International

Previous123456789...3031Next

ब्राजील में विमान दुर्घटना में 4 खिलाड़ी और फुटबॉल क्लब पालमास के प्रेसिडेंट की मौत

Date : 25-Jan-2021

रियो-डी-जेनेरो (एजेंसी)। ब्राजील में एक लोकल मैच से पहले विमान दुर्घटना में 4 खिलाड़ी और फुटबॉल क्लब पालमास के प्रेसिडेंट की मौत हो गई। यह घटना रविवार को हुई। क्लब ने बताया कि, क्लब के प्रेसिडेंट लुकास मीरा और 4 खिलाड़ी- लुकास पै्रक्सिडेस, गुइलहेम नोए, रानूल और मार्कस मोलिनारी की तब मौत हो गई, जब ब्राजील के उत्तरी शहर पलमास के पास उनका विमान टोकेनटेंस एयरफील्ड पर टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया। प्राप्त खबर के अनुसार, विमान के पायलट की भी इस दुर्घटना में मौत हो गई।

विमान विला नोवा के खिलाफ सोमवार को खेले जाने वाले कोपा वर्डे मैच के लिए लगभग 800 किमी दूर, गोयनिया शहर के लिए उड़ान भर रहा था। स्थानीय मीडिया ने बताया कि ये खिलाड़ी और क्लब के प्रेसिडेंट टीम से अलग यात्रा कर रहे थे, क्योंकि वे कोविड-19 परीक्षण में पहले पॉजिटिव पाए गए थे और क्वारंटीन में थे। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान दो इंजन वाला बैरॉन मॉडल विमान था, जिसमें दुर्घटना के बाद आग लग गई। अधिकारियों ने कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

बता दें कि, 5 साल पहले कोलंबिया में इसी तरह की विमान दुर्घटना में 19 खिलाड़ियों की मौत हो गई थी। एक अन्य घटना में 2014 में, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय और ब्राजील के स्ट्राइकर फर्नांडो की ब्राजील में ही एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

View More...

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सीनेट में 8 फरवरी से महाभियोग की होगी सुनवाई

Date : 23-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सीनेट में आठ फरवरी से महाभियोग की सुनवाई शुरू होगी। सीनेट में बहुमत के नेता चक शूमर ने यह जानकारी दी।

शूमर ने सीनेट में कहा, `` छह जनवरी को कैपिटल (ससंद भवन) में हुआ राज द्रोह, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने उकसाया,उसे हम में से कोई कभी नहीं भूल सकता है। हमारे देश के इतिहास के इस डरावने पन्ने को हम सभी पीछे छोड़ना चाहते हैं। लेकिन दुख की भरपाई और एकता तभी बहाल हो सकती है, जब सच्चाई और जिम्मेदारी से काम हो और इस मुकदमे से यही हासिल होगा।``

रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 100 सदस्यों वाले सीनेट में 50-50 सीटें हैं। हालांकि सीनेट की अध्यक्ष के तौर पर उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के पास महत्वपूर्ण वोट है, जिससे इस सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत में है। वहीं सीनेट में अल्पमत के नेता मिच मैककॉनेल ने कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया अप्रत्याशित तौर पर तेजी से शुरू हो रही हैं। रिपब्लकिन नेता ने 11 फरवरी से महाभियोग की सुनवाई शुरू करने की सलाह दी थी। हालांकि इस तारीख पर सत्तारूढ़ डेमोक्रेट सहमत नहीं हुए।

View More...

दोहरे आत्मघाती हमलों से दहल उठी बगदाद, अब तक 32 की मौत, 100 से अधिक लोग घायल

Date : 22-Jan-2021

बगदाद (एजेंसी)। इराक की राजधानी बगदाद गुरुवार को दोहरे आत्मघाती हमलों से दहल उठी। मध्य बगदाद में हुए इन धमाकों की वजह से अब तक 32 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन धमाकों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। बीते तीन साल में शहर पर यह सबसे खतरनाक हमला है। यह धमाका ऐसे वक्त में हुआ है जब इराक में संसदीय चुनाव होने वाले हैं। साल 2018 में भी चुनाव से कुछ महीनों पहले ही धमाका हुआ था।

00 कपड़ा मार्केट में धमाका
इराक की राजधानी के टायेरान स्क्वेयर पर सेकंड हैंड कपड़ों के मार्केट में यह धमाका हुआ, जिसमें 32 लोग मारे गए 100 से अधिक लोग घायल हो गए। इराक के गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, पहला आत्मघाती हमलावर खुद को बीमार बताकर मार्केट में घुस गया। उसके आसपास जब लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई तो उसने खुद को उड़ा लिया। इस हमले के बाद लोग पीड़ितों के चारों तरफ खड़े थे उतने में ही दूसरे हमलावर ने भी खुद को उड़ा लिया।

00 2018 के बाद सबसे घातक हमला
मौके पर मौजूद एक फोटोग्राफर ने बताया कि सुरक्षाबलों ने इलाके को खाली करा लिया है। हमले के बाद यहां खून के धब्बों से भरे कपड़े सड़कों पर बिखरे पड़े हैं। गुरुवार को हुआ हमला साल 2018 के बाद से अब तक का सबसे घातक हमला है। उस समय भी टायेरान स्क्वेयर पर ही हमला हुआ था जिसमें 30 लोगों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कधेमी ने पहले चुनाव को एक साल पहले करवाने का फैसला किया था। यह इसी साल जून में होने थे लेकिन इसके बाद चर्चा-विमर्श करने पर तय किया गया कि चुनाव अक्टूबर में होंगे। सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि मतदाताओं नई पार्टियों को पंजीकृत करने के लिए अधिकारियों को अधिक समय देने के लिए वोटिंग जून से अक्तूबर के बीच पुनर्निर्धारित की जाएगी।

00 शिया मुस्लिम थे लक्ष्य
जानकारी के मुताबिक इस हमले का लक्ष्य शिया मुस्लिम थे। आईएस सुन्नी मुसलमानों का ग्रुप है। आईएस ने इस हमले के कई घंटे बाद मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अपने अकाउंट के ज़रिए इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। 2017 में इस क्षेत्र में सेना से हारने के बाद आईएस की तरफ से बहुत कम आत्मघाती हमले हुए हैं। कभी पूर्वी इराक से पश्चिमी सीरिया तक के क़रीब 88,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट का नियंत्रित था। वो लगभग 80 लाख लोगों पर अपना क्रूर शासन चलाता था। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने अगस्त 2020 में अनुमान लगाया था कि 10 हज़ार से अधिक आईएस लड़ाके आज भी इराक़-सीरिया में सक्रिय हैं।

View More...

पद से इस्तीफा देने के बाद जाने कहाँ हैं इन दिनों डोनाल्ड ट्रंप ट्रम्प

Date : 22-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहां रहेंगे, इसको लेकर काफी चर्चा चल रही थी। आखिरकार ट्रंप बुधवार को वॉशिंगटन से निकलकर फ्लोरिडा में पाम बीच रिसॉर्ट मार-अ-लागो पहुंच गए।

फिलहाल राष्ट्रपति रिसॉर्ट होम में ही रहेंगे। मार-अ-लागो फ्लोरिडा की एक ऐतिहासिक जगह है। इसका निर्माण 1927 में हुआ था। इसमें 126 कमरे हैं। मार-अ-लागो के एक हिस्से में मार-अ-लागो क्लब है, जिसमें मेंबरशिप के आधार पर एन्ट्री मिलती है। डोनाल्ड ट्रंप ने 1985 में मार-अ-लागो को करीब 73 करोड़ रुपये में खरीदा था।

View More...

इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते ने सीनेट में विश्वासमत जीता, गठबंधन का मिला भरपूर सहयोग

Date : 21-Jan-2021

रोम (एजेंसी)। इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते सीनेट में विश्वासमत जीतकर अपनी सरकार को बचाने में कामयाब रहे। विश्वासमत जीतने में उन्हें गठबंधन का भरपूर सहयोग मिला। कोंते के पक्ष में 140 वोट पड़े और 16 सांसद गैर हाजिर रहे। कोंते के पक्ष में वोट डालने वालों में पूर्व प्रधानमंत्री सिलवियो बर्लुस्कोनी के नेतृत्व वाली मध्य-दक्षिणपंथी विचारधारा की पार्टी के दो बागी सांसद भी थे।

सीनेट में पूर्ण बहुमत का आंकड़ा 161 है। इसलिए देश की बदहाल अर्थव्यवस्था में मदद के लिए किसी भी अहम कानून को संसद में पारित कराने के लिए कोंते को गठबंधन से बाहर सहयोग लेना होगा। सीनेट में अपनी जीत पर कोंते ने कहा, अब इस बहुमत को और मजबूत बनाना होगा। हमें एक मिनट भी नहीं गंवाना होगा। स्वास्थ्य आपात स्थिति और अर्थव्यवस्था के संकट से उबरने के लिए काम शुरू करना होगा। कोंते अगर ऊपरी सदन में विश्वासमत हार जाते तो उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ता।

View More...

सत्ता में आते ही जो बाइडेन ने लिया फैसला, 1.1 करोड़ प्रवासियों को देंगे नागरिकता

Date : 21-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के 46वें राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने् बुधवार को अमेरिका की सत्‍ता संभाल ली है। सत्ता संभालते ही वो तगड़े ऐक्शन मोड में आ गए हैं। बाइडेन ने कुर्सी संभालते ही एक के बाद करके तेजी से फैसले लिए हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेशों पर हस्‍ताक्षर करके अपने उनके कई फैसलों को पलट दिया है। इसी बीच बाइडेन ने भारत वासियों के लिए एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है। बाइडेन ने अमेरिका के प्रवासियों को राहत देने वाले एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्‍ताक्षर किया है। आपको बता दें कि इस आदेश से 1.1 करोड़ ऐसे प्रवासियों को फायदा होगा जिनके पास कोई कानूनी दस्‍तावेज नहीं है इन प्रवासियों में से लगभग 5 लाख लोग भारतीय हैं।

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शपथ लेने के बाद सबसे पहले अमेरिकी आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह से बदल देने की शुरुआत कर दी है। उन्‍होंने अपने आदेशों के तहत पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई ऐसे दस्‍तावेजों पर हस्‍ताक्षर किए जो अमेरिका की आव्रजन नीतियों को बदलने वाले हैं। जो बाइडेन ने अमेरिकी कांग्रेस से अनुरोध किया है कि वह 1.1 करोड़ अवैध प्रवासियों को अमेरिका का स्‍थायी दर्जा उन्‍हें नागरिकता का रास्‍ता तय करने के लिए कानून बनाए। आपको बता दें कि इसमें से लगभग 5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं जिनके पास अमेरिका की नागरिकता नहीं है उनके पास कोई भी कानूनी दस्तावेज नहीं है।

00 एक करोड़ से भी ज्यादा अवैध प्रवासियों को वैध बनाने का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सत्‍ता संभालने से पहले कहा था कि वह इस नुकसान की भरपाई करेंगे। आपको बता दें कि इस विधेयक के तहत एक जनवरी 2021 तक अमेरिका में बिना किसी कानूनी दर्जे के रह रहे लोगों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। यदि वे अपने डॉक्यूमेंट्स अमेरिका को जमा करते हैं साथ ही अमेरिका की अन्य बुनियादी अनिवार्यताएं पूरी करते हैं, तो उनके लिए 5 साल के अस्थायी कानूनी दर्जे का मार्ग प्रशस्त होगा या फिर उन्हें ग्रीन कार्ड दे दिया जाएगा। इस काम के बाद ऐसे लोगों को 3 सालों के लिए अमेरिका की नागरिकता मिल सकती है। अमेरिकी सीनेटर बॉब मेनेडेज लिंडा सांचेज कांग्रेस में पेश किए जाने वाले इस विधेयक को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।

00 अमेरिका की सेना सशक्त है, हर चुनौती के लिए तैयार है : जो बाइडेन
बाइडन ने आगे कहा कि, मैं जिन कार्यकारी आदेशों पर साइन करने जा रहा हूं वो कोरोना संकट से बदलाव लाने में मदद करेंगे। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि हम जलवायु परिवर्तन से इस तरह से निपटेंगे जैसा हमने पहले कभी नहीं किया। साथ ही सभी लोगों के साथ मिलकर एक जुट होकर काम करेंगे यह प्रयास करेंगे कि सभी समुदाय एक-दूसरे को समझें देश से नस्लभेद को खत्म करें। बाइडेन के इस आदेश के बाद अमेरिका में 100 दिनों के लिए मास्‍क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

00 घरेलू आतंकवाद को खत्म करने के लिए अमेरिकियों से की अपील
आपको बता दें कि जो बाइडन ने इससे पहले घरेलू आतंकवाद श्वेतों को श्रेष्ठ मानने वाली मानसिकता को हराने की लड़ाई में अमेरिका के सभी नागरिकों से शामिल होने का आह्वान किया। राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले भाषण में कहा कि आज `ये जीत किसी एक उम्मीदवार की जीत का नहीं बल्कि लोकतंत्र के मक़सद लोकतंत्र की जीत है जिसका हम लोग आज जश्न मना रहे हैं। देश के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद 78 वर्षीय बाइडन ने ना सिर्फ अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने का वादा किया बल्कि देश के लोगों से `सच की रक्षा करने झूठ को हराने का भी आह्वान किया।

View More...

सरकार के सामने आगे कई चुनौतियां होंगी और उन सबसे निपटना आसान नहीं होगा : कमला हैरिस

Date : 21-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने सोमवार को माना कि 20 जनवरी को जो बाइडन के अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के बाद सरकार के सामने आगे कई चुनौतियां होंगी और उन सबसे निपटना आसान नहीं होगा। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद व्हाइट हाउस में प्रवेश करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 महामारी के कारण चरमरा रही अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने की होगी।

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में 3,98,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। मार्टिन लूथर किंग जूनियर की जयंती पर मनाये जाने वाले डे ऑफ सर्विस’ के मौके पर सोमवार को एनाकोस्टिया में गैर सरकारी संगठन मार्थाज टेबल में आयोजित कार्यक्रम में हैरिस ने पत्रकारों से कहा, हमें बहुत सारा काम करना है। इन चुनौतियों से निपटना इतना आसान नहीं होगा। हर साल जनवरी के तीसरे सोमवार को मार्टिन लूथर किंग जूनियर की जयंती आयोजित की जाती है। मार्टिन लूथर किंग ने 1950 और 60 के दशक में अश्वेतों के अधिकारों के लिए अहिंसक प्रदर्शन किए थे। हैरिस ने कहा, हमने पहले भी चर्चा की है। जो (बाइडन) ने टीकाकरण, कामकाजी लोगों और परिवारों को राहत देने के लिए योजना बतायी है। बहुत कुछ करना है। कुछ लोग कहते हैं कि हमारा महात्वाकांक्षी लक्ष्य है। लेकिन हमारा मानना है कि कड़ी मेहनत और अमेरिकी संसद के सदस्यों की मदद से हम लोग इसे कर पाएंगे। उन्होंने कहा, मैं अमेरिका की अगली उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने का इंतजार कर रही हूं। मैं फख्र के साथ सिर बुलंद कर वहां जाऊंगी और शपथ ग्रहण में हिस्सा लूंगी।

कमला हैरिस और उनके पति डगलस एमहॉफ सोमवार को एनाकोस्टिया में ‘मार्थाज टेबल’ के कार्यक्रम में मौजूद थे। इस दौरान दंपति ने लोगों के लिए खाद्य सामग्री पैक किया। हैरिस ने कहा, हमलोग यहां सेवा कर रहे कार्यकर्ताओं की मदद के लिए आए हैं। ‘डे ऑफ सर्विस’ के मौके पर यहां जैक एंड जिल से कई स्कूली छात्र आए हैं। इस दिन हम लोग डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके योगदान को याद करते हैं।

View More...

जो बाइडन राष्ट्रपति और कमला हैरिस उपराष्ट्रपति की ली शपथ

Date : 21-Jan-2021

अमेरिका (एजेंसी)। डेमोक्रेट जोसेफ आर बाइडेन जूनियर यानी जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बन गए। वे 78 साल के हैं। कमला हैरिस ने बुधवार रात अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। 56 साल की कमला हैरिस ने इसी के साथ इतिहास रच दिया। वे पहली महिला, अश्वेत और भारतवंशी उपराष्ट्रपति होंगी।

इनॉगरल स्पीच में बोले बाइडेन- उस प्रेसिडेंट को भी सलाम, जो यहां नहीं आए

बाइडेन ने अपनी इनॉगरल स्पीच में कहा, ‘यह अमेरिका का दिन है। यह लोकतंत्र का दिन है। यह उम्मीदों का दिन है। आज हम किसी उम्मीदवार का जश्न मनाने नहीं जुटे हैं, हम लोकतंत्र के लिए जुटे हैं। हमने एक बार फिर सीखा है कि लोकतंत्र बेशकीमती है और नाजुक भी है, लेकिन लोकतंत्र यहां कायम है।’

वो बोले, ‘कुछ दिन पहले ही यहां पर हुई हिंसा ने कैपिटल की बुनियाद को हिला दिया था, जबकि दो सौ साल से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हो रहा था। मैं दोनों दलों के पूर्व राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। उस प्रेसिडेंट को भी सलाम, जो यहां नहीं आए, लेकिन उन्हें अमेरिका की सेवा करने का मौका मिला।’

उन्होंने कहा, ‘हम अच्छे लोग हैं। हमें अब भी लंबा रास्ता तय करना है। हमें बहुत कुछ करना है। हमें बहुत कुछ बनाना है, बहुत कुछ हासिल करना है। अभी जैसा मुश्किल वक्त है, वैसा अमेरिकियों ने पहले नहीं देखा। ऐसा वर्ल्ड वॉर-2 में भी नहीं हुआ। लाखों नाैकरियां चली गईं। लाखों कारोबार बंद हो गए। चरमपंथ, व्हाइट सुप्रीमेसी, आतंकवाद जैसी चीजों को हम शिकस्त देंगे। अमेरिका का भविष्य तय करने के लिए शब्दों से भी आगे जाकर बहुत कुछ करने की जरूरत होती है। एकजुट रहना, एकता बनाए रखना जरूरी है।’

बाइडेन बोले, ‘पूरे अमेरिका को एकजुट रखना ही मेरी आत्मा की कोशिश है। मैं हर अमेरिकी इस मकसद से जुड़ने की अपील करता हूं। गुस्सा, नफरत, चरमपंथ, हिंसा, नाउम्मीदी को हम एकजुट होकर हरा सकते हैं। हम इस वायरस से भी उबर सकते हैं। हम इंसाफ को कायम रख सकते हैं। हो सकता है कि जब मैं यूनिटी की बात कर रहा हूं तो यह कुछ लोगों को मूर्खता लगे, लेकिन अमेरिका लगातार भाई-भतीजावाद, नस्लवाद से जूझता रहा है। जीत हमेशा पक्की नहीं होती। हमने 9/11 देखा। लंबा संघर्ष देखा।’

US प्रेसिडेंट ने कहा, ‘इतिहास बताता है कि एकता ही कायम रखनी चाहिए। हम एक-दूसरे का सम्मान करें। एकता के बिना अमन नहीं आएगा। इसके बिना तरक्की नहीं होगी। देश नहीं बचेगा, सिर्फ अराजकता होगी। हम संकट में हैं। हमारे सामने चुनौती है। यह मोमेंट यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका है। इसे मानेंगे तो हम कभी नाकाम नहीं होंगे। इसलिए आज इस वक्त, इस जगह पर आइए हम नए सिरे से शुरू करेंगे। आइए हम एक-दूसरे की बात सुनें। एक-दूसरे का सम्मान करें। हर असहमति के लिए जरूरी नहीं कि जंग ही छेड़ दी जाए। तथ्यों को तोड़ना-मोड़ना या अपने हिसाब से गढ़ना जरूरी नहीं है। अमेरिका जो अभी है, उससे भी बेहतर हो सकता है। 108 साल पहले हजारों महिला प्रदर्शनकारियों ने यहीं अाकर राइट टू वोट मांगा था। आज यहां पर कमला हैरिस के तौर पर पहली महिला उपराष्ट्रपति हैं।’

View More...

डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस को कहा अलविदा, देश को सुरक्षित रखने और समृद्ध बनाने में राष्ट्रपति जो बाइडन को दी शुभाकामनाएं

Date : 20-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को सुरक्षित रखने और समृद्ध बनाने में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के सफल रहने की प्रार्थना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी लोगों को अपने साझा मूल्यों के प्रति एकजुट होना चाहिए और पक्षपातपूर्ण नफरत की भावना से ऊपर उठना चाहिए। ट्रंप का यह विदाई भाषण व्हाइट हाउस ने मंगलवार को जारी किया। बाइडन आज यानी बुधवार को राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति पद पर सेवाएं देना एक ऐसा सम्मान है जिसकी व्याख्या नहीं की जा सकती।

00 राष्ट्रपति बनाने के लिए `शुक्रिया` कहा
ट्रंप ने कहा,`इस अभूतपूर्व विशेषाधिकार के लिए आपका शुक्रिया। यह वास्तव में यही है- एक विशेषाधिकार और एक बड़ा सम्मान।` उन्होंने कहा,`इस सप्ताह हमने एक नए प्रशासन का आरंभ किया। अमेरिका को सुरक्षित रखने और समृद्ध बनाने के लिए उनकी (बाइडन की) सफलता की कामना करता हूं। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और चाहते हैं कि वे सौभाग्यशाली रहें।`

00 नफरत की भावना से ऊपर उठने की अपील की
ट्रंप ने 20 मिनट से कुछ कम वक्त के वीडियो में अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) पर अपने समर्थकों के छह जनवरी के हमले पर भी बात की। उन्होंने कहा, `हमारे कैपिटल पर हमले से सभी अमेरिकी आतंकित हो गए थे। यह उन सभी चीजों पर हमला है जिन पर एक अमेरिकी होने के नाते हम गौरव महसूस करते हैं। इसे कभी भी बर्दाशत नहीं किया जा सकता अब पहले से कहीं ज्यादा हमें अपने साझा मूल्यों के इर्द-गिर्द एकजुट होना चाहिए और पक्षपातपूर्ण नफरत की भावना से ऊपर उठना चाहिए।`

00 अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया
इस दौरान उन्होंने 20 जनवरी, 2017 से 20 जनवरी 2021 तक की अमेरिकी सरकार की अहम उपलब्धियों का जिक्र किया और कहा कि उनके प्रशासन ने किसी की सोच से भी कहीं ज्यादा हासिल किया।

00 जाते-जाते चीन को दे गए झटका, उइगर मुस्लिम के नरसंहार के लिए लगाया प्रतिबंध
डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता से जाते हुए भी चीन को करारा झटका दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के पश्चिमी शिनजियांग प्रांत में रहने वाले अल्पसंख्यक मुस्लिम के नरसंहार के लिए चीन पर प्रतिबंध लगाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि मुस्लिमों के प्रति नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिमों के प्रति चीन के नरसंहार के समान है, जिसके लिए अमेरिका ने चीन पर प्रतिबंध लगाया है।

View More...

जब बादलों की आगोश में खो गया क्रिकेट स्टेडियम...

Date : 18-Jan-2021

सिंध (एजेंसी)। पाकिस्तान की सड़कों पर आजादी आजादी के नारे लग रहे हैं, आंदोलन कर रहे लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर के साथ प्रदर्शन कर रहे है। प्रदर्शन कर रहे लोग अलग सिंधु देश बनाने की मांग कर रहे हैं। रविवार को लोग पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लोग दुनियाभर के कई नेताओं के पोस्टर के साथ सड़क पर आंदोलन करने के लिए उतरे। लोगों ने विश्व नेताओं से अलग सिंधु देश बनाने में मदद की मांग की।

पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने इस प्रदर्शन को कुचलने की भी कोशिश की। सुरक्षाबलों ने लोगों के घरों पर छापेमारी कर पोस्टर और बैनर भी जब्त कर लिए। राजनीतिक कार्यकर्ताओं से घरों में रहने को कहा गया। दरअसल आधुनिक सिंधी राष्ट्रवाद का संस्थापक माने जाने वाले जीएम सैयद की 117वीं जयंती थी। सुरक्षाबलों की सख्ती के बावजूद लोग जीएम सैयद की जयंती मनाने के लिए सड़कों पर उतरे।

इसी प्रदर्शन के दौरान लोगों न प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के पोस्टर लहराए और आजादी आजादी के नारे भी लगाए। अलग सिंधु देश के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सिंध सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक धर्म का मूल स्थान है। अंग्रेजी हुकूमत ने बंटवारे के दौरान जबरन इसे पाकिस्तान को सौंप दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम दुनिया भर के तमाम नेताओं से अपील करते हैं कि हमारी मांग को सुनें और पाकिस्तानी फांसीवाद से आजाद करवाएं।पाकिस्तान के सिंध में कई संगठन स्वतंत्र सिंधु राज्य की मांग उठाते रहे हैं।

00 पाकिस्तान में प्रदर्शन पर भारत सरकार ने क्या कहा?
भारत के सूत्रों के मुताबिक सरकार ने कहा कि पाकिस्तान में लोगों को बराबर का महत्व न मिलने के कारण कई इलाकों में ऐसे प्रदर्शन होते रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने कहा कि 1947 से अब तक पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर एक राष्ट्र बनाने की कोशिश कर रहा मगर वो आज तक ऐसा नहीं कर पाया। पाकिस्तान में पंजाब के प्रभाव की वजह से कभी बाकी लोगों को बराबर का महत्व नहीं मिला। ऐसे विरोध केवल सिंध हीं नहीं बल्कि बलूचिस्तान, पीओके, खाइबर पख्तूख्शाह में भी होते रहे हैं। ये साफ दिखाता है कि वहां के लोगों का भरोसा वहां की लोकल सरकारों से उठ चुका है और ये लोग जानते हैं कि सरकार पाकिस्तानी सेना के हाथों बिक चुकी है। ऐसे में उनको उम्मीद है अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाईडन या फिर इस क्षेत्र के मज़बूत नेता प्रधानमंत्री मोदी से।

View More...
Previous123456789...3031Next