Top News

Previous123456789...175176Next

प्रतिपक्ष के दबाव में हटाए गए कलेक्टर : मंत्री सिंहदेव

Date : 28-Sep-2021

रायपुर। बलरामपुर व जशपुर के कलेक्टरों को हटाए जाने की कार्रवाई को भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिपक्ष के दबाव में की गई कार्रवाई करार दिया। अनुराग सिंघ्देव ने कहा, प्रदेश सरकार ने कलेक्टरों को हटाने का फैसला लिया है। ये निश्चित ही प्रतिपक्ष की जीत है। जिस तरह के कलेक्टर बलरामपुर ने राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजातियों की सदस्यों की जीवन रक्षा व जशपुर कलेक्टर में दिव्यांग बेटियों के अनाचार के मामले ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे लेकर पूरे प्रदेश में नाराजगी व्याप्त था।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूरे प्रदेश मामले की उच्च स्तरीय जांच व दोषियों पर ठोस कार्रवाई मांग करती रही हैं, जिसके बाद ही प्रतिपक्ष के दबाव में आकार प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। प्रदेश प्रवक्ता सिंहदेव में प्रदेश सरकार से मांग की है कि यह कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। इन सबके बाद भी दोनों मामलों के दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिये। स्थानीय स्तर पर प्रशासन को इन मामलों पर पर्दा डालने से बचना चाहिये। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों को हटाने से काम नहीं चलेगा। पंडों जनजाति के संरक्षण के दिशा में ठोस कदम उठाना होगा व दिव्यांग बेटियों के न्याय व संरक्षण के लिए मजबूत इच्छा शक्ति से प्रदेश सरकार को काम करना होगा।

View More...

इंडो.तिब्बत बॉर्डर पुलिस के दो अधिकारियों ने नेपाल की मानसलू चोटी पर लहराया तिरंगा

Date : 27-Sep-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। हाड़ कंपा देने वाली ठंड को ललकाते हुए इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस के दो अधिकारियों ने नेपाल की मानसलू चोटी पर तिरंगा लहराया है। यह दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 8163 मीटर (26781 फीट) है। 

फतह हासिल करने वाले दोनों आईटीबीपी के अधिकारियों (कमांडेंट रतन सिंह सोनल और डिप्टी कमांडेंट अनूप कुमार) ने सात सितंबर को अपना अभियान शुरू किया था। इससे पहले भी ये दोनों अधिकारी हिमालय की कई चोटियों पर पहुंचने में सफल हो चुके हैं।  

डेयरडेविल्स ऑपरेशन का किया था नेतृत्व 

आईटीबीपी के इन अधिकारियों ने कठिन नंदा देवी पर हुए रेस्क्यू ऑपरेशन डेयरडेविल्स का भी नेतृत्व किया था। जुलाई, 2019 में हुए इस ऑपरेशन में चार विदेशी नागरिकों को रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू टीम ने 20 हजार फीट की ऊंचाई से सात शव भी रिकवर किए थे। 

दर्ज हैं अनोखे रिकॉर्ड 

भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाले इस दल के नाम पर्वतारोहण में कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। पिछले कुछ सालों में इस दल ने मांउट एवरेस्ट समेत 220 से अधिक पर्वतारोहण अभियान पूरे किए हैं। यह अपने आप में ही एक रिकॉर्ड है। इसके लिए पूरे दल को सात पद्मश्री और 14 तेनजिंग नोर्गे अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

View More...

नए संसद भवन की कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचे पीएम मोदी, निर्माण की स्थिति का किया निरीक्षण

Date : 27-Sep-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। पीएम मोदी रविवार रात को नए संसद भवन की कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचे। यहां उन्होंने रात करीब 8:45 बजे निर्माण स्थल पर एक घंटे का समय बिताया और निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। पीएम मोदी के इस दौरे की पहले से किसी को भी जानकारी नहीं थी। इस दौरान मोदी ने कंस्ट्रक्शन साइट पर पहने जाने वाला हेलमेट भी लगा रखा था। राजधानी दिल्ली में बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन का निर्माण हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए संसद भवन के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए कई तस्वीरें भी सामने आई हैं। मोदी यहां काम करने वाले श्रमिकों से बातचीत भी की और निर्माण कार्य पर अपडेट लिया। उन्होंने अधिकारियों से बात की और निर्माण स्थल पर बनने वाले नए संसद भवन के बारे में जानकारी भी हासिल की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान सफेद रंग का कुर्ता पहन रखा था।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की भी पिछले दिनों कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मांग की गई थी और मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। हालांकि, कोर्ट ने रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया था। नए भवन का निर्माण अगले साल तक हो जाएगा। इसके लिए बड़ी संख्या में श्रमिक दिन-रात तेजी से काम कर रहे हैं। नया संसद भवन पुराने भवन से 17 हजार वर्गमीटर बड़ा होगा। इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगा। इसका ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है, और इसका डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है।

नए भवन में लोकसभा और राज्यसभा कक्षों के अलावा एक भव्य संविधान कक्ष भी बनाया जा रहा है। इसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत दर्शाने के लिए अन्य वस्तुओं के साथ-साथ संविधान की मूल प्रति, डिजिटल डिस्प्ले आदि होंगे। संविधान कक्ष में मेहमानों के जाने की भी अनुमति होगी, वे भी भारत के संसदीय लोकतंत्र के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। संसद का नया भवन बनने के बाद मौजूदा संसद भवन का इस्तेमाल अन्य संसदीय कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहेगा। पुराना संसद भवन का निर्माण साल 1921 में शुरू हुआ था। उस समय इसके निर्माण पर 83 लाख रुपये खर्च किए गए थे। छह साल में संसद भवन बनकर तैयार हो गया था। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन का शिलान्यास पिछले साल 10 दिसंबर को किया था।

View More...

पीएम मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे वॉशिंगटन, गर्मजोशी के साथ पीएम का किया गया स्वागत

Date : 23-Sep-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे के लिए वॉशिंगटन पहुंच गए हैं. यहां गर्मजोशी के साथ पीएम का स्वागत किया गया. पीएम ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पीएम मोदी वाशिंगटन दौरे के दौरान व्यक्तिगत रूप से हो रहे पहले क्वाड लीडर्स सम्मेलन में भाग लेंगे और द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके बाद वे न्यूयार्क के लिए रवाना होंगे जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र में हिस्सा लेंगे और उसे संबोधित करेंगे।

पीएम का ट्वीट

अपनी अमेरिका यात्रा को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट भी किया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा कि वाशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए उनका आभारी हूं। प्रवासी भारतीय हमारी ताकत हैं। यह सराहनीय है कि भारतीय प्रवासियों ने दुनियाभर में खुद को कैसे प्रतिष्ठित किया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने किया ये ट्वीट

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा कि ‘अपने ध्वज को भारत के बाहर दूसरे देश में लहराते देखना हमेशा के लिए गर्व की बात है।’ उन्होंने कहा पीएम के सम्मान में ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर तिरंगा फहराया।

View More...

छत्तीसगढ़ के एक और बेटी ने रचा इतिहास, बनेगी पायलट

Date : 22-Sep-2021

धमतरी। छत्तीसगढ़ के एक और बेटी ने इतिहास रच दी है। किसान की बेटी ने अपने सपनों की उड़ान को सच साबित कर दिया है। उसकी सफलता इतनी बड़ी है कि पूरे परिवार के साथ पूरा गांव उत्साहित है। धमतरी जिले के भरंवमरा की रहने वाली बेटी रूद्राणी साहू का इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में चयन हुआ है। रूद्राणी ने हाई स्कूल से एक सपना संजोया था किस उसे पायलट बनना है।

अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उसने पूरी लगन और मेहनत से रास्ता बनाया और आज अपनी सफलता का परचम लहरा रही है। एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार की बेटी का सपना इतना बड़ा था, उसके परिजनों का स्वीकार कर पाना उतना ही असहज था। लेकिन कहा जाता है, ‘जहां चाह, वहीं राह’।

रूद्राणी ने अवसर को समझा, मेहनत की और अपना रास्ता उसने खुद चुना, जिसकी वजह से आज वह भारत सरकार की उस संस्थान का हिस्सा बन पाई है, जहां कदम रखना भी किसी सपने से कम नहीं है। गांव के ही स्कूल से उसने प्राथमिक, हाई और हायर सेकेंड्री की शिक्षा प्राप्त की है। आज महंगे स्कूलों में पढ़ने के बावजूद भी युवाओं को कैरियर और नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। यह इस बात को साबित करता है कि बेहतर करने के लिए खुद के भीतर ललक, लगन, मेहनत की क्षमता, आत्मविश्वास और ईमानदारी का होना जरुरी है। शिक्षा बिल्डिंग या पैसों के दम पर नहीं मिलती।

View More...

सीएम बघेल ने किया ये बड़ा ऐलान, अब गोबर से बिजली बनाएगी छत्तीसगढ़ सरकार

Date : 22-Sep-2021

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार अब हम गोबर से बिजली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के दो उद्यमियों ने गोबर से विद्युत उत्पादन के लिए सहमति दी है। इसके लिए गोधन न्याय योजना से खरीदे गोबर का उपयोग किया जाएगा।

राजधानी में केंद्रीय विदेश व्यापार महानिदेशालय और प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की ओर से आयोजित वाणिज्य उत्सव में यह जानकारी दी गई। बताया गया कि इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग से चिंतित है। हर जगह ग्रीन एनर्जी की बात हो रही है। हमारे यहां बिजली और सौर ऊर्जा संयंत्रों की सीमाएं हैं। ऐसे में हमने गोबर से बिजली बनाने की ओर बढ़ने का फैसला किया है। हमारे पास एक साल में 50 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया, दो उद्योगपतियों ने उनसे मुलाकात कर गोबर से बिजली बनाने का संयंत्र लगाने की बात कही है। ऐसा होने से किसानों, गोठान समितियों, स्व-सहायता समूहों और उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में उद्योग भी लगेगा, रोजगार भी मिलेगा और किसानों को फसल का दाम भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, 70 के दशक में जब देश में अनाज की कमी थी तो बाजार उसे समर्थन मूल्य से अधिक दर पर खरीदता था। आज देश भर में अनाज की अधिकता है। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अगले तीन साल की खपत से अधिक अनाज भरा हुआ है। इससे सरकार और किसान दोनों का घाटा हो रहा है। उन्होंने कहा, हमने केंद्र सरकार से कहा था कि हमारे पास धान की अधिकता है। ऐसे में इससे एथेनाल बनाने की इजाजत दे दें।

भूपेश ने कहा, सरकार ने गन्ने से, मक्का से एथेनाल बनाने की इजाजत दे दी, पर धान से अभी तक नहीं मिली। हम ढाई साल से इसके लिए कोशिश कर रहे हैं। छह कंपनियों से एमओयू भी हो चुका है। इसमें केंद्र सरकार को एक पैसा खर्च नहीं करना है। केवल अनुमति देनी है। धान से एथेनाल बनाने की अनुमति नहीं मिलने से देश का नुकसान हो रहा है। किसानों को सही दाम नहीं मिल रहा है। विदेशी मुद्रा जा रही है।

मुख्यमंत्री ने रायपुर में एयर कार्गो की अनुमति नहीं मिलने पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ एक लैंडलॉक राज्य है। हमारी समुद्री बंदरगाहों तक पहुंच नहीं है। वहां जाने के लिए 900 किमी का सफर करना होगा। ऐसे में यहां के उद्यमियों को दिक्कत आती है। हम रायपुर में एयर कार्गो शुरू करने की अनुमति मांगते रह गए। कई बार केंद्रीय मंत्री से मिल चुके। केंद्र सरकार अनुमति नहीं दे रही है। अब उन्होंने कहना ही छोड़ दिया।

वाणिज्य उत्सव में छत्तीसगढ़ से स्टील, कृषि और वनोपज की प्रोसेसिंग से तैयार उत्पाद सहित विभिन्न क्षेत्रों की नियार्तोन्मुखी उद्यौगिक इकाइयों के उद्यमी और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उत्सव में छत्तीसगढ़ और देश में पिछले 75 वर्ष में विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में हुई प्रगति और इसे सतत रूप से आगे बढ़ने के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस आयोजन में सफल उद्यमियों की केस स्टडी की जानकारी दी गई। इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए बायर सेलर मीट का भी आयोजन किया गया।

View More...

देश के 13 हाईकोर्ट को मिलने वाले है नए चीफ जस्टिस, केंद्र को कॉलेजियम ने भेजे नाम

Date : 22-Sep-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 13 हाईकोर्ट को नए चीफ जस्टिस मिलने वाले हैं। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाले उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने केंद्र को पदोन्नति के लिए आठ नामों की सिफारिश भेजी है। इसमें कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल शामिल हैं। कॉलेजियम ने पांच मुख्य न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों में स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की है।

केंद्र कॉलेजियम की सिफारिशों को स्वीकार कर लेता है तो न्यायमूर्ति बिंदल इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बन जाएंगे। उनके अतिरिक्त सात अन्य न्यायाधीशों को मुख्य न्यायाधीश बनाने की भी सिफारिश की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम की 16 सितंबर 2021 को हुई बैठक में न्यायाधीशों को हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद पर पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है।

कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति बिंदल के अलावा न्यायमूर्ति रंजीत वी मोरे, सतीश चंद्र शर्मा, प्रकाश श्रीवास्तव, आर वी मलीमथ, रितु राज अवस्थी, अरविंद कुमार और प्रशांत कुमार मिश्रा के नामों की सिफारिश क्रमश: मेघालय, तेलंगाना, कलकत्ता, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के रूप में की है।

अन्य उच्च न्यायालयों में स्थानांतरित करने के लिए पांच मुख्य न्यायाधीशों के नामों की सूची भी उपलब्ध करवाई गई है। इसके मुताबिक कॉलेजियम ने यह भी सिफारिश की है कि त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए ए कुरैशी को राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थानांतरित किया जाए। राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती को त्रिपुरा उच्च न्यायालय, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने, मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विश्वनाथ सोमद्दर को सिक्किम उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने के अलावा कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए के गोस्वामी को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।

कॉलेजियम ने 16 सितंबर को हुई बैठक में उच्च न्यायालयों के 17 न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिश की है।

देश में मौजूद 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के कुल 1080 पद हैं जिनमें से एक मई, 2021 तक तक 420 पद रिक्त थे।

View More...

पंजाब के नए सीएम बने चरणजीत चन्नी, पार्टी प्रभारी हरीश रावत ने दी जानकारी

Date : 20-Sep-2021

पंजाब (एजेंसी)। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के 24 घंटे बाद आखिरकार पंजाब को नया मुख्यमंत्री मिल गया। दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी राज्य के नए CM होंगे। पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज हरीश रावत ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि चरणजीत सिंह चन्नी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है.

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले CM के लिए सुखजिंदर सिंह रंधावा (सुक्खी) के नाम पर सहमति बन गई थी। लेकिन नवजोत सिद्धू उनके नाम पर राजी नहीं थे। सिद्धू ने खुद को CM बनाने का दावा ठोंका था, लेकिन वे पंजाब कांग्रेस के प्रधान हैं, इसलिए हाईकमान ने उनके नाम को हरी झंडी नहीं दी।

इसके बाद सिद्धू खेमे ने दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। चन्नी भी कैप्टन के खिलाफ बगावत करने वाले ग्रुप में शामिल थे। सिद्धू की तरफ से चन्नी का नाम रखने के पीछे खास वजह है। दरअसल, सिद्धू ऐसा CM चाहते हैं जो उनकी बात सुने, लेकिन सुखजिंदर रंधावा का स्वभाव उस तरह का नहीं है।

हरीश रावत ने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त मांगा

पंजाब में सियासी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा है। जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने उन्हें शाम साढ़े 6 बजे का समय दिया है।

View More...

पूर्व विधायक ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में लिखा डॉ. रमन और अभिषेक का नाम

Date : 20-Sep-2021

राजनांदगांव। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रजिंदरपाल सिंह भाटिया ने सुसाइड करने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था। पुलिस ने यह नोट बरामद कर लिया है। इस नोट में उन्होंने अपनी बिमारी का जिक्र किया है, साथ ही इसमे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह का भी जिक्र है।

00 क्या लिखा है रजिंदरपाल भाटिया के सुसाइड नोट में….

अपने आखरी पत्र में भाटिया ने लिखा- `मुझे पता है कि मैं जो भी किया हूं, मुझे कोई माफ नहीं करोगे। मैंने अपने पेट की बीमारी को ठीक कराने सभी तरफ हाथ पैर मारे, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। मेरे सुपुत्र लकी, बहू सोनिया, मैंने जहां चाहा इलाज के लिए भेजा। भेजने की जल्दी-जल्दी व्यवस्था की। मेरे बाल बच्चों ने हमेशा साथ दिया। मान सम्मान मेरे सुख सुविधा का पूरा ख्याल रखा।

उन परिवार वालों को मेरे भाई पप्पू, बेटी प्रीति, दामाद हरदीप, रानी, गोल्डी, रिची कुछ नाम भूल गया हूं। वह भी सभी मुझे माफ कर देना। एक दिन तो मुझे जाना ही था, लेकिन भगवान की मर्जी के खिलाफ जा रहा हूं। वाहेगुरु मुझे माफ कर देना। मेरी पत्नी से भी कोई शिकायत नहीं है। मेरी पार्टी वालों से भी कोई शिकायत नहीं है। पार्टी ने मुझे बहुत कुछ सम्मान दिया।

विशेष रूप से डॉक्टर रमन सिंह, अभिषेक सिंह से भी बहुत सम्मान मिला, जिनकी बदौलत 3 बार विधायक और मंत्री बना। कार्यकर्ताओं ने भरपूर प्यार दिया। सभी से माफी चाहता हूं, बहुत लोग दुखी होंगे। कुछ लोग खुश भी होंगे। उनकी खुशी मुबारक। मेरे जाने के बाद किसी से कोई प्रकार की पूछताछ की जरूरत नहीं है, क्योंकि दोषी तो मैं स्वयं हूं। सभी लोग तो मेरा भला चाहते थे। बहुत सारी परेशानी झेलनी पड़ती है। अब नहीं सहा जाता। बस अब जाने दो। दिन प्रतिदिन परेशानी बढ़ती जा रही है। अपनी परेशानी को किसी को नहीं बताया।

पप्पू छोरिया में इसी वास्ते आया था कि कुछ दिन तेरे साथ रह लूं। वैसे मेरे को पता था कि मैं अब ज्यादा दिन नहीं जी पाऊंगा। अभी-अभी दिन और रात बहुत परेशानी से गुजर रहा था। ठीक-ठाक तो भी कभी और साथ रहने का मन था, लेकिन कुछ नहीं बचा। अपने आप को दुखी मत होने देना। परिवार को तेरे को ही हिम्मत देना है। बस मैं जा रहा हूं। पीठ वाले फोड़े ने तो मेरा जीना-सोना हराम कर दिया था। 24 घंटे जलन और दर्द फोड़े में मैं और पेट में भी बेचैनी। क्या करूं कोई दवा भी काम नहीं आ रही है।

View More...

पंजाब की सियासत में जोरदार उठापटक के बाद अब राजस्थान में भी सुगबुगाहट, सीएम के ओएसडी ने दिया इस्तीफा

Date : 19-Sep-2021

जयपुर (एजेंसी)। पंजाब की सियासत में जोरदार उठापटक के बाद अब राजस्थान में भी सुगबुगाहट दिखने लगी है। कांग्रेस पार्टी पंजाब सीएम के इस्तीफे से उबर नहीं पाई है कि अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे अपना इस्तीफा सीएम गहलोत को भेजा। 

इस्तीफे का कारण उन्होंने खुद के एक ट्वीट को बताया है। दरअसल, ट्विटर पर उन्होंने लिखा था कि `मजबूत को मजबूर, मामूली को मगरूर किया जाए…। बाड़ ही खेत को खाए, उस फसल को कौन बचाए..` लोकेश शर्मा का कहना है कि उनके ट्वीट को राजनीतक रंग दिया जा रहा है। इसे पंजाब की सियासत से जोड़ा जा रहा है, यह गलत है। इसलिए वे अपना इस्तीफा दे रहे हैं। 

लोकेश शर्मा ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैं 2010 से ट्विटर पर सक्रिय हूं। आज तक पार्टी लाइन से अलग कोई भी ऐसे शब्द नहीं लिखे जिन्हें गलत कहा जा सके। मैंने अपनी मर्यादाओं का ध्यान रखते हुए कोई भी राजनैतिक ट्वीट नहीं किया है। फिर भी आपको लगता है मेरे द्वारा जान-बूझकर कोई गलती की गई है तो मैं इस्तीफा भेज रहा हूं, निर्णय आपको करना है। 

00 राजस्थान में भी कांग्रेस की राह में रोड़े

यह किसी से छिपा नहीं है कि पंजाब की तरह राजस्थान कांग्रेस में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। 2018 विधानसभा चुनाव के बाद से सीएम अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच तल्खी बढ़ती चली गई है। कई बार इसे सार्वजनिक तौर पर भी देखा गया है।

View More...
Previous123456789...175176Next