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बंगाल के दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी तट पर 24 घंटों में तमिलनाडु-पांडिचेरी तट से चक्रवाती तूफान गति के टकराने की आशंका

Date : 23-Nov-2020

चेन्नई (एजेंसी)। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि बंगाल के दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी तट पर कम दबाव के कारण अगले 24 घंटों में तमिलनाडु-पांडिचेरी तट से चक्रवाती तूफान गति के टकराने की आशंका है। चक्रवात गति के चलते 24 और 25 नवंबर को उत्तरी तमिलनाडु के पांडिचेरी और ममल्लापुरम में कराईकल के बीच लैंडफॉल हो सकता है।

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम की खाड़ी के ऊपर स्थित कम दबाव के चलते अगले 24 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान तमिलनाडु और पांडिचेरी के करीब पहुंचेगा। आईएमडी चेन्नई के एस बालचंद्रन ने एएनआई को बताया यह 25 नवंबर की दोपहर तक कराईकल और ममल्लापुरम को क्रॉस करेगा।

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर “बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान ‘गति’ पश्चिम की ओर बढ़ गया है। यह सोमालिया तट से लगभग 40 किमी पूर्व में और रास बिन्ना से 90 किमी दक्षिण-पूर्व केंद्र में है। बंगाल की खाड़ी से सटे दक्षिण-पश्चिम में कम दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है।
आईएमडी ने कहा कि अगले 12 घंटों के दौरान बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में इसके ध्यान केंद्रित करने और चक्रवाती तूफान में और तेजी की संभावना है। 25 नवंबर तक एहतियात के तौर पर जहाजों और मछुआरों को समंदर में जाने से बचने के लिए कहा गया है।

25 नवंबर को चक्रवाती तूफान के चलते हवा की गति 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक बढ़ने की उम्मीद है। इससे पहले विभाग ने भविष्यवाणी की थी कि इसके चलते तमिलनाडु, पांडिचेरी और केरल में 24-26 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के दक्षिण तट और रायलसीमा में 25-27 नवंबर को बारिश होने के आसार हैं।

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दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और असम सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं उसकी मांगी जानकारी

Date : 23-Nov-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में जिस तरह से एक बार फिर से कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दी है, उसपर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों और कोरोना से मरने वालों के शव के साथ मिसहैंडलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस पूरे मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और असम सरकार से कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं उसकी जानकारी मांगी है। कोर्ट ने इन राज्यों से इस पूरे मामले में हलफनामा दायर करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुजरात और दिल्ली सरकार को कोरोना संक्रमण के चलते खराब हुई स्थिति को लेकर फटकार भी लगाई है। गुजरात सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बावजूद शादी और लोगों के इकट्ठा होने का दौर जारी है। दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद गुजरात सबसे ज्यादा कोरोना से प्रभावित राज्य है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से कोरोना से निपटने के लिए उठाए गए कदम की जानकारी मांगी है और एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि आने वाले समय में राज्य क्या कदम उठाने वाले हैं और उन्हें केंद्र सरकार से कोरोना से लड़ने के लिए क्या मदद चाहिए उसकी भी रिपोर्ट दायर करें। कोर्ट ने शुक्रवार तक राज्यों से रिपोर्ट दायर करने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि राज्यों को दिसंबर और आने वाले महीनों के लिए तैयार रहने की जरूरत है क्योंकि स्थिति और भी खराब हो सकती है।

कोर्ट ने कहा कि असम में स्थिति बहुत ही खराब है, यहां स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है, आईसीयू बेड की कमी की जानकारी पांच महीने पहले दी गई है। गुजरात की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा कि वह कोर्ट के निर्देशानुसार स्टेटस रिपोर्ट को समय पर फाइल कर देंगी। दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए संजय जैन ने कहा कि फिलहाल सबकुछ नियंत्रण में है।

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बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय पहला सत्र आज से हो रहा शुरू

Date : 23-Nov-2020

पटना (एजेंसी)। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के नए जनादेश के बाद गठित 17वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से आरंभ होगा। कोविद-19 के संक्रमण के बीच आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय सत्र में सामाजिक दूरी को लेकर जहां कई नयापन देखने को मिलेंगे, वहीं पहली बार चुनकर आए, दूसरी बार चुनकर आए और एक या इससे अधिक अंतराल के बाल चुनकर आए सदस्यों के अलग-अलग स्तरों के उत्साह का भी जह सत्र गवाह बनेगा।

17वीं विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र का पहला दो दिन सदस्यों के लिहाज से खासा महत्वपीर्ण होगा जबकि शेष तीन दिन विधायी कार्यों को लेकर बेहद अहम हैं। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में 43.2 फीसदी अर्थात 105 ऐसे सदस्य आए हैं जो पहली बार विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे। पिछली विधानसभा के भी सदस्य रहे 98 यानी कि 40.3 फीसदी सदस्य इस विधानसभा में भी दोबारा जीतकर आए हैं। वहीं 40 (16.46) ऐसे सदस्य भी 23 और 24 नवम्बर के बीच सदस्यता लेंगे जो अंतराल (ब्रेक) के बाद जीतकर फिर से बिहार विधानसभा पहुंचे हैं। सत्र को लेकर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था हुई है।

00 दमदार विपक्ष, सत्तापक्ष भी तैयार
वैसे तो पहला सत्र सदस्यों के शपथग्रहण को लेकर खास है लेकिन 110 की संख्या के साथ विपक्ष के दमदार मौजूदगी सदन में रहेगी। रोजी-रोजगार और भ्रष्टाचार को लेकर मौका देखते ही जहां विपक्ष वार करेगा वहीं सत्तापक्ष भी उसकी काट को लेकर तैयार दिख रहा है।

00 सबसे पहला शपथ डिप्टी सीएम का होगा
सामाजिक दूरी बरतने के लिहाज से सदस्यों का बारी-बारी से शपथ होगा। सबसे पहले उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, फिर रेणु देवी का शपथ होगा। उसके बाद मंत्री विजय चौधरी, बिजेन्द्र यादव, शीला कुमारी, अमरेन्द्र प्रताप सिंह, डा. रामप्रीत पासवान, जीवेश मिश्रा, रामसूरत राय क्रमश शपथ लेंगे। फिर सदस्यों की बारी आएगी। प्रोटेम स्पीकर जीतनराम मांझी सदस्यों को शपथ दिलायेंगे जबकि उनके नाम विधानसभा के सचिव पुकारेंगे। विस क्षेत्र 1 वाल्मीकिगर से संख्यावार सदस्यों को शपथ दिलायी जाएगी।

00 सेंट्रल हॉल में संचालित होगा सत्र
कोविद-19 के प्रभाव को देखते हुए अबकी बिहार विधानसभा का सत्र पांचो दिन विस्तारित भवन स्थित सेंट्रल हॉल में होगा। यहीं राज्यपाल का अभिभाषण समेत अन्य गतिविधियां होंगी। शपथ ग्रहण को लेकर पहले दो दिन सदस्यों के बैठने की व्यवस्था आम रहेगी। शेष तीन दिन अध्यक्ष के आसन के दायें सत्तापक्ष जबकि बायें विपक्ष के सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। उधर विधानसभा के पुराने हॉल (वेश्म) में 26 और 27 को विधान परिषद की कार्यवाही चलेगी।
00 पांच भाषाओं में शपथ लेने का विकल्प
निर्वाचित सदस्यों को पांच भाषाओं हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली, उर्दू और संस्कृत में से किसी भी एक भाषा में शपथ लेने की छूट रहेगी। विस सचिवालय ने सभी पांच भाषाओं में शपथ के लिए स्क्रिप्ट तैयार कराया है। जानकारी के मुताबिक हिन्दी और मैथिली के स्क्रिप्ट की अधिक मांग है। शपथ के बाद सदस्य अध्यक्ष से हाथ नहीं मिला सकेंगे, बल्कि हाथ जोड़ अभिभावन कर आगे बढ़ जाएंगे।

00 25 को होगा अध्यक्ष का चुनाव
तय कार्यक्रम के मुताबिक 23 और 24 नवम्बर को नवनिर्वाचित सदस्यों द्वारा शपथ लिया जाएगा। 25 को विस की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 9(1) के तहत अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। 26 को सेंट्रल हॉल में ही राज्यपाल विधानमंडल के समवेत बैठक को संबोधित करेंगे। सत्र के आखिरी दिन 27 को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद विवाद एवं सरकार का उत्तर होगा। इसी दिन सरकार के (वर्ग-5) विभागों ऊर्जा, आपदा, स्वास्थ्य, पर्यटन, योजना विकास पर सवाल-जवाब तथा सरकार द्वारा अनुपरक बजट भी पेश किया जाएगा।

संसदीय मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह स्वागत सत्र है। नए जनादेश के पहले सत्र के सफल संचालन में सबों का सहयोग चाहिए। मुद्दों को रखने के लिए आगे भी समय मिलेगा। कोविद -19 को लेकर सभी एहतियात बरते जा रहे हैं। सदस्यों के सम्पर्क में आने वाले सभी सदस्यों की कोरोना जांच हुई है। सदस्यों के लिए भी जांच की व्यवस्था होगी। सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।

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लॉकडाउन की शर्तों में ढील देने का मतलब यह नहीं है कि महामारी चली गयी, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

Date : 23-Nov-2020

मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि लॉकडाउन की शर्तों में ढील देने का मतलब यह नहीं है कि महामारी चली गयी, इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने राज्य के लोगों से कोविड-19 के विरूद्ध अपनी सावधानियां कम नहीं करने तथा दूसरे लॉकडाउन से बचने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैसे उन्हें रात का कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गयी है

लेकिन वह नहीं मानते कि ऐसी पाबंदियों को लागू कर कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो बड़े पैमाने पर लोग कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं लेकिन अब भी कई अन्य मास्क लगाने के निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर घूम रहे हैं। उन्होंने कहा, ``दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे मामले चिंता का विषय हैं, और अहमदाबाद में तो कर्फ्यू भी लग गया। मैं दूसरा लॉकडाउन नहीं चाहता लेकिन आपको भी स्थिति की गंभीरता समझनी चाहिए। ``

उन्होंने कहा, ``मुझे रात का कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गयी है लेकिन मेरा यह मानना है कि कोई भी चीज ऐसी पाबंदियों से हासिल नहीं की जा सकती है।`` ठाकरे ने कहा, `` आतिशबाजी मुक्त दिवाली मनाने के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं । मैं अपनी मायूसी प्रकट करता हूं कि कई स्थानों पर कोविड-19 रोकथाम नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।`` उन्होंने कहा, `` मैं आपसे अनावश्यक इधर-उधर घूमन से बचने की सलाह देता हूं और यदि आपको बाहर जाना ही पड़े तो कृपया मास्क जरूर लगाएं और एक दूसरे से दूसरी बनाकर चलें।``

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कोरोना अपडेट : देश में बीते 24 घंटों में मिले 44 हजार 59 नए कोरोना संक्रमित मरीज, वहीं 511 की हुई मौत

Date : 23-Nov-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (कोविड-19) के 44,059 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 91 लाख के पार 91,39,866 पहुंच गयी जबकि चिंता की बात यह है कि इस दौरान संक्रमण से निजात पाने वाले लोगों की संख्या में कमी आने से सक्रिय मामलों में एक बार फिर से वृद्धि हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय को विभिन्न राज्यों से सोमवार तक प्राप्त रिपोर्टाें के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों के दौरान सक्रिय मामलों में लगभग 2 हजार की वृद्धि हुई है जिससे यह संख्या बढ़कर 4,43,486 हो गयी है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मामलों में लगातार गिरावट आ रही थी लेकिन शुक्रवार को इस संख्या में 491 की वृद्धि हुई थी जबकि शनिवार काे 4047 की कमी आई थी।

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच चिंता की बात यह है कि नये मामलों की तुलना में स्वस्थ लोगों की संख्या में कमी आने से रिकवरी दर में आंशिक गिरावट दर्ज की गयी और अब यह 93.66 फीसदी पर आ गयी है। पिछले 24 घंटों के दौरान 41,024 मरीज स्वस्थ हुए हैं जिसे मिलाकर कोरोना को मात देने वालों की तादाद साढ़े 85 लाख को पार कर 85,62,642 लाख हो गयी है। इसी अवधि में 511 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,33,738 हो गया है।

देश में सक्रिय मामलों की दर 4.84 प्रतिशत जबकि मृत्यु दर भी 1.46 प्रतिशत पर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में सबसे अधिक वृद्धि महाराष्ट्र में हुई है। महाराष्ट्र में सक्रिय मामलों में 1,639 की वृद्धि हुई है जिसके बाद यह संख्या 81,512 हो गई है। राज्य में इस दौरान 50 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 46,623 हो गया है जबकि अभी तक 16,51,064 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं।

संक्रमण के मामले में भारत दुनियाभर में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है। अमेरिका में संक्रमितों की कुल संख्या करीब एक करोड़ से अधिक 1,21,02,101 हो गयी है। भारत हालांकि अमेरिका से अभी भी 29.73 लाख मामले पीछे है। देश में नये मामलों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है, जबकि अमेरिका में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। 

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गया जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, 11 लाख के इनामी नक्सली हुआ ढेर, 3 ग्रामीणों की भी गई जान

Date : 22-Nov-2020

गया (एजेंसी)। बिहार के गया जिले में सुरक्षाबलों (कोबरा बटालियन) और नक्सलियों के बीच शनिवार की रात मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में साढ़े 11 लाख का इनामी नक्सली आलोक यादव ढेर हो गया। वहीं इस गोलीबारी में दो ग्रामीणों की भी मौत हो गई। ये मुठभेड़ बाराचट्टी के महुअरी गांव में हुई। लगभग 45 मिनट तक चली मुठभेड़ में दोनों ओर से सौ राउंड से अधिक फायरिंग हुई। सुरक्षाबलों ने नक्सली के पास से एक एके-56, एक इंसास राइफल के अलावा कारतूस, डेटोनेटर, रेडियो सेट और नक्सल साहित्य बरामद किया है।

मृत ग्रामीणों की पहचान बिरेन्द्र यादव (गजरागढ़-बाराचट्टी), जयराम यादव (ग्राम-बेला) के रूप में की गई। मृतक बिरेन्द्र नदरपुर पंचायत के मुखिया शारदा देवी का देवर था। इस मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली और जोनल कमांडर आलोक यादव उर्फ गुलशन उर्फ रवि (राजपुर-चतरा) की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, महुअरी गांव में छठ के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। नक्सल प्रभावित इलाके में हुए इस आयोजन में बिरेन्द्र यादव जैसे ही स्टेज पर पहुंचा, चादर ओढ़े नक्सली आलोक यादव ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी। इससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में नक्सलियों के आने की खबर कोबरा जवानों को भी थी। इसी के तहत कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट मुनीष कुण्डल एंव स्थानीय पुलिस की टीम रात दस बजे के करीब कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी से वहां की गतिविधियों पर नजर थी। जैसे ही गोली चलने की आवाज जवानों को मिली, वैसे ही पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। नक्सली गोली चलाते हुए भागना चाह रहे थे। इसी क्रम में हुई फायरिंग में नक्सली आलोक को गोली लगी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं दो अन्य नक्सलियों के भी हाथ में गोली लगने की खबर है। इनमें से एक नक्सली के हाथ से हथियार छुट गया। इसे सुरक्षाबलों ने बरामद किया।

205 कोबरा बटालियन के कमांडेट दिलीप श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि बाराचट्टी के महुअरी गांव में नक्सलियों के आने की सूचना के बाद जवानों की ओर से इलाके में गुप्त कैंप लगाया गया था। इस बीच हुई गोलीबारी में शीर्ष नक्सली आलोक सहित दो नक्सली मारे गए। साथ ही भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद किए गए।

सुरक्षाबलों और नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में जोनल कमांडर आलोक यादव और उसके लाइनर के रूप में काम कर रहा रोही का विकास टाइगर मारा गया। वहीं बिरेन्द्र यादव एवं जयराम यादव नामक दो ग्रामीणों की मौत हुई है। सुरक्षाबलों की ओर से चौकसी अभियान चलाया जा रहा है और इलाके की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

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कांग्रेस पार्टी देश में असरदार विपक्ष नहीं रह गई : कपिल सिब्बल

Date : 22-Nov-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। कुछ महीने पहले अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष `लेटर बम` फोड़ने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल की नाराजगी कम नहीं हो रही है। ऐसा लग रहा है कि सिब्बल बागी की भूमिका में आ गए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि विगत दिनों एक बार फिर आलाकमान को कठघरे में खड़ा करते बयान के बाद सिब्बल पर राजस्थान के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत समेत अधीर रंजन चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने तीखा हमला बोला था। इस हमले के बावजूद कपिल सिब्बल के तेवर नरम नहीं हुए हैं। उलटे वह मुखर हो गए हैं।

00 कांग्रेस संगठन की मजबूती के प्रयास ही नहीं कर रही
कपिल सिब्बल ने शीर्ष नेतृत्व पर फिर हमला बोला। इस दिग्गज नेता ने अब यहां तक कह दिया कि कांग्रेस पार्टी देश में असरदार विपक्ष नहीं रह गई है। सिब्बल ने दावा किया कि कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने का कोई प्रयास नहीं कर रही है। यही नहीं, एक साल से भी ज्यादा वक्त से कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो पाने का मुद्दा फिर से उठाते हुए सिब्बल ने पार्टी के कामकाज के तरीकों पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने डेढ़ साल पहले पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ा था। ऐसे में कोई राजनीतिक दल डेढ़ साल तक बिना किसी लीडर के कैसे काम कर सकता है... कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पता ही नहीं है कि उन्हें जाना कहां है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालिया चुनावों से स्पष्ट हो गया कि यूपी जैसे राज्यों में कांग्रेस का कोई प्रभाव नहीं बचा है। इसके अलावा गुजरात मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला बीजेपी से था, वहां नतीजे बेहद खराब आए। उन्होंने कहा, `हम गुजरात की सभी आठ सीटें हार गए. 65% वोट बीजेपी के खाते में चले गए जबकि ये सीटें पाला बदलने वाले कांग्रेसियों ने खाली की थीं। मध्य प्रदेश में सभी 28 सीटें कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने के कारण ही खाली हुई थीं, लेकिन पार्टी सिर्फ आठ सीटें जीत पाई।` सिब्बल ने कहा, `जहां भी सीधे बीजेपी से दो-दो हाथ होता है, हम वहां असरदार विकल्प साबित नहीं हो पा रहे हैं। कुछ-न-कुछ तो जरूर गलत हो रहा है. हमें इसे लेकर कुछ करना ही होगा।`

00 आलाकमान चर्चा तक नहीं कर रहा हार पर
कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने जुलाई महीने में संसदीय समूह की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया था। उसके बाद 23 नेताओं ने अगस्त में कांग्रेस अध्यक्ष को चिट्ठी लिखी, लेकिन कोई चर्चा नहीं हुई, हमसे किसी ने संपर्क नहीं किया। सिब्बल ने बिहार विधानसभा चुनाव कुछ राज्यों में उपचुनावों में कांग्रेस के बेहद खराब प्रदर्शन का मुद्दा उठाया तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अनिल चौधरी हमलावर हो गए। गहलोत ने ट्वीट किया, `कपिल सिब्बल को हमारे आंतरिक मसलों की मीडिया में चर्चा की कोई जरूरत नहीं थी। इसने देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत किया है।

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पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र व मिर्जापुर के लोगों को दी बड़ी सौगात, 23 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का किया शिलान्यास

Date : 22-Nov-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। दिवाली बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर के लोगों को बड़ी सौगात दी है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 23 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम योगी जनपद सोनभद्र से इस आयोजन में सम्मिलित हुए। लगभग 5500 करोड़ की लागत की इन योजनाओं से 41 लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। पेयजल को लेकर समस्या झेल रहे विंध्य क्षेत्र के लोगों को इस परियोजना के शुरू होने से काफी लाभ होगा।

पीएम मोदी द्वारा शिलान्यास की जाने वाली योजनाओं में जनपद मिर्जापुर की 09 तथा जनपद सोनभद्र की 14 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित `जल जीवन मिशन` के तहत किया जा रहा है। जनपद सोनभद्र में 14 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के माध्यम से 1,389 राजस्व ग्रामों की 19,53,458 आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इन परियोजनाओं की कुल लागत 3,212 करोड़ रुपये है।

इसी प्रकार, जनपद मिर्जापुर में 09 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के माध्यम से 1,606 राजस्व ग्रामों की 21,87,980 आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इन परियोजनाओं की कुल लागत 2,343 करोड़ रुपये है। पीएम नरेंद्र मोदी आज 11.30 बजे 5555.38 करोड़ रुपये लागत कि इस योजना का शिलान्यास किया।

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उत्तराखंड सरकार दूसरे धर्म व जाती में शादी करने कर रही प्रोत्साहित, सरकार दे रही प्रोत्साहन स्वरूप 50 की राशि

Date : 22-Nov-2020

देहरादून (एजेंसी)। जहां एक तरफ भाजपा शासित राज्य लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने में लगे हैं, वही दूसरी तरफ उत्तराखंड सरकार दूसरे धर्म और जाती में शादी करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। दूसरे धर्म में शादी करने के लिए उत्तराखंड सरकार जोड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपये दे रही है। खबरों की माने तो उत्तराखंड सरकार नगद प्रोत्साहन उन सभी जोड़ो को देगी जो कानूनी रूप से पंजीकृत हैं। ये जानकारी राज्य समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने दी है।

बता दें, कि अंतरधार्मिक विवाह किसी मान्यता प्राप्त मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर या देवस्थान में संपन्न होना चाहिए। अंतरजातीय विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि पाने के लिए कपल में से पति या पत्नी किसी एक का भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 के अनुसार, अनुसूचित जाति का होना आवश्यक है।

00 राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा
टेहरी के सामाजिक कल्याण अधिकारी दीपांकर घिडियाल ने बताया कि दूसरी जातियों और दूसरे धर्म में शादी करने वालों को दी जाने वाली ये राशी राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने में अहम साबित हो सकती है। लेकिन इस शादी के स्कीम का फायदा उठाने के लिए लोगों को एक साल के अन्दर ही आवेदन करना होगा।

00 इस कानून को यूपी से लिया
पहले इस स्कीम के लिए दूसरे धर्मं और जातिरों में शादी करने वालों को 10 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशी दी जाती थी । लेकिन 2014 के में राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश अंतरजातीय अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन नियमावली 1976 में संशोधन के जरिए उत्तराखंड में 2014 में इसके तहत दी जाने वाली रकम को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया । साल 2000 में उत्तराखंड का गठन हुआ था तब राज्य ने इस कानून को यूपी से लिया था।

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कोरोना वायरस, डेंगू-मलेरिया से उबरने के बाद अब सर्पदंश से उबरा ब्रिटिश नागरिक इयान जोंस

Date : 22-Nov-2020

जोधपुर (एजेंसी)। `जाको रखे सइयां मार सके न कोय`, इस कहावत को चरितार्थ किया है ब्रिटिश नागरिक इयान जोंस ने। भारत में कोरोना वायरस, डेंगू-मलेरिया से जूझने के इयान अब बाद सर्पदंश की मार झेल रहे है।

इयान राजस्थान में सर्पदंश के बावजूद स्वस्थ और सुरक्षित है और तेजी से ठीक हो रहा है। ब्रिटिश नागरिक इयान जोंस को को जोधपुर जिले में पिछले दिनों एक कोबरा सांप ने काट लिया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर शहर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इयान का इलाज करने वाले डॉक्टर अभिषेक टाटर ने बताया, `जोंस पिछले हफ्ते एक गांव में सर्पदंश के बाद हमारे पास लाए गए थे। शुरू में हमें शंका हुई कि उन्हें कोविड-19 संक्रमण भी है लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव रही।` जोंस इससे पहले भारत में रहने के दौरान कोरोना संक्रमित हुए थे और ठीक भी हो चुके हैं।

डॉक्टर अभिषेक ने आगे बताया, `जब उन्हें लाया गया तो वे होश में थे और शरीर पर सांप के काटे जाने का निशान था। साथ ही उन्हें कुछ ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था और चलने में भी तकलीफ हो रही थी।` डॉक्टर ने बताया कि जोंस को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब उनमें सुधार हो रहा है।

इस बीच इयान जोंस के बेटे सेब जोंस ने `गोफंडमी` नाम के एक सोशल मीडिया पेज पर लिखा, `मेरे डैड फाइटर हैं। भारत में रहने के दौरान कोविड-19 से पहले वे मलेरिया और डेंगू को भी मात दे चुके हैं।` सेब जोंस ने ये पेज पैसे जुटाने के लिए बनाए हैं ताकि भारत में उनके मेडिकल बिल को भरा जा सके और उनके वापस इंग्लैंड जाने का भी प्रबंध किया जाए।

इयान कोरोना महामारी के कारण भारत में फंस गए थे। वे राजस्थान के पारंपरिक शिल्प कारीगरों के साथ काम करते हैं और अपनी चैरिटी संस्था के जरिए राजस्थान में बने सामानों को ब्रिटेन में बिकवाने में मदद करते हैं। इयान का मकसद ऐसा कर इन कारीगरों की गरीबी दूर करने में मदद करना है।

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