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पीएम मोदी आज कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

Date : 11-Jan-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना महामारी का प्रसार खतरनाक तरीके से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें मौजूदा स्थिति को देखते हुए नए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं। शादी से लेकर अंतिम संस्कार तक में लोगों की संख्या सीमित की जा रही हैं। इस बीच संसद से जुड़ी जानकारी सामने आई है, कि यहां के 400 कर्मचारी कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए हैं जिसके चलते बजट सत्र के संचालन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।

इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी आज, मंगलवार को शाम चार बजे कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में कोरोना महामारी से उत्पन्न मौजूदा संकट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि देश के पांच राज्यों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 33,470 नए मामले सामने आए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 19,286 केस, दिल्ली में 19,166, तमिलनाडु में 13,990 और कर्नाटक में 11,698 मरीज मिले हैं। हालांकि देशभर के कुल मरीजों में 58.08 फीसदी केस सिर्फ इन 5 राज्यों से हैं। जबकि अकेले महाराष्ट्र में 19.92 फीसदी केस हैं। नई दिल्ली में 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 19166 नए मामले सामने आए हैं। प्रदेश में अब संक्रमण दर 25 फीसदी पर पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ट कराने वाला हर चौथा व्यक्ति संक्रमित पाया जा रहा है। मुंबई की बात करें तो यहां पिछले 24 घंटे के भीतर 13648 कोविड केस सामने आए हैं और 5 मौतें हुई हैं।

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विश्व में हिंदी भारतीय जीवन मूल्यों को प्रसारित करती है : प्रो. रजनीश शुक्ल

Date : 11-Jan-2022

वर्धा (एजेंसी)। हिंदी विश्व में भारतीय जीवन मूल्यों को प्रसारित करती है, यह विचार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने व्यक्त किये। वे विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार 10 जनवरी को ‘हिंदी का वैश्विक परिप्रेक्ष्‍य’ विषय पर तरंगाधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में वक्ता के रूप में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्‍ययन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीरजा अरुण गुप्‍ता, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्‍वविद्यालय, हैदराबाद के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एम. वेंकटेश्‍वर उपस्थित थे। कुलपति प्रो. शुक्ल ने कहा कि विश्व के विभिन्न देशों में हिंदी के विविध रूप हैं। इससे हिंदी को विश्व में पहचान मिली है। भारत से गिरमिटिया और प्रवासी के रूप में अन्य देशों में गये भारतीय वहाँ दूध और शक्कर की तरह घुल मिल गयी है। इस परंपरा में स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी की भी अनन्य भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी विज्ञान और तकनीकी की भाषा के रूप में विकसित होनी चाहिए। इस संदर्भ में हिंदी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी बड़ी है और इस दिशा में हिंदी का बहुतर विस्तार करने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा जताई कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिंदी विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर लेगी।

सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्‍ययन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीरजा अरुण गुप्‍ता ने कहा कि हिंदी विश्व स्तर पर सुदृढ़ और स्थापित हुई है। नेपाल, फीजी, सूरीनाम, स्पेन आदि देशों में हिंदी बोलने और समझने वालों की संख्या बहुत बड़ी है। इस दृष्टि से हिंदी विश्व भाषा बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने हिंदी का विश्व में विस्तार करने में हिंदी फिल्मों, समाचार चैनलों और भारतीय विद्या भवन की भूमिका को विस्तार से व्याख्यायित किया।

अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विश्‍वविद्यालय, हैदराबाद के सेवा निवृत्त प्रोफेसर एम. वेंकटेश्‍वर ने कहा कि मारीशस, फीजी आदि महाद्वीपों में हिंदी के शिक्षण का विस्तार हुआ है। मीडिया, हिंदी विद्वान और रंगकर्मी आदि भी हिंदी के विस्तार के महत्वपूर्ण कारक बने हैं। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के अलावा अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी हिंदी का अध्ययन-अध्यापन हो रहा है। कार्यक्रम की विषय प्रस्तावना विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल ने रखी। उन्होंने कहा कि गिरमिटिया और रोजगार की दृष्टि से विश्व भर में काम के बहाने गए लोगों ने मातृ भाव, समर्पण और श्रद्धा से हिंदी को आगे बढ़ाया है। प्रो. शुक्ल ने हिंदी को और विस्तार देने वैश्विक स्तर पर सक्षम व्यवस्था बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय केंद्र प्रयागराज के अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने किया तथा साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी जुड़े थे।

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भाजपा चुनाव समिति की पहली बैठक में होगा डिजिटल प्रचार पर मंथन

Date : 10-Jan-2022

लखनऊ (एजेसीं)। यूपी विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा चुनाव समिति की पहली बैठक सोमवार शाम भाजपा प्रदेश मुख्यालय में होगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कोरोना संक्रमण के बीच डिजिटल चुनाव प्रचार और चुनावी तैयारियों पर मंथन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ दिनेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह सहित 24 सदस्यीय समिति की बैठक होगी। इसमें सभी सात चरणों में पार्टी के चुनाव प्रचार और प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में पार्टी के घोषणा पत्र के साथ पहले और दूसरे चरण के प्रत्याशी चयन पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में समिति के सदस्य संजीव बालियान, राजवीर सिंह, विनोद सोनकर, ब्रजेश पाठक और बेबी रानी मौर्या भी मौजूद रहेंगी।

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पीएम मोदी ने विश्वनाथ धाम में ड्यूटी करने वालों की सेवादारों के लिए भेजा जूट से बना जूता

Date : 10-Jan-2022

नई दिल्ली (एजेसीं )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर काशी विश्वनाथ धाम में तैनात कर्मचारियों-सेवादारों और पुलिस के जवानों का दिल जीत लिया है। भीषण ठंड में संगमरमर पर नंगे पांव ड्यूटी करने वालों की पीएम मोदी ने चिंता की है। पीएम मोदी ने यहां के सेवादारों और सुरक्षा के लिए तैनात जवानों के लिए जूट से बने जूते भेजे हैं। 100 जोड़ी जूतों का रविवार को अधिकारियों ने मंदिर परिसर में पहुंचकर वितरण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपनी काशी और यहां के लोगों की सुख सुविधाओं को लेकर बातचीत करते रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान भी उन्होंने खुद लोगों को फोन कर बातचीत की और तकलीफों को दूर करने का लगातार प्रयास किया। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान भी यहां की एक-एक गतिविधियों की जानकारी लेते रहे। धाम के लोकार्पण के बाद सबसे पहले इसे बनाने वाले मजदूरों का पीएम मोदी ने सम्मान किया और अपने हाथों से उन पर फूलों की वर्षा की। यही नहीं, मजदूरों के साथ ही दोपहर का भोजन भी किया था। इससे मजदूर ही नहीं उनके परिवार वाले भी गदगद थे। अब एक बार फिर पीएम मोदी ने यहां के सेवादारों की सुध ली है।

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जानें ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट डेल्टाक्रॉन से कितना खतरा! क्या कहते है वैज्ञानिक

Date : 10-Jan-2022

न्युज डेस्क (एजेसीं)। ओमिक्रॉन को कोरोना  का अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला वैरिएंट बताया गया है, लेकिन साइप्रस में इसका व दूसरी लहर में कहर बरपाने वाले डेल्टा का मिश्रित रूप ‘डेल्टाक्रॉन’  सामने आया है। ऐसे में जानना जरूरी है कि डेल्टाक्रॉन कितना घातक हो सकता है?

साइप्रस यूनिवर्सिटी में जैव प्रौद्योगिकी और मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी की प्रयोगशाला के प्रमुख डॉ. लियोन्डियोस कोस्ट्रिक्स ने डेल्टाक्रॉन को खोजा है। उनका कहना है कि यह बेहद संक्रामक ओमिक्रॉन का स्थान ले सकता है।

वायरोलॉजिस्ट टॉम पीकॉक का कहना है कि डेल्टाक्रॉन वैरिएंट न होकर वास्तविक वैरिएंट का दूषित रूप हो सकता है। जब नए वैरिएंट की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाती है तो इस तरह के कंटेनिमेटेड वर्सन पैदा हो सकते हैं। इन्हें आमतौर पर वैरिएंट नहीं माना जाता है। इनकी सॉर्स कोव-2 वायरस की तरह आनुवांशिक कड़ी नहीं जुड़ती है।

वॉयरोलॉजिस्ट व बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के मेडिकल साइंस विभाग के प्रोफेसर सुनीत के. सिंह ने कहा कि आरएनए वायरस जैसे कि सॉर्स-कोव-2 का यह स्वभाव होता है कि वह रूप बदलते (म्यूटेट) रहते हैं। इसके नए मिश्रित रूप का अभी अध्ययन होना है। यह जरूरी नहीं है कि कोरोना वायरस का हर रूप खतरनाक हो।

वैज्ञानिक एरिक टोपोल का कहना है कि डेल्टाक्रॉन नामकरण अधिकृत रूप से नहीं किया गया है। यह नाम साइप्रस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने रखा है। इसे लेकर अनावश्यक डर फैल गया है। साइप्रस यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक लियोन्डियोस कोस्ट्रिक्स की रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस में डेल्टाक्रॉन के अब तक 25 मरीज पाए गए हैं। हालांकि यह वैरिएंट कितना घातक है और इसका क्या असर होगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। कोस्ट्रिक्स ने कहा कि हम पता लगाएंगे कि क्या यह स्ट्रेन अधिक पैथोलॉजिकल या अधिक संक्रामक है और क्या यह पूर्व के दो मुख्य स्ट्रेन से ज्यादा असरकारी होगा। उन्होंने अपने अध्ययन के नतीजे वायरस के अंतरराष्ट्रीय डाटा बेस ‘जीआईएसएड’ को भेजे हैं।

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25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का पीएम मोदी 12 जनवरी को करेंगे उद्घाटन

Date : 10-Jan-2022

नई दिल्ली (एजेसीं)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी 2022 को 11 बजे पूर्वाह्न पुदुच्चेरी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। उल्लेखनीय है कि इसी दिन स्वामी विवेकानन्द की जयंती होती है, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। महोत्सव का उद्देश्य है भारत के युवा मन को दिशा देना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिये शक्ति के रूप में एकजुट करना। यह सामाजिक जुड़ाव तथा बौद्धिक और सांस्कृतिक एकता के सबसे बड़े प्रयासों में शामिल है। इसका लक्ष्य है भारत की विविधतापूर्ण संस्कृतियों को साथ लाना और उन्हें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के एकता के सूत्र में पिरोना।

इस वर्ष कोविड की वर्तमान परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुये महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से 12-13 जनवरी, 2022 को आयोजित किया जायेगा। उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय युवा शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें चार विशेष विषयों पर पैनल चर्चा होगी। युवाओं के नेतृत्व में विकास तथा उभरते मुद्दों और चुनौतियों का समाधान करने के लिये युवाओं को प्रेरित करने सम्बंधी प्रयासों के क्रम में पर्यावरण, जलवायु और सतत विकास लक्ष्य आधारित  वृद्धि, प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता और नवोन्मेष, स्वदेशी और प्राचीन ज्ञान, राष्ट्रीय चरित्र, राष्ट्र निर्माण तथा स्थानीय और क्षेत्रीय उद्यमों को बढ़ावा जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

पुदुच्चेरी, ऑरोविले, प्रौद्योगिकी द्वारा शहरों के दैनिक जीवन को उन्नत बनाने, स्वदेशी खेल और लोकनृत्यों आदि के बारे में रिकॉर्डेड वीडियो कैप्सूल भी महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों को दिखाये जायेंगे। ओलंपियनों और पैरालंपियनों के साथ भी खुली चर्चा होगी तथा उसके बाद सांयकाल प्रत्यक्ष कला प्रदर्शन होगा। प्रातःकाल वर्चुअल योग सत्र का भी आयोजन किया जायेगा।

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देश में आज से एहतियाती खुराक लगना शुरू, जानें कहां करना होगा आवेदन, यहां जानें सबकुछ

Date : 10-Jan-2022

नई दिल्ली (एजेसीं )। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे और पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा के बाद देश में आज , सोमवार से एहतियाती खुराक लगना शुरू हो गई है। कोरोना वैक्सीन की यह तीसरी खुराक बूस्टर डोज के रूप में दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने 25 दिसंबर को ही एहतियाती खुराक को लेकर एलान किया था। यह तीसरी खुराक फिलहाल हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को ही दी जाएगी। आइए, जानें इसके बारे में सबकुछ…

किसको लगेगी एहतियाती खुराक?

देश में फिलहाल हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स या फिर वरिष्ठ नागरिक जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें ही एहतियाती खुराक या बूस्टर डोज लगेगी। गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिक अपने डॉक्टर की सलाह पर ही एहतियाती खुराक ले सकेंगे।

क्या इसके लिए पंजीकरण आवश्यक है? अगर हां, तो कैसे होगा…
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि एहतियाती खुराक के लिए किसी भी प्रकार के पंजीकरण के आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पुराने पंजीकरण के आधार पर ही उन्हें कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जाएगी।

अप्वाइंटमेंट भी जरूरी है क्या?

एहतियाती खुराक के लिए CoWin एप पर बदलाव किया गया है। एप पर तीसरे डोज को लेकर फीचर जोड़ दिया गया है। ऐसे में आप सीधे इस फीचर के जरिए अप्वाइंटमेंट ले सकते हैं। इसके अलावा सीधे वैक्सीनेशन सेंटर जाकर तीसरी खुराक लगवा सकते हैं। यहां भी आपको नया पंजीकरण करवाने की आवश्कता नहीं पड़ेगी।

दोनों खुराक और तीसरे डोज के बीच अंतर होना चाहिए क्या?
हां, अगर आपको कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक लग चुकी हैं और नौ महीने का समय बीत चुका है, तभी आप तीसरी खुराक के लिए पात्र होंगे।

एहतियाती खुराक को लेकर कोई मैसेज आएगा क्या?

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उन लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है, जो नौ महीने पहले वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। इसके अलावा मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि अगर किसी को मैसेज नहीं मिलता है तो वह खुद से अपनी दूसरी खुराक के बीच अंतर देख लें।

क्या एहतियाती खुराक में कोई भी वैक्सीन ले सकते हैं?

नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसको लेकर भी साफ कहा है कि एहतियाती खुराक या तीसरी डोज उसी वैक्सीन की दी जाएगी, जो आपको पहले से लगी है। यानी अगर आपने कोरोना वैक्सीन कोवॉक्सिन को दोनों डोज लिए हैं तो तीसरा डोज भी इसी का लगेगा। इसी तरह कोविशील्ड लेने वाले लोगों को कोविशील्ड की ही एहतियाती खुराक दी जाएगी।

वैक्सीनेशन सेंटर पर किसी तरह के कागज ले जाने होंगे?

हां, एहतियाती खुराक लगवाने के लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक पहचान पत्र लेकर जरूर जाएं।

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पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के लिए बनाएगा कमेटी

Date : 10-Jan-2022

नई दिल्ली (एजेसीं )। पीएम नरेंद्र मोदी  की सुरक्षा में चूक मामले पर आज (सोमवार को) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने जा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने इस कमेटी में चंडीगढ़ के डीजीपी, एनआईए के आईजी, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और पंजाब के एडीजीपी को शामिल करने के लिए कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब आप तय ही नहीं कर पा रहे हैं कि चूक हुई है या नहीं तो कोर्ट क्यों आए हैं? पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले में एसपीजी एक्ट और ब्लू बुक का उल्लंघन हुआ है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना  की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि हमें आज सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मिले.

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सारे रिकॉर्ड हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास जमा किए जा चुके हैं.

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हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि संपूर्ण संस्‍कृति है : डॉ. विनय सहस्रबुद्धे

Date : 09-Jan-2022

वर्धा (एजेंसी)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद के अध्‍यक्ष तथा राज्‍य सभा सदस्‍य डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि हिंदी हमें प्रेम, स्‍नेह, करूणा और ममता सिखाती है। ये परिवार एवं  समाज को एक कड़ी में बांधकर रखते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इस दृष्टि से देखे तो हिंदी सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि संपूर्ण संस्‍कृति है।  डॉ. सहस्रबुद्धे ने शनिवार, 8 जनवरी को विश्‍वविद्यालय के पंचम दीक्षांत महोत्‍सव में बतौर मुख्‍य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि अपने स्‍थापना काल से ही इस विश्‍वविद्यालय ने महात्‍मा गांधी के ‘सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय’ के सपने को साकार किया है। उन्‍होंने कहा कि इस विश्‍वविद्यालय के नाम में गांधी, हिंदी और अंतरराष्‍ट्रीय तीन ऐसे शब्‍द है जो इसकी कार्यशैली, दर्शन और सिद्धांत को दर्शाते है।

छात्रों को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि ये अच्‍छी बात है कि हम विभिन्‍न भाषाओं को सीखें परंतु हमें अपनी मातृभाषा से अधिक लगाव होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारत जैसे देश में संस्‍कृति और शिक्षा दो अविभाज्‍य मानदंड है और ये एक दूसरे के पूरक है। किसी भी देश की शिक्षा पद्धति को समाज के सांस्‍कृतिक अवलोकन से ही मार्गदर्शन प्राप्‍त होता है। सभी छात्रों को उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की शुभकामनाएं देते  हुए उन्‍होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम भारत की सांस्‍कृतिक सभ्‍यता और विविधता को समझते हुए सार्वभौमिक विकास को गति दे ताकि हमारा राष्‍ट्र नई बुलंदियों को छू सके।

कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हुए विश्‍वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. कमलेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्‍वयन नए युग के समारंभ की सूचना है। प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि राष्‍ट्रीय परिप्रेक्ष्‍य में आज समस्‍त भारतीय भाषाओं और हिंदी से नई अपेक्षाएं तथा उसके संपूर्ति की अपूर्व संभावनाएं उपस्थित हुई है अत: शनिवार को महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी वर्धा का दायित्‍व और अधिक बढ़ गया है। अंतरराष्‍ट्रीय क्षीतिज पर भी इसका प्रदीप्‍त उन्‍मेष स्‍पष्‍ट रूप से दृग्‍गोच्‍चर हो रहा है। प्रो. त्रिपाठी ने नए स्‍नातकों को बधाई देते हुए कहा कि हर भारतवंशी के पास पहुंचना इस विश्‍वविद्यालय का कर्तव्‍य है ।

कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने स्‍वागत उद्बोधन एवं प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया तथा दीक्षांत उपदेश दिया। अपने उद्बोधन में उन्‍होंने विश्‍वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में विश्‍वविद्यालय की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि स्‍थापना काल से ही विश्‍वविद्यालय ने अकादमिक अनुसंधान एवं  सामाजिक परिवर्तन लाने में अपना महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। पिछले एक वर्ष की अकादमिक गतिविधियों को रेखांकित हुए प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय ने अपने ध्‍येय के अनुसार ही हिंदी के पठन पाठन के लिए  विदेश की महत्‍वपूर्ण संस्‍थाओं के साथ समझौता ज्ञापन के अंतर्गत कार्यक्रमों की शुरूआत की है जिसके अंतर्गत विभिन्‍न देशों के उच्‍च अधिकारियों को हिंदी की बुनियादी शिक्षा दी जा रही है और यह योजना आगे भी जारी रहेगी। इस योजना के माध्‍यम से हिंदी को एक अंतरराष्‍ट्रीय भाषा के रूप में विस्‍तार मिलेगा।  प्रो. शुक्‍ल ने इस अकादमिक सत्र में प्रकाशित दस पुस्‍तकों का भी उल्‍लेख किया। उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि ये पुस्‍तकें समाज में सकारात्‍मक विमर्श को जन्‍म देंगी। देश के महानायक बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, पं‍. मदन मोहन मालवीय की हाल ही में स्‍थापित मूर्तियों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि इसके माध्‍यम से विद्यार्थियों को देश के नायकों से प्रेरणा मिलेगी। प्रो. शुक्‍ल ने बताया कि विश्‍वविद्यालय ने राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शत-प्रतिशत स्‍वीकार किया एवं उसके क्रियान्‍वयन की दिशा में सार्थक प्रयास भी किया। उन्‍होंने गांधी जी के स्‍वावलंबन और आत्‍मनिर्भरता के दर्शन की पूर्ति हेतु विश्‍वविद्यालय ने चरखा और करघा प्रशिक्षण के लिए विदर्भ के दस गावों के लोगों को स्‍वरोजगार के लिए उठाएं गये कदमों का उल्‍लेख किया। प्रो. शुक्‍ल ने बताया कि‍ विश्‍वविद्यालय ने रिद्धपुर में मराठी भाषा और तत्‍वज्ञान केंद्र स्‍थापित किया साथ ही राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्‍वयन की दिशा में  सुदूर उत्तर पूर्व राज्‍यों में विश्‍वविद्यालय के केंद्र स्‍थापित किये जाने की योजना हैं ।

विश्‍वविद्यालय के डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी अकादमिक भवन के कस्‍तूरबा सभागार में आयोजित दीक्षांत महोत्‍सव में नीता ज्ञानदेवराव उघडे को कुलाधिप‍ति स्‍वर्ण पदक तथा शची पाण्‍डेय को सर्वोदया रत्‍नमाला तुकाराम बोरकर स्‍मृति स्‍वर्ण पदक प्रदान किया गया। दीक्षांत कार्यक्रम में कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल द्वारा 45 विद्यार्थियों को स्‍वर्ण पदक तथा 470 स्‍नातकों को उपाधि ऑनलाइन प्रदान की गयी। उपाधिधारकों में 27 विद्यार्थी पी-एच. डी., 44 विद्यार्थी एम.फिल., 229 विद्यार्थी स्‍नातकोत्‍तर तथा 170 विद्यार्थी स्‍नातक के हैं। दीक्षांत महोत्‍सव में कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने हिंदी साहित्‍य में विशिष्‍ट अवदान के लिए पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और सुपर कंप्‍यूटर के प्रारूपकार , सुविख्‍यात वैज्ञानिक डॉ. विजय भटकर को डी.लिट्. की मानद उपाधि प्रदान की। डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और डॉ. विजय भटकर ने आभासी माध्‍यम से अपने मनोगत व्‍यक्‍त करते हुए संबोधित किया।

मुख्‍य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद के अध्‍यक्ष राज्‍य सभा सदस्‍य डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि अपने स्‍थापना काल से ही इस विश्‍वविद्यालय ने महात्‍मा गांधी के ‘सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय’ के सपने को साकार किया है। उन्‍होंने कहा कि गांधी, हिंदी और अंतरराष्‍ट्रीय तीन ऐसे शब्‍द है जो इसकी कार्यशैली, दर्शन और सिद्धांत को दर्शाते है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि ये अच्‍छी बात है कि हम विभिन्‍न भाषाओं को सिखें परंतु हमें अपनी मातृभाषा से अधिक लगाव होना चाहिए। उन्‍होंने अपने पूर्वजों के अथक प्रयासों विशेष प्रयासों विशेष रूप से भारत रत्‍न बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संपूर्ण समाज को संवैधानिक संरचना में बांधे रखने के लिए आभार व्‍यक्‍त किया।  सभी छात्रों को उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम भारत की सांस्‍कृतिक सभ्‍यता  और विविधता को समझते हुए सार्वभौमिक विकास को गति दे ताकि हमारा राष्‍ट्र नई बुलंदियों को छू सके।

दीक्षांत महोत्‍सव में कवि कुलगुरु संस्‍कृत विश्‍वविद्यालय रामटेक के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कार्य परिषद्, विद्या परिषद्  के सदस्‍यगण,  प्रतिकुलपति द्वय प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्‍ल और डॉ. चंद्रकांत रागीट, अधिष्‍ठाता गण,  विभागाध्‍यक्ष गण, कुलसचिव कादर नवाज़ ख़ान उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रारंभ राष्‍ट्रगान से तथा समापन राष्‍ट्रगीत (वंदे मातरम) से किया गया। कार्यक्रम का संचालन दूरशिक्षा निदेशालय में एसोसिएट प्रोफेसर प्रियका मिश्रा द्वारा किया गया। दीक्षांत महोत्‍सव के प्रारंभ में अभिनवगुप्त प्रांगण में विश्‍वविद्यालय का झंडारोहण तथा दूर शिक्षा निदेशालय भवन में पं. मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा का अनावरण कुलाधिपति प्रो. कमलेश दत्त त्रिपाठी ने किया। विश्‍वविद्यालय में हाल ही में स्थापित बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और गांधी हिल्स पर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर कुलाधिपति प्रो. त्रिपाठी एवं कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल, मुख्य अतिथि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, कार्य परिषद् के सदस्य प्रो. योगेंद्र नाथ ‘अरूण’ आदि ने पुष्पांजलि अर्पित कर अभिवादन किया। प्रति कुलपति द्वय प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल और डॉ. चंद्रकांत रागीट, अधिष्ठातागण और अध्यापक उपस्थित थे।

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पंजाब सरकार की एफआईआर में कहीं भी प्रधानमंत्री मोदी के नाम का जिक्र तक नहीं

Date : 09-Jan-2022

चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब के फिरोजपुर में पांच जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में थाना कुलगढ़ी पुलिस ने डेढ़ सौ अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया है। यह मामला आईपीसी की धारा 283 के तहत दर्ज की गई है। अब इस एफआईआर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

दरअसल इस एफआईआर में कहीं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का जिक्र तक नहीं है। वहीं जो धारा इसमें लगाई गई है, उसमें मात्र दो सौ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसमें थाने से ही जमानत मिल जाती है, कोर्ट जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। अब पंजाब पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं।

पांच जनवरी को फिरोजपुर के गांव प्यारेआना में हाईवे जाम कर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोका था। इसके बाद छह जनवरी को 7.40 बजे डेढ़ सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के नेताओं को नाम मालूम है। जरूरत पड़ने पर इन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। फिलहाल अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है।

यह प्राथमिकी पुलिस अधिकारी बीरबल सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। उन्होंने इसमें कहा है कि 5 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे फ्लाईओवर पर पहुंचे। जब वह वहां पहुंचे, उससे डेढ़ घंटे पहले ही पीएम फंसकर वापस बठिंडा हवाई अड्डे लौट गए थे। एफआईआर में दर्ज है कि निरीक्षक को सूचित किया गया कि अज्ञात लोग मोगा-फिरोजपुर मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण भाजपा की रैली वाला रास्ता बंद हो गया है, इनमें वीआईपी भी शामिल थे। कुलगरी थाने के एसएचओ बीरबल सिंह ने अपनी ड्यूटी पूरी की और पुलिस स्टेशन जाकर मामला दर्ज करवाया।

यूपी के पूर्व डीजीपी ने उठाए सवाल

इस बीच यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह ने इस मामले में कहा है कि पीएम की सुरक्षा में चूक के लिए पंजाब पुलिस और पंजाब का राजनीतिक नेतृत्व जिम्मेदार है। पीएम के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित नहीं करने का कोई औचित्य नहीं हो सकता। अगर हम राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते तो हम किस पर भरोसा करें?

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