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भारत व चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं करेंगी दो दिवसीय युद्धाभ्यास

Date : 23-Sep-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं दो दिवसीय युद्धाभ्यास करेंगी। पूर्वी हिंद महासागर में बुधवार और गुरुवार को ये युद्धाभ्यास किया जाएगा। इस युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलियाई पोत हैम्स होबार्ट हिस्सा लेगा। जिसकी क्षमताओं को देखते हुए इसे डेस्ट्रोयर या विध्वंसक भी कहा जाता है।
वहीं भारत की तरफ से आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस करमुक हिस्सा लेंगे। इससे पहले भारतीय नौसेना अमेरिका और जापान की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास कर चुकी हैं। वहीं भारत और जापान की नौसैनाओं ने हिंदमहासागर में युद्धाभ्यास किया था। युद्धाभ्यास में दोनों ही देशों के दो-दो पोतों ने हिस्सा लिया था।

00 अमेरिका का जापान के साथ युद्धाभ्यास
सितंबर महीने की शुरुआत में भारतीय और रूसी नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में युद्धाअभ्यास किया था। वहीं भारत ने अमेरिका और जापान के साथ भी युद्धाभ्यास किया था। यूएस नेवी के परमाणु क्षमता से लैस यूएसएस निमित्ज के साथ अंडमान निकोबार द्वीपसमूहों के पास संयुक्त अभ्यास किया गया था।

00 सीमा विवाद के बीच युद्धाभ्यास
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से भारत और चीन सीमा पर लगातार विवाद जारी है इसी बीच भारत ने लगातार हथियारों की खरीद और अन्य देशों के साथ रणनीतिक समन्वय को और ज्यादा गति दी है। वहीं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कोर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत में भारत ने चीन के समक्ष पैंगोंग झील और डेपसांग समेत सभी तनावग्रस्त जगहों से वापस जाने की शर्त रखी है। वहीं चीन ने भारत को पैंगोंग के दक्षिणी छोर की साअहम चोटियों से पिछे हटने को कहा है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष एक दूसरे से सहमत थे।

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केरल में जल्द ही किया जाएगा देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित

Date : 23-Sep-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में शीघ्र ही देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित किया जाएगा, जो उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराना होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के चित्रा तिरूनाल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) और केरल सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन एजेंसी केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) की संयुक्त पहल पर परिकल्पित मैड्स पार्क, यानी चिकित्सकीय उपकरण पार्क, तिरूवनंतपुरम जिले के थोनक्कल स्थित लाइफ साइंस पार्क में स्थापित किया जाएगा । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होने के कारण विशिष्ट होगा ।

इन बिंदुओं पर महारत होने के कारण एससीटीआईएएसटी की भी विशिष्ट पहचान है । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क, चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास , परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं, विनिर्माण सहायता, प्रौद्योगिकी संबंधी नवोन्मेष की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराने के साथ साथ ज्ञान का प्रसार करेगा। यही वे सारी चीजें हैं जिनकी चिकित्सा उपकरण उद्योग को जरूरत है। इन सेवाओं का उपयोग इस मैड्स पार्क के भीतर अवस्थित और भारत के अन्य हिस्सों में स्थित कोई भी चिकित्सा उपकरण उद्योग कर सकेगा । इससे इस क्षेत्र के छोटे और मंझोले उद्योगों को लाभ होगा ।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गुरूवार, 24 सितंबर, 2020 को इस चिकित्सा उपकरण पार्क का शिलान्यास करेंगे । नीति आयोग के सदस्य और एससीटीआईएमएसटी के अध्यक्ष डा. वी के सारस्वत ने कहा , श्री चित्रा ने पिछले तीस साल से भी अधिक समय से जैव चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के विकास में महती योगदान दिया है और खुद को इस क्षेत्र के अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। जैव चिकित्सा उपकरण उद्योग के क्षेत्र में देश के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा और यह प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के पूरी तरह अनुरूप है। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, इस चिकित्कीय उपकरण पार्क को देश के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित इसी तरह की परियोजनाओं से जो तत्व अलग करता है ,वह है कि यह पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा और इन बिंदुओं पर एससीटीआईएमएसटी की को भी पर्याप्त अनुभव और महारत हासिल है।

एससीटीआईएमएसटी की निदेशक, डा. आशा किशोर ने कहा, यह पार्क डीएसटी के जैव चिकित्सकीय उपकरण कार्यक्रम के तकनीकी अनुसंधान केंद्र के अंतर्गत केरल सरकार के केएसआईडीसी के साथ भागीदारी में स्थापित किया जा रहा है। यह कार्य राज्य में उपलब्ध पारिस्थितिकीय व्यवस्था के अलावा विभिन्न अनुसंधान और अकादमिक संस्थानों तथा स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के सहयोग से किया जा रहा है और यह केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और नीति आयोग के सहयोग से संभव हो सका है । यह चिकित्सकीय पार्क, केरल राज्य के उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरण निर्माण के मौजूदा ढांचे का उन्नयन करेगा और भारत के चिकित्सकीय उपकरण निर्माण उद्योग के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य के तौर पर विकसित होगा ।

चिकित्सकीय पार्क में ये सुविधाएं होंगी

- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मान्यताप्राप्त चिकित्सकीय उपकरण परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र
एक अनुसंधान एवं विकास संसाधन केंद्र जो चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्राधिकार को तय करेगा और इसकी सेवा इस पार्क के भीतर स्थित उद्योग ले सकेंगे
- कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए एक केंद्रीयकृत ज्ञान केंद्र जहां प्रशिक्षण और नियमन के मुद्दों तथा क्लीनिकल ट्रायल आदि के लिए सहायता मिल सकेगी
- स्टार्ट-अप और प्रारंभिक अवस्था वाली कंपनियों के विकास के लिए एक तकनीकी व्यावसायिक इन्क्यूबेशन सेंटर

पार्क में आने वाले उद्योगों द्वारा लीज़ पर मोडुलर विनिर्माण इकाई का सैट या विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लैंड मोड्यूल बनाए जाएंगे। इस चिकित्सकीय पार्क का व्यावसायिक माडल स्व निर्भर है जिसमे इसका परिचालन व्यय खुद इसकी आय से आएगा। इसका परिचालन व्यय इसके राजस्व स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा । प्रारंभिक चरण में केंद्र और राज्य सरकारों (केंद्र और केरल सरकारों) की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूंजीगत खर्च की फंडिंग तथा व्यय के मुकाबले आय में होने वाली कमी की पूर्ति की जाएगी ।

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केरल में जल्द ही किया जाएगा देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित

Date : 23-Sep-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में शीघ्र ही देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित किया जाएगा, जो उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराना होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के चित्रा तिरूनाल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) और केरल सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन एजेंसी केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) की संयुक्त पहल पर परिकल्पित मैड्स पार्क, यानी चिकित्सकीय उपकरण पार्क, तिरूवनंतपुरम जिले के थोनक्कल स्थित लाइफ साइंस पार्क में स्थापित किया जाएगा । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होने के कारण विशिष्ट होगा ।

इन बिंदुओं पर महारत होने के कारण एससीटीआईएएसटी की भी विशिष्ट पहचान है । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क, चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास , परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं, विनिर्माण सहायता, प्रौद्योगिकी संबंधी नवोन्मेष की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराने के साथ साथ ज्ञान का प्रसार करेगा। यही वे सारी चीजें हैं जिनकी चिकित्सा उपकरण उद्योग को जरूरत है। इन सेवाओं का उपयोग इस मैड्स पार्क के भीतर अवस्थित और भारत के अन्य हिस्सों में स्थित कोई भी चिकित्सा उपकरण उद्योग कर सकेगा । इससे इस क्षेत्र के छोटे और मंझोले उद्योगों को लाभ होगा ।

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गुरूवार, 24 सितंबर, 2020 को इस चिकित्सा उपकरण पार्क का शिलान्यास करेंगे । नीति आयोग के सदस्य और एससीटीआईएमएसटी के अध्यक्ष डा. वी के सारस्वत ने कहा , श्री चित्रा ने पिछले तीस साल से भी अधिक समय से जैव चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के विकास में महती योगदान दिया है और खुद को इस क्षेत्र के अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। जैव चिकित्सा उपकरण उद्योग के क्षेत्र में देश के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा और यह प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के पूरी तरह अनुरूप है। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, इस चिकित्कीय उपकरण पार्क को देश के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित इसी तरह की परियोजनाओं से जो तत्व अलग करता है ,वह है कि यह पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा और इन बिंदुओं पर एससीटीआईएमएसटी की को भी पर्याप्त अनुभव और महारत हासिल है।

एससीटीआईएमएसटी की निदेशक, डा. आशा किशोर ने कहा, यह पार्क डीएसटी के जैव चिकित्सकीय उपकरण कार्यक्रम के तकनीकी अनुसंधान केंद्र के अंतर्गत केरल सरकार के केएसआईडीसी के साथ भागीदारी में स्थापित किया जा रहा है। यह कार्य राज्य में उपलब्ध पारिस्थितिकीय व्यवस्था के अलावा विभिन्न अनुसंधान और अकादमिक संस्थानों तथा स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के सहयोग से किया जा रहा है और यह केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और नीति आयोग के सहयोग से संभव हो सका है । यह चिकित्सकीय पार्क, केरल राज्य के उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरण निर्माण के मौजूदा ढांचे का उन्नयन करेगा और भारत के चिकित्सकीय उपकरण निर्माण उद्योग के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य के तौर पर विकसित होगा ।

चिकित्सकीय पार्क में ये सुविधाएं होंगी

- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मान्यताप्राप्त चिकित्सकीय उपकरण परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र
एक अनुसंधान एवं विकास संसाधन केंद्र जो चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्राधिकार को तय करेगा और इसकी सेवा इस पार्क के भीतर स्थित उद्योग ले सकेंगे
- कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए एक केंद्रीयकृत ज्ञान केंद्र जहां प्रशिक्षण और नियमन के मुद्दों तथा क्लीनिकल ट्रायल आदि के लिए सहायता मिल सकेगी
- स्टार्ट-अप और प्रारंभिक अवस्था वाली कंपनियों के विकास के लिए एक तकनीकी व्यावसायिक इन्क्यूबेशन सेंटर

पार्क में आने वाले उद्योगों द्वारा लीज़ पर मोडुलर विनिर्माण इकाई का सैट या विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लैंड मोड्यूल बनाए जाएंगे। इस चिकित्सकीय पार्क का व्यावसायिक माडल स्व निर्भर है जिसमे इसका परिचालन व्यय खुद इसकी आय से आएगा। इसका परिचालन व्यय इसके राजस्व स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा । प्रारंभिक चरण में केंद्र और राज्य सरकारों (केंद्र और केरल सरकारों) की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूंजीगत खर्च की फंडिंग तथा व्यय के मुकाबले आय में होने वाली कमी की पूर्ति की जाएगी ।

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आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिला मुफ्त इलाज : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन

Date : 23-Sep-2020

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया गया। उन्होंने कहा कि 2018 में योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 12.5 करोड़ ई-कार्ड जारी किए गए हैं।

`आरोग्य मंथन` 2.0 की अध्यक्षता कर रहे हर्षवर्धन ने कहा कि योजना के तहत आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर 53 करोड़ भारतीयों को लाया गया है। इसके तहत हर पात्र परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिला हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 15,500 करोड़ रुपये से अधिक का इलाज मुहैया कराया जा चुका है। इसकी वजह से न सिर्फ करोड़ों लोगों की जान बची है, जबकि महंगे इलाज की वजह से कई घर भी उजड़ने से बच गए हैं।

आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 29 हजार गरीबों को कोरोना का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 2.24 लाख लाभार्थियों का मुफ्त में कोरोना का टेस्ट भी कराया गया। कोरोना के मरीजों से संपर्क और परामर्श के लिए शुरू किये गए विभिन्न प्रयासों के तहत नेशनल हेल्थ अथारिटी की ओर से 95 लाख से अधिक कॉल किये गए है।

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राजधानी मुंबई का बारिश से हाल बेहाल, 24 घंटे से हो रही है लगातार मुसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, भारी बारिश के कारण बीएमसी ने किया आज मुंबई बंद का ऐलान

Date : 23-Sep-2020

मुंबई (एजेंसी)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का बारिश से हाल बेहाल है। मुंबई में 24 घंटे से हो रही है लगातार मुसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित है । बारिश में मायानगरी मुंबई एक बार फिर पानी में डूब गई है। मुंबई की सड़कों पर इतना पानी है कि लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया है। साथ ही रेल की पटरियों और सड़कों पर जलभराव हो गया और जिसके कारण लोकल ट्रेन और बस सेवाएं बाधित हो गईं है। भारी बारिश और जलभाव की वजह से बीएमसी ने आज मुंबई बंद का ऐलान किया है।

मुंबई की सड़कों पर जगह-जगह जलजमाव और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए बीएमसी सभी सरकारी तथा निजी संस्थानों में आज छुट्टी की घोषणा कर दी है। इस दौरान केवल आपातकालीन सेवाओं को ही अनुमति होगी। वहीं नगर निगम के आयुक्त ने लोगों से जरूरी होने पर ही घर से निकलने को कहा है।

भारी बारिश के कारण सायन-कुर्ला, चूनाभट्टी-कुर्ला और मस्जिद में जलभराव के चलते रेलवे ने सीएसएमटी-ठाणे और सीएसएमटी-वाशी के बीच लोकल रेल सेवा रोक दी है। मुंबई में हुई भारी बारिश से सायन रेलवे स्टेशन पर यात्री फंसे गए, लगातार बारिश से स्थिति ऐसी बिगड़ी कि प्लेटफॉर्म तक पानी आ गया जिसकी वजह से लोगों का काफी परेशानी सामना करना पड़ा।
बारिश और जलभराव के कारण सेंट्रल रेलवे ने कई ट्रेने कैंसिल कर दी है और कुछ ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर किए हैं।

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दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैग्जीन टाइम की लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल

Date : 23-Sep-2020

नई दिल्ली (एजेंसी) । दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मैग्जीन TIME ने साल 2020 के सौ सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर जगह दी गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा पीएम मोदी उन दो दर्जन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इस लिस्ट में शामिल किया गया है। टाइम मैगजीन की ओर से हर साल यह लिस्ट जारी की जाती है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हुए दुनिया को प्रभावित करने वाले लोगों को शामिल किया जाता है।

पीएम मोदी इस लिस्ट में इकलौते भारतीय नेता हैं। इस लिस्ट में बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना को भी जगह दी गई है। शाहीन बाग में प्रदर्शनों को लेकर चर्चा में आईं 82 साल की बिलकिस, जिन्हें लोग दादी भी बुलाते हैं, को भी 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल किया गया है। पिछले साल लंदन में एक मरीज को एचआईवी से मुक्ति दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रफेसर रविंद्र गुप्ता को भी इस सूची में शामिल किया गया है। लंदन का वह मरीज दुनिया का केवल दूसरा मरीज है जो एचआईवी मुक्त हुआ है। अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी टाइम मैगजीन के 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल हैं। पिचाई 42 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक गूगल के सीईओ बने।

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छत्तीसगढ़ सरकार उचित मूल्य की दुकानों की निगरानी करने के लिए जल्द ही लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

Date : 23-Sep-2020

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार उचित मूल्य की दुकानों की निगरानी करने जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के पीडीएस में पारदर्शिता आएगी। वहीं पीडीएस को और पारदर्शी बनाने हर हितग्राही को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से खाद्यान्न उठान की जानकारी देगी।

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तेलंगाना से 50 से ज्यादा नक्सलियों के बीजापुर में घुसने की आसंका, सुरक्षा बलों को किया गया अलर्ट

Date : 22-Sep-2020

बीजापुर। तेलंगाना से 50 से ज्यादा नक्सलियों के बीजापुर में घुसने की आसंका के बाद सुरक्षा बलों को अलर्ट किया गया है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि 21 सितंबर से नक्सलियों सोलहवां स्थापना दिवस समारोह शुरू हुआ है। इस दौरान अपनी धमक दिखाने के लिए कोई बड़ी घटना कर सकते हैं।

हालांकि अफसरों का कहना है कि हाल में बीजापुर में तेलंगाना के दो सीनियर सदस्यों को पुलिस ने मार गिराया है। जबकि एक दिन पहले ही तेलंगाना पुलिस ने चिंतलनार के एक नक्सली को मारा है। ऐसी स्थिति में वहां दबाव बनने के कारण भी नक्सली बीजापुर की ओर छिपने के लिए आ सकते हैं। बीजापुर और सुकमा का एरिया मुख्य रूप से नक्सलियों का वॉर जोन माना जाता है। गंगालूर, बासागुड़ा और आवापल्ली के आसपास नक्सलियों के बटालियन का जमावड़ा रहता ही है। इस एरिया में 200 से 400 तक नक्सलियों की मौजूदगी रहती है। पिछले कुछ समय से बीजापुर पुलिस ने नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। इस वजह से अब नक्सली लोगों में डर पैदा करने के उद्देश्य से जन अदालत लगाकर ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं। हाल में एक एएसआई और कांस्टेबल की नक्सलियों ने हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने भी तेलंगाना के दो नक्सलियों को मारा है। इनके स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य होने की बात भी सामने आ रही है। यही वजह है कि बदले के लिए नक्सली कोई बड़ी वारदात न करें, इसलिए सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सावधानी बरतने कहा गया है।

बीजापुर में पुलिस लगातार नक्सलियों पर दबाव बना रही है। यहां से नक्सली बॉर्डर से लगे तेलंगाना के चेरला, खम्मम, मनगुरु, भद्राचलम की ओर चले जाते हैं। बाद में तेलंगाना में ऑपरेशन होने पर फिर बीजापुर या सुकमा लौटते हैं। बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़े अभियान के पीछे एसपी कमललोचन कश्यप भी एक अहम वजह हैं क्योकि ये यही के है।

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भारत सरकार ने उड़ान योजना : छत्तीसगढ़ के 3 हवाई अड्डों के उन्नयन के लिए 108 करोड रुपए आवंटित

Date : 22-Sep-2020

रायपुर। भारत सरकार ने उड़ान योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 3 हवाई अड्डों के उन्नयन एवं विकास के उद्देश्य से जगदलपुर के लिए 48 करोड़ रूपए (व्यय 45 करोड़ रुपए), अंबिकापुर के लिए 27 करोड़ रूपए (व्यय 27 करोड़ रुपए) और बिलासपुर के लिए 33 करोड़ रूपए (व्यय 20 करोड़ रूपए) आवंटित किये हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने रायपुर हवाई अड्डे के विकास एवं विस्तार, जिसमें टर्मिनल भवन का विस्तार भी शामिल है, के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। हाल ही में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान-4.0 के तहत बिलासपुर से भोपाल तक आरसीएस फ्लाइट के संचालन, जिसके जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, के लिए एलायंस एयर की बोली को मंजूरी दी थी। एयर इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एलायंस एयर को उड़ान-3 बोली प्रक्रिया के तहत इस मार्ग पर परिचालन की अनुमति दी गयी थी। यह एयरलाइन दैनिक उड़ानों का संचालन करेगी और इस मार्ग पर 72 सीटों वाले लक्जरी एटीआर 70 विमानों को तैनात करेगी। जगदलपुर-रायपुर-हैदराबाद मार्ग की शुरूआत होने के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आरसीएस–उड़ान के तहत कुल 285 मार्गों पर परिचालन शुरू किया है।

जगदलपुर हवाई अड्डा, बस्तर में स्थित है, जो अपनी अनूठी आदिवासी संस्कृति एवं विरासत के कारण पर्यटन की अपार संभावना वाला एक जनजातीय जिला है। इसके अलावा, इस क्षेत्र में कई फर्नीचर कारखानों एवं चावल मिलों के मौजूद होने के कारण जगदलपुर एक व्यावसायिक केंद्र भी है। नतीजतन, कई लोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए जगदलपुर और निकटतम महानगर हैदराबाद के बीच अक्सर यात्रा करते हैं। इन दोनों शहरों के बीच उड़ान शुरू होने से सड़क एवं ट्रेन यात्राओं में वर्तमान में लगने वाला 12 घंटे का समय घटकर 75 मिनट रह जायेगा। लोग अब जगदलपुर से राजधानी रायपुर सड़क मार्ग से 7 घंटे की यात्रा की तुलना में केवल 45 मिनट में पहुंच सकते हैं।

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इतिहास में पहली बार 2 महिलाओं अफसरों को वॉर शिप पर तैनाती

Date : 21-Sep-2020

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। महिलाओं का जज्बा और जुनून हर क्षेत्र में अपनी मिसाल पेश कर रहा है, आज फिर एक ऐतिहासिक अवसर आया। भारतीय नौसेना में लिंग-समानता को साबित करने वाले एक कदम के तहत पहली बार जंगी जहाज पर 2 महिला ऑफिसर्स की तैनाती होने वाली है। जी हां, भारतीय नौसेना ने पहली बार हेलीकॉप्टर स्ट्रीम में दो महिलाओं को तैनात करने का फैसला किया है।

दरअसल, भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्‍यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह को `ऑब्जवर्स` (एयरबोर्न टैक्टिशियंस) के रूप में तैनाती दी गई है। भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार दो महिला अफसरों को वॉर शिप पर तैनात किया जाएगा। नौसेना ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए 17 ऑफिसर्स में से इन 2 को चुना है।

डिफेंस स्टेटमेंट में बताया गया कि, दोनों महिलाएं नौसेना के 17 अधिकारियों के एक समूह का हिस्सा हैं, जिनमें 4 महिला अधिकारी और भारतीय तटरक्षक के 3 अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें आज आईएनएस गरुड़ में आयोजित एक समारोह में `ऑब्जर्वर्स` के रूप में तैनाती को लेकर `विंग्स` से सम्मानित किया गया।ग्रुप में नियमित बैच के 13 अधिकारी और शॉर्ट सर्विस कमीशन बैच की 4 महिला अधिकारी शामिल थीं। समारोह की अध्यक्षता चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) रियर एडमिरल एंटनी जॉर्ज ने की, जिन्होंने अधिकारियों को पुरस्कार और प्रतिष्ठित `विंग्स` भेंट किए।

रियर एडमिरल एंटनी जॉर्ज यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसमें पहली बार महिलाओं को हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा, जो अंततः भारतीय नौसेना के युद्धपोतों में महिलाओं की तैनाती का मार्ग प्रशस्त करेगा। बयान के अनुसार, 91वें नियमित कोर्स और 22वें एसएससी ऑब्जर्वर कोर्स के अधिकारियों को हवाई नेविगेशन, उड़ान प्रक्रियाओं, हवाई युद्ध में नियोजित रणनीति, पनडुब्बी रोधी युद्ध आदि का प्रशिक्षण दिया गया। ये अधिकारी भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमानों की सेवा करेंगे।

हालांकि, भारतीय नौसेना कई महिला अधिकारियों को भर्ती करती रही है, लेकिन अब तक महिला अधिकारियों को युद्धपोतों पर लंंबे अरसे के लिए तैनात नहीं किया गया है, जिसके पीछे कई कारण हैं- क्रू क्वार्टरों में निजता की कमी तथा महिलाओं के लिए विशेष बाथरूम व्यवस्था की उपलब्धता न होना।

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