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20 जनवरी को न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमायोर कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति पद की दिलाएंगी शपथ

Date : 18-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। प्रथम महिला, प्रथम अश्वेत और दक्षिण एशियाई मूल की प्रथम उप राष्ट्रपति के तौर पर बुधवार को शपथ ग्रहण करने के साथ कमला हैरिस इतिहास रचने जा रही हैं।

उन्हें न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमायोर 20 जनवरी को अमेरिका के उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगी। सोटोमायोर पहली लातिन अमेरिकी न्यायमूर्ति हैं। खबर के मुताबिक नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति कमला (58) सोटोमायोर की पृष्ठभूमि को प्रेरक मानती हैं। एक सूत्र के मुताबिक सोटोमायोर का चयन हैरिस ने किया है। दोनों ही अभियोजक रह चुकी हैं। हैरिस कैलिफोर्निया में ,जबकि सोटोमायारो न्यूयार्क में अभियोजक रही हैं। शपथ ग्रहण के लिए हैरिस दो बाइबल का उपयोग करेंगी, जिनमें से एक रेगीना शेल्टन की होगी। हैरिस और उनकी बहन माया उन्हें मां के समान मानती हैं। सीएनन की खबर के मुताबिक हैरिस ने कैलिफोर्निया के अटार्नी जनरल पद की शपथ के लिए शेल्टन की बाइबल का उपयोग किया था।

दूसरी बाइबल थरगुड मार्शल की होगी, जो सुप्रीम कोर्ट में प्रथम अफ्रीकी-अमेरिकी न्यायाधीश रहे हैं। हैरिस, सोटोमायोर और मार्शल दोनों की प्रशंसक रही हैं। हैरिस ने ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो में कहा था कि उनके वकील बनने की इच्छा के पीछे एक प्रमुख वजह मार्शल हैं। सोटोमायोर ने इससे पहले 2013 में जो बाइडन को उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी।

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पवित्र कोलम रंगोली से होगी अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के शपथग्रहण समारोह की शुरुआत

Date : 17-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के शपथ ग्रहण से जुड़े ऑनलाइन समारोह की शुरुआत परंपरागत भारतीय रंगोली के साथ होगी। रंगोली को तमिलनाडु में कोलम के नाम से जाना जाता है। घर के द्वार पर इसे बनाना शुभ माना जाता है। हैरिस की मां मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। रंगोली के हजारों डिजाइन बनाने के लिए अमेरिका और भारत के 1,800 से अधिक लोगों ने इस ऑनलाइन पहल में हिस्सा लिया।

इस पहल में भाग लेने वाली मल्टीमीडिया कलाकार शांति चंद्रशेखर ने कहा, `` कई लोगों का मानना है कि कोलम सकारात्मक ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक है। विभिन्न समुदायों के सभी आयुवर्ग के लोगों ने पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से बनी रंगोलियां बनाने की इस पहल में अपने-अपने घर से भाग लिया। स्थानीय स्तर पर शुरू की गई यह पहल हमारी उम्मीदों से अधिक बड़ी बन गई।``

शुरुआत में इसे व्हाइट हाउस के बाहर बनाया जाना था। बाद में इसे कैपिटल हिल के बाहर बनाने की अनुमति दे दी गई थी, लेकिन वाशिंगटन डीसी में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंधों के कारण यह अनुमति रद्द कर दी गई। इसी कारण बाइडन और हैरिस का स्वागत करने के लिए रंगोली के हजारों डिजाइन को एक वीडियो में सजाया गया, ताकि अमेरिका की बहु सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जा सके।

`इनॉगरेशन कोलम 2021` आयोजन दल की सदस्य सौम्या सोमनाथ ने कहा कि स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद इसे प्रदर्शित किये जाने की तारीख तय की जाएगी।

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन अपने कार्यकाल के पहले दिन चार चुनौतियों. और नस्ली असमानता से निपटने के लिए एक दर्जन प्रस्तावों पर करेंगे हस्ताक्षर

Date : 17-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। 17 जनवरी अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन अपने कार्यकाल के पहले दिन देश के सामने मौजूद चार चुनौतियों- कोविड-19 संकट, आर्थिक संकट, पर्यावरण संबंधी संकट और नस्ली असमानता से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे।

व्हाइट हाउस के नवनियुक्त चीफ आफ स्टाफ रोन क्लीन ने आगामी व्हाइट हाउस वरिष्ठ कर्मियों को शनिवार को दिए एक ज्ञापन में कहा, ``नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ऐसे समय में कार्यभाल संभाल रहे हैं, जब देश गंभीर संकट से जूझ रहा है। हमारे सामने चार बड़े संकट हैं, जो एक दूसरे से जुड़े हैं। ये संकट हैं- कोविड-19 संकट, इसके कारण पैदा हुआ आर्थिक संकट, पर्यावरण से जुड़ा संकट और नस्ली समानता (के अभाव) से जुड़ा संकट।``

उन्होंने कहा कि इन सभी संकटों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है और बाइडन अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 दिन में इन संकटों से निपटने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। क्लीन ने कहा, ``शपथ ग्रहण के दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन चार संकटों से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे।``

उन्होंने कहा कि जैसे कि पहले ही घोषणा की गई थी, वह शिक्षा विभाग से छात्रों के लिए ऋण के भुगतान पर मौजूदा रोक की अवधि बढ़ाएंगे, पेरिस समझौते में पुन: शामिल होंगे और ``मुसलमानों पर प्रतिबंध`` हटाएंगे।

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राष्ट्रपति जो बाइडेन ने किया 138 लाख करोड़ के राहत पैकेज का एलान, हर नागरिक को मिलेंगे 30 हजार

Date : 15-Jan-2021

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और इससे पहले ही उन्होंने अपना सबसे अहम चुनावी वादा निभाने का एलान कर दिया है। कोरोना की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित हुई अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर (138 लाख करोड़ रुपये) के राहत पैकेज का एलान किया है।

इस पैकेज को कांग्रेस के यानी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में पास कराना होगा। मौटे तौर पर देखा जाए तो पैकेज लागू होने के बाद हर अमेरिकी के खाते में 1,400 डॉलर यानि कि करीब 30,000 रुपये आएंगे। इसके अलावा बाइडेन के पैकेज में छोटे कारोबारियों को राहत दी गई है। इस पैकेज को अमेरिकन रेस्क्यू प्लान नाम दिया गया है। 
जो बाइडेन के पैकेज में जिस तरह से फंड का बंटवारा किया गया है उससे साफ होता है कि कारोबार, शिक्षा और हर अमेरिकी को राहत देने का फैसला किया गया है। पैकेज के तहत 415 अरब डॉलर कोरोना के खिलाफ जंग पर खर्च किए जाएंगे। वहीं 1,400 डॉलर हर अमेरिकी के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। 440 अरब डॉलर स्मॉल स्केल बिजनेस के सुधार पर खर्च होंगे।

इसके अलावा 15 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से कर्मचारियों को न्यूमतम वेतन दिया जाएगा। पहले ये सात डॉलर के आस-पास होता था। हालांकि इस पैकेज में यह दिक्कत आ सकती है क्योंकि जब ट्रंप ने राहत पैकेज का एलान किया था, तब डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई सवाल किए थे। अभी भी सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है और वो इस पर अडंगा सकते हैं। 

इसके अलावा डिफेंस सेक्टर के लिए कोई अलग एलान नहीं किया गया है तो इस पर आपत्ति उठ सकती है। इस राहत पैकेज का एलान करते हुए जो बाइडेन ने कहा कि संकट बड़ा और रास्ता मुश्किल है। उन्होंने आगे कहा कि जो करना है, वो फौरन करना है। बाइडेन चाहते हैं कि 100 दिन में दस करोड़ अमेरिकी नागरिकों को वैक्सीनेट किया जाए। बाइडेन बेरोजगारी भत्ते को 300 डॉलर से बढ़ाकर 400 डॉलर करना चाहते हैं। 

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अमरीका के निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने 1 खरब 90 अरब डॉलर के कोरोना वायरस आपात राहत पैकेज की घोषणा की

Date : 15-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमरीका के निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने एक खरब 90 अरब डॉलर के कोरोना वायरस आपात राहत पैकेज की घोषणा की है। श्री बाइडेन के इस प्रोत्‍साहन पैकेज का उद्देश्‍य बिगड़ती अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार लाना और महामारी से हुए नुकसान की भरपाई करना है।

पैकेज को कोविड के बढ़ते मामलों से संघर्ष करने वाले परिवारों, व्‍यापारियों और स्‍थानीय सरकारों के लिए संघीय सहायता में अधिक राशि देने के लिए तैयार किया गया है। बाइडेन की इस योजना में अमरीकी परिवारों को प्रत्‍यक्ष भुगतान की नई राशि, स्‍कूलों को सुरक्षित खोलने के लिए धनराशि देना और राष्‍ट्रीय वैक्‍सीन कार्यक्रम में तेजी लाना शामिल है। श्री बाइडेन ने 20 जनवरी को कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहले 100 दिनों में 10 करोड़ वैक्‍सीन दिये जाने का लक्ष्‍य तय किया है।

अमरीका सरकार ने आपात उपयोग के लिए दो अलग-अलग वैक्‍सीन की मंजूरी दी है। दोनों वैक्‍सीन अलग-अलग दी जायेंगी। अब तक एक करोड़ से अधिक लोगों को वैक्‍सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है।

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नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बिडेन की सलाहकार समिति में जगह बनाई एक और भा​​रतीय चेहरा, सोनिया अग्रवाल होंगी जलवायु नीति सलाहकार

Date : 15-Jan-2021

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। एक बार फिर किसी भारतीय मूल के नागरिक ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बिडेन की सलाहकार समिति में जगह बनाई है। इस बार बिडेन ने ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ सोनिया अग्रवाल को जलवायु नीति और नवाचार के लिए अपनी वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नामित किया।

सोनिया बिडेन प्रशासन में शामिल कई प्रमुख भारतीय अमेरिकी चेहरों में से एक हैं। बिडेन की ट्रांजिशन टीम के अनुसार, बिडेन जिन दिनों उप राष्ट्रपति थे, उन दिनों सोनिया अग्रवाल ने ऊर्जा नवाचार के लिए 200 बिजली नीति विशेषज्ञों को एकजुट किया था और अमेरिका की बिजली योजना का नेतृत्व किया था।
सोनिया ने जलवायु और ऊर्जा नीतियों के पर्यावरण, आर्थिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए ऊर्जा नीति सिम्युलेटर विकसित करने वाली टीम को भी निर्देशित किया था। ओहियो में जन्मीं सोनिया अग्रवाल ने सिविल इंजीनियरिंग में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में मास्टर्स कोर्स किया है।

बिडेन प्रशासन में महत्वपूर्ण पदों के लिए नामित भारतीय अमेरिकियों में से एक कमला हैरिस, अगले बुधवार को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी। नीरा टंडन कैबिनेट रैंक के साथ प्रबंधन और बजट के कार्यालय की निदेशक होंगी। विवेक मूर्ति सर्जन जनरल, वेदांत पटेल सहायक प्रेस सचिव, विनय रेड्डी भाषण लेखन निदेशक और गौतम राघवन राष्ट्रपति के कार्मिक कार्यालय के उप निदेशक होंगे।

अन्य लोगों में: अतुल गवांडे और सेलीन गौंडर, कोविड-19 टास्क फोर्स के सदस्य, भरत राममूर्ति राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के उपनिदेशक, सबरीना सिंह, कमला हैरिस के लिए उप प्रेस सचिव, माला अदिगा प्रथम महिला बनने वाली जिल बाइडेन के लिए नीति निदेशक रहेंगी।

शपथ ग्रहण समारोह आयोजन समिति के कार्यकारी निदेशक माजू वर्गीज बनाए गए हैं।
शक्तिशाली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में नामांकित व्यक्ति तरुण छाबरा, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए वरिष्ठ निदेशक हैं। सुमोना गुहा, दक्षिण एशिया के लिए वरिष्ठ निदेशक और शांति कलाथिल, लोकतंत्र और मानवाधिकार के लिए समन्वयक।

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पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने हिंदू मंदिर को बचाने में लापरवाही के दोषी पाये गये 12 पुलिस अधिकारियों को किया बर्खास्त

Date : 15-Jan-2021

पेशावर (एजेंसी)। पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने यहां एक हिंदू मंदिर को बचाने में ‘लापरवाही’ के दोषी पाये गये 12 पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। एक चरमपंथी इस्लामी पार्टी के सदस्यों के नेतृत्व में भीड़ ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित इस मंदिर में आग लगा दी थी।

सरकार ने घटना के सिलसिले में 33 पुलिस अधिकारियों की एक साल की सेवा भी निलंबित कर दी है। खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले के तेरी गांव में 30 दिसंबर को भीड़ ने मंदिर पर हमला कर दिया था। इससे पहले ही हिंदू समुदाय के सदस्यों को दशकों पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय अधिकारियों से अनुमति मिली थी। भीड़ ने मंदिर के पुराने भवन के साथ ही नये निर्माण कार्यों को भी गिरा दिया। कोहट क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक तैयब हाफिज चीमा ने घटना की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक (जांच प्रकोष्ठ) जहीर शाह को जांच अधिकारी नियुक्त किया था और एक सप्ताह के अंदर इस मामले में रिपोर्ट सौंपी गयी। रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गयी।

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भारत ने ब्रिटेन की संसद में कश्मीर पर चर्चा में झूठे दावों की निंदा की

Date : 15-Jan-2021

लंदन (एजेंसी)। लंदन में संसद भवन परिसर में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा में कुछ सांसदों के भाग लेने पर निराशा प्रकट करते हुए भारत ने कहा कि यह चर्चा ‘एक तीसरे देश’ (पाकिस्तान) द्वारा किये गये झूठे दावों और अपुष्ट आरोपों पर आधारित थी। हाउस ऑफ कॉमन्स के वेस्टमिंस्टर हॉल में बुधवार की शाम कुछ ब्रिटिश सांसदों द्वारा आयोजित चर्चा का शीर्षक कश्मीर में राजनीतिक परिस्थिति था।

लंदन में भारतीय उच्चायोग ने इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताते हुए इन्हें अपने आप में समस्या वाला बताया। उच्चायोग ने एक बयान में कहा, शीर्षक में ‘कश्मीर’ शब्द के इस्तेमाल के संदर्भ में केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर, जो भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (जब पूर्ववर्ती कश्मीर राज्य को कानूनी तरीके से अक्टूबर 1947 में भारत में शामिल किया गया था, तो इस हिस्से को पाकिस्तान ने जबरन और अवैध तरीके से कब्जा लिया था) के बीच अंतर समझने की जरूरत है। उसने कहा, इस बात पर भी संज्ञान लिया गया कि जमीनी रूप से दिखने वाले तथ्यों और अद्यतन जानकारी के आधार पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पर्याप्त प्रामाणिक जानकारी होने के बावजूद, भारत के केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के संदर्भ में, मौजूदा जमीनी हकीकत की अनदेखी की गयी और एक तीसरे देश द्वारा किये जाने वाले झूठे दावों को प्रदर्शित किया गया जिनमें ‘नरसंहार’ और ‘हिंसा’ तथा ‘प्रताड़ना’ जैसे अपुष्ट आरोप थे। ब्रिटेन की सरकार की ओर से चर्चा का जवाब देते हुए विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफडीसीओ) के मंत्री निगेल एडम्स ने यह आधिकारिक रुख दोहराया था कि ब्रिटेन को भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामले में कोई मध्यस्थ भूमिका नहीं निभानी।

हालांकि उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दोनों ओर मानवाधिकार संबंधी चिंताएं हैं। एशिया के लिए मंत्री की जिम्मेदारी होने के नाते से एडम्स ने कहा, सरकार की (कश्मीर पर) नीति स्थिर है और इसमें कोई बदलाव नहीं है। हम लगातार यह मानते आये हैं कि हालात का दीर्घकालिक राजनीतिक समाधान भारत और पाकिस्तान को तलाशना है जिसमें कश्मीरी जनता की आकांक्षाओं का ध्यान रखा जाए, जैसा कि शिमला समझौते में उल्लेखित है। लेबर पार्टी की सारा ओवेन द्वारा आयोजित चर्चा में ब्रिटेन के विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने भाग लिया जिनमें से अधिकतर के निर्वाचन क्षेत्रों में कश्मीरी मूल के लोगों की अच्छी आबादी है।

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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ पारित किया महाभियोग प्रस्ताव

Date : 15-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने में महज कुछ दिन पहले प्रतिनिधि सभा ने पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में हुई हिंसा के मद्देनजर उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके साथ ही ट्रंप अमेरिका के इतिहास में पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया जा रहा है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली प्रतिनिधि सभा में इस प्रस्ताव को 197 के मुकाबले 232 मतों से पारित किया था। रिपब्लिकन पार्टी के भी 10 सांसदों ने इसके समर्थन में मतदान किया। चार सांसदों ने मतदान नहीं किया। इस महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए छह जनवरी को राजद्रोह के लिए उकसाने’’ का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद भवन) की घेराबंदी करने के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

भारतीय मूल के चारों अमेरिकी सांसदों एमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल ने महाभियोग के समर्थन में मतदान किया। इससे पहले, प्रतिनिधि सभा ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित करके देश के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस से अपील की थी कि वह निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए 25वां संशोधन लागू करें। इस प्रस्ताव को मंगलवार को 205 के मुकाबले 223 मतों से पारित किया गया था।

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डॉनल्ड ट्रम्प बने दो बार महाभियोग का सामना करने वाले अमरीकी राष्ट्रपति

Date : 14-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। डॉनल्‍ड ट्रम्‍प दो बार महाभियोग का सामना करने वाले अमरीका के पहले राष्‍ट्रपति बन गए हैं। अमरीकी संसद पर पिछले हफ्ते हुए भीड़ को हमले के लिए उकसाने के आरोप में संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजंटेटिव ने कल ट्रम्‍प पर महाभियोग चलाने के पक्ष में वोट दिया।

महाभियोग प्रस्‍ताव के पक्ष में 232 और विरोध में 197 वोट पड़े। अमरीकी संसद पर हुए हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी और कैपिटल की इमारत को नुकसान पहुंचाया गया। महाभियोग प्रस्‍ताव को डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी सदस्‍यों और लिज चेनी समेत रिपब्लिकन पार्टी के 10 सदस्‍यों ने भी समर्थन दिया। महाभियोग प्रस्‍ताव पर सीनेट में चर्चा इस महीने की 20 तारीख से पहले शुरु नहीं होगी, जब डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जो बाइडेन राष्‍ट्रपति का पदभार संभालेंगे।

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