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ब्राजील के साओ पौलो शहर में भारी बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन, 19 लोगों की मौत

Date : 31-Jan-2022

ब्राजील (एजेंसी)। ब्राजील के साओ पौलो शहर में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने काफी तबाही मचाई है. शुक्रवार तक कम से कम 19 लोगों की मौत  हो गई, जिसमें 7 बच्चे भी शामिल हैं. इस बात की जानकारी रविवार को नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा  काम देखने वाले अधिकारियों ने दी है. साओ पौलो  के अधिकारियों का कहना है कि 9 लोग घायल हो गए हैं, जबकि चार लापता हैं. इसके अलावा करीब 500 परिवारों को अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है.

साओ पौलो के गवर्नर जोआओ डोरिया ने रविवार को बाढ़ वाले क्षेत्रों का जायजा लिया और कहा कि उन्होंने प्रभावित शहरों के लिए 15 मिलियन रीस (2.79 मिलियन डॉलर) की आपातकालीन सहायता को मंजूरी दी है. संघीय सरकार के क्षेत्रीय विकास मंत्रालय के एक बयान में कहा कि वह स्थिति की निगरानी कर रही है. साओ पौलो के आसपास सबसे अधिक प्रभावित हुए इलाकों में अरुजा, फ्रांसिस्को मोराटो, एम्बु दास आर्टेस और फ्रेंको दा रोचा का नाम शामिल है.

अधिकारियों ने बताया कि तूफान ने वर्जिया पॉलिस्ता, कैम्पो लिम्पो पॉलिस्ता, जौ, कैपिवरी, मोंटेमोर और राफर्ड को भी नुकसान पहुंचाया है. दिसंबर के बाद से ब्राजील के पूर्वोत्तर हिस्से में इसी तरह भारी बारिश हो रही है. जिसके कारण यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए. इसके कारण मध्य पश्चिमी क्षेत्र में फसल की कटाई में देरी हुई है और कुछ समय के लिए मिनस गेरैस राज्य में खनन कार्यों को स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. कोरोना वायरस के कारण पहले से मुसीबात झेल रहे ब्राजील में बारिश लगातार मुसीबतें खड़ी कर रही है.

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आतंकियों और कुर्द फोर्सेस के बीच जंग जारी, अब तक 84 आतंकियों की मौत

Date : 24-Jan-2022

न्युज डेस्क (एजेंसी)। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों और कुर्द फोर्सेस के बीच सीरिया में लगातार चार दिन से जारी खूनी संघर्ष में रविवार तक 136 लोगों की मौत होने की खबर है. आतंकियों और कुर्द फोर्सेस के बीच इस संघर्ष की शुरुआत गुरुवार को हुई थी. अपने साथियों को छुड़ाने के लिए ISIS के 100 से ज्यादा आतंकियों ने सीरिया के अल-हसाका शहर की घवेरन जेल पर हमला कर दिया. इसके बाद जबाबी हमला करते हुए कुर्द फोर्सेस ने इनके खिलाफ मोर्चा संभाल लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इस खूनी संघर्ष ISIS के 84 आतंकी और 45 कुर्द लड़ाके मारे गए हैं. वहीं 7 आम नागरिक भी जान गंवाने वालों में शामिल हैं.

कई दिनों से जारी खूनी संघर्ष को लेकर दुनिया भर के मानव अधिकार और शांति पसंद संगठनों की चिंता बढ गई है. यूनिसेफ ने रविवार को हिरासत में लिए गए 850 नाबालिगों की सुरक्षा की मांग की है. वहीं ब्रिटेन की सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि ISIS आतंकियों ने घवेरन जेल पर हमला कर अपने कई साथियों को छुड़ा लिया. आतंकियों ने बहुत सारे हथियार भी लूट लिए.

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न्यूज़ीलैंड में सिगरेट बिक्री पर प्रतिबंध की तैयारी

Date : 24-Jan-2022

न्यूज़ीलैंड (एजेंसी)। न्यूज़ीलैंड में नया नियम यह बनने जा रहा है कि 2008 के बाद जन्मा कोई भी व्यक्ति आजीवन सिगरेट या अन्य तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद सकेगा। मकसद यह है अगली पीढ़ी को तंबाकू उत्पाद न बेचे जा सकें। न्यूज़ीलैंड की स्वास्थ्य मंत्री आयशा वेराल का कहना है कि “हम चाहते हैं कि युवा लोग धूम्रपान शुरू ही न करें।” डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। बहरहाल, आलोचकों की भी कमी नहीं है।

आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में न्यूज़ीलैंड की लगभग 13 प्रतिशत वयस्क आबादी धूम्रपान करती है और अधिकारियों का लक्ष्य इसे घटाकर 5 प्रतिशत करना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि हर चार में से एक कैंसर धूम्रपान की वजह से होता है और यह मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।

तुलना के लिए देख सकते हैं कि भारत में लगभग 30 प्रतिशत वयस्क लोग (47 प्रतिशत पुरुष और 14 प्रतिशत महिलाएं) धूम्रपान करते हैं या तंबाकू चबाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की आबादी 50 लाख से कुछ अधिक है और यहां सिगरेट बेचने के लिए अधिकृत दुकानें हैं। फिलहाल ऐसी अधिकृत दुकानों की संख्या 8000 है जिसे घटाकर 500 से कम करने का भी लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने इतना सख्त कदम उठाने का निर्णय पूर्व में किए गए उपायों (जैसे सिगरेट की कीमतें बढ़ाना) की सीमाओं के मद्देनज़र लिया है। इसके साथ ही यह व्यवस्था भी की जाएगी कि देश में मात्र कम निकोटिन वाली सिगरेटें ही बेची जा सकें।

जहां कई देश न्यूज़ीलैंड के इस कदम को सतर्कतापूर्वक देख रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि इस निर्णय का परिणाम मात्र यही होगा कि सिगरेट का काला बाज़ार अस्तित्व में आ जाएगा और भ्रष्टाचार का एक नया अड्डा बन जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि इससे बेरोज़गारी भी बढ़ेगी। दुनिया भर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता न्यूज़ीलैंड के इस कदम के परिणामों की समीक्षा करके देखना चाहेंगे कि क्या यह शेष देशों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
-स्रोत फीचर्स

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यूक्रेन संकट पर अपने बयान के चलते नौसेना प्रमुख ने दिया इस्तीफा

Date : 23-Jan-2022

बर्लिन (एजेंसी)। जर्मनी के नौसेना प्रमुख के एचिम शॉनबाख ने हाल ही में भारत में एक कार्यक्रम के दौरान अपने ही देश की नीतियों के खिलाफ जाकर यूक्रेन संकट पर उल्टा बयान दिया था। साथ ही उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मान देने की बात कही थी। अपने नौसेना प्रमुख के ये बयान जर्मन सरकार को कुछ खास रास नहीं आए हैं, जिसके बाद श्योनबाख को रविवार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

शॉनबाख ने रूस और यूक्रेन संकट के साथ क्रीमिया पर दिए अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर खेद भी जताया है। इसी के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा जर्मनी की रक्षा मंत्री क्रिस्टीन लैंब्रेख्त को भेज दिया और खुद को ड्यूटी से तत्काल बर्खास्त करने की मांग रख दी। नौसेना प्रमुख ने बताया कि उनकी इस मांग को रक्षा मंत्री ने मान भी लिया है।

भारत में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था जर्मनी की नीति के उलट बयान

शॉनबाख जर्मन नौसेना प्रमुख के तौर पर शुक्रवार को नई दिल्ली में मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस में रखे गए एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां उन्होंने यूक्रेन संकट पर जर्मनी और यूरोप के रुख से इतर जाते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तारीफ की थी। उनके बयान का जो वीडियो यूट्यूब पर वायरल हुआ था, उसमें श्योनबाख यह भी कहते सुने गए थे कि रूस एक पुराना और अहम देश है।

इतना ही नहीं अपने बयान में जर्मनी के नौसेना प्रमुख ने कहा था कि यूक्रेन में रूस की कार्रवाई से सख्ती से निपटना चाहिए। हालांकि, उन्होंने क्रीमिया पर पश्चिमी देशों की नीति के खिलाफ जाते हुए यह भी कह दिया था कि रूस द्वारा कब्जाए गए क्रीमिया प्रायद्वीप का मामला अब हाथ से निकल चुका है। उन्होंने कहा था, “वह (क्रीमिया) जा चुका है और अब कभी वापस नहीं आएगा। ये एक तथ्य है।”

क्रीमिया और यूक्रेन संकट पर ये है यूरोप-अमेरिका का रुख

गौरतलब है कि जर्मन नौसेना प्रमुख का क्रीमिया पर दिया बयान सीधे तौर पर यूरोप-अमेरिका के रुख के उलट है। वॉशिंगटन और पश्चिमी देशों का कहना है मॉस्को ने 2014 में यूक्रेन पर हमला कर क्रीमिया प्रायद्वीप पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया था। इसलिए क्रीमिया को यूक्रेन को लौटाया जाना चाहिए।

इसके अलावा यूक्रेन संकट को लेकर भी अमेरिका-यूरोप अपना रुख साफ कर चुके हैं। दोनों ने ही रूस पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन पर हमला करने के लिए साजिश रच रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन तो यहां तक कह चुके हैं कि व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर कब्जा कर उसे एक बार फिर सोवियत संघ के दौर का रूप देना चाहते हैं।

तानाशाहों और हत्यारों को पैसा दे रहा है चीन : जर्मन नौसेना प्रमुख

जर्मनी नौसेना के प्रमुख वाइस एडमिरल के एचिम शॉनबाख ने कहा है कि चीन दुनिया के तानाशाहों और हत्यारों को पैसा दे रहा है ताकि वो अपने देश के संसाधन चीन के हवाले कर दें। शॉनबाख भारत यात्रा पर हैं और यहां मनोहर परिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान शुक्रवार को उन्होंने यह बात कही। चीन को एक आधिपत्यवादी ताकत करार देते हुए उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने के लिए पैसे और ताकत का इस्तेमाल कर रहा है। वह कुछ देशों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रहा है और इन देशों के साथ निपटने में छिपे एजेंडे से काम कर रहा है।

चीन द्वारा तकनीक की चोरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने जर्मनी की कूका रोबोटिक्स की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस कंपनी का एक निजी चीनी कंपनी ने अधिग्रहण कर लिया और इस तरह से पूरी तकनीक चीन के पास चली गई और चीन इसके बदले किसी को कोई भुगतान भी नहीं कर रहा।

बयान को लेकर फंसे

हालांकि शॉनबाख के इस बयान को लेकर जर्मनी में विवाद हो गया है। शनिवार को वाइस एडमिरल शॉनबाख से जर्मन रक्षा मंत्रालय ने उनकी टिप्पणी को लेकर जवाब मांगा। जर्मनी के बाइल्ड समाचार पत्र ने लिखा है कि शॉनबाख की टिप्पणी जर्मन सरकार का आधिकारित रुख नहीं है। शॉनबाख को इस टिप्पणी को लेकर इंस्पेक्टर जनरल के सामने सफाई देने का मौका दिया गया है। दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास ने भी इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

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न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कोविड प्रतिबंधों को और सख्त करते हुए अपनी शादी की रद्द

Date : 23-Jan-2022

वेलिंगटन (एजेंसी)। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कोविड प्रतिबंधों को और सख्त करते हुए अपनी शादी रद्द कर दी है। रविवार (23 जनवरी) को उनकी शादी होनी थी लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए खुद की शादी रद्द कर लोगों को कोरोना से सावधान रहने के लिए प्ररित किया है। कड़े प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने फिलहाल अपनी शादी रद्द कर दी है। नए प्रतिबंधो में शादी जैसे समारोहों में पूरी तरह से टीकाकृत लोगों को ही शामिल होने की अनुमति रहेगी। उन्होंने कड़े प्रतिबंधों पर खेद जताते हुए कहा कि मैं भी न्यूजीलैंड के आम लोगों में शामिल हूं, जिन्हें महामारी के बाद ऐसा अनुभव हो रहा है और जो भी इस परिदृश्य में फंस गया है। इसका मुझे बहुत खेद है।

दरअसल, न्यूजीलैंड में एक शादी समारोह के बाद ओमिक्रॉन के 9 मामले सामने आए थे। जिससे लोगों में दहशत फैल गई और इसके बाद से यहां कम्युनिटी स्प्रेड का खतरा बढ़ गया है। वहीं यहां एक परिवार ऑकलैंड से शादी समारोह में शामिल होकर प्लेन से साउथ आइसलैंड लौटा था। इसके बाद दो सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद न्यूजीलैंड में प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया गया और प्रधानमंत्री ने अपनी शादी रद्द कर दीं।

इस शख्स से होने वाली थी शादी

अर्डर्न और उनके लंबे समय से साथी रहे क्लार्क गेफार्ड ने कभी भी अपनी शादी की तारीख की घोषणा नहीं की थी। लेकिन अब कोरोना के चलते उन्होंने शादी रद्द कर दी है। हालांकि कोरोना के मामले कम होने के बाद दोनों एक बार फिर से नई तारीख का एलान कर सकते हैं।

2017 में दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी थीं
 

साल 2017 में सबसे कम उम्र की न्यूजीलैंड की पीएम बनी थीं। पिछले साल अक्तूबर में उन्होंने सत्ता में फिर वापसी की थी। उन्होंने अपनी लेबर पार्टी को आधी सदी में सबसे बड़ी चुनावी जीत दिलाई। उनके काम के तरीके को न्यूजीलैंड में काफी सराहा जाता है।

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भारत और मॉरीशस के पीएम एक साथ कई प्रोजेक्ट्स का करेंगे उद्घाटन

Date : 20-Jan-2022

पोर्ट लुइस (एजेंसी)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मॉरीशस समकक्ष प्रविंद कुमार जगन्नाथ आज यानी 20 जनवरी को एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान मॉरीशस में संयुक्त रूप से भारत-सहायता प्राप्त सामाजिक आवास परियोजना का उद्घाटन करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि दोनों नेता मॉरीशस में सिविल सर्विस कॉलेज और 8 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे, जिसे भारत के समर्थन के साथ शुरू किया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भारत से मॉरीशस को 190 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट देने और छोटी विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया जाएगा।

मॉरीशस भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और नई दिल्ली ने अफ्रीकी द्वीप राष्ट्र में परियोजनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए समर्थन दिया है। भारत ने भी टीके और चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करके कोरोना महामारी के शुरुआती चरणों में मॉरीशस का समर्थन किया।

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हर व्यक्ति का टीकाकरण नहीं हुआ तो आते रहेंगे नए वैरिएंट, ठप होता रहेगा जीवन : एंतोनियो गुतेरस

Date : 18-Jan-2022

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने विश्व नेताओं से 2022 को सुधार का सही अवसर बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी का सामना समानता और निष्पक्षता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने चेताया कि जब तक हम दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण करने में विफल रहेंगे, इसके कोरोना के नए वैरिएंट आते रहेंगे। ये वैरिएंट लोगों के जीवन और अर्थव्यवस्थाओं को ठप करते रहेंगे।

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 2022 की बैठक के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए गुतेरस ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में एक साधारण लेकिन कटु सत्य का प्रदर्शन किया है कि यदि हम किसी को पीछे छोड़ते हैं तो हम सभी को पीछे छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2022 को सुधार का असली वर्ष बनाने के लिए महामारी से मुकाबले के लिए मिलकर खड़े होने का आह्वान किया है।

विश्व आर्थिक मंच की यह बैठक कोरोना महामारी के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के साए में हो रही है। इसके कारण दुनियाभर के लोगों, अर्थव्यवस्थाओं व इस ग्रह को मुश्किल दौर का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में गुतेरस ने अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर वैश्विक कारोबारियों से आग्रह किया कि हमें रिकवरी व आर्थिक सुधार के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कोविड महामारी से मुकाबला समानता व निष्पक्षता से किया जाए। यह महामारी पूरी दुनिया में बीते दो सालों से सिर उठाए हुए है और इससे 30.40 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं तथा 54 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

यूएन महासचिव ने भड़कते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि उच्च आय वाले देशों में टीकाकरण की दरें अफ्रीकी देशों की तुलना में सात गुना ज्यादा हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि हम प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण करने में विफल रहे तो नए-नए वैरिएंट आते रहेंगे और लोगों का दैनिक जीवन व अर्थव्यवस्थाओं को ठप करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि कोरोना का नवीनतम वैरिएंट ओमिक्रॉन धीमी गति से पूरी दुनिया में फैल रहा है और संक्रमण दर बढ़ा रहा है। इससे देशों के स्वास्थ्य तंत्र पर बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के पिछले साल के अंत तक सभी देशों के 40 फीसदी लोगों को और इस साल के मध्य तक 70 फीसदी लोगों को टीका लगाने के लक्ष्य के आसपास भी हम नहीं पहुंच सके हैं।

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अमेरिका में नए कोरोना मरीजों की संख्या ने तोडा रिकॉर्ड, एक दिन में मिले 11 लाख नए मरीज

Date : 11-Jan-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। ओमिक्रॉन वैरिएंट को भले कम घातक बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिका में नए कोरोना मरीजों की संख्या नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। सोमवार को देश में 11 लाख से ज्यादा मरीज मिले हैं। वहीं अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या भी अब तक की सर्वाधिक हो गई है।

अमेरिका में इससे पहले 3 जनवरी को 10 लाख 3 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले थे। बढ़ते मरीजों से पता चलता है कि अमेरिका में तेजी से फैलने वाला ओमिक्रॉन कहर बरपा रहा है। चिंताजनक वैरिएंट माने गए ओमिक्रॉन ने अमेरिका के अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा दी है। पिछले साल जनवरी में यह संख्या 1,32,051 के मुकाबले बीत तीन सप्ताहों में यह संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को अमेरिका में कुल कोविड-19 मामले 6 करोड़ तक पहुंच गए। देश में जनवरी 2020 के बाद से अब तक 8,37,594 मौतें भी हो चुकी हैं।

अस्पतालों में स्टॉफ की कमी, रोकी सर्जरी

बेहद संक्रामक ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण कोविड रोगियों के भर्ती तेजी से बढ़ रही है इसलिए अमेरिका के कई अस्पतालों ने अन्य रोगियों की सर्जरी रोक दी है। आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में प्रति 10 लाख लोगों पर 2130 से ज्यादा मरीज रोज संक्रमित मिल रहे हैं। इसके साथ ही वह महामारी को लेकर ब्रिटेन की राह पर आगे बढ़ रहा है।

उधर, फ्रांस में कोविड-19 मामलों में चिंताजनक वृद्धि जारी है। वहां के हालात ब्रिटेन जैसे हैं। सात दिनों के औसत के अनुसार फ्रांस में प्रति 10 लाख लोगों पर करीब 4,000 दैनिक मामले सामने आए हैं।

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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के अपार्टमेंट में लगी आग से 19 लोगों की मौत, मृतकों में 9 बच्चे भी शामिल

Date : 10-Jan-2022

न्यूयॉर्क (एजेसीं)। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के एक अपार्टमेंट में रविवार को भीषण आग लगने से 19 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 9 बच्चे शामिल हैं। आग में 32 लोग झुलस गए हैं। उनमें से 9 की हालत गंभीर बताई गई है।

घटना शहर के ब्रॉक्स बॉरो इलाके में हुई। 19 मंजिला बहुमंजिला इमारत में लगी आग में 22 अन्य लोग मामूली घायल हुए हैं। न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रविवार को हुई इस घटना में हमने 19 लोगों को खो दिया। यह दुखद घटना है। मृत लोगों के लिए मेरे साथ प्रार्थना कीजिए, खासकर नौ मासूम बच्चों के लिए। उन्होंने न्यूयॉर्क शहर के अग्नि शमन विभाग को आग पर तेजी से काबू पाने के लिए धन्यवाद दिया।

दूसरी व तीसरी मंजिल के डुप्लेक्स में लगी आग

अग्निशमन विभाग के प्रमुख डेनियल नीग्रो भी मेयर एडम्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि आग अपार्टमेंट की दूसरी और तीसरी मंजिल पर एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट में लगी। अपार्टमेंट का दरवाजा खुला छोड़ दिया गया था, जिससे आग और धुआं 19 मंजिला इमारत में तेजी से फैल या।
नीग्रो ने कहा कि यह दुखद घटना है। एक डुप्लेक्स अपार्टमेंट में सूचना मिलते ही तीन अग्नि शमन वाहन मात्र तीन मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए थे। पूरी इमारत में धुआं भर गया था। हताहतों को निकालने के लिए भारी मशक्कत करना पड़ी। कई लोगों की झुलसने से तो कई की दम घुटने से मौत हो गई।

मेयर ने कहा कि आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है। पीड़ितों के साथ पूरा शहर है। उनकी पूरी मदद की जाएगी। यह घटना बहुत ही त्रासदीपूर्ण व दर्दनाक है। हाल के दिनों की आग की यह बड़ी घटनाओं में से एक है।

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अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने रूस को यूक्रेन को लेकर दी चेतावनी

Date : 10-Jan-2022

वाशिंगटन (एजेसीं)। अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन ने रूस को नयी जोरदार चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रूस, यूक्रेन पर हमला करने की दिशा में आगे बढ़ता है तो उस पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने यूरोप में अमेरिका की भविष्य की रणनीति की स्थिति के बारे में निर्णयों में लगातार बदलाव की संभावना जताई है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर रूस यूक्रेन में हस्तक्षेप करता है तो उसे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन यूक्रेन में भविष्य में मिसाइलों की संभावित तैनाती को कम करने और पूर्वी यूरोप में अमेरिका और नाटो के सैन्य अभ्यासों को सीमित करने पर रूस के साथ चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि रूस को यूक्रेन में हस्तक्षेप करने पर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना होगा। इनमें रूसी संस्थाओं पर प्रत्यक्ष प्रतिबंधों के अलावा अमेरिका से रूस को निर्यात किए जाने वाले उत्पादों और विदेश निर्मित उत्पादों पर महत्वपूर्ण प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं जो संभावित रूप से अमेरिकी क्षेत्राधिकार में आते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब यूक्रेन को लेकर बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को स्विट्जरलैंड में वरिष्ठ अमेरिकी और रूसी अधिकारियों की बैठक होनी है।

अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका उन वार्ताओं में अपने यूरोपीय सुरक्षा रुख के कुछ सीमित पहलुओं पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस बात की कोई संभावना नहीं है कि रूस की मांग के अनुरूप अमेरिका पूर्वी यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति या हथियारों को कम करेगा।

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