Chhattisgarh

प्रदेश की राजधानी के थोक दवा बाजार में पहुंची इंजेक्शन की खेप, लेकिन न अस्पताल भेजा गया न परिजनों को दे रहे

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जिस कदर कोरोना संंक्रमण विकराल हो रहा है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश की राजधानी के थोक दवा बाजार में इंजेक्शन की खेप पहुंच तो गई है, लेकिन औषधि विभाग के अफसरों ने इंजेक्शन को सील कर दिया है।

सूत्रों का कहना है कि औषधि विभाग के अफसर इंजेक्शन की वाइल अपने रिकमंडेशन पर ही देने के निर्देश थोक दवा विक्रेताओं को दिए हैं। इसके साथ ही मरीजों के परिजनों को दवा देेने पर रोक लगा दी गई है। वहीं राज्य सरकार का कहना है कि इंजेक्शन अस्पतालों में सीधे मरीज के लिए उपलब्ध होंगे, लेकिन बाजार में दवा उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों के लिए मंगलवार दोपहर तक दवा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

यहां पर सरकार का निर्णय तो सटिक है पर औषधि विभाग के अफसरों की तरफ से दिए गए निर्देश कुछ और ही बयां कर रहे हैं। यदि बाजार में दवा है और परिजनों को उपलब्ध नहीं कराना है तो अस्पतालों को अब तक क्यों नहीं भेजा गया? और यदि नहीं भेजा गया तो परिजनों को दवा देने पर विभाग ने रोक क्यों लगाई है। क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार राजधानी में कर रहा है या फिर दवाई की सप्लाई रोक कर अफसर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की फिराक में हैं।

यहां पर सबसे बड़ी बात यह भी है कि जिस रेमडेसिविर इंजेक्शन को थोक दवा बाजार से मरीजों के परिजन थोक के दाम पर खरीद रहे थे तो अब अस्पताल से वहीं दवाएं खुदरा मूल्य पर उपलब्ध होंगी। औषधि विभाग का यह फरमान मरीजों को फायदा पहुंचाने के लिए है या अस्पतालों के लिए यह तो विभाग के अफसर ही जानें, लेकिन पूरा सिस्टम आज इस आपदा की स्थिति को अवसर बनाकर अस्पतालों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष फायदा पहुंचा रहा है।

यहां पर विभाग यदि अस्पतालों को इंजेक्शन की सप्लाई देना चाहता है तो अस्पताल के लिए विक्रय मूल्य का निर्धारण भी आवश्यक है, क्योंकि जब से इंजेक्शन की मांग प्रदेश में बढ़ी है मनचाहे दाम पर इसकी बिक्री हो रही है। पैसे के बल पर समाज का एक वर्ग तो इसे मुंहमांगे दाम पर खरीद रहा है, लेकिन उसी समाज का एक वर्ग घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी दवा तक नहीं पहुंच पा रहा है। अब ये तो आने वाले वक्त पर ही पता चलेगा कि दवाओं को सील कर विभाग के अफसर क्या करना चाहते हैं।

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मुख्यमंत्री बघेल की पहल, राज्य में रेमडेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति निरंतर जारी

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल की पहल के बाद राज्य में रेमडेसीवीर इंजेक्शन की आपूर्ति निरंतर जारी हैं । खाद्य और औषधि प्रशासन तथा जिला प्रशासन के समन्वय से राज्य के विभिन्न जिलों और अस्पतालों में आवश्यकतानुसार इंजेक्शन की आपूर्ति की जा रही हैं । कल राज्य को मिले 9100 रेमडेसीवीर इंजेक्शन का अस्पतालों में वितरण कर दिया गया हैं । राज्य को आज और इंजेक्शन की आपूर्ति होगी ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के दो वरिष्ठ अधिकारियों प्रबंध संचालक छग राज्य सड़क विकास निगम और कृषि विभाग के संयुक्त सचिव भोसकर विलास संदीपन को दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुंबई और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक अरूण प्रसाद को हैदराबाद में तैनात किया हैं । इससे निरंतर आपूर्ति में मदद मिल रही हैं ।

खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि राज्य में कल सन फार्मा द्वारा 4600, ज़ायडस कैडिला के 1600, मायलॉन के 2600 की आपूर्ति वेयर हाउस को और 300 इंजेक्शन की आपूर्ति निजी अस्पतालों के लिए की हैं । आपूर्ति का यह क्रम बना रहेगा ।

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राज्यपाल उइके ने सीएम बघेल से प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के संबंध में फोन पर की चर्चा

Date : 13-Apr-2021

रायपुर (एजेंसी)। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के संबंध में फोन पर चर्चा की। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बचाव के लिए उठाये गए कदमों की जानकारी ली। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश के रायपुर दुर्ग भिलाई और अन्य शहरों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण में बढोतरी हो रही है।

इसे देखते हुए इसे रोकने के लिए प्रभावी उपाय किया जाए। इसके लिए सामाजिक संगठनों के प्रमुखों, उद्योगपतियों, राजनीतिक दलों के प्रमुखों, धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों, सभी पद्धति से सम्बंधित चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों ,दवा कारोबारी, व्यापारियों, पत्रकारों से चर्चा कर सुझाव प्राप्त करें और कोरोना से लड़ने के लिए कार्ययोजना बनाएं, ताकि प्रदेश में फैल रहे कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से ग्रसित गरीब लोगों के इलाज तथा उनके दवाइयों के खर्च का उपयुक्त इंतजाम किया जाए, ताकि उन पर आर्थिक भार न पड़े।

उनके लिए निशुल्क इलाज की भी व्यवस्था की जा सकती है। सुश्री उइके ने कहा कि लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण लोगों में भय व्याप्त हो रहा है। इसे दूर करने के लिए संचार माध्यमों से जन जागरूकता अभियान चलाएं और उन्हें यह बताएं कि वे कोरोना से डरे नही बल्कि जागरूक होकर इसका सामना करें। लक्षण पाए जाने पर सामने आकर परीक्षण कराएं। हम सचेत रहकर जल्द इस बीमारी से मुक्त हो पाएंगे।

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प्रदेश में 6 गुना बढ़ा कोरोना का खतरा, संक्रमण दर 29.51 प्रतिशत

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। पिछले 1 महीने में कोरोना ने प्रदेश में अपना रौद्र रूप दिखाया है, जिसके चलते पूरा छत्तीसगढ़ एक बार फिर संक्रमण के जाल में पूरी तरह फंस गया है। कोरोनावायरस के संक्रमण का जो दौर अभी चल रहा है उसके लिए खतरे की लाइन 5 फीसदी मानी गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में औसत 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यानी कि प्रदेश में खतरा 6 गुना बढ़ गया है।

महज 28 दिनों के प्रदेश में एक तरफ जहां नए कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख पहुंच गई है तो मौतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 12 अप्रैल को राजधानी में एक साथ इनका 51 लोगों की मौत दर्ज की गई है, तो पूरे प्रदेश में मौतों की संख्या 100 पार कर गई है।

प्रदेश की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होते जा रही है। राजधानी रायपुर सहित 12 जिलों में लॉकडाउन किया जा चुका है तो आज से पांच और जिलों में लॉक डाउन हो जाएगा।

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मुख्यमंत्री बघेल ने कोबरा बटालियन के जवान और उन्हें रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम ने मुलाकात की, कहा मध्यस्थ टीम ने साहस और सूझबूझ से जवान की सकुशल रिहाई कराई

Date : 13-Apr-2021

बीजापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में नक्सलियों के कब्जे से रिहा हुए कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास और उन्हें रिहा कराने वाली मध्यस्थ टीम ने मुलाकात की। मध्यस्थ टीम के सदस्यों पद्मश्री धरमपाल सैनी, जय रूद्र करे, तेलम बौरेया, श्रीमती सुखमती हपका और कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास तथा पत्रकार गणेश मिश्रा और मुकेश चन्द्राकर ने मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनका शाल और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और उद्योेग मंत्री कवासी लखमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोबरा बटालियन के जवान को रिहा कराने के लिए मध्यस्थ टीम ने संकट के समय में बड़ी सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़े सहज रूप से अपने काम को अंजाम तक पहुंचाया और जवान को सकुशल रिहा कराने में सफल हुए। इस कार्य की जितनी भी सराहना की जाए कम है। इस पूरे घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर थी। जवान के रिहा होने पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश ने राहत की सांस ली। टीम के सदस्यों ने एक जिम्मेदार नागरिक का दायित्व निर्वहन कर साहस के साथ अपनी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान राकेश्वर सिंह मन्हास की माता जी को उन्होंने मन्हास की सकुशल वापसी का वचन दिया था। मुझे संतोष है कि सभी के सहयोग से यह वचन पूरा हुआ। मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक नेताओं, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों, स्थानीय अधिकारियों की सूझबूझ और प्रयासों से मन्हास की सकुशल वापसी हुई है। मध्यस्थ टीम राकेश्वर सिंह मन्हास को उनके घर तक सकुशल छोड़ने के लिए जम्मू जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस काम में सहयोग देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यस्थ टीम के सदस्यों द्वारा समाज में शांति स्थापना के लिए किए जा रहे कार्यो की प्रशंसा की। मध्यस्थ टीम के सदस्य पद्मश्री धरमपाल सैनी, माता रूखमणी आश्रम डिमरापाल बस्तर के संस्थापक हैं। जयरूद्र करे भी इसी आश्रम से जुड़े हुए हैं। तेलम बौरैया और श्रीमती सुखमती हप्का आदिवासी नेता हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजापुर की नक्सल घटना के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री भी बस्तर आए थे। जवानों को रिहा कराने की हमारी रणनीति सफल रही। इस कार्य में पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन , महानिदेशक सीआरपीएफ, आईजी बस्तर, बीजापुर के एसपी और डीएसपी, मध्यस्थ टीम के सदस्यों, स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बीजापुर और बस्तर अंचल के स्थानीय लोगों ने एक बड़ा चुनौतिपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री लगातार बस्तर पुलिस से संपर्क में थे और इस मामले में की जा रही कार्यवाही की लगातार जानकारी ले रहे थे। मुख्यमंत्री ने जवान की रिहाई पर मध्यस्थता करने वाली टीम और जवान राकेश्वर सिंह को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन अशोक जुनेजा, डीआईजी नक्सल ऑपरेशन ओ.पी.पाल, सीआरपीएफ के आईजी प्रकाश डी. भी उपस्थित थे। बीजापुर से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बीजापुर के कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल, डीआईजी सीआरपीएफ कोमलसिंह, पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप सहित पत्रकारगण पी, रंजनदास, यूकेश चन्द्रकार, चेतन कापेवार और के. शंकर और जगदलपुर से कमिश्नर बस्तर जी.आर.चुरेन्द्र, आईजी बस्तर पी. सुदरराज, डीआईजी कोबरा बटालियन अखिलेश सिंह और पत्रकार राजा राठौर जुड़े।

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जिले के कोविड हाॅस्पिटल में कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला का सफलतापूर्वक कराया गया प्रसव

Date : 13-Apr-2021

बालोद। जिला मुख्यालय के कोविड हाॅस्पिटल में कोविड-19 से संक्रमित 22 वर्षीय गर्भवती महिला का  12 अप्रैल को सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया। सिविल सर्जन ने बताया कि गर्भवती महिला को 11 अप्रैल को कोविड हाॅस्पिटल बालोद में भर्ती किया गया था। उसके प्रसव की तिथि नजदीक थी।

उन्होंने बताया कि कोविड हाॅस्पिटल में प्रसव कार्य में लगे चिकित्सकीय स्टाॅफ द्वारा शासन से जारी कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए उक्त महिला का प्रसव कार्य सफलतापूर्वक संपादित किया गया। प्रसव पश्चात माता व शिशु दोनो स्वस्थ है। प्रसव कार्य डाॅ. लीपि चंद्राकर, स्टाफ नर्स खुशबूलता, मेघारानी, कुसुम सहित अन्य चिकित्सकीय स्टाॅफ द्वारा संपादित किया गया।

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मुख्यमंत्री बघेल ने इंडोर स्टेडियम में बनाए गए ऑक्सीजन युक्त 360 बिस्तरों के साथ सर्व सुविधायुक्त अस्थाई कोविड अस्पताल का किया वर्चुअल निरीक्षण

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगर निगम व रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में बनाए गए ऑक्सीजन युक्त 360 बिस्तरों के साथ सर्व सुविधायुक्त अस्थाई कोविड अस्पताल का वर्चुअल निरीक्षण किया।

इस दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा और महापौर एजाज ढेबर भी उनके साथ थे, जिन्होंने कोविड मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता सुलभ कराने इस इंडोर स्टेडियम में बने अस्थाई अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाओं की उन्हें विस्तार से जानकारी दी। इस अस्पताल को केवल 04 दिन में तैयार कर नगर निगम व रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने जरूरी सेवाओं के साथ ही मरीजों के मनोरंजन व घर से संपर्क तक की संपूर्ण व्यवस्था की हैं। इस कोविड अस्पताल का संचालन जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व उनकी टीम द्वारा किया जाएगा, जो आवश्यकता अनुरूप अस्पताल में मरीजों की भर्ती सुनिश्चित करेंगे। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रायपुर में कम समय में उत्कृष्ट चिकित्सा सहायता के लिए मुख्यमंत्री बघेल ने इस कार्य में लगे पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की है।

मुख्यमंत्री बघेल अपने आवास से वर्चुअल निरीक्षण कर इंडोर स्टेडियम में बने इस अस्थाई कोविड अस्पताल की सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में उपस्थित नगर निगम कमिश्नर सौरभ कुमार ने कैमरे के जरिए अस्थाई कोविड अस्पताल हेतु की गई सभी व्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराते हुए बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्टेडियम में ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। इस अस्थाई कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त 286 बिस्तर तैयार किए गए है, इसके अलावा 74 आइसोलेशन बेड भी यहां उपलब्ध है। इनमें 219 बेड पर ऑक्सीजन कंसनट्रेटर लगाए गए है, जिसमें ऑक्सीजन के साथ ही साथ नेबुलाइजेशन की सुविधा होगी, जिसके लिए स्थानीय, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं दानदाताओं ने भी अपना सहयोग दिया है।

वर्चुअल निरीक्षण के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि इस अस्थाई कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों के रूचि के अनुरूप प्रेरक फिल्मों, सामाचार, टी.वी. सीरियल के प्रसारण के लिए केबल नेटवर्क के जरिए टी.वी. कार्यक्रम देखने व कैरम व अन्य इंडोर गेम की व्यवस्था की गई हैं। चिकित्सकों से मरीज अपनी जरूरतें बता सकें, इसके लिए वार्ड में इंटर काॅम की सुविधा दी गई है। मरीज अपने परिजनों से बात कर सकें, इसके लिए टेबलेट व फ्री वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाओं से इसे लैस किया गया है। मरीजों की देखभाल व त्वरित निगरानी के लिए सभी वार्ड में क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं, जिसके माध्यम से यहां ड्यूटी कर रहे ऑफिसर, चिकित्सक व स्टाफ उनकी देखभाल करेंगे। आकस्मिक अग्नि शमन दुर्घटनाओं को रोकने स्टेडियम परिसर में अग्निरोधी सेवाओं में विस्तार व नवीनीकरण किया गया है। इसके अंतर्गत स्टेडियम में अग्नि व ज्वलनशील स्थितियों की पूर्व पहचान के लिए स्मोक डिटेक्टर व नये स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट, होज रील, लैडिंग वाॅल्व, डीजल व इलेक्ट्रिकल पंप लगाए गए हैं, जो दुर्घटनाओं को रोकने में तत्परता से कार्य करेंगे।

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प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए प्रतिदिन की जा रही 40 हजार से 50 हजार सैंपलों की जांच

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए अभी प्रतिदिन 40 हजार से 50 हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राज्य की कुल टेस्टिंग में आरटीपीसीआर जांच की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई जा रही है।

अभी 40 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर मशीनों से हो रही है। प्रति दस लाख की आबादी पर रोजाना सैंपल जांच में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से काफी आगे है। अभी प्रदेश में प्रति दस लाख की जनसंख्या पर 1435 सैंपलों की जांच की जा रही है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 929 है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत से लेकर अब तक प्रति दस लाख की आबादी में कुल कोरोना जांच राष्ट्रीय औसत से आगे है। यहां प्रति दस लाख की जनसंख्या में औसत सैंपल जांच दो लाख चार हजार 420 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर अब तक औसत एक लाख 89 हजार 664 सैंपलों की जांच हुई है।

प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच के साथ ही ट्रू-नाट विधि से सैंपल जांच की क्षमता में लगातार वृद्धि की जा रही है। एम्स रायपुर और छह अन्य शासकीय मेडिकल कॉलेजों तथा निजी क्षेत्र के पांच लैबों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। कोरबा, कोरिया, महासमुंद और कांकेर में भी जल्दी ही आरटीपीसीआर टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत के समय मार्च-2020 में केवल एम्स रायपुर में ही आरटीपीसीआर जांच की सुविधा थी। पिछले साल अक्टूबर में कुल सैंपल जांच में आरटीपीसीआर की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत थी, जो बढ़ते-बढ़ते अब 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रदेश के 31 सरकारी और पांच निजी लैबों में ट्रू-नाट विधि से सैंपल जांच की जा रही है। सभी जिलों में अतिरिक्त मशीनें उपलब्ध कराकर ट्रू-नाट लैबों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

रैपिड एंटीजन किट से भी सभी जिलों में कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप स्वास्थ केंद्र तक कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कुछ महीनों पहले तक प्रदेश में प्रतिदिन सैंपल जांच की क्षमता 20 हजार थी, जिसे बढ़ाकर अब 50 हजार तक कर लिया गया है। प्रदेश में अभी पिछले कुछ दिनों से रोज दस हजार से लेकर 14 हजार तक की संख्या में कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इन सभी संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की जांच के साथ ही बड़ी संख्या में कोरोना के लक्षण वाले संभावित मरीजों की जांच में स्वास्थ्य विभाग का अमला पूर्ण समर्पण के साथ लगा हुआ है। प्रदेश के सभी लैबों के तकनीशियन एवं अन्य स्टॉफ सैंपलों की तेजी से जांच और रिपोर्ट तैयार करने में दिन-रात जुटा हुआ है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रि, बैसाखी, गुड़ी पड़वा और चेटीचंड की दी हार्दिक बधाई वी शुभकामनाएं

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रि, बैसाखी, गुड़ी पड़वा और चेटीचंड की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि 13 अप्रैल से हिन्दू नववर्ष नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रही है, इस दिन बैसाखी, गुड़ी पड़वा और चेटीचंड का पर्व भी मनाया जाएगा। कोरोना संकट के समय में सभी लोग घरों में ही त्यौहार मनाएं और भीड़-भाड़ में जाने से बचें। उन्होंने कहा कि अनेक जिलों में लॉकडाउन लगाया गया है। सभी लोग इसका कड़ाई से पालन करें और घरों में रह कर सभी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें। कोरोना से बचाव के सभी उपायों का सतर्कता से पालन करें।

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कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी विकासखंडों में खोले जाएंगे कोविड केयर सेंटर: गृह मंत्री साहू

Date : 13-Apr-2021

रायपुर। गृह मंत्री और बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज अपने रायपुर निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर जिले में कोरोना 19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में करोना मरीज के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विकासखंड स्तर पर कोविड देखभाल केंद्र की स्थापना की जाए। यहां ऐसे मरीज रहेंगे जिन्हें कोई लक्षण नहीं है लेकिन वह धनात्मक है । उन्होंने लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने तथा बिना मास्क के घूमने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री साहू ने कहा कि पात्रतानुसार लोगों के कोरोना टीकाकरण में तेजी लाएं और व्यापक पैमाने पर कोरोना टेस्टिंग किया जाए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा कोरोना जांच करने एवं पाॅजिटिव लोगों का शासन के दिशा निर्देशानुसार उपचार करने, होम आईशोलेशन, क्वारेंटाइन में रखने के निर्देश दिए। आक्सीजन, बेड, आईसीयू, एवं वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने , चिकित्सक एवं दक्ष स्टाॅफ की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

गृह मंत्री साहू ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्थापित कंट्रोल रूम को सुचारु रूप से संचालित करें, सोशल मीडिया में भ्रमित करने वाले संदेशों की सतत मॉनिटरिंग करें, होम आइसोलेशन में रह रहें लोगों से फ़ोन पर बातचीत करते रहें तथा उन्हें दवाइयों की डिलीवरी नियमति तौर पर हों। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों और पटवारियों के माध्यम से गांव से बाहर जाने वाले और बाहर से गांव आने वाले लोगों का ब्यौरा रखने के लिए आदेश दें ताकि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण रख सके। उन्होंने कहा कि रेडिमिसीवर वैक्सीन की कालाबाजरी नहीं हो इस पर धयान रखें तथा प्राइवेट हॉस्पिटलों पर भी नियंत्रण रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्ट, एसपी, सीएमएचओ, सीईओ जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधकारी उपस्थित थे।

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