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धान खरीदी का प्रदेश में टूटा 20 साल का रिकॉर्ड, 10 दिन अब तक 84.44 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है धान की खरीदी

Date : 22-Jan-2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब तक सर्वाधिक धान खरीदी हो चुकी है। राज्य निर्माण के 20 वर्ष में इस साल सर्वाधिक धान खरीदी का रिकॉर्ड आज बन गया है। इस साल चालू धान खरीदी सीजन में 21 जनवरी तक 84 लाख 44 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जो बीते वर्ष राज्य में क्रय किए गए कुल धान 83.94 लाख मीट्रिक टन से 50 हजार मीट्रिक टन अधिक है, जबकि धान खरीदी के लिए 10 दिन अभी बाकी है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में बीते 2 सालों में धान खरीदी की मात्रा और खेती-किसानी और किसानों की संख्या में लगातार रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ के लिए एक शुभ संकेत है। राज्य सरकार की किसान हितैषी नीति के चलते छत्तीसगढ़ राज्य को खेती-किसानी के मामले में देश का मॉडल राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य में फसल उत्पादकता को बढ़ावा मिला है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार इस योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को 5750 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। अब तक राज्य के 19 लाख 54 हजार 332 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेच चुके हैं। कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स को 27 लाख 70 हजार 693 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया जा चुका है, जिसके विरूद्ध अब तक 25 लाख 45 हजार 512 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

गौरतबल है कि प्रदेश में वर्ष 2017-18 में जहां 56.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वहीं वर्ष 2018-19 में 80.83 लाख मीट्रिक तथा वर्ष 2019-20 में 83.94 लाख मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर क्रय किया गया था। पंजीकृत किसानों की संख्या में भी साल-दर-साल बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017-18 में धान बेचने के लिए पंजीकृत कृषकों की संख्या 15.77 लाख थी, वह वर्ष 2018-19 में बढ़कर 16.96 लाख तथा वर्ष 2019-20 में बढ़कर 19.55 लाख हो गई थी। इस साल समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है, जो 21.52 लाख है।

खरीफ वर्ष 2020-21 में 21 जनवरी 2021 तक राज्य के बस्तर जिले में एक लाख 20 हजार 471 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 55 हजार 401 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 13 हजार 401 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 65 हजार 350 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 25 हजार 945 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 17 हजार 252 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 33 हजार 711 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 30 हजार 664 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 64 हजार 991 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 71 हजार 608 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 15 हजार 821 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 44 हजार 629 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 98 हजार 428 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 96 हजार 276 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 70 हजार 736 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 81 हजार 633 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 86 हजार 87 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 7 लाख 3 हजार 423 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 6 लाख 4 हजार 191 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 4 लाख 7 हजार 864 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 94 हजार 996 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 6 लाख 38 हजार 190 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 68 हजार 276 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 34 हजार 643 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में एक लाख 273 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में एक लाख 3 हजार 960 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 35 हजार 683 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 59 हजार 690 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

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सभी सार्वजनिक व सेवा यानों में जीपीएस सिस्टम को अनिवार्य

Date : 22-Jan-2021

रायपुर। परिवहन तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर राजधानी शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में प्रदेश के यात्री बसों में सुरक्षात्मक दृष्टि से लगाए जाने वाले जीपीएस के संबंध में चर्चा हुई।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री अकबर ने कहा कि सभी सार्वजनिक व सेवा यानों में जीपीएस सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। 1 जनवरी 2019 के बाद से यह सिस्टम सभी वाहनों में लगा हुआ आ रहा है। बाकी पुराने वाहन जो 2019 के पहले के है उनमे भी यह सिस्टम लगाया जाना है, उपकरण का खर्च वाहन मालिकों को वहन करना होगा। इसके कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के लिए 1540 करोड़ रूपए की योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत पहली किश्त भी जारी हो गई है। जल्द ही जीपीएस सिस्टम को ट्रैक करने की लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए चिप्स की सहायता ली जायेगी।

इसके आलावा अब शहर यात्री वाहनों, बसों और टैक्सियों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। रायपुर में अब महिलाओं को मुसीबत के वक्त बस एक बटन दबाना होगा और उनको तुरंत मदद मिल जाएगी। इसके लिए किसी को अपना मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। यह बटन सीधे एकीकृत कमांड सेन्टर से जुड़ा रहेगा। महिलाओं को किसी भी प्रकार का खतरा होने पर बटन दबाते ही मैसेट कमांड सेंटर पहुंचेगा और वहां से पुलिस को तत्काल सूचना पहुंच जाएगी। इससे महिलाओं को समय पर मदद मिल सकेगी। इसके लिए यात्री वाहन में लगा जीपीएस ट्रैकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जैसी मदद से पुलिस उक्त वाहन की सटीक लोकेशन को ट्रेस कर सकेगी।

इस परियोजना के लिए बजट का इंतजाम निर्भया फंड से किया जाएगा। पैनिक बटन के लिए छत्तीसगढ़ से पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में पहले ही यह पहल शुरू हो गई है। राजस्थान में तो नए वाहनों के पंजीयन के लिए पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रा के दौरान अगर किसी प्रकार की संकट की स्थिति हो तो इसे दबाते ही पुलिस तक सूचना पहुंचेगी। वाहनों में यह उस स्थान पर लगेगा जहां पर यात्री का हाथ आसानी से पहुंच सके। देर रात में भी यात्री सुरक्षित सफर कर सकें। कई बार उन्हें रात में यात्रा करने में भय रहता है।

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शिवमोगा में हुआ जानलेवा हादसा, विस्फोटक भरकर ले जा रहे ट्रक में धमाका, 8 लोगों की मौत, पीएम ने जताया दुख

Date : 22-Jan-2021

शिवमोगा (एजेंसी)। कर्नाटक के शिवमोगा जिले में बृहस्पतिवार रात एक जानलेवा हादसा हो गया। यहां विस्फोटक भरकर ले जा रहे एक ट्रक में धमाका हो गया। अचानक हुए इस विस्फोट से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। इसकी तिव्रता इतनी तेज थी की आसपास के पूरे क्षेत्र में झटके महसूस किए गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छान बीन शुरू कर दि है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक में मौजूद विस्फोटक को खनन के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

हादसे के बारे में जानकारी देते हुए जिला कलेक्टर के बी शिवकुमार ने बताया कि धमाके में आठ लोगों की मौत हुई है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर लिखा कि शिवमोगा में हुए हादसे से आहत हूं। इसके अलावा कार्यालय की ओर से मृतकों के परिवारजनो के प्रति शोक जताया गया। पीएमओ ने घायल लोगों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है। राज्य सरकार की तरफ से हर संभव मदद की जा रही है।

00 लोगों को लगा भूकंप आ गया
यह हादसा रात साढ़े दस बजे के आस- पास हुआ। शिवमोगा के पास पत्थर तोड़ने के एक स्थान पर यह दर्दनाक घटना हुई। विस्फोट इतना तेज था की इसके झटके ना सिर्फ शिवमोगा जिले में बल्कि चिक्कमगलुरु और दावणगेरे जिलों में भी महसूस किए गए।
मौके पर मौजूद लोग बताते हैं कि विस्फोट इतना तेज था कि घरों की खिड़की के शीशे टूट गए और सड़कों पर भी दरार उत्पन्न हो गई। धमाके से ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो और भूगर्भ वैज्ञानिकों से संपर्क किया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि भूकंप नहीं आया था। लेकिन शिवमोगा के बाहरी इलाके में ग्रामीण पुलिस थानांतर्गत हंसुर में विस्फोट हुआ था। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिलेटिन ले जा रहे एक ट्रक में धमाका हुआ। ट्रक में मौजूद आठ मजदूरों की मौत हो गई। स्थानीय तौर पर कंपन महसूस किया गया। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

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पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट के टर्मिनल 1 गेट में लगी आग

Date : 22-Jan-2021

पुणे (एजेंसी)। महाराष्ट्र के पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट के टर्मिनल 1 गेट में आग लग गई है। आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. मौके पर दमकल की गाड़ियां पहुंच गई है और आग बुझाने का काम जारी है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ही कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड बना रही है, जिसकी आपूर्ति भारत समेत कई देशों में की जा रही है।

बताया जा रहा है कि पुणे के मंजरी में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट में आग लगी है। 300 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट में कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन करने की योजना है। पिछले साल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था, लेकिन अभी इस प्लांट में वैक्सीन का उत्पादन नहीं शुरू हो पाया है।

मौके पर दमकल की 7 से 8 गाड़ियां मौजूद है और आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। अभी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। आग लगने का कारण और टर्मिनल में कितने लोग फंसे हैं, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है। दूर से ही प्लांट के ऊपर धुएं का काला गुबार दिखाई दे रहा है। पांच मंजिला इस प्लांट में कोविशिल्ड का प्रोडक्शन कुछ दिन में शुरू होने वाला है।

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अमेरिका में उपराष्ट्रपति के रूप में कमला हैरिस ने ली शपथ, रचा इतिहास

Date : 21-Jan-2021

वाशिंगटन (एजेंसी)। भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बुधवार को अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। हैरिस (56) अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति हैं। वह राष्ट्रपति जो बाइडन (78) के साथ काम करेंगी। कमला देवी हैरिस ने 61 वर्षीय माइक पेंस की जगह ली है, जबकि बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप की जगह ली है।

चेन्नई निवासी प्रवासी भारतीय की बेटी हैरिस ने अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया है। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं। इस नाते उनके पति डगलस एमहॉफ (56) अमेरिका के इतिहास में ‘सेकेंड जेंटलमैन’ का खिताब पाने वाले पहले पुरूष हैं। उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमेयर ने हैरिस को शपथ दिलाई। हैरिस ने दो बाइबलों पर हाथ रखकर शपथ ली। इनमें से एक बाइबल पारिवारिक मित्र रेजिना शेल्टोन और दूसरी बाइबल उच्चतम न्यायालय के देश के पहले अफ्रीकी अमेरिकी न्यायाधीश थुर्गुड मार्शल से संबंधित थी। हैरिस भारतीय मां और जमैका से ताल्लुक रखने वाले अफ्रीकी-अमेरिकी पिता की पुत्री हैं। वह 1964 में कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में जन्मी थीं। उनकी मां श्यामला गोपालन हैरिस चेन्नई से थीं। वह ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ीं अनुसंधानकर्ता थीं जिनका निधन 2009 में कैंसर की वजह से हुआ था। हैरिस के पिता डोनाल्ड अर्थशास्त्र के जमैकियन-अमेरिकी प्रोफेसर हैं। नवंबर में अपनी जीत के बाद ऐतिहासिक भाषण में हैरिस ने अपनी दिवंगत मां, जो नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी थीं, को याद करते हुए कहा था कि उन्होंने उनके राजनीतिक करियर में इस बड़े दिन के लिए उन्हें तैयार किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह उपराष्ट्रपति पद पर सत्तासीन होने वाली पहली महिला हो सकती हैं, लेकिन वह अंतिम नहीं होंगी।

हैरिस ने कई मिसालें कायम की हैं। वह सेन फ्रांसिस्को की डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला, पहली भारतवंशी और पहली अफ्रीकी अमेरिकी हैं।राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार रहे जो बाइडन ने अगस्त में उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के रूप में हैरिस को चुना था। अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी बाइडन की किसी समय हैरिस कटु आलोचक रही हैं । 56 वर्षीय हैरिस सीनेट के तीन एशियाई अमेरिकी सदस्यों में से एक हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में वह ‘फीमेल ओबामा’ के नाम से लोकप्रिय थीं। कमला देवी हैरिस की मां श्यामला गोपालन 1960 में भारत के तमिलनाडु से यूसी बर्कले पहुंची थीं, जबकि उनके पिता डोनाल्ड जे हैरिस 1961 में ब्रिटिश जमैका से इकोनॉमिक्स में स्नातक की पढ़ाई करने यूसी बर्कले आए थे। यहीं अध्ययन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और मानव अधिकार आंदोलनों में भाग लेने के दौरान उन्होंने विवाह करने का फैसला कर लिया।
हाईस्कूल के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाली कमला अभी सात ही बरस की थीं, जब उनके माता-पिता एक दूसरे से अलग हो गए। कमला और उनकी छोटी बहन माया अपनी मां के साथ रहीं और उन दोनों के जीवन पर मां का बहुत प्रभाव रहा। हालांकि वह दौर अश्वेत लोगों के लिए सहज नहीं था।

कमला और माया की परवरिश के दौरान उनकी मां ने दोनों को अपनी पृष्ठभूमि से जोड़े रखा और उन्हें अपनी साझा विरासत पर गर्व करना सिखाया। वह भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी रहीं। वह भारत में अपने नाना नानी के परिवार से मिलने अक्सर आती रहीं। बाइडन-हैरिस की प्रचार वेबसाइट पर इस संबंध में कमला ने अपनी आत्मकथा `द ट्रुथ्स वी होल्ड` में लिखा है कि उनकी मां को पता था कि वह दो अश्वेत बेटियों का पालन पोषण कर रही हैं और उन्हें सदा अश्वेत के तौर पर ही देखा जाएगा, लेकिन उन्होंने अपनी बेटियों को ऐसे संस्कार दिए कि कैंसर अनुसंधानकर्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता श्यामला और उनकी दोनों बेटियों को ` श्यामला एंड द गर्ल्स` के नाम से जाना जाने लगा। होवार्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन के बाद हैरिस ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की।

2003 में वह सेन फ्रांसिस्को की शीर्ष अभियोजक बनीं। 2010 में वह कैलिफोर्निया की अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला और पहली अश्वेत व्यक्ति थीं। 2017 में हैरिस कैलिफोर्निया से जूनियर अमेरिकी सीनेटर चुनी गईं। कमला ने 2014 में जब अपने साथी वकील डगलस एमहॉफ से विवाह किया तो वह भारतीय, अफ्रीकी और अमेरिकी परंपरा के साथ साथ यहूदी परंपरा से भी जुड़ गईं।

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प्रकाश पर्व के दिन पीएम मोदी ने यूपी के लाभार्थियों को दिया बड़ा तोहफा, 6.10 लाख लाभार्थियों को जारी किए 2,691 करोड़ की सहायता राशि

Date : 21-Jan-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रकाश पर्व के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों को बड़ा तोहफा दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के 6.10 लाख लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लगभग 2,691 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर दी है।

इस योजना के तहत यूपी के 6 लाख 10 हजार लोगों को फायदा होगा। इस दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। बता दें कि इस योजना में 5.30 लाख ऐसे लाभार्थी हैं, जिन्हें आर्थिक सहायता की पहली किस्त प्राप्त हुई जबकि 80 हजार लाभार्थी ऐसे रहे जिन्हें दूसरी किस्त मिली।

00 गरीब के घर का सपना साकार हुआ : सीएम योगी
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि बीजेपी सरकार में देश में गरीबों को घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी के लिए सात लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत हुए हैं। पीएम आवास योजना ने हर गरीब के सामने घर के सपने को साकार किया है।

00 लाभार्थियों ने जताया पीएम का आभार
इस दौरान पीएम मोदी ने लाभार्थियों के साथ बातचीत भी की। लाभार्थियों ने पीएम मोदी का आभार भी जताया। लाभार्थियों ने कहा कि उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि सरकार की तरफ से उन्हें इतनी बड़ी सहायता मिलेगी। इसे पाकर वे बेहद खुश हैं।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पीएमएवाई-जी के तहते सभी को साल 2022 तक पक्का घर दिये जाने का आह्वान किया था। इस योजना का शुभारंभ 20 नवंबर 2016 को किया गया था। इस योजना के तहत देशभर में 1.26 करोड़ घर तैयार किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में हर लाभार्थी को 100 फीसदी अनुदान (1.20) लाख रुपये दिए जाते हैं। जबकि पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों/ दुर्गम स्थानों/ जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की मदद दी जाती है। इसके अलावा पीएमएवाई-जी के लाभार्थियों को मनरेगा के तहत अकुशल कामगारों को सहायता भी दी जाती है. उन्हें शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के जरिए 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

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राम जन्मभूमि आयोध्या में रामलला के गर्भ गृह स्थल पर नींव के निर्माण का कार्य शुरू, वैदिक आचार्य ने कार्य प्रारंभ से पूर्व किया पूजन-अर्चन

Date : 21-Jan-2021

अयोध्या (एजेंसी)। अयोध्या के राम जन्मभूमि में रामलला के गर्भ गृह स्थल पर गुरुवार से नींव के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। वैदिक आचार्य द्वारा कार्य प्रारम्भ से पूर्व पूजन-अर्चन किया गया। अभी तक रामलला के गर्भगृह स्थल के चारों तरफ का मलबा हटाया जा रहा था। गुरुवार से मुख्य गर्भगृह स्थल पर नींव के निर्माण का काम प्रारम्भ कर दिया गया है।

राम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला के गर्भगृह स्थल के पास भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इससे पूर्व वहां पूजन-अर्चन किया गया। उन्होंने बताया कि बीते पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन किए जाने के बाद से ही प्रतिदिन गर्भ गृह स्थल पर हवन व दीप जलाने का क्रम चलता आ रहा है।

राममंदिर निर्माण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार से अयोध्या में होने जा रही है। इस बैठक में राममंदिर की नींव पर फाइनल मुहर लगने के साथ ही तीन महीने के मास्टर प्लान पर चर्चा होगी। बैठक में इंजीनियरों द्वारा राममंदिर की डिजाइन का प्रेजेंटेशन मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र सहित ट्रस्ट के पदाधिकारियों के समक्ष किया जाएगा। यह तय माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद राममंदिर की नींव का काम फाइनल रूप से शुरू हो जाएगा।

बैठक में एलएंडटी, टाटा कंसल्टेंसी सहित अन्य एजेंसियों के इंजीनियर, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित अन्य ट्रस्टी मौजूद रहेंगे। बैठक में राममंदिर की नींव में कौन से मैटेरियल का प्रयोग किया जाए कि मंदिर की आयु लंबी हो सके उस पर चर्चा होगी। साथ ही इंजीनियरों द्वारा नींव की डिजाइन का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।

दूसरे दिन 22 जनवरी को भी सर्किट हाउस में ही बैठक होगी। सुबह साढ़े दस से दोपहर डेढ़ बजे तक होने वाली बैठक में मंदिर की फाइनल नींव पर मुहर लग जाएगी। इसके साथ ही आगामी तीन महीने के मास्टर प्लान पर भी चर्चा की जाएगी।

राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में नृपेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी गोविंददेव गिरि, डॉ. अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, एके मित्तल, जगदीश एस अफले , राममंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित टाटा, एलएंडटी, एनजीआरआई हैदराबाद सहित मंडलायुक्त, डीएम व नगर आयुक्त भी शामिल होंगे।

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कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खेप पहुंचा रायपुर, इंडिगो विमान 464 का वाटर कैनन सैलूट से किया गया स्वागत

Date : 21-Jan-2021

रायपुर। कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खेप बुधवार को रायपुर पहुंची है। मुंबई से पहुंचे इंडिगो विमान 464 का वाटर कैनन सैलूट से स्वागत किया गया। दूसरी खेप में प्रदेश को 2 लाख 65 हजार वैक्सीन मिली है। एयरपोर्ट एटीसी एवं राज्य वैक्सीन भंडार प्रभारी अधिकारी ने इसकी पुष्टि  की है।

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक राकेश रंजन सहाय ने जानकारी दी है कि मुंबई से रायपुर 1:30 बजे दोपहर विमान रायपुर एयरपोर्ट में लैंड हुआ।  मुंबई से पहुंची इंडिगो की उड़ान संख्या 6 E 464 से 23 बॉक्स कोविशील्ड पहुंची है। विमान के पहुंचने पर वाटर कैनन से स्वागत किया गया।बता दें कि इससे पहले पहली खेप में वैक्सीन के 27 बॉक्स पहुंचे थे।

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देश में कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में पीएम मोदी सहित अन्य मंत्रियों को लगेगा कोरोना टीका, गाइडलाइन जारी

Date : 21-Jan-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश में कोरोना वैक्सीनेशन का प्रथम चरण जारी है। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में प्रथम चरण का वैक्सीनेशन समाप्त होते ही दूसरा फेज शुरू किया जाएगा। हालांकि इसकी तिथि फिलहाल तय नहीं की गई है। लेकिन यह तय हो गया है कि दूसरे फेज में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्री को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। आम लोगों में वैक्सीन के प्रति भरोसा जगाने के लिए प्रधानमंत्री और बाकी नेता वैक्सीन लगवाएंगे।

बता दें कि टीकाकरण की शुरुआत वाले दिन खुद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वैक्सीन के दूसरे चरण में 50 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा। इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी टीका लगवाएंगे। इसके साथ ही जानकारी है कि देश के अन्य बड़े चेहरे भी जैसे गृहमंत्री अमित शाह, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के दूसरे सदस्य भी टीका लगवाएंगे।

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रावल पोल्ट्री फार्म में भी 20 हजार मुर्गियों की मौत, मचा हड़कंप

Date : 21-Jan-2021

चंडीगढ़ (एजेंसी)। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच हरियाणा में हजारों पक्षी दम तोड़ चुके हैं। यहां कोहंड एरिया में कैलाश पोल्ट्री और ओम पोल्ट्री फार्म के बाद अब रावल पोल्ट्री फार्म में भी 20 हजार मुर्गियों की मौत हो जाने का मामला सामने आया है।

पोल्ट्री फार्म के मालिक द्वारा यह खुलासा किए जाने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। पोल्ट्री फार्म के मालिकों का आरोप है कि सरकार के संबंधित विभाग की टीम केवल देखकर चली जाती है और पक्षियों के बचाव के लिए किसी तरह का एक्शन नहीं लेती। रावल पोल्ट्री फार्म के मालिक मदल लाल ने कहा- ``हमारे फार्म पर करीब 55 हजार मुर्गियां हैं। जिनमें से 20 हजार मुर्गियों की मौत हो चुकी है। इसी तरह राज्य में मुर्गियों की लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन प्रशासन भोपाल लैब से आने वाली रिपोर्ट के इंतजार में हाथ पर हाथ रखे बैठा है। जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक तो पोल्ट्री फार्मों पर लाखों मुर्गियां मर चुकी होंगी।``

बता दिए जाए कि बीते करीब तीन हफ्ते के अंदर कोहंड में लगभग डेढ़ लाख मुर्गियों की मौत हो चुकी है। तीसरा पोल्ट्री फार्म सामने आने के बाद पशुपालन विभाग की टीम पोल्ट्री फार्म पर पहुंची और मौका-ए-मुआयना किया। पशुपालन विभाग की टीम बुधवार को कोहंड पहुंची, जहां टीम ने ओम, कैलाश व रावल पोल्ट्री फार्म की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, एक के बाद एक पोल्ट्री फार्म पर मुर्गियों की मौतों के खुलासे से पोल्ट्री उद्योग में हड़कंप मचा हुआ है।

एक पोल्ट्री मालिक ने कहा कि, हमारे यहां पर टीम ने वीडियोग्राफी भी की और पोल्ट्री की देखरेख करने वालों से बात-चीत की। हालांकि, जैसे ही मीडिया का दल पशुपालन विभाग की टीम की तरफ बढ़ा तो टीम गाड़ियों में सवार होकर मौके से चली गई। उन्होंने कहा कि, फिलहाल विभागीय अधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं हैं।

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