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अब भारतीय वायुसेना को मिलेंगे नए परिवहन विमान

Date : 05-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारतीय वायुसेना ने एक मध्यम परिवहन विमान प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। देश में जल्द ही इसका उत्पादन किया जाएगा। आईएएफ ने 3 जनवरी को कहा कि परिवहन विमान की विभिन्न भूमिकाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एमटीए की कार्गो ले जाने की क्षमता 18 से 30 टन के बीच होगी।

मेक इन इंडिया के जरिए देश ने अपने रक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव की शुरुआत की है। इस समय मिसाइल, फील्ड गन, टैंक, विमान वाहक, ड्रोन, लड़ाकू विमान, टैंक और हेलीकॉप्टर जैसे विभिन्न रक्षा प्लेटफार्मों के घरेलू निर्माण के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं के जरिए भारतीय सशस्त्र बलों की रक्षा आधुनिकीकरण की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। आगे की जानकारी की प्रतिक्षा है।

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नेशनल अवॉर्ड विनिंग लेजेंडरी सिंगर वाणी जयराम का निधन

Date : 05-Feb-2023

मुंबई (एजेंसी)। म्यूजिक जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। नेशनल अवॉर्ड विनिंग लेजेंडरी सिंगर वाणी जयराम का निधन हो गया है। सिंगर ने 77 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। वह चेन्नई स्थित अपने घर में मृत पाई गई हैं। सिंगर की मौत कैसे हुई इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उनके निधन की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हर तरफ शोक की लहर है।

वाणी जयराम ने हाल ही में एक प्रोफेशनल सिंगर के रूप में म्यूजिक इंडस्ट्री में 50 साल पूरे किए थे। वो अपने करियर में 10,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड कर चुकी थीं। गणतंत्र दिवस के ठीक एक दिन पहले 25 जनवरी को सरकार ने पद्म पुरस्कारों की अनाउंसमेंट की थी। सिंगर वाणी जयराम का नाम भी इस बार पद्म भूषण की लिस्ट में शुमार था। वाणी जयराम को आधुनिक भारत की मीरा भी कहा जाता था। उन्होंने संगीत जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था।

वाणी जयराम ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, उर्दू, मराठी, बंगाली, भोजपुरी और उड़िया में कई गाने गाए थे। उन्हें तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, गुजरात और ओडिशा से राज्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

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आंखों की रौशनी जाने के बाद आई ड्राप के आयत पर प्रतिबंध

Date : 05-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय दवा कंपनी की आई ड्राप का इस्तेमाल करने से अमेरिका के एक दर्जन राज्यों में कम से कम 55 लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ लोगों की आंखे संक्रमित हो गई, रोशनी चली गई, जबकि एक की मौत भी हो गई है। अमेरिकी फूड एंड ड्रग प्रशासन (एफडीए) ने भारत में बने आई ड्राप के इस्तेमाल को लेकर आगाह किया है।

वहीं चेन्नई स्थित कंपनी ने दवा का उत्पादन बंद कर दिया है। अमेरिका ने एजरीकेयर आर्टिफिशियल टियर्स आई ड्राप को इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। यूएस सेंटर फार डिजीज कंट्रोल प्रिवेंशन (सीडीसी) चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर द्वारा बनाई गई एजरीकेयर आर्टिफिशियल टियर्स आई ड्राप्स की बंद बोतलों का परीक्षण कर रहा है।

आई ड्राप के आयात पर प्रतिंबध

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने कहा कि वह इन आई ड्राप के आयात पर प्रतिबंध लगाएंगे। एफडीए लोगों और डाक्टरों को संभावित बैक्टीरियल संक्रमण के कारण एजरीकेयर आर्टिफिशियल टीयर्स आई ड्राप्स का इस्तेमाल तुरंत बंद करने को कहा है। वहीं, आई ड्राप को लेकर सूत्रों ने बताया है कि सीडीएससीओ और तमिलनाडु ड्रग कंट्रोलर की टीमें चेन्नई के पास स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जाएगी।

भारत में नहीं बिकती ये दवा

यह एक कान्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिग प्लांट है जो दूसरों के जरिए अमेरिकी बाजार में सप्लाई करता है। यह दवा भारत में नहीं बिकती है। ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर ने एक बयान जारी कर कहा कि कंपनी संभावित बैक्ट्रीरियल संक्रमण की वजह से एजरीकेयर, एलएलसी और डेलसम फार्मा की आर्टिफिशियल टीयर्स लुब्रिकेंट आई ड्राप्स को वापस ले रही है। सीबीएस न्यूज ने बताया कि अमेरिका में डाक्टरों को स्यूडोमोनास एरुगिनोसा के एक प्रकोप के प्रति अलर्ट कर दिया गया है।

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एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री का पीएम मोदी 6 को करेंगे लोकार्पण

Date : 05-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। कर्नाटक के तुमकुरु में एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री बनकर तैयार हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक की अपनी यात्रा के दौरान सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के हेलीकॉप्टर कारखाने को देश को समर्पित करेंगे। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि कारखाना देश के सभी हेलीकॉप्टर आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

615 एकड़ में फैली ग्रीनफील्ड हेलीकॉप्टर फैक्ट्री भारत की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। मालूम हो कि साल 2016 में पीएम मोदी ने इस कारखाने का शिलान्यास किया था।

चरणबद्ध तरीक से होगा इसके उत्पादन में वृद्धि

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शुरू में यह कारखाना प्रति वर्ष करीब 30 हेलीकॉप्टरों का उत्पादन करेगा। हालांकि बाद चरणबद्ध तरीके से इसके उत्पादन को 60 और फिर 90 प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। ग्रीनफील्ड हेलीकॉप्टर फैक्ट्री एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा है, जो शुरुआती दिनों में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH) का उत्पादन करेगी।

LCH और IMRH का होगा निर्माण

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) और इंडियन मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (IMRH) के निर्माण के साथ-साथ भविष्य में LCH, LUH, सिविल ALH और IMRH की मरम्मत जैसे कार्यों से इस कारखाने का विस्तार किया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भविष्य में इस फैक्ट्री से सिविल एलयूएच के संभावित निर्यात की भी आपूर्ती की जाएगी।

20 साल में चार लाख करोड़ के कारोबार का लक्ष्य

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की योजना 20 सालों के दौरान चार लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल कारोबार के साथ 3-15 टन की सीमा में 1,000 से अधिक हेलीकाप्टरों का निर्माण करने की है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने के अलावा, तुमकुरु सुविधाकेन्द्र बड़े पैमाने पर समुदाय केंद्रित कार्यक्रमों के साथ अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से निकटवर्ती क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देगी।

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भारत का पहला ट्रांसमेल प्रेग्नेंट

Date : 05-Feb-2023

केरल (एजेंसी)। केरल के ट्रांसकपल जाहद फाजिल और जिया पावल के घर खुशियां आने वाली हैं। कपल ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर अपनी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया है। कपल ने अपनी कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं। 

दावा किया कि यह भारत की पहली ट्रांसमैन प्रेग्नेंसी है। डिलीवरी डेट मार्च की दी गई है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो हो गए है। जाहाद एक ट्रांसमेल है, जो अब प्रेग्नेंट हो गए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा कर अपने गर्भवती होने की जानकारी साझा की है।

केरल के ट्रांसजेंडर कपल ने सोशल मीडिया पर अपने प्रशंसकों को ख़ुशख़बरी दी है। इनका नाम जिया और जहाद है। इन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया है। साथ ही साथ इन दोनों ने अपनी कई फोटोज़ सोशल मीडिया पर शेयर भी की है।

इन तस्वीरों को देखने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स कमेंट्स कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक ये दोनों केरल के कोझीकोड में 3 साल से साथ में रह रहे हैं जिया एक पुरुष के रूप में पैदा हुए और एक महिला में बदल गए। जहाद एक महिला के रूप में पैदा हुए और एक पुरुष में बदल गए।

जिया ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा- “हालाँकि मैं जन्म से या अपने शरीर से एक महिला नहीं थी, मेरे अंदर एक स्त्री का सपना था कि एक बच्चा मुझे मां कहे। हम तीन साल से साथ में हैं। जहाद का सपना है कि वो पिता कहलाए। उसके सहयोग से ही पेट में 8 महीने की ज़िंदगी है।

प्रेग्नेंसी की तस्वीरों पर इंस्टा यूजर्स कपल को बधाइयां दे रहे हैं। कपल की एक पोस्ट पर 19 हजार से ज्यादा लाइक्स मिले हैं तो दूसरी पर दो हजार से ज्यादा और हाल में साझा की गई एक पोस्ट पर 20 हजार के करीव लाइक्स दिखाई दे रहे हैं।

एक यूजर ने कमेंट किया, ”बधाई हो! यह सबसे खूबसूरत चीज है जिसे हमने आज इंस्टाग्राम पर देखा कि शुद्ध प्रेम की कोई सीमा नहीं है।” एक यूजर ने लिखा, “बहुत खुशी महसूस हो रही है। भगवान आपको हमेशा आशीर्वाद दे।”

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युवाओं की भागीदारी के बिना आखिर नया भारत कैसे बनेगा?

Date : 05-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवावस्था में अपनी डायरी के पन्नों पर ‘न्यू इंडिया’ और ‘युवा भारत’ का जो सपना शब्दों में पिरोया था, वह आज साकार होता नजर आ रहा है। भारत मजबूती से लगातार नई पहल के साथ आगे बढ़ रहा है। जिस तरह से भारत ने मोदी के नेतृत्व में चुनौतियों का सामना किया है, वह अपने आप में काबिले तारीफ है। यह निश्चित है कि मोदी के नेतृत्व में एक नई सभ्यता और एक नई संस्कृति गढ़ी जा रही है। नये विचारों, नये इंसानी रिश्तों, नये सामाजिक संगठनों, नये रीति-रिवाजों और नयी जिंदगी की हवायें लिए हुए आजाद मुल्क की गाथा सुनाता भारत एक बड़ा सवाल लेकर भी खड़ा है कि हम अपनी बुनियाद यानी युवाओं के सपनों को कब पंख लगायेंगे? कब उनकी निराशा की बदलियों की धूंध को दूर करेंगे? देश की युवा पीढ़ी की जरूरतों को कब पूरा करेंगे एवं कब उन्हें परेशानियों से मुक्त करेंगे? यह एक बड़ा सवाल है।

कहते हैं कि युवा देश की धड़कन ही नहीं, उसके भविष्य का नियामक और नियंता भी होता है। स्वामी विवेकानंद ने जिस युवा पीढ़ी की ऊर्जा और राष्ट्रीय चरित्र की बात कही थी, वह आज बिखरी-सी क्यों नजर आ रही है? केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार अगले 15 साल में 100 में से 77 लोग बूढ़े होंगे। सतत विकास के एजेंडे की बात करें, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सन 2030 तक युवा रोजगार के अवसरों एवं शिक्षा-प्रशिक्षण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यदि भारत की बात करें, तो देश की युवा पीढ़ी के लिए सरकारी नौकरी सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यदि व्यक्तित्व में कर्मठता और ईमानदारी के साथ-साथ जिम्मेदारी का अहसास भी हो तो, किसी भी सेक्टर की नौकरी के प्रति अति आकर्षण कोई बुरी बात नहीं है। नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि आज सपने देखना और आकांक्षाओं को उड़ान देना, यही युवा की पहचान होती है। फिर ऐसे क्या कारण हैं कि भारत का युवा कुछ विलक्षण, अद्भुत एवं अनूठा करने की बजाय नौकरी तक ही उलझा है?

कभी अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को अमेरिका बनाकर दिखाने का संकल्प व्यक्त किया था। बहत्तर वर्ष के मोदी का अपनी इसी जिन्दगी में ऐसा करने का विश्वास व्यक्त करना कहीं अतिश्योक्ति तो नहीं है? लेकिन बड़े सपने हमें वहां तक नहीं तो उसके आसपास तो पहुंचा ही देते हैं, इसलिये मोदी के इस संकल्प को सकारात्मक नजरिये से ही देखा जाना देश के हित में है। उन्होंने बड़ा सपने लिया और उन्हें पूरा भी किया। लेकिन इन सुनहरे सपनों के बीच का यथार्थ बड़ा डरावना एवं बेचैनियों भरा है। देश की युवापीढ़ी बेचैन है, परेशान है, आकांक्षी है और उसके सपने लगातार टूट रहे हैं। देश का व्यापार धराशायी है, आम जनता अब शंका करने लगी है। इन हालातों में नया भारत बनाना या उसे अमेरिका बनाकर दिखाना एक बड़ी चुनौती है।

विकसित देशों में युवा 20 साल का होते-होते अपने स्वयं के इनोवेशन के लिए काम करने लगता है। बार-बार फेल होकर भी वह सफलता की ऊंचाई छूने की कोशिश में लगा रहता है। मगर भारत के हालात अलग हैं। कितना हास्यास्पद है कि हमने कुछ सरकारी नौकरियों को इतना महिमामंडित कर दिया है कि हर व्यक्ति वही नौकरी करना चाहता है, जिसमें दबंगई हो, प्रतिष्ठा हो, जी-हजूरी करने वालों की फौज हो, सुविधावाद हो। विकास को आकार देने में जुटे समाज में दबंगई की जरूरत ही क्या है। उधर उच्च शिक्षण संस्थान पढ़ाई की बजाय राजनीति के केंद्र बन रहे हैं। राजनीति बुरी नहीं, मगर आलम यह है कि वहां ऐसे नेता नजर आते हैं, जिनका पढ़ाई से कोई लेना-देना नहीं है। वे समय-समय पर बस अपनी ताकत ही दिखाते रहते हैं। हमने आजादी का अमृत महोत्सव मना लिया और अब भी हम अपने युवाओं को पुरानी मानसिकता से बाहर निकालकर रिसर्च और इनोवेशन के लिए तैयार ही नहीं कर पा रहे। चीन और जापान की तरह उन्हें उत्पादक नहीं बना पा रहे हैं। भारत नया बनने के लिए, स्वर्णिम बनने के लिए, अनूठा बनने के लिए और उसे अमेरिका बनाकर दिखाने के लिये अतीत का बहुत बड़ा बोझा हम पर है। बेशक हम नये शहर बनाने, नई सड़कें बनाने, नये कल-कारखानें खोलने, नई तकनीक लाने, नई शासन-व्यवस्था बनाने के लिए तत्पर हैं लेकिन मूल प्रश्न है इनमें युवाओं की भागीदारी कब सुनिश्चित करेंगे और कब हम उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे? भारत में आबादी का छठा हिस्सा बेरोजगार है और हम वैश्वीकरण की ओर जा रहे हैं, अमेरिका बनने की सोच रहे हैं, नया भारत बना रहे हैं। यह खोखलापन है। बहुत आवश्यक है संतुलित विकास की अवधारणा बने। केवल एक ही हाथ की मुट्ठी भरी हुई नहीं हो। दोनों मुट्ठियां भरी हों। वरना न हम नया भारत बना पायेंगे और न हम अमेरिका जैसा बन पायेंगे।

अमृत महोत्सव का माहौल है। अमृत काल है, जो हमें पीछे मुड़कर देखते हुए भविष्य के सपने बुनने के लिये पुनरावलोकन की मांग करता है कि हमें पहुंचना कहां था और हम जा किधर रहे हैं? सवाल उठता है कि भारत की धीमी प्रगति का एक कारण कहीं सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का अति लगाव, सरकारी तंत्र का भ्रष्टाचार में लिप्त होने के साथ-साथ कामकाज की तुलना में अधिक तनख्वाह एवं सुविधाएं देना तो नहीं है? आजादी के 75 साल बाद भी 92 प्रतिशत युवाओं में खतरों को मौल लेने की क्षमता ही नहीं विकसित हो पाई। आखिर वे सिर्फ सरकारी अथवा गैर सरकारी नौकरी से चिपक कर अपना जीवनयापन क्यों करना चाहते हैं? यह बात सच है कि बिना खतरे उठाए सफलता की ऊंचाई प्राप्त नहीं की जा सकती, नया भारत नहीं बनाया जा सकता। ऐसा लगता है कि देश का अधिकांश युवा वर्ग बिना पानी में उतरे तैरने का चैंपियन बनना चाहता है। विकास के बड़े और लुभावने सपनों के साथ-साथ हम विवेक को कायम रखें, नैतिक मूल्यों एवं मौलिक सृजन को जीवन का आधार बनाएं। जिस प्रकार गांधीजी ने ‘मेरे सपनों का भारत’ पुस्तक लिखी, उन्होंने अपने सपनों में हिन्दुस्तान का एक प्रारूप प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने गरीबी, धार्मिक संघर्ष, अस्पृश्यता, नशे की प्रवृत्ति, मिलावट, रिश्वतखोरी, शोषण, दहेज और वोटों की खरीद-फरोख्त को विकास के नाम विध्वंस का कारण माना। उन्होंने स्टैंडर्ड ऑफ लाइफ के नाम पर भौतिकवाद, सुविधावाद और अपसंस्कारों का जो समावेश हिन्दुस्तानी जीवनशैली में हुआ है उसे उन्होंने हिमालयी भूल के रूप में व्यक्त किया है। लगता है हमने युवा हाथों में विकास के सपने थमाने की बजाय सुविधावाद थमा दिया।

विदेशों में भारत की स्थिति को मजबूत बनाना अच्छी बात है, लेकिन देश में बदलते हालातों पर निगाह एवं नियंत्रित भी जरूरी है। ऐसा नहीं होने का ही परिणाम है कि आठ सालों से लगातार युवा पीढ़ी निराशाओं से घिरती जा रही है। उनको नजरअंदाज करने की ही निष्पत्तियां कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में सिर उठा रही हैं। जो युवा मोदीजी को वोट देता गया, जिताता गया। अब वही पूछने लगा है कि क्या हुआ हमारे सपनों का? नया भारत हमारी बेचैनियों पर कैसे खड़ा करोंगे? युवा वर्ग को जिम्मेदार और जुझारू बनाने के साथ हर तरह के नशे से बचाने के ठोस प्रयास आवश्यक हैं, ताकि परिवार, समाज और देश का भी भविष्य खतरे में न पड़े और युवाओं की भागीदारी से भारत सचमुच नया भारत एवं सशक्त भारत बने।

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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, कहा...

Date : 04-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी) । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र में राहुल ने पीएम मोदी से कश्मीरी पंड़ितों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने घाटी से विस्थापिक लोगों की पीड़ा को पीएम के सामने उठाया है।

प्रधानमंत्री जी, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने मुझसे मिलकर अपने दुखद हालात बताए। आतंकियों की टारगेटेड किलिंग के शिकार कश्मीरी पंडितों को बिना सुरक्षा गारंटी घाटी में जाने के लिए विवश करना निर्दयी कदम है।

राहुल गांधी ने लिखा है कि प्रधानमंत्री जी, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने मुझसे मिलकर अपने दुखद हालात बताए। आतंकियों की टारगेटेड किलिंग के शिकार कश्मीरी पंडितों को बिना सुरक्षा गारंटी घाटी में जाने के लिए विवश करना निर्दयी कदम है। आशा है, आप इस विषय में उचित कदम उठाएंगे।

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जाना था पटना, पहुंचे उदयपुर, इंडिगो फ्लाइट की बड़ी लापरवाही, दिए जांच के आदेश

Date : 04-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली एयरपोर्ट एक यात्री को पटना के लिए इंडिगो की फ्लाइट लेनी थी। लेकिन यात्री को एयरलाइन की दूसरी फ्लाइट में बैठा दिया गया। शख्स को दिल्ली से पटना पहुंचना था। लेकिन पटना की जगह शख्त ने अपने गंतव्य से लगभग 1400 किमी दूर उदयपुर में लैडिंग की।

अफसर हुसैन ने पटना के लिए इंडिगो की फ्लाइट 6E-214 में टिकट बुक की थी। 30 जनवरी 2023 को हुसैन अपनी फ्लाइट के तय समय पर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गए। लेकिन गलती से उन्हें इंडिया की फ्लाइट 6E-319 में बैठा दिया गया, जो उदयपुर जा रही थी।

बोर्डिंग पास को अच्छी तरह से स्कैन क्यों नहीं किया- DGCA

डीजीसीए यह पता लगाएगा कि यात्री के बोर्डिंग पास को अच्छी तरह से स्कैन क्यों नहीं किया गया। बोर्डिंग से पहले बोर्डिंग पास को नियमानुसार दो बिंदुओं पर जांचा जाता है तो वह गलत उड़ान में कैसे चढ़ गया। एयरलाइन ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, ‘हम 6E-319 दिल्ली-उदयपुर उड़ान में एक यात्री के साथ हुई घटना से अवगत हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्यूमेंट्री पर बैन के मामले में केंद्र को भेजा नोटिस, तीन हफ्ते में मांगा जवाब

Date : 04-Feb-2023

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित BBC डॉक्यूमेंट्री को सेंसर करने से रोकने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और तीन हफ्तों में जवाब मांगा है। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल महीने में होगी।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एम एम शाह की पीठ ने वरिष्ठ पत्रकार एन राम, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा और कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता प्रशांत भूषण की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र और अन्य को नोटिस जारी किया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अधिवक्ता एम एल शर्मा की याचिका पर भी नोटिस जारी किया।

शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को प्रतिबंध संबंधी आदेश के मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश भी दिया। बेंच ने कहा, ‘हम नोटिस जारी कर रहे हैं। जवाबी हलफनामा तीन हफ्ते के भीतर दाखिल किया जाना चाहिए। प्रत्युत्तर उसके दो हफ्ते के बाद दिया जाना चाहिए।’ मामले में अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।

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साहित्य-संस्कृति को आगे ले जाने की जरूरत : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

Date : 04-Feb-2023

वर्धा (एजेंसी)। महात्मा गांधी और विनोबा भावे की कर्मभूमि वर्धा में आयोजित 96वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह मैं संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वर्धा नगरी साहित्य की पंढरी बन गई है। मराठी भाषा चमत्कार की भाषा है। मराठी में सांस्कृतिक विरासत के चलते यह विश्व भर में बोली जाती है । हमें साहित्य, संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने मराठी के जाने-माने साहित्यकार और कवियों का जिक्र करते हुए मराठी भाषा में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। मराठी भाषा एवं शालेय शिक्षण मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि साहित्य का दीप निरंतर जलाए रखने का काम करना है। वर्धा सामाजिक क्रांति की भूमि रही है, हमें इस भूमि से मराठी का बिगुल सर्वत्र बजाना चाहिए। केसरकर ने मराठी के संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम, रामदास तथा साने गुरुजी, सावरकर, महात्मा ज्योतिबा फुले आदि का उल्लेख करते हुए मराठी भाषा में उनके योगदानों की चर्चा की।

हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने कहा कि साहित्य का काम है कि वह राजनीति को दिशा दिलाए। राजनीति जब जब लड़खड़ायी है तब-तब साहित्य ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने एक प्रसंग पर प्रकाश डाला कि स्वातंत्र्य भारत में 1952 में लाल किले पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंच पर चढते समय पंडित नेहरू जी का पैर लड़खड़ा गया, तो पीछे से दिनकर जी ने हाथ का सहारा देकर बचा लिया था। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र जब-जब अहंकार में डूबा है, वीर शिवाजी के जयकारों ने दिशा दी है l

हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि भाषा का काम है मनुष्य को पशु से अलग करना। भाषा की शक्ति मनुष्य के सिवाय और किसी में नहीं है। मैं अभिभूत हूं कि मराठी साहित्य सम्मेलन के द्वारा भाषा की गरिमा का रक्षण करना चाहते हैं, आदर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत ने पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधा है। मराठी भाषा के संत एकनाथ, तुकाराम, गाडगे बाबा, ज्ञानेश्वर जैसे संतों ने हिंदी भाषा में बड़ा योगदान किया है।

भाषा की महत्ता को उल्लेखित करते हुए उन्होंने कहा कि लेखक का भाषा के साथ गहरा रिश्ता होता है। भाषा नहीं होती तो दुनिया का कोई भी आविष्कार संभव नहीं होता। इस पूरी सृष्टि में शब्द ही एक ऐसी रचना है, जिसने सारे अंधकार को तो तोड़कर चारों ओर उजाला फैलाया है। सम्मेलन के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल दाते ने कहा कि ऐतिहासिक भूमि वर्धा में 53वर्षों के बाद अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन हो रहा है। वर्धा कई साहित्यकारों, कला एवं संस्कृति कर्मियों की भूमि है। सम्मेलन में आप सभी साहित्य प्रेमी सहभागिता कर रहे हैं, हमारा प्रयास है कि यह सम्मेलन न केवल यशस्वी हो अपितु चिरस्मरणीय भी हो।

सम्मेलन के अध्यक्ष न्या. नरेंद्र चपळगावकर कहा कि साहित्य को राजनीति से दूर रहना चाहिए। हम सभी लेखक, वाचक और प्रकाशक स्वाधीन होने का प्रयास करें। हम लिखने की, पढ़ने की और प्रकाशित करने की स्वतंत्रता यहां बनाए रखेंगे। हम भाषा और सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष भारत सासणे ने भी संबोधित किया।

स्वागताध्यक्ष पूर्व सांसद दत्ता मेघे ने कहा कि आज आप सब साहित्य प्रेमी यहां आए हैं। इस क्षेत्र में तीन दिनों तक वैचारिक मंथन होगा। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, हम इन दो महान संतों की भूमि से नए विचारों, सार्वभौमिक उत्थान के विचारों को ले जाने की आशा करते हैं, जिन्होंने 'सब को सन्मति दे भगवान' और 'जय जगत' का नारा लगाया था। हम आशा करते हैं कि यह अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन फलदायी होगा आप सभी का स्वागत है।

इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री व भारती विद्यापीठ के कार्यवाह विधायक डॉ विश्वजीत कदम, डॉ डी वाई पाटिल डीम्ड यूनिवर्सिटी, पुणे के कुलपति डॉ पी डी पाटिल, विधायक डॉ. पंकज भोयर, सागर मेघे, नरेंद्र भोंडेकर, डॉ गिरीश गांधी,  कार्यवाह प्रदीप दाते, जिल्हाधिकारी राहुल कार्डिले, उषा तांबे, रमेश वंसकर, डॉ उज्ज्वला मेहेंदले, प्रकाश पागे, महेश मोकलकर,  रवींद्र शोभणे, विलास मानेकर, डॉ अभ्युदय मेघे, नरेंद्र पाठक, डॉ राजेंद्र मूंढे, विकास लिमये, डॉ विलास देशमुख, संजय इंगले तिगांवकर, आकाश दाते सहित देश-विदेश से आए हजारों मराठी साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। सम्मेलन की शुरुवात रवींद्र शोभने के सम्मेलन गीत, अभियान गीत तथा दीप प्रज्वलित कर की गई। अतिथियों का स्वागत शाल, सूतमाला, प्रतीक चिह्न के रूप में चरखा ओर पुस्तकें प्रदान कर किया गया।

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