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दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने किया सैन्याभ्यास

Date : 27-Sep-2022

सियोल (एजेंसी)। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर सोमवार को सैन्याभ्यास शुरू कर दिया है। दोनों देशों के बीच पांच वर्ष में यह इस तरह का पहला सैन्याभ्यास है। इससे एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने अभ्यास के संभावित जवाब में छोटी दूरी का बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण किया था।

उत्तर कोरिया आने वाले दिनों में और परीक्षण कर सकता है क्योंकि वह अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों को देश पर आक्रमण करने के अभ्यास के तौर पर देखता है और अकसर अपने प्रतिद्वंद्वियों पर हमला करने के लिए तैयार किए गए हथियारों का प्रदर्शन करता रहता है।

दक्षिण कोरिया की नौसेना के बयान में कहा गया है कि चार दिन के इस अभ्यास का मकसद उत्तर कोरिया के उकसावे का जवाब देने के लिए सहयोगियों के ठोस संकल्प को प्रकट करना और संयुक्त नौसैन्य अभ्यास की क्षमता में सुधार करना है। जबकि उत्तर कोरिया ने आगे भी एटमी परीक्षण की धमकी दी है।

विध्वंसक पोत व लड़ाकू जेट भी शामिल

इस अभ्यास में 20 से अधिक अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई नौसैन्य जहाज हिस्सा लेंगे। इनमें परमाणु ऊर्जा से संचालित विमान वाहक यूएसएस रोनाल्ड रीगन, एक यूएस क्रूजर और दक्षिण कोरियाई व अमेरिकी विध्वंसक पोत शामिल हैं। अभ्यास में दोनों देशों के लड़ाकू विमान व हेलिकॉप्टर भी शामिल होंगे।

यून का मीडिया पर अमेरिका से रिश्ते खराब करने का आरोप

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल ने देश की मीडिया पर अमेरिका के साथ सबंध खराब करने का आरोप लगाया। दरअसल, एक वीडियो में यून कथित तौर गत सप्ताह उनकी न्यूयॉर्क यात्रा पर अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों तथा राष्ट्रपति जो बाइडन का अपमान करते दिख रहे हैं। इस पर यून ने कहा कि मीडिया दक्षिण कोरिया की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा, खबरों के पीछे का ‘सत्य’ सामने आना चाहिए।

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शी जिनपिंग को नजरबंद करने का दावा! चीन में तख्तापलट की अटकलें शुरू

Date : 27-Sep-2022

बीजिंग (एजेंसी)। ‘चीन में तख्तापलट हुआ है, राष्ट्रपति शी जिनपिंग  को नजरबंद किया गया है और उन्हें पीपुल लिबरेशन आर्मी के पद से हटा दिया गया है…,’ यह अफवाहें शनिवार को इंटरनेट पर छाई रहीं. हजारों लोग न केवल इस बारे में पढ़ रहे थे, बल्कि प्रतिक्रिया भी दे रहे थे. इतना ही नहीं, ट्विटर पर भी #ChineCoup ट्रैंड कर रहा था. कई असत्यापित लोग दावा कर रहे थे कि चीन में सेना ने तख्तापलट कर दिया है. इस तख्तापलट की कथित रूप से योजना तब बनाई गई, जब शी जिनपिंग एससीओ समिट के लिए समरकंद में थे.

बताया जा रहा है कि यह अफवाह तब उड़ी जब चीन के पूर्व उप-सुरक्षा अधिकारी सुन लिजुन को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई. हालांकि, इस सजा को टाल दिया गया. जैसे ही इन खबरों ने सोशल मीडिया पर जोर पकड़ा, वैसे ही लोग यह भी पता लगाने लगे कि इन खबरों में आखिर कितनी सच्चाई है. इस खबर की पुष्टि न तो अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर रहा था और न ही चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से कोई बयान जारी हुआ था. इनके अलावा चीन के बारे में जानने वालों और विशेषज्ञों ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया. उनका कहना था कि इस बारे में कोई सबूत नहीं है कि चीन में तख्तापलट हुआ है और राष्ट्रपित शी जिनपिंग को नजरबंद किया गया है.

आखिर अफवाह उड़ी कैसे?

सवाल यह है कि आखिर यह अफवाहें उड़ीं कैसे? दरअसल, शनिवार को जब लोगों ने सोशल मीडिया देखा तो वे चौंक गए. कई असत्यापित लोगों ने सोशल मीडिया पर यह बात शेयर करनी शुरू कर दी कि चीन में तख्तापलट हो गया है. इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नजरबंद कर दिया गया है. ‘न्यू हाईलैंड विजन’ नाम के ट्विटर अकाउंट ने 22 सितंबर को लिखा कि चीन के पूर्व राष्ट्रपति हू जिनताओ और वे जियाबाओ ने पोलितब्यूरो स्टैंडिंग कमिटी के पूर्व सदस्य सॉन्ग पिंग को जिनपिंग के हाथ से सेंट्रल गार्ड ब्यूरो का नियंत्रण देने के लिए मना लिया था.

कहा जा रहा है कि जब जिनपिंग को इस बात का पता चला तो वह 16 सितंबर को समरकंद से वापस आ गए. उसके बाद उन्हें बीजिंग एयरपोर्ट से ही उठा लिया गया और नजरबंद कर दिया गया. हालांकि, ट्विटर अकाउंट पर यह भी दावा किया गया कि इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है. इस अफवाह को और तूल देने के लिए कई लोगों ने वीडियो शेयर किया. वीडियो में मिलिट्री का एक बड़ा समूह बीजिंग की तरफ मार्च कर रहा था. बताया जा रहा था कि यह मार्च 80 किमी लंबा था.

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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का राजकीय अंतिम संस्कार आज, पीएम मोदी होंगे शामिल

Date : 27-Sep-2022

टोक्यो (एजेंसी)। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का 27 सितंबर को राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार कार्यक्रम मे शामिल होने के लिए सोमवार को नरेंद्र मोदी जापान के टोक्यो के लिए रवाना हो गए। जिसके बाद टोक्यो के अकासाका पैलेस में अभिवादन का अवसर होगा।

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों समेत 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की उम्मीद है।

शिंजो आबे की ये प्रतीकात्मक अंतिम विदाई होगी। शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में 97 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 8 जुलाई को शिंजो आबे की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पारिवारिक तौर पर शिंजो आबे का अंतिम संस्कार 15 जुलाई को हुआ था। इस लिहाज से आबे का ये अंतिम संस्कार प्रतीकात्मक होगा।

गोली मारकर कर दी गई थी हत्या

शिंजो आंबे जापान के सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे थे। एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान शिंजो आबे की आठ जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 67 वर्षीय आंबे को हमलावर ने पीछे से गोली मारी थी। आबे को विमान से एक अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के प्रयास के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हमलावर को मौके से गिरफ्तार कर लिया था। उधर, दुनिया में सबसे सुरक्षित देशों में से एक जापान में इस तरह की घटना को विश्व को चौंका दिया था।

अंतिम संस्कार को लेकर विवाद 

इतिहासकार जुनिची मियामा ने कहा, ‘‘राजकीय अंतिम संस्कार लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।’’

आबे का राजकीय अंतिम संस्कार इसलिए किया जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा का कहना है कि आबे एक राजकीय अंतिम संस्कार के हकदार हैं क्योंकि वह जापान के आधुनिक राजनीतिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेता थे और उनकी राजनयिक, सुरक्षा और आर्थिक नीतियों के चलते जापान का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बढ़ा।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आबे के लिए राजकीय अंतिम संस्कार किशिदा के उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत वह आबे के रूढ़िवादी राजनीतिक धड़े से संबंधित सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के सांसदों को खुश करना चाहते हैं ताकि सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत बनी रहे।

​भारत से मिलती जुलती है परंपरा

जापान में शवों को जलाने से जुड़ी परंपरा है। एक अग्नि चेंबर में ताबूत को धीरे-धीरे खिसकते हुए परिजन देखते हैं और फिर घर चले जाते हैं। दो से तीन घंटे बाद परिजनों को सूचना देकर वापस बुलाया जाता है। परिजन चॉप स्टिक से हड्डियों को इकट्ठा करते हैं। इसमें भी कई परंपराएं हैं। कई जगहों पर एक हड्डी को दो लोग एक साथ अपनी-अपनी चॉप स्टिक से उठा कर कलश में रखते जाते हैं। वहीं कई जगहों पर एक हड्डी को चॉप स्टिक से चॉप स्टिक ट्रांसफर के जरिए कलश तक पहुंचाया जाता है। इसी कारण जापान में किसी खाने की चीज को दो लोग चॉपस्टिक से पकड़ें तो अच्छा नहीं माना जाता। सबसे पहले पैर और फिर सिर की हड्डी कलश में रखी जाती है।

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जियोर्जिया मेलोनी इटली की पहली महिला बनेंगी प्रधानमंत्री

Date : 27-Sep-2022

इटली (एजेंसी)। इटली के राष्ट्रीय चुनावों में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार दक्षिणपंथी नेतृत्व वाली सरकार बनने जा रही है वहां ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी ने जीत हासिल की है। अंतिम परिणामों के अनुसार ब्रदर्स पार्टी के जियोर्जिया मेलोनी, इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनेंगी।

अंतिम परिणामों के अनुसार केंद्र और दक्षिणपंथी गठबंधन ने संसदीय वोट का कुल 44 प्रतिशत हासिल किया, इसमें मेलोनी की ब्रदर्स ऑफ़ इटली पार्टी ने कुल 26 प्रतिशत वोट लिये। मातेओ साल्विनी की पार्टी को लगभग नौ प्रतिशत और पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की अधिक उदारवादी फोर्ज़ा इटालिया पार्टी को लगभग आठ प्रतिशत वोट मिले।

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कमला के दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा से पहले कोरियाई क्षेत्र में बढ़ गई सरगर्मी, किम जोंग ने सैन्य अभ्यास से पहले दागी मिसाइल

Date : 26-Sep-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाने वाली हैं। कमला के दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा से पहले कोरियाई क्षेत्र में सरगर्मी बढ़ गई है। उत्तर कोरिया ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति के दक्षिण कोरिया दौरे से पहले बैलिस्टिक मिसाइल दाग दी। तानाशाह किम जोंग उन के नेतृत्व वाले उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने पूर्वी समुद्र तट पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी।

उत्तर कोरिया की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल ऐसे समय में दागी गई है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास होना है। इस युद्धाभ्यास में अमेरिका का एक एयरक्राफ्ट कैरियर हिस्सा लेगा। दक्षिण कोरिया की सेना का दावा है कि उत्तर कोरिया की ओर से एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल सुबह 7 बजे के करीब उत्तरी प्योंगयान प्रांत के ताइचोन क्षेत्र के पास दागी गई थी।

जानकारी के मुताबिक दक्षिण कोरिया की सेना के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बयान जारी कर कहा है कि उत्तर कोरिया का मिसाइल फायर करना उकसावे की कार्रवाई है। यह कोरियाई प्रायद्वीप के साथ ही विश्व समुदाय की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा है। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ किम सिउंग क्यूम (Kim Seung-kyum) ने अमेरिकी सेना के कोरिया कमांडर पॉल लाकेमेरा के साथ बैठक ताजा हालात पर चर्चा की।

उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल फायर किए जाने के बाद दक्षिण कोरिया भी एक्टिव मोड में आ गया है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों ने इसे लेकर चर्चा की। अधिकारियों ने उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई का जवाब देने की तैयारियों पर चर्चा की और इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन बताया। उत्तर कोरिया के इस कदम को उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसकी निंदा की।

वहीं, इसे लेकर यूएस-इंडो पैसिफिक कमांड ने भी बयान जारी किया है। कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया और जापान की रक्षा के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध है। मिसाइल फायर को लेकर हम सहयोगियों के साथ चर्चा कर रहे हैं। कमांड की ओर से ये भी कहा गया है कि मिसाइल फायर की इस घटना से अमेरिकी कर्मचारियों या अमेरिकी क्षेत्र, सहयोगियों को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।

गौरतलब है कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया की सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास 26 से 29 सितंबर तक होना है। इस सैन्य अभ्यास के लिए परमाणु शक्ति से लैस अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Ronald Reagan दक्षिण कोरिया पहुंच गया है। ऐसे में उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल फायर किए जाने को उकसावे की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

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अमरीका में भारतीय समुदाय से केंद्रीय मंत्री जितेन्‍द्र सिंह ने की बातचीत

Date : 26-Sep-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि भारत विश्‍व में निवेश का तेजी से केंद्र बन रहा है और देश में निवेश करने का यह सर्वोत्‍तम समय है। उन्‍होंने आज न्‍यूयार्क में प्रवासी भारतीय समुदाय से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्ष के दौरान कारोबार के अनुकूल कई सुधार किए गए हैं। इनमें अनिवार्यताएं घटाई गई हैं और विगत समय से कराधान हटाया गया है तथा कंपनी कर प्रणाली को सरल बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विश्‍व बैंक के अनुसार कारोबार के अनुकूल माहौल की वरीयता में भारत का स्‍थान 2014 में 142 से वर्ष 2022 में 63 हो गया है।

डॉक्‍टर सिंह ने प्रवासी भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों को भारत के स्‍टार्टअप माहौल में आने और संभावनाएं तलाशने के लिए आमंत्रित किया। उन्‍होंने कहा कि देश में 77 हजार से अधिक स्‍टार्टअप और 105 यूनिकॉर्न हैं। उन्‍होंने कहा कि देश में फाइव-जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, सेमिकंडक्‍टर, ब्‍लोकचैन, स्‍वच्‍छ ऊर्जा और अंतरिक्ष अर्थव्‍यवस्‍था पर ध्‍यान केंद्रित है।

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संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस ने फिर एक बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के लिए भारत का किया समर्थन

Date : 26-Sep-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूस ने फिर एक बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने के लिए भारत का समर्थन किया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, "हम अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों के प्रतिनिधित्व के माध्यम से सुरक्षा परिषद को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने की संभावना देखते हैं। विशेष रूप से भारत और ब्राजील को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में जगह मिलनी चाहिए।''

इससे पहले 31 अन्य देशों के साथ भारत ने सुधारों पर एक संयुक्त बयान में कहा था कि स्थायी और गैर-स्थायी दोनों श्रेणियों में सुरक्षा परिषद का विस्तार होना चाहिए। साथ ही इसके काम करने के तरीकों में भी सुधार लाने की वकालत की गई थी। 

जो बाइडेन ने भी किया था समर्थन

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद  का स्थाई सदस्य बनाए जाने का समर्थन किया था। इस दौरान उन्होंने जापान और जर्मनी को भी स्थाई सदस्य बनाने की बात कही थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में संबोधन के दौरान भी उन्होंने सुरक्षा परिषद में सुधार की बात दोहराई थी। बाइडन ने कहा कि सुरक्षा परिषद को और समावेशी बनाया जाए, ताकि यह आज की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सके।

भारत को बनाया जाए स्थायी सदस्य : बाइडेन

वीटो को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विशेष अथवा विषम परिस्थितियों में ही होना चाहिए, ताकि सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता और प्रभाव बना रहे। बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम पहले भी यह मानते थे और आज भी इस बात को मानते हैं कि भारत, जापान और जर्मनी को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।

विदेश मंत्री ने ठोका दावा

वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत ने अपने संबोधन के दौरान UNSC में सुधार की वकालत की है। जयशंकर ने कहा कि भारत अधिक जिम्मेदारियां लेने के लिए तैयार है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के एक महत्वपूर्ण मामले पर गंभीर बातचीत हो। इसमें किसी भी देश को बाधा नहीं बनना चाहिए।

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इजरायल अब शांति प्रक्रिया में फिलिस्तीन का भागीदार नहीं : महमूद अब्बास

Date : 24-Sep-2022

संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)।  फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि इजरायल ने शांति प्रक्रिया में फिलीस्तीन का भागीदार नहीं बनने का फैसला किया है और उसके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा। श्री अब्बास ने कहा कि फिलिस्तीन देश अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होने के लिए भी परिग्रहण प्रक्रिया शुरू करेगा। श्री अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव से संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अरब शांति पहल के अनुरूप, क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता प्राप्त करने के लिए फिलिस्तीन की भूमि पर कब्जे को समाप्त करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय योजना के बारे में विस्तार से बताने का भी आह्वान किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस में अपने शुक्रवार के भाषण में श्री अब्बा स ने कहा, यह स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय वैधता के प्रस्तावों की अनदेखी कर रहे इजरायल ने शांति प्रक्रिया में हमारा भागीदार नहीं बनने का फैसला किया है। इजरायल ने ओस्लो समझौते को कमजोर कर दिया है जिसपर उसने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (पीलओ) के साथ हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी सोची समझी नीतियों के माध्यम से दो देशीय समाधान को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि इजरायल शांति में विश्वास नहीं करता है। यह बल और आक्रामकता से यथास्थिति लागू करने में विश्वास करता है।

श्री अब्बास ने कहा, इसलिए, हमारे पास अब कोई इजरायली साथी नहीं है जिससे हम बात कर सकें। इस प्रकार इजरायल हमारे साथ अपने अनुबंधात्मक संबंध को समाप्त कर रहा है।उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीन 1993 में इजरायल के साथ हुए समझौतों का सम्मान करने वाला एकमात्र पक्ष बने रहना स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने कहा कि इजरायल के लगातार उल्लंघन के कारण वे समझौते अब मान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा,इसलिए यह हमारा अधिकार है, बल्कि, हमारा दायित्व है कि हम अन्य साधनों की तलाश करें, अपने अधिकारों को पुनः प्राप्त करें और न्याय पर निर्मित शांति प्राप्त करें, जिसमें हमारे नेतृत्व, विशेष रूप से हमारी संसद द्वारा अपनाए गए प्रस्तावों को लागू करना शामिल है।

उन्होंने कहा, फिलिस्तीन शांति की ओर देख रहा है। आइए हम अपनी पीढ़ी और क्षेत्र के सभी लोगों के लाभ के लिए इस शांति को सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में रहने के वास्ते बनाएं।

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भारत ने इनोवेशन रोड-मैप ऑफ दी मिशन इंटीग्रेटेट बायो-रीफायनरीज़ के आरंभ की घोषणा की

Date : 24-Sep-2022

पिट्सबर्ग (एजेंसी)। डॉ. जितेन्द्र सिंह इस समय विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक उच्चस्तरीय संयुक्त भारतीय मंत्री स्तरीय प्रतिनिधमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अमेरिका के पेनसिल्वेनिया स्थित पिट्सबर्ग में आयोजित ग्लोबल क्लीन एनर्जी ऐक्शन फोरम (वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा कार्यवाही मंच) में ब्राजील, कनाडा, ईसी और यूके से मिले नतीजों और निष्कर्षों के आधार पर विकसित इनोवेशन रोड-मैप ऑफ दी मिशन इंटीग्रेटेट बायो-रीफायनरीज़ (मिशन आधारित जैव-परिशोधन की नवोन्मेषी रूपरेखा) की शुरूआत की घोषणा की।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मिशन का लक्ष्य सार्वजनिक-निजी निवेश के जरिये अगले पांच वर्षों के दौरान ऊर्जा अनुसंधान, विकास और कार्यप्रणाली (आरडी-एंड-डी) में वित्तपोषण बढाने के लिये अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करना है, ताकि इस लक्ष्य को पूरा करने की तथा सार्वजनिक व निजी निवेश के रचनात्मक चक्र की शुरूआत हो सके।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ग्लोबल क्लीन एनर्जी ऐक्शन फोरम में सस्टेनेबल बायो-एनर्जी एंड बायो-रीफायनरीज़ के पहली गोलमेज चर्चा में बोल रहे थे। यह फोरम सातवें मिशन इनोवेशन और 13वें क्लीन एनर्जी मिनिस्टीरियल-2022 का संयुक्त सम्मेलन है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इनोवेशन रोडमैप ऑफ दी मिशन इंटीग्रेटेड बायो-रीफायनरीज़ का लक्ष्य है कि मौजूदा जैव-परिशोधक मूल्य श्रृंखलाओं में खामियों तथा चुनौतियों की पहचान करके उसका समाधान किया जाये, मिशन को सहयोग देने के लिये आठ प्रमुख कार्यों को प्राथमिकता दी जाये तथा इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये मिशन को सही दिशा दी जाये।

उन्होंने कहा कि इससे नीति-निर्माताओं को रणनीतिक प्रारूप भी मिलता है, ताकि वे अगले पांच वर्षों में अनुसंधान और विकास की दिशा में अग्रसर हो सकें। इसके अलावा महत्त्वपूर्ण जैव-परिशोधक प्रौद्योगिकियों के पूरे परिवेश के वित्तपोषण के प्रस्तावों को तैयार करने में सुविधा हो तथा कार्रवाई तेजी से चलाने के सुझाव मिल सकें।

मंत्रियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, अमेरिका के ऊर्जा विभाग, मिशन नवाचार संचालन समिति और मिशन नवाचार सचिवालय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, एमआई सदस्य देशों और साझेदार संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुये डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा बैठक भारत को यह अवसर देती है कि वह विश्व के सामने जलवायु तथा स्वच्छ ऊर्जा के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना को प्रस्तुत कर सके। डॉ. सिंह ने कहा कि इस बैठक में सम्मिलित होते हुये उन्हें बहुत हर्ष हो रहा है, जहां पूरा वैश्विक ऊर्जा समुदाय वैश्विक हरित संक्रांति की तरफ कदम बढ़ाने और एक-दूसरे के साथ सहयोग करने के लिये एकजुट हुआ है।

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अमेरिका यात्रा में वाशिंगटन से होते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह न्यूयॉर्क पहुंचे

Date : 23-Sep-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। भारत के केंद्रीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवम् पेंशन राज्यमंत्री, अंतरिक्ष एवम् परमाणु ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, एक संयुक्त मंत्रालय स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के तौर पर 5 दिन की अमेरिका यात्रा पर पहुंचे। 

इसके तहत वे पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में 21 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले "ग्लोबल क्लीन एनर्जी एक्शन फोरम" में हिस्सा लेंगे।डॉ. जितेंद्र सिंह की आगवानी करने भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी आए और जेएफके एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे वाशिंगटन डीसी के लिए निकल गए, जहां वे 35 कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतरिक्ष, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, फार्मा और बॉयोटेक सेक्टर से जुड़े संघीय प्रतिनिधियों के साथ अहम गोलमेज वार्ता करेंगे। इस वार्ता का आयोजन वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी कॉमर्स चैंबर के मुख्यालय में अमेरिका-भारत व्यापार परिषद ने किया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह, ऊर्जा मंत्रालय, नवीन एवम् नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विज्ञान एवम् तकनीकी मंत्रालय के एक उच्च स्तरीय संयुक्त प्रतिनिधि मंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो इस फोरम में हिस्सा लेगा, साथ ही भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ख्यात बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेगा।

35 अहम कंपनियों के सीईओ के साथ होने वाली बैठक में डॉ. जितेंद्र सिंह को द्विपक्षीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी में हो रहे सहयोग के बारे में बात करनी है। यह आपसी सहयोग एलआईजीओ (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल ऑब्जर्वेटरी), टीएमटी (30 मीटर लंबा टेलीस्कोप) जैसे उन्नत विज्ञानों से लेकर न्यूट्रिनो फिजिक्स, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, स्वास्थ्य विज्ञान, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, कृषि विज्ञान और हाल में उभर रही तकनीकों पर जारी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह यह प्रस्ताव भी दे सकते हैं कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और अमेरिका का नेशनल साइंस फाउंडेशन आपस में मिलकर साझा दिलचस्पियों वाले विषयों पर संयुक्त परियोजनाओं की शुरुआत करें। इन विषयों में कोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स एवम् ऑटोमेशन तकनीकें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवम् मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, सेंसर्स और आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) से संबंधित नेटवर्किंग एवम् तकनीकें शामिल हैं।

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