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हाठग सुकेश चंद्रशेखर से लिंक के आरोप मेंजैकलीन के बाद अब नोरा फतेही से होगी पूछताछ

Date : 15-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। महाठग सुकेश चंद्रशेखर से लिंक के आरोप में दिल्ली पुलिस अब बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस के बाद नोरा फतेही से पूछताछ करेगी। दिल्ली पुलिस ने नोरा को गुरुवार को आर्थिक अपराध शाखा के सामने पेश होने के लिए कहा है। यह पूरा मामला सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में है।

बुधवार को दिल्ली पुलिस ने जैकलीन फर्नांडिस से करीब आठ घंटे पूछताछ की। जैकलीन के अलावा टीम ने पिंकी ईरानी से भी पूछताछ की थी, जिन्हें कथित तौर पर जैकलीन को ठग सुकेश से मिलवाने के लिए करोड़ों रुपये दिए गए थे। पहले दौर की पूछताछ के दौरान, अधिकारियों ने जैकलीन और पिंकी ईरानी के जवाबों में असमानता पाई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। पिंकी ईरानी को गुरुवार को दिल्ली पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया है लेकिन जैकलीन को फिर पूछताछ के लिए समन जारी नहीं किया है।

हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि नोरा फतेही का जैकलीन से कोई सीधा संबंध नहीं है लेकिन पिंकी ईरानी के साथ पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

विशेष आयुक्त रवींद्र यादव ने कहा, “चूंकि पिंकी ईरानी यहां हैं, इसलिए हम कल दोनों (नोरा और पिंकी ईरानी) से पूछताछ करना चाहते हैं। कुछ चीजें हैं जिन्हें स्पष्ट करने की आवश्यकता है। इस मामले के संबंध में नोरा और जैकलीन के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।” गौरतलब है कि बीते 2 सितंबर को पुलिस ने नोरा फतेही से जबरन वसूली के मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी और उनका बयान दर्ज किया था।

नोरा केस से कैसे जुड़ी?

पुलिस के अनुसार, नोरा फतेही को सुकेश से कई कीमती उपहार मिले थे। वह चेन्नई में एक कार्यक्रम का भी हिस्सा थीं, जिसके सुकेश चंद्रशेखर से भी लिंक है। इससे पहले, पुलिस ने कहा था कि कुछ सवाल हैं जिनका जवाब देने की जरूरत है और साजिश में शामिल लोगों और लिंक का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, नोरा फतेही ने दावा किया था कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि चेन्नई के जिस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था, उसका इस अपराध से संबंध था। बता दें कि 17 अगस्त को, जबरन वसूली मामले में मनी ट्रेल की जांच कर रहे ईडी ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को चंद्रशेखर से जुड़े कई करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी के रूप में नामित करते हुए एक आरोप पत्र दायर किया था। बाद में ईडी ने नोरा फतेही से भी इसी मामले में पूछताछ की थी।

ईडी के मुताबिक, नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस को चंद्रशेखर से लग्जरी कारें और अन्य महंगे तोहफे मिले। कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर, जो वर्तमान में जेल में है, पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह जैसे कुछ हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों सहित विभिन्न लोगों से 200 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।

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झारखंड में एससी-एसटी और ओबीसी के लिए 77 फीसदी आरक्षण को मंजूरी

Date : 15-Sep-2022

झारखंड (एजेंसी)। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के मंडरा रहे खतरे के बीच बुधवार को राज्य सरकार की नौकरियों में एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सदस्यों के लिए 77 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ओबीसी आरक्षण को मौजूदा 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया। साथ ही एसी एवं एसटी वर्ग के आरक्षण में दो-दो प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया।

सरकार के फैसले पर अमल होने के साथ राज्य में ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का कुल आरक्षण 77 प्रतिशत हो जाएगा। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने प्रदेश में स्थानीय निवासियों के निर्धारण के लिए 1932 के खतियान (भूमि रिकॉर्ड) को आधार बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।

स्थानीयता नीति पर राज्य के आदिवासी संगठनों ने लगातार 1932 खतियान को आधार बनाने की मांग की थी क्योंकि उनके अनुसार राज्य के भूमि रिकॉर्ड का अंग्रेज सरकार ने अंतिम बार 1932 में सर्वेक्षण किया था। उनकी मांग के आधार पर यह निर्णय लिया गया। सीएम हेमंत सोरेन का यह निर्णय लाभ के पद के मामले में विधायक के रूप में अयोग्य ठहराए जाने को लकर चल रही अटकलों और राज्य में राजनीतिक संकट के बीच सामने आया है।

झारखंड सरकार की मंत्रिमंडल सचिव वंदना डाडेल ने कैबिनेट की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि “मंत्रिमंडल ने एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 77 प्रतिशत आरक्षण के लिए राज्य के सरकारी सेवाओं में रिक्तियों के आरक्षण अधिनियम, 2001 में संशोधन के लिए आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है। सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसले लिए गए।”

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘स्थानीयता’ की नीति 1932 के खतियान के आधार पर तय करने और पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने समेत विभिन्न वर्गों के लिए कुल 77 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित करने के लिए अलग-अलग विधेयक राज्य विधानसभा में पेश किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने दोनों फैस्लों से संबधित दोनों विधेयकों को विधानसभा से पारित कराने और राज्यपाल की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार के पास भेजने का भी निर्णय लिया।

डाडेल ने बताया कि मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार से यह अनुरोध करने का निर्णय लिया गया कि वह इन दोनों कानूनों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करे जिससे इन्हें देश की किसी अदालत में चुनौती न दी जा सके। उन्होंने बताया कि ‘स्थानीयता’ की नीति में संशोधन के लिए लाए जाने वाले नए विधेयक का नाम ‘झारखंड के स्थानीय निवासी की परिभाषा एवं पहचान हेतु झारखंड के स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा एवं परिणामी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य लाभों को ऐसे स्थानीय व्यक्तियों तक विस्तारित करने के लिए विधेयक 2022’ होगा।

वंदना डाडेल ने बताया कि इस विधेयक के माध्यम से राज्य में स्थानीय लोगों को परिभाषित किया जायेगा और मंत्रिमंडलीय फैसले के अनुसार अब राज्य में 1932 के खतियान में जिसका अथवा जिसके पूर्वजों का नाम दर्ज होगा उन्हें ही यहां का स्थानीय निवासी माना जायेगा। उन्होंने बताया कि जिनके पास अपनी भूमि या संपत्ति नहीं होगी उन्हें 1932 से पहले का राज्य का निवासी होने का प्रमाण अपनी ग्राम सभा से प्राप्त करना होगा।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नौकरी आरक्षण नीति में, अनुसूचित जातियों के लिए राज्य की नौकरियों में आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ों के लिए 14 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत और पिछड़े वर्गों के लिए 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने इस प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए भी दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने का फैसला किया। पिछले वर्गों में अत्यंत पिछड़ों के लिए 15 प्रतिशत और पिछड़ों के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था किये जाने का निर्णय लिया गया है।

झारखंड कांग्रेस ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे नौकरियों के लिए दूसरे राज्यों में लोगों के पलायन को रोकेगी। पिछले महीने, सोरेन ने एससी, एसटी और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से संबंधित मुद्दों पर सुझाव देने के लिए एक पैनल के गठन को मंजूरी दी थी।विशेष रूप से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग सभी प्रमुख दलों द्वारा लंबे समय से की जा रही है।

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कोरोना वायरस महामारी का अंत करीब है : डब्ल्यूएचओ प्रमुख आशावादी

Date : 15-Sep-2022

जिनेवा (एजेंसी)। कोरोनो वायरस महामारी के तीन साल पूरे होने से कुछ ही महीने पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने उम्मीद जताई कि इस घातक महामारी का अंत अब करीब है. उन्होंने बुधवार को कहा कि दुनिया कभी भी इस बीमारी के खात्मे के लिए इससे बेहतर स्थिति में नहीं दिखी है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने इस वायरस से निपटने के लिए सभी देशों से अपने प्रयासों को जारी रखने का आग्रह किया, जो दुनिया भर में अब तक 65 लाख से अधिक लोगों की जान ले चुका है.

जानकारी के मुताबिक, WHO के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेसस ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘हम महामारी को समाप्त करने के लिए इससे बेहतर स्थिति में कभी नहीं रहे. हम अभी वहां पहुंचे नहीं हैं, लेकिन अंत करीब है.’ हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘लेकिन दुनिया को ‘इस मौके का फायदा उठाने’ के लिए कदम उठाने की जरूरत है. अगर हम अभी इस अवसर का लाभ नहीं उठाते हैं, तो हमारे सामने और अधिक वेरिएंट्स, अधिक मौतें, अधिक व्यवधान और अधिक अनिश्चितता का खतरा होगा.’ 

कोरोना काल को लेकर WHO चीफ का सबसे आशावादी बयान

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख के इस बयान को वर्ष 2019 के अंत में चीन में पहली बार इस वायरस के उभरने के बाद का सबसे आशावादी बयान माना जा सकता है. घेब्रेसस ने अपनी इस टिप्पणी के साथ ही यह जानकारी भी दी कि पिछले हफ्ते वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट किए गए ताजा मामले मार्च 2020 के बाद के निम्नतम स्तर पर पहुंच गए है.

बताया गया कि कोविड-19 पर डब्ल्यूएचओ की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 11 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान दुनिया भर में दर्ज किए गए कोरोना संक्रमण के नए मामलों की संख्या 28 प्रतिशत घटकर 31 लाख हो गई. इससे एक सप्ताह पहले इसमें 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी.

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निजी स्कूल में चार साल की बच्ची से अज्ञात युवक ने किया डिजिटल रेप, मुकदमा दर्ज

Date : 15-Sep-2022

नोएडा (एजेंसी)। सेक्टर-37 के एक निजी स्कूल में सात अगस्त को चार साल की बच्ची से अज्ञात युवक ने डिजिटल रेप कर दिया। इलाज के दौरान परिजनों को जब इसका पता चला तो उन्होंने बुधवार को सेक्टर-39 में मुकदमा दर्ज कराया।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी का पता लगाने का प्रयास कर रही है। सेक्टर-39 की एक सोसाइटी निवासी मां ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि चार साल की बेटी जब स्कूल गई थी तो अज्ञात युवक ने डिजिटल रेप कर दिया। घर आकर बेटी ने बताया कि पूरे शरीर में खुजली हो रही है। इस पर उन्होंने पाउडर लगा दिया, लेकिन खुजली बंद नहीं होने पर बच्ची को नजदीक के अस्पताल में ले गए।

डॉक्टर ने इलाज के दौरान बच्ची से बात की तो उसने स्कूल में गलत हरकत की जानकारी दी। बुधवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि पुलिस ने स्कूल में तैनात स्टाफ व शिक्षकों से इस बारे में पूछताछ की है। सीसीटीवी फुटेज चेक किए तो बच्ची स्कूल के अंदर दोस्त के साथ आती-जाती दिखाई दे रही है। सात अगस्त को वह सिर्फ एक बार बाथरूम गई। इस दौरान गेट के पास एक महिला स्टाफ भी मौजूद थी। बच्ची करीब दो मिनट बाद बाहर आ गई थी। फुटेज में बच्ची सामान्य ही दिखाई दे रही है। ऐसे में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

ये होता है डिजिटल रेप

डिजिटल रेप दो शब्दों को जोड़कर बना है जो डिजिट और रेप है। इंग्लिश के डिजिट का हिंदी में मतलब अंक होता है तो वहीं अंग्रेजी के शब्दकोश में डिजिट अंगुली, अंगूठा, पैर की अंगुली को कहा जाता है। अगर कोई शख्स महिला की बिना सहमति के उसके निजी अंगों को अंगुलियों या अंगूठे से छेड़ता है तो ये डिजिटल रेप कहलाता है।

देश में इसके लिए कानून बना है। इस अपराध को 2013 के आपराधिक कानून संशोधन के माध्यम से भारतीय दंड संहिता में शामिल किया गया था। ऐसे ही वर्ष 2019 के एक मामले में जिला अदालत ने ग्रेनो में तीन साल की बच्ची से डिजिटल रेप करने के आरोप में अकबर अली (65) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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आतंकी संगठन से अब गुलाम नबी आजाद को धमकी

Date : 15-Sep-2022

नई दिल्‍ली (एजेंसी)। कांग्रेस से अलग होने के बाद वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद अगले कुछ दिनों में नई पार्टी की घोषणा करने वाले हैं, लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि जल्‍द ही वे पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि उन्‍हें आतंकी संगठन द्वारा धमकी भी मिलने लगी है।

कांग्रेस से अलग हुए गुलाम नबी आजाद को आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह द रेजिस्टेंट फ्रंट यानी टीआरएफ की तरफ से यह धमकी दी गई है। आतंकी संगठन ने धमकी का पोस्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जारी किया है। आतंकी संगठन ने पोस्टर जारी करके कहा कि गुलाम नबी आजाद की जम्मू कश्मीर की राजनीति में आमद यानी एंट्री एकदम से नहीं हुई है। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। जिसे उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी यानी कांग्रेस मे रहते हुए तय किया। आतंकी संगठन ने कहा कि आजाद की गृहमंत्री अमित शाह के साथ बंद दरवाजों में मीटिंग भी हुई है।

हाल ही में गुलाम नबी आजाद ने वर्षों तक काम करने के बाद कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया और नई पार्टी बनाने क ऐलान किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर पर ही फोकस करेगी। कांग्रेस छोड़ने के बाद दिल्ली से पहली बार जम्मू कश्मीर गए आजाद ने ऐतिहासिक जनसभा की थी। जम्मू कश्मीर में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला था। जनसभा में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मेरा दिल जम्मू कश्मीर के लिए धड़कता है। उन्होंने कहा था कि मेरे लिए सभी लोग बराबर हैं। कांग्रेस पर भी गुलाम नबी आजाद ने उस जनसभा में हमला बोला। उन्होंने कहा था कि मेरी नई पार्टी बनाने से कांग्रेस बौखलाई। कांग्रेस आज आगे नहीं बढ़ पा रही है।

आपको बता दें कि गुलाम नबी आजाद ने उस ऐतिहासिक जनसभा में राहुल गांधी पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को शहंशाही मुबारक। उन्होंने कहा कि आज जमीन से गायब हो गई है कांग्रेस। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद हमारे खिलाफ कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं। पिछले दिनों आजाद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी नेतृत्व खासकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा था कि आजाद का रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है और उनका डीएनए ‘मोदीमय‘ हो गया है।

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खुशखबरी : मात्र इतने रुपए में मिलेगा गैस सिलेंडर

Date : 13-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। आज देश की जनता महंगाई के चलते परेशान हो गई है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशान है तो वह गैस सिलेंडर के दामों को लेकर। आज गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 1150 तक पहुंच गई है। लेकिन आज गैस सिलेंडर की कीमत से जुडी एक बडी खबर सामने आई है।

अगर आप भी गैस कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं और ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी तेल कंपनी इंडेन ने आम जनता के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है। जिसमें आप सस्ते गैस सिलेंडर ले सकते है। इंडेन की इस सुविधा के तहत आपको सिर्फ 750 रूपये में गैस सिलेंडर मिल जाएगा। यानी यह गैस सिलेंडर आपको करीब 300 रूपये सस्ता मिलेगा।

आज देश की जनता महंगाई के चलते परेशान हो गई है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशान है तो वह गैस सिलेंडर के दामों को लेकर। आज गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 1150 तक पहुंच गई है। लेकिन आज गैस सिलेंडर की कीमत से जुडी एक बडी खबर सामने आई है। अगर आप भी गैस कनेक्शन लेने की योजना बना रहे हैं और ज्यादा खर्च नहीं नहीं करना चाहते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी तेल कंपनी इंडेन ने आम जनता के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है। जिसमें आप सस्ते गैस सिलेंडर ले सकते है। इंडेन की इस सुविधा के तहत आपको सिर्फ 750 रूपये में गैस सिलेंडर मिल जाएगा। यानी यह गैस सिलेंडर आपको करीब 300 रूपये सस्ता मिलेगा।

कंपोजिट सिलेंडर वजन में हल्के होते है। इसमें आपको 10 किलो गैस मिलती हैै। इस कारण इस सिलेंडरों की कीमत कम है। इस सिलेंडर की खासियत यह है कि ये पारदर्शी होते है। फिलहाल यह सिलेंडर 28 से ज्यादा शहरों में मिल रहा है। कंपनी जल्द ही इस सिलेंडर को सभी शहरों में मुहैया कराने पर काम रही है।

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सीबीआई जम्मू.कश्मीर के एसआई भर्ती घोटाले में सीबीआई ने मारे 33 ठिकानों पर छापे, सीआरपीएफ अधिकारियों के परिसर में भी दबिश

Date : 13-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। सीबीआई जम्मू-कश्मीर के एसआई भर्ती घोटाले के सिलसिले में जम्मू, श्रीनगर, हरियाणा के जिलों, गांधीनगर, गाजियाबाद, बेंगलुरु, दिल्ली सहित 33 स्थानों पर तलाशी ले रही है। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, डीएसपी, और सीआरपीएफ के अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की है। बता दें कि 27 मार्च 2022 को हुई एसआई भर्ती परीक्षा में धांधली हुई थी।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) के पूर्व अध्यक्ष खालिद जहांगीर के परिसर पर भी सीबीआई ने छापा मारा है। इसके अलावा जेकेएसएसबी के परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार के परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है।

इन जगहों पर मारा छापा

सूत्रों के मुताबिक, जम्मू, श्रीनगर, हरियाणा के करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी के अलावा गांधीनगर, गाजियाबाद, बेंगलुरु, यूपी और दिल्ली समेत 33 ठिकानों पर सर्च अभियान चलाया गया है।

33 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

अधिकारियों ने बताया कि भर्ती घोटाले के मामले में सीबीआई द्वारा की गई तलाशी का यह दूसरा दौर है। सीबीआई ने मामले में केस दर्ज करने के बाद 5 अगस्त को कहा था, 'प्रशासन के अनुरोध पर जम्मू-कश्मीर पुलिस में एसआई के पदों के लिए 27 मार्च 2022 को लिखित परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप में 33 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परीक्षा का आयोजन जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) की ओर से किया गया था।'

सीबीआई ने आगे कहा, 'ऐसा आरोप था कि आरोपी ने जेकेएसएसबी, बेंगलुरु स्थित निजी कंपनी, लाभार्थी उम्मीदवारों और अन्य के साथ मिलकर घोटाले की साजिश रची और लिखित परीक्षा के दौरान भारी अनियमितताएं की। ये भी आरोप है कि जम्मू, राजौरी और सांबा जिलों के चयनित उम्मीदवारों का असामान्य रूप से उच्च प्रतिशत था।' जांच एजेंसी ने कहा था कि जेकेएसएसबी ने कथित तौर पर बेंगलुरु की एक निजी कंपनी को प्रश्न पत्र की आउटसोर्सिंग में नियमों का उल्लंघन किया था।

4 जून को घोषित हुए थे नतीजे

बता दें की परीक्षा के नतीजे इस साल 4 जून को घोषित किए गए थे। नतीजों के एलान के बाद परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया था।

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भारत करेगा जी20 की अध्यक्षता, देशभर में होंगी 200 से अधिक बैठकें

Date : 13-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)।  भारत इस साल के अंत में G20 सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा. दिसंबर 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक देशभर में भारत की अध्यक्षता में G20 की 200 से अधिक बैठकें होंगी. विदेश मंत्रालय ने भारत की अध्यक्षता में होने वाले G20 सम्मेलन से जुड़ी घोषणाएं की है. भारत को 1 दिसंबर 2022 से G20 की अध्यक्षता मिलेगी. विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्राध्यक्षों/शासनाध्यक्षों के स्तर पर G20 देशों के नेताओं का शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है.

मालूम हो कि G20 दुनिया के विकसित और विकासशील देशों का संगठन है. इसके सदस्य अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूके, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन हैं. यानी 19 देश और यूरोपियन यूनियन समेत कुल मिलाकर G20 के 20 सदस्य हैं. G20 दुनिया की 85 फीसदी जीडीपी और 75 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है.

भारत वर्तमान में G20 Troika का सदस्य है. इसमें भारत के अलावा इंडोनेशिया और इटली है. इंडोनेशिया मौजूदा में G20 का सदस्य है जबकि इटली पिछले साल अध्यक्ष था और भारत आनेवाला अध्यक्ष है. इसकी अध्यक्षता के दौरान, भारत, इंडोनेशिया और ब्राजील ट्रोइका का निर्माण करेंगे. यह पहली बार होगा जब ट्रोइका में तीन विकासशील देश और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी. जो उन्हें एक मजबूत आवाज प्रदान करेगी.

G20 सदस्यों के अलावा सम्मेलन और बैठकों में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और अतिथि देशों को भी आमंत्रित किया जाता है. भारत अपनी अध्यक्षता में बांग्लादेश, मिस्र, मॉरिशस, नीदरलैंड्स, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और संयुक्त अरब अमीरात को अतिथि देशों के तौर पर आमंत्रित करेगा.

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एनटीपीसी द्वारा आयातित कोयले के प्रयोग के कारण विद्युत की क्रय लागत में 120 करोड़ प्रति माह की हुई वृद्धि

Date : 13-Sep-2022

रायपुर । एनटीपीसी (NTPC) द्वारा आयातित कोयले के प्रयोग के कारण विद्युत की क्रय लागत में 120 करोड़ प्रति माह की वृद्धि हुई है। एक आधिकारिक जानकारी में बताया गया है कि ताप विद्युत केन्द्रों को पर्याप्त मात्रा में घरेलू कोयला उपलब्ध नहीं होने के कारण, विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अधिकतम 15 प्रतिशत की मात्रा तक आयातित कोयला उपयोग करने की अनुमति दी गई है एवं यह अपेक्षा की गई है कि कुल आवश्यकता का 9 प्रतिशत कोयला आयात किया जाए।

बताया गया है कि माह जून 2022 से एनटीपीसी द्वारा कुछ पावर प्लान्टों में 10 से 15 प्रतिशत तक आयातित कोयला का उपयोग किया जा रहा है। आयातित कोयले की दर घरेलू कोयले की दर के मुकाबले 4 से 6 गुना अधिक है। इस कारण आयातित कोयले से उत्पादित विद्युत की दर भी 4 से 6 गुणा अधिक होती है।

एनटीपीसी द्वारा कोरबा में स्थित ताप विद्युत संयंत्रों की अपेक्षा नॉन पिटहेड संयंत्र जैसे मौदा, खरगोन, गडरवारा, सोलापुर इत्यादि में आयातित कोयले के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।

माह जनवरी से मार्च तक एनटीपीसी संयंत्रों से क्रय जा रही विद्युत की केवल उर्जा प्रभार की औसत दर 1.97 रूपये प्रति यूनिट थी जो जून से अगस्त के मध्य औसत 2.78 रूपये प्रति यूनिट हो गयी है। इस प्रकार 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

बताया गया है कि दर में वृद्धि के फलस्वरूप एनटीपीसी को प्रति माह लगभग 120 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। इसके फलस्वरूप उपभोक्ताओं पर लगभग 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से व्हीसीएस चार्जेस अधिरोपित हो रहे है।

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अंबानी ने अडानी पर किया 1.7 बिलियन डॉलर का दावा

Date : 12-Sep-2022

मुंबई (एजेंसी)। अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अदानी ट्रांसमिशन लिमिटेड के बीच विवाद गहराता जा रहा है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने पावर डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के अधिग्रहण के प्रस्ताव में हीला-हवाली और सौदे की शर्तों के उल्लंघन के लिए अदानी ट्रांसमिशन लिमिटेड के खिलाफ 13,400 करोड़ रुपये (1.7 बिलियन डॉलर) का दावा किया है।

एक नियामकीय फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा है कि उसने मुंबई सेंटर फॉर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (एमसीआईए) के समक्ष मध्यस्थता का दावा किया है। कंपनी का आरोप है कि मुंबई बिजली वितरण व्यवसाय के हस्तांतरण से संबंधित अदानी ट्रांसमिशन के साथ दिसंबर 2017 के शेयर खरीद समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया गया है।

मुंबई अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एमसीआईए) का उद्देश्य वाणिज्यिक विवादों का समाधान करना है।

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा दाखिल फाइलिंग में कहा गया है कि इसकी पीछे के वित्तीय निहितार्थ का पता नहीं लगाया जा सकता है और अब यह सौदा मध्यस्थता के अंतिम परिणाम और उसके बाद की कानूनी चुनौतियों पर निर्भर है।

बता दें कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत इन दिनों बेहद खराब है। शुक्रवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर बीएसई पर 9.90 फीसदी की गिरावट के साथ 162.45 रुपये पर बंद हुए, जबकि अदानी ट्रांसमिशन के शेयर 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 3,931.65 रुपये पर बंद हुए।

2017 में हुआ था करार

अडानी समूह ने 2017 में 18,800 करोड़ रुपये के सौदे में रिलायंस इंफ्रा (तत्कालीन रिलायंस एनर्जी) के मुंबई बिजली कारोबार, जिसमें उत्पादन, वितरण और ट्रांसमिशन शामिल था, का अधिग्रहण किया था। इस सौदे ने अदानी समूह को बिजली वितरण व्यवसाय में अपना पैर जमाने में मदद की। इसके बाद अदानी समूह बिजली उत्पादन के अलावा ट्रांसमिशन के लिए भी मशहूर होने लगा। इस समय अदानी ट्रांसमिशन भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ट्रांसमिशन और बिजली वितरण कंपनी है।

बता दे कि रिलायंस एनर्जी के पास मुंबई में करीब 30 लाख उपभोक्ता थे। इस सौदे से रिलायंस इंफ्रा को अपने 15,000 करोड़ रुपये के कर्ज को चुकाने में मदद मिलती। अधिग्रहण के बाद भी कंपनी के पास 3,000 करोड़ रुपये का अधिशेष बचा रहता।

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