ्य सुविधा के लिए सबको भटकना पड़ता था। अब प्रदेश में उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा उपलब्ध है। क्या हम लोगों को नहीं मालूम कि कैसे केंद्र ने इस साल भी तीन प्रस्तावित शासकीय मेडिकल कॉलेज की मान्यता आखरी समय में अमान्य कर दी थी? प्रदेश में एमबीबीएस कोर्स करने की इच्छुक विद्यार्थी इस बात को भलीभांति जानते हैं कि डेढ़ सौ सीटों वाले इस मेडिकल कॉलेज के सरकारी बनाने से उन्हें कितना ज्यादा लाभ मिलेगा।

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29 को कानन पेण्डारी जू में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन

Date : 29-Jul-2021

रायपुर। राज्य के कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन बिलासपुर में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का आयोजन किया जाएगा। वन मंडला अधिकारी बिलासपुर कुमार निशांत ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी पीण्व्ही नरसिंग राव तथा मुख्य वन संरक्षक ;वन्यप्राणीद्ध बिलासपुर एसण् जगदीशन के मार्गदर्शन में इस अवसर पर कानन पेण्डारी जू में प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम भी रखा गया है। यहां भ्रमण पर पहुंचे पर्यटक कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पशु बाघ से संबंधित रोचक प्रश्नों का सही जवाब देने पर प्रतिभागियों को वन मंडल की ओर से सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा। गौरतलब है कि कानन पेण्डारी जू बिलासपुर में 66 प्रजातियों के कुल 625 वन्यप्राणियों को रखा गया हैए जिसमें 33 स्तनधारी प्रजातियों के 386 वन्यप्राणीए 12 सरीसृप प्रजातियों के 76 वन्यप्राणी तथा 20 पक्षी प्रजातियों के 163 पक्षियां शामिल हैं। पर्यटक जू में निर्धारित शुल्क जमा कर भ्रमण कर सकते हैं। जू में बच्चों के मनोरंजन हेतु विभिन्न प्रकार के मनोरंजन स्थल तथा झूला आदि का निर्माण किया गया है।

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जुआ एक्ट की कार्यवाही में कापसी से चार नौजवान,संजू , सूरज,प्रताप, अमन पकड़ाए ,थाना प्रभारी शरद दुबे की टीम की कार्यवाही

Date : 28-Jul-2021
पखांजुर । पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर श्री गोरखनाथ बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पखांजूर श्री मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना पखांजूर पुलिस द्वारा जुआ एक्ट की कार्यवाही कर 04 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है आरोपियों के कब्जे से कुल 3320 रूपया नकदी व ताश पत्ती जप्त किया गया। मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना पखांजूर पुलिस को दिनांक 27/07/21 को सूचना प्राप्त हुई थी कि कापसी स्कूल मैदान में कुछ लोग ताश के पत्ते से का जुआ खेल रहे है उक्त सूचना की तस्दीक थाना पखांजूर पुलिस द्वारा किया गया पुलिस टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर रेड की कार्यवाही किया गया मौके पर आरोपी (1) सूरज मण्डल पिता रंजीत मण्डल उम्र 31 वर्ष निवासी कापसी, (2) संजू हालदार पिता सुरेश हालदार उम्र 21 वर्ष निवासी बड़े कापसी, (3) प्रताप माझी पिता प्रभास माझी उम्र 19 वर्ष निवासी कापसी, (4) अमन बैरागी पिता असीम बैरागी उम्र 19 वर्ष निवासी कापसी को जुआ खेलते खेलते पाया गया। आरोपियों के कब्जे से कुल 3320 रूपया नकद व ताश पत्ती जप्त किया गया। आरोपीगणों को गिरफ्तार कर आरोपियों के विरुद्ध जुआ एक्ट की कार्यवाही किया गया।
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बच्चे हमारे भविष्य है, इनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शासन हर संभव प्रयास करेगा : मुख्यमंत्री बघेल

Date : 28-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज उनके निवास कार्यालय में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में अध्ययनरत छात्रों एवं उनके पालकों ने मुलाकात की। पालकों ने मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा की जा रही पहल और कॉलेज के अधिग्रहण के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया। पालकों ने कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने न सिर्फ ऐतिहासिक निर्णय लिया है, बल्कि राजधर्म का भी पालन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे हमारे भविष्य है। इनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शासन हर संभव प्रयास करेगा।

गौरतलब है कि चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में 2017 बैच के 180 छात्र चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत है। यहां इन बच्चों का अध्यापन कार्य प्रभावित होने की वजह से मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर राज्य शासन द्वारा बच्चों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में पुनः आबंटन (रिएलोकेट) किए जाने का आदेश छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। हॉस्पिटल बोर्ड के राज्य अध्यक्ष और आईएमए मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क के राज्य संयोजक डॉ. राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि 2017 के पूर्व बैच के लगभग 300 मेडिकल छात्र इंटर्नशिप पूरा कर रहे हैं, अब वे पीजी नीट की परीक्षा में बैठेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल एवं संवेदनशीलता से 480 छात्रों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। मेडिकल छात्र अक्षत ने कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों के रिएलोकेशन के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्रों को उनके गृह जिले के शासकीय जिला चिकित्सालयों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इंटर्नशिप करने का अवसर भी दिया जाना चाहिए, इससे इंटर्नशिप के दौरान उन्हें ज्यादा सीखने का मौका मिलेगा।

डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि किसी भी राज्य में निजी मेडिकल कॉलेज के लिए एमसीआई तभी अनुमति देती है, जब राज्य सरकार की ओर से यह लिखित में दिया जाता है कि वह इस कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा करेगी। कई राज्यों में निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता समाप्त होने के बाद अध्ययनरत छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस तरह के कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लेख करते हुए बताया कि जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार मेडिकल छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नैतिक रूप से जवाबदार है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की जनता, छात्रों के हितों तथा प्रदेश में तेजी से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया है। आमतौर पर किसी चिकित्सा महाविद्यालय की अधोसंरचना को तैयार करने में ही करीब 500 करोड़ रूपए की लागत और काफी समय लग जाता है।

मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त 150 सीट वाले चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के राज्य शासन द्वारा अधिग्रहण से आधी से कम लागत में ही एक और शासकीय मेडिकल कॉलेज का लाभ प्रदेश की जनता और छात्रों को तत्काल मिल सकेगा। इस अवसर पर डॉ. बसंत आंचल, डॉ. प्रवीण चंद्राकर, डॉ. छत्तर सिंह, डॉ. रूपल पुरोहित, विश्वजीत मित्रा, डॉ. अक्षत तिवारी सहित छात्र व पालक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री बघेल का पलटवार, कहा कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजे विवाद को देता हूँ चुनौती

Date : 28-Jul-2021

रायपुर। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मामले में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लगाए गए आरोप पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट के जरिए उन पर पलटवार किया है। बघेल ने ट्वीट कर कहा कि चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वे सब निराधार है। यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है।

भूपेश बघेल ने ट्वीट किया, “इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा व हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे। जहां तक रिश्तेदारी और निहित स्वार्थ का सवाल है तो मैं अपने प्रदेश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि भूपेश बघेल उसके प्रति उत्तरदायी है और उसने हमेशा पारदर्शिता के साथ राजनीति की है, सरकार में भी हमेशा पारदर्शिता ही होगी। सौदा होगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा।” 

उन्होंने आगे कहा, “यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है। जिसे मैं चुनौती देता हूं। अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी ख़रीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी। हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे। हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं।”

इससे पहले सिंधिया ने ट्वीट कर आरोप लगाया था कि भूपेश बघेल अपने दामाद का निजी महाविद्यालय बचाने के लिए उसे सरकारी कोष से खरीदने की कोशिश में हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “प्रदेश की राशि का उपयोग अपने दामाद के लिए,वो भी एक ऐसा मेडिकल कॉलेज जिस पर धोखाधड़ी के आरोप मडिकल कौंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा लगाए गए थे। कौन बिकाऊ है और कौन टिकाऊ, इसकी परिभाषा अब साफ है!”

बता दें कि यह मेडिकल कॉलेज कांग्रेस के दुर्ग से पांच बार सांसद रहे चंदूलाल चंद्राकर के नाम पर है जो 1995 में उनकी मृत्यु के दो साल बाद इसकी शुरुआत हुई थी। 2017 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। प्रदेश सरकार अब एक कानून के जरिए इसका अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है।

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फर्जी केस में फंसाने, धमकी देकर 20 लाख ऐंठने की शिकायत पर निलंबित आईपीएस जीपी सिंह पर एक और मामला दर्ज

Date : 28-Jul-2021

भिलाई। निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के खिलाफ एसीबी के मामले दर्ज होने के बाद पूर्व में पीड़ित रहे लोग अब सामने आने लगे हैं। जीपी सिंह के खिलाफ स्मृति नगर पुलिस चौकी में फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख रुपए ऐंठने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूर्या विहार निवासी एक उद्यमी ने जीपी सिंह के साथ-साथ उनके सहयोगी रायपुर निवासी रणजीत सिंह सैनी के खिलाफ स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई है। मामला वर्ष 2016 का है। शिकायत पर मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 388, 506, 34 का अपराध दर्ज़ जांच शुरू कर दी है।

ज्ञातव्य है कि एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई में जीपी सिंह के सरकारी बंगले से करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे, जिसके बाद एसीबी की टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13 (1)बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था।

रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने निलंबित करने की कार्रवाई की थी। यही नहीं बाद में जीपी सिंह की डायरी से खुले राज के बाद जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का भी मामला दर्ज किया गया। इस मामले में जीपी सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली थी।

कार्रवाई के दौरान जहां जीपी सिंह की काली कमाई की परत दर परत खुलासा होता गया, वहीं सरकार के सख्त रवैये को देखते हुए पुराने पीड़ित भी सामने आने लगे हैं। इनमें से एक भिलाई फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐेंठने की शिकायत है।

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