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सांसदो ने जेफ बेजोस की गवाही पर उठाए सवाल, सबूत पेश करने दिया अंतिम मौका

Date : 20-Oct-2021

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। गलत तरीके अपनाकर व्यापार करने और दूसरी कंपनियों की नकल कर प्राइवेट ब्रांड बनाने की आरोपी कंपनी अमेजन पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। सांसदों के द्विदलीय समिति का कहना है कि अमेजन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस व अन्य शीर्ष अधिकारियों ने कांग्रेस समिति के सामने झूठ बोला और उन्हें गुमराह किया है। 

समिति के सदस्यों ने हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेजन के वरिष्ठ अधिकारियों की गवाही पर उन्हें संदेह है कि कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए किसी भी अन्य कंपनी के उत्पादों की नकल नहीं करती है। 

अमेजन को लिखा सांसदों ने पत्र 

सांसदों की समिति ने इसको लेकर कंपनी के सीईओ एंडी जेसी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अमेजन के प्रतिनिधि मंडल ने सांसदों की समिति को गुमराह किया है। प्रतिनिधि मंडल ने कानून का उल्लंघन किया है।  

अमेरिकी सांसदों ने दिया अंतिम मौका

अमेरिकी सांसदों की समिति ने अपने पत्र में कहा है कि अमेजन को अपनी पिछली गवाही, बयानों की पुष्टि करने व साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मौका दिया जा रहा है। कंपनी ने पिछली गवाही में कहा था कि अमेजन किसी तीसरी कंपनी के डेटा का प्रयोग अपने ब्रांड के लिए नहीं करती है। इस पत्र में 2019 और 2020 में कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस, एसोसिएट जनरल काउंसल नेट सटन, वकील डेविड जपोल्स्की व वाइस प्रेसीडेंट ब्रायन के बयानों का हवाला दिया गया है। 

अमेजन ने किया बचाव 

कंपनी के प्रवक्ता ने अपने बयान में पूर्व में दी गई गवाहियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि प्रतिनिधि मंडल ने समिति को गुमराह नहीं किया है। अमेजन अपने निजी उत्पादों के लिए किसी भी अन्य कंपनी के डेटा का इस्तेमाल नहीं करता है।

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न्यूयॉर्क अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप रद्द करने याचिका को किया खारिज

Date : 20-Oct-2021

वॉशिंगटन (एजेंसी)। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी। तीन अमेरिकी कंपनियों फायरस्टार डायमंड, फैंटेसी इंक और ए जैफ के अदालत द्वारा नियुक्त न्यासी रिचर्ड लेविन ने ये आरोप लगाए हैं। पहले इन तीनों कंपनियों का अप्रत्यक्ष मालिक नीरव मोदी था। लेविन ने मोदी और उसके साथियों मिहिर भंसाली एवं अजय गांधी को कर्ज देने वालों को हुए नुकसान के लिए 1.5 करोड़ डॉलर का न्यूनतम मुआवजा भी मांगा है।

भारतीय अमेरिकी वकील रवि बत्रा ने से कहा, ‘अदालत के न्यायाधीश लेन ने स्पष्ट फैसले में अभियुक्त मोदी, भंसाली और गांधी की अमेरिकी न्यासी रिचर्ड लेविन की संशोधित शिकायत खारिज करने के अनुरोध वाली याचिका ठुकरा दी है।’

60 पृष्ठों के आदेश के बारे में जानकारी देते हुए बत्रा ने बताया कि मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक और अन्य से एक अरब डॉलर की धोखाधड़ी की योजना बनाकर कंपनी के शेयर मूल्य को गलत तरीके से बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बिक्री के तौर पर मुनाफा वापस अपनी कंपनी में लगाया।

बत्रा ने कहा, ‘लेकिन बैंक धोखाधड़ी द्वारा अपनी कंपनियों से गलत तरीके से प्राप्त धन को हासिल करने के लिए वे अपने निजी फायदे के वास्ते धन की निकासी को छिपाने के लिए एक और धोखाधड़ी में शामिल हो गए और उन्होंने इसे इस तरह दिखाया जैसे ये सामान्य व्यापारिक लेनदेन हो।

अदालत के आदेश के अनुसार लेविन की याचिका में मोदी के छह साल की अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी, धन शोधन और गबन साजिश के परिणामस्वरूप कर्जदारों और उनकी संपदा को मोदी तथा उसके साथियों से पहुंचे नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति करने का अनुरोध किया गया है।

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अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को लेकर अमेरिका का बड़ा बयान, कहा अब तालिबान को उसके बयानों से नहीं बल्कि उसके कार्यों से आंका जाएगा

Date : 12-Oct-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। अमेरिका ने कहा कि अब तालिबान को उसके बयानों से नहीं बल्कि उसके कार्यों से आंका जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने कतर में दोहा वार्ता के दौरान काबुल के वरिष्ठ तालिबान प्रतिनिधियों से मुलाकात की और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा की।  

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने तालिबानी नेताओं के साथ सुरक्षा, आतंकवाद, अमेरिकी एवं अन्य विदेशी नागरिकों की सुरक्षा, अफगान भागीदारों के लिए सुरक्षित मार्ग पर ध्यान केंद्रित किया। इसके अलावा दोनों पक्षों द्वारा अफगान समाज के सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। इनमें महिलाओं एवं लड़कियों के मुद्दे महत्वपूर्ण थे। दोनों पक्षों ने अफगान नागरिकों को मजबूत मानवीय सहायता के संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रावधान पर भी चर्चा की। चर्चा स्पष्ट और पेशेवर थी जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने दोहराया कि तालिबान को अब केवल उसके बयानों से ही नहीं, बल्कि कार्यों से भी आंका जाएगा।

तालिबान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने कतर की राजधानी दोहा में अपनी पहली बैठक आयोजित की, ताकि संबंध को एक बार फिर से नया आयाम दिया जा सके। अगस्त के मध्य में अफगानिस्तान से अमेरिका के हटने के बाद से दोनों पक्षों के बीच यह पहली व्यक्तिगत बैठक है। समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के हवाले से कहा कि अफगान सरकार और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल ने कतर में अपने संबंधों के साथ-साथ अफगानिस्तान को मानवीय सहायता और दोहा शांति समझौते के कार्यान्वयन पर चर्चा की। समाचार एजेंसी ने कहा कि तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से, चीन और पाकिस्तान जैसे मुट्ठी भर राष्ट्र हैं जिन्होंने संगठन के साथ संबंध स्थापित करने में रुचि दिखाई है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के अन्य सदस्य प्रतीक्षा करें और देखें की नीति अपना रहे हैं।

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दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी पर हुआ हमला

Date : 08-Oct-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। उधर, ताइवान मामले को लेकर दोनों देश आक्रामक रूप से आमने-सामने आ चुके हैं। इस बीच दक्षिण चीन सागर पर अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी पर हमला हुआ है। हालांकि, यह हमला किस चीज से किया गया और किसने किया, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पनडुब्बी की टक्कर किसी अज्ञात चीज से हुई थी। इस हमले में किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है और पनडुब्बी भी ऑपरेशनल स्थिति में बनी हुई है। 

पांच दिन पहले हुआ था हमला 

यूएस पैसिफिक फ्लीट की ओर से बयान जारी किया गया है कि यूएसएस कनेक्टिकट नाम की सीवुल्फ-क्लास परमाणु पनडुब्बी पर हमला पांच दिन पहले हुआ था, लेकिन संचालन सुरक्षा बनाए रखने के लिए इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। बयान में यह भी कहा गया है कि हमले का असल ऑब्जेक्ट क्या था? और किस चीज से टक्कर हुई, यह अभी साफ नहीं हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। 

दो जवानों को आई चोट 

हमले में दो जवानों को चोट लगी है वहीं अन्य नौ लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह हमला उस वक्त हुआ जब अमेरिकी पनडुब्बी अपने रूटीन ऑपरेशन पर थी। हमले के बाद पनडुब्बी को आगामी जांच के लिए गुआम बंदरगाह की ओर भेज दिया गया है। 

चीन का कानून, बिना इजाजत घुसे तो होगा हमला 

चीन ने दक्षिण चीन सागर के लिए पिछले महीने ही नया कानून बनाया है। चीन का कहना है उसकी इजाजत के बिना अगर कोई भी उसके जलक्षेत्र में दाखिल होता है तो उस पर सीधे हमला कर दिया जाएगा। इस कानून के बाद अमेरिकी पनडुब्बी पर हुए हमले को चीन की प्रतिक्रिया माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिका सीधे तौर पर इस हमले को नकार रहा है। 

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पाकिस्तान में आज सुबह 6.0 तीव्रता का आया भूकंप, 20 लोगों की मौत्

Date : 07-Oct-2021

इस्लामाबाद (एजेंसी)। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, पाकिस्तान के हरनाई के 14 किमी उत्तर-पूर्व में आज सुबह लगभग 3:30 बजे 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। सूत्रों ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से कहा कि दक्षिणी पाकिस्तान में आए भूकंप में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है।

प्रांतीय सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी सुहैल अनवर हाशमी ने एएफपी को बताया कि छत और दीवारें गिरने से कई लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि 20 मृतकों में एक महिला और छह बच्चे शामिल हैं।

प्रांतीय गृह मंत्री मीर जिया उल्लाह लांगौ ने कहा, `हमें सूचना मिली है कि भूकंप के कारण 20 लोगों की मौत हुई है। राहत व बचाव के प्रयास जारी हैं।` बलूचिस्तान के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख नसीर नासर ने एएफपी को बताया कि 15 से 20 लोगों की मौत हुई है, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है।

बलूचिस्तान के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख नसीर नासर ने एएफपी को बताया कि 15 से 20 लोगों की मौत हुई है, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है। भूकंप से सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र बलूचिस्तान का सुदूर पहाड़ी शहर हरनाई है, जहां पक्की सड़कों, बिजली और मोबाइल फोन कवरेज की कमी की वजह से राहत-बचाव के प्रयास में बाधा आ रही है।

बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि भूकंप की तीव्रता 5.7 थी और यह तड़के तीन बजे के करीब 20 किलोमीटर (12 मील) की गहराई में आया। पाकिस्तान की सीमा जहां तक फैली है वहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट मिलते हैं, जिससे पाकिस्तान भूकंप के लिए अतिसंवेदनशील हो जाता है।

अक्तूबर 2015 में, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में 7.5-तीव्रता वाले भूकंप ने ऊबड़-खाबड़ इलाकों में लगभग 400 लोगों की जान ले ली थी। पहाड़ी इलाकों की वजह से वहां राहत प्रयासों में बाधा आई थीं।

इससे पहले पाकिस्तान में आठ अक्टूबर, 2005 को 7.6 तीव्रता का भूकंप भी आया था, जिसमें 73,000 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 35 लाख बेघर हो गए थे।

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बलूच विद्रोहियों के हमले में पाक सुरक्षाबलों चार जवानों की मौत, दो अन्य लोग घायल

Date : 27-Sep-2021

इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों के हमले में अर्धसैनिक बल के कम से कम चार जवानों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए। ‘बलूचिस्तान मुक्ति सेना’ (बीएलए) ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ले ली है। 

पाकिस्तानी मीडिया ग्रुप डॉन के मुताबिक, हरनाई जिले के खोस्त क्षेत्र में शनिवार को ‘फ्रंटियर कोर’ (एफसी) के एक वाहन पर हमला हुआ। बताया गया है कि जब एफसी के सैनिक गश्त लगा रहे थे, तभी उनके वाहन पर आईईडी विस्फोटक से हमला किया गया। इसमें चार सैनिकों की मौत हो गई। इसके अलावा दो अधिकारियों के घायल होने की भी बात सामने आई है।  घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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नतीजों से पहले ही एरिन ओ’टूले ने मानी हार, एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे ट्रूडो

Date : 22-Sep-2021

टोरंटो (एजेंसी)। कनाडा में आम चुनावों के पूर्ण नतीजे आने से पहले ही कंजरवेटिव पार्टी के नेता एरिन ओ`टूले ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए हार को स्वीकार किया और लिबरल पार्टी के नेता व वर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को जीत की बधाई दी। 

बता दें, कनाडा में समयसीमा से दो साल पहले हुए आम चुनावों के नतीजे आना शुरू हो गए हैं। इसमें लिबरल पार्टी 157 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कंजरवेटिव पार्टी 121 सीटों पर आगे है। ऐसे में लिबरल पार्टी चुनावों में सबसे ज्यादा सीट हासिल करने में कामियाब होते दिख रही है, जिससे साफ है कि जस्टिन ट्रूडो एक बार फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठेंगे। 

00 सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर 

भले ही इन चुनावों में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी सबसे ज्यादा सीट हासिल करने में कामियाब होते दिख रही हो। फिर भी वह बहुमत से काफी पीछे रह गई। ऐसे मे संसद में कानूनों को पारित कराने व सत्ता में बैठने के लिए उन्हें विपक्षी दलों का सहारा लेना होगा। हालांकि, वह इतनी सीट जरूर हासिल कर लेंगे कि उन्हें पद से हटाने का खतरा नहीं रहेगा। 

00 49 भारतीय उम्मीदवार भी रेस में 

कनाडा में इस बार भारतीय मूल के 49 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में शामिल हैं। 2019 में हुए पिछले चुनाव में यह संख्या करीब 50 थी। तब 20 भारतवंशी संसद पहुंचे थे। इनमें 18 सिख नेता शामिल थे। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपनी 36 सदस्यीय कैबिनेट में चार भारतवंशी सांसदों को मंत्री के तौर पर जगह दी थी। इनमें तीन सिख और एक हिंदू नेता भी शामिल थीं। ऐसे में भारतीय मुद्दे भी इन चुनावी परिणामों पर खासा असर रखते हैं। 

00 25 प्रतिशत हैं भारतीय 

कनाडा में सबसे अधिक भारतीय ही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, कनाडा की कुल जनसंख्या के करीब 25 प्रतिशत भारतीय वहां बसे हैं। 2019 में जस्टिप ट्रूडो ने 3.4 लाख लोगों को स्थायी निवासी का दर्जा दिया था। ऐसे में जस्टिन ट्रूडो को सबसे ज्यादा लाभ भारतीय समुदाय से ही होने की संभावना है।

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राजधानी काबुल से रॉकेट से हमला, आईएसआईएस.खुरासान पर शक

Date : 17-Sep-2021

काबुल (एजेंसी)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार शाम एक साथ कई रॉकेट दागे गए। यह रॉकेट काबुल में स्थित एक पावर स्टेशन के पास दागे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक पॉवर प्लान्ट को निशाना बनाए जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चमतलाह इलेक्ट्रिक सब स्टेशन को निशाना बनाया गया था, लेकिन हमलावरों का निशाना चूक गया। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि इस पॉवर प्लान्ट को निशाना क्यों बनाया गया। तालिबान के कुछ लोग घटना के बाद यहां पहुंचे। पूर्व पुलिस अफसरों को भी स्पॉट पर बुलाया गया।

किसी भी संगठन ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि हमलावर शहर की इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई बंद करके शायद किसी दूसरी जगह हमला करना चाहते थे।

00 आईएसआईएस-खुरासान पर शक

रॉकेट हमले का शक आईएसआईएस-खुरासान ग्रुप पर जताया जा रहा है। इसी आतंकी संगठन ने 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट पर हमला किया था। इसमें 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 170 लोगों की मौत हो गई थी। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। यह हमला ऐसे समय में हुआ था जब अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से बाहर निकल रही थी। इस हमले के खिलाफ अमेरिका ने भी आतंकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए थे, जिसमें कुछ आतंकी मारे गए थे।

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पाकिस्तान चल रहा दोहरी चाल, मजबूत करने होंगे भारत के साथ संबंध : एंटनी ब्लिंकेन

Date : 14-Sep-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। पाकिस्तान और तालिबान के बीच गहरी होती दोस्ती अब कई देशों को अखरने लगी है। इसलिए अब अमेरिका ने फैसला किया है कि वह पाकिस्तान को लेकर अपने रिश्तों की समीक्षा करेगा और भविष्य में कैसे रिश्ते पाकिस्तान के साथ रखने हैं यह तय करेगा। 

विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने साफ किया कि तालिबान के साथ पाकिस्तान का जुड़ाव एक रणनीतिक चाल है। इसलिए अमेरिका पिछले 20 सालों में पाकिस्तान की भूमिका की समीक्षा करने के बाद ही कोई फैसला लेगा। 

00 भारत की मौजूदगी से पाकिस्तान को हुआ नुकसान 

ब्लिंकन ने अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी की सराहना की। उन्होंने सदन में विदेशी मामलों की समिति को जवाब देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में भारत की मौजूदगी से पाकिस्तान को नुकसान हुआ है और खतरनाक गतिविधियों पर असर पड़ा है। रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्य मार्क ग्रीन ने कहा कि आईएसआई जिस तरह से तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को खुलेआम समर्थन दे रहा है, ऐसे में भारत के साथ मजबूत संबंधों पर विचार करना चाहिए।

00 हक्कानी नेटवर्क के साथ पाकिस्तान का गठबंधन

संसद की विदेश मामलों की समिति में कांग्रेसी सांसद बिल कीटिंग ने कहा कि तालिबान को दोबारा से खड़ा करने में पाकिस्तान 2010 से मदद कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सैनिकों की मौत में जिस हक्कानी नेटवर्क का हाथ था, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और इसी हक्कानी नेटवर्क के बीच गठबंधन है।

00 पाकिस्तान की भूमिका तय करेगी रिश्ते 

ब्लिंकन ने सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हम पाकिस्तान को बेहतर भूमिका निभाते हुए देखना चाहते हैं। इसलिए आने वाले दिनों में उसकी भूमिका क्या होगी यह हमारे और इस्लामाबाद के रिश्ते को तय करेगा। उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान एक रणनीतिक चाल चल रहा है। एक तरफ वह तालिबान को पाल रहा है तो दूसरी और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ हमारे अभियानों में साथ भी दे रहा है। 

00 सेना वापसी सही थी, वहां और दिन रहने से कुछ नहीं होता

अफगानिस्तान से जल्द सेना वापसी के सवाल पर ब्लिंकन ने कहा कि वहां पर कुछ और साल रहने से कुछ नहीं बदलने वाला था। हमने वहां पर करोड़ों निवेश किया है, जब इससे वहां की सेना और सरकार आत्मनिर्भर नहीं हुए तो आने वाले सालों में भी कुछ नहीं होता।

बीते कुछ महीनों से भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में अमेरिकी कांग्रेस के प्रमुख सदस्यों एवं सीनेटरों से गहन संपर्क बनाया जा रहा है। कांग्रेस सदस्य स्कॉट पैरी ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिकी करदाताओं के पैसे से हक्कानी नेटवर्क और तालिबान का समर्थन करता है और अमेरिका को उसे अब और पैसा नहीं देना चाहिए तथा गैर नाटो सहयोगी का दर्जा भी उससे छीन लेना चाहिए।

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अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर, ग्रीन कार्ड की राह हुई आसान

Date : 14-Sep-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। एक नए विधेयक के वहां पारित होने से भारतीयों सहित लाखों लोगों को पूरक शुल्क का भुगतान करके ग्रीन कार्ड हासिल करने में मदद मिल सकती है।

देश में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का वर्षों से इंतजार कर रहे लाखों लोग, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं पूरक शुल्क का भुगतान करके अमेरिका में वैध स्थायी निवास की उम्मीद कर सकते हैं। इसे यदि सुलह समझौता पैकेज में शामिल किया गया और कानून में पारित किया गया तो उन हजारों आईटी पेशेवरों को मदद मिलने की उम्मीद है जिन्हें लंबे समय से ग्रीन कार्ड का इंतजार है। 

00 विधेयक के पास होने पर लंबे वेटिंग पीरियड से मिलेगी निजात 

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड कहते हैं। यह अमेरिका में प्रवासियों को जारी किया जाने वाला दस्तावेज है जो इस बात का प्रमाण है कि उन्हें स्थायी रूप से अमेरिका में रहने का विशेषाधिकार दिया गया है। प्रतिनिधि सभा न्याय समिति द्वारा जारी बयान के मुताबिक एक रोजगार आधारित अप्रवासी आवेदक 5000 अमेरिकी डॉलर का पूरक शुल्क अदा कर स्थायी निवासी कार्ड हासिल कर सकता है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार ईबी-5 श्रेणी (प्रवासी निवेशक) के लिए शुल्क 50,000 डॉलर है। ये प्रावधान 2031 में समाप्त हो रहे हैं। एक परिवार आधारित प्रवासी के लिए जो अमेरिकी नागरिक द्वारा प्रायोजित है और जिसकी प्राथमिकता तिथि दो वर्ष से अधिक है, उन्हें ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए 2500 डॉलर का भुगतान करना होगा।

00 पूरक शुल्क भुगतान करना होगा

बयान के अनुसार यदि आवेदक की प्राथमिकता तिथि दो वर्ष के भीतर नहीं है लेकिन उसका देश में उपस्थित रहना जरूरी है तो उन्हें 1500 अमेरिकी डॉलर का बतौर पूरक शुल्क भुगतान करना होगा। यह आवेदक द्वारा भुगतान किए गए किसी भी प्रशासनिक प्रसंस्करण शुल्क के अतिरिक्त होगा।

हालांकि विधेयक में कानूनी आव्रजन प्रणाली में स्थायी संरचनात्मक परिवर्तन शामिल नहीं हैं, जिसमें ग्रीन कार्ड के लिए एच-1बी वीजा का वार्षिक कोटा बढ़ाना और देशों के लिए सीमा का प्रावधान है। इस विधेयक के कानून बनने से पहले प्रावधानों को न्यायपालिका समिति, प्रतिनिधि सभा और सीनेट को पारित करना होगा और फिर राष्ट्रपति को इस पर हस्ताक्षर करना होगा।

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