Chhattisgarh

प्रदेश में कोरोना से बचाव के लिए अब तक 1.16 करोड़ लगाए गए कोरोना टीके

Date : 24-Jul-2021

रायपुर। कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक (22 जुलाई तक) एक करोड़ 15 लाख 73 हजार 458 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के 94 लाख दस हजार 415 लोगों को इसका पहला टीका और 21 लाख 63 हजार 043 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।

प्रदेश में तीन लाख नौ हजार 094 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 16 हजार 717 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 50 लाख 59 हजार 784 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 37 लाख 24 हजार 820 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 43 हजार 880 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 23 हजार 659 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 15 लाख 95 हजार 478 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के एक लाख 026 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।

प्रदेश में 91 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, शत-प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 86 प्रतिशत नागरिकों और 18 से 44 आयु वर्ग के 28 प्रतिशत युवाओं ने कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवा लिया है। वहीं 72 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों, 76 प्रतिशत फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से अधिक के 27 प्रतिशत लोगों ने दोनों टीके लगवा लिए हैं।

कोरोना सक्रंमण से बचाव के लिए बालोद जिले में अब तक चार लाख दस हजार 627, बलौदाबाजार-भाटापारा में चार लाख आठ हजार 732, बलरामपुर-रामानुजगंज में दो लाख 34 हजार 710, बस्तर में तीन लाख 49 हजार 787, बेमेतरा में दो लाख सात हजार 784, बीजापुर में एक लाख नौ हजार 223, बिलासपुर में सात लाख 30 हजार 484, दंतेवाड़ा में एक लाख 46 हजार 896, धमतरी में तीन लाख 87 हजार 289, दुर्ग में आठ लाख 41 हजार 252, गरियाबंद में एक लाख 96 हजार 858, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक लाख 50 हजार 525, जांजगीर-चांपा में पांच लाख 44 हजार 916 और जशपुर में तीन लाख 19 हजार 852 टीके लगाए जा चुके हैं।

कबीरधाम जिले में कोरोनारोधी टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकों को मिलाकर दो लाख 98 हजार 141, कांकेर में तीन लाख आठ हजार 544, कोंडागांव में एक लाख 99 हजार 116, कोरबा में पांच लाख 24 हजार 361, कोरिया में दो लाख 27 हजार 373, महासमुंद में पांच लाख 80 हजार 499, मुंगेली में दो लाख 28 हजार 812, नारायणपुर में 46 हजार 441, रायगढ़ में 11 लाख 44 हजार 794, रायपुर में 13 लाख 50 हजार 201, राजनांदगांव में सात लाख 77 हजार 985, सुकमा में एक लाख 45 हजार 396, सूरजपुर में दो लाख 75 हजार 630 तथा सरगुजा में चार लाख 27 हजार 230 टीके अब तक लगाए गए हैं।

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बढ़ाइए जिंदगी की मिठास मधुमेह के साथ के सातवें संस्करण का मुख्यमंत्री बघेल ने किया विमोचन

Date : 24-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाम यहां अपने निवास कार्यालय में डॉ प्रवीण कालवीट द्वारा लिखित पुस्तक ‘बढ़ाइए जिंदगी की मिठास मधुमेह के साथ‘ के सातवें संस्करण का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने डॉ. कालवीट को जन स्वास्थ्य समस्या समाधान हेतु पुस्तक लेखन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री को डॉ. कालवीट ने बताया कि इस पुस्तक में मधुमेह के मरीजों को करोना से बचने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है, जो जन उपयोगी है। इस अवसर पर डॉ. सुभद्रा कालवीट, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर सहित अर्जुन तिवारी, अभय नारायण राय, धर्मेश शर्मा एवं देवेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।

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सहकारिता आंदोलन से किसानों के साथ ज्यादा से ज्यादा नागरिक जुड़े : मुख्यमंत्री बघेल

Date : 24-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि प्रदेश में किसानों के हित में अनेक सहकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग सहकारिता के माध्यम से लाभान्वित हों। सहकारिता आंदोलन से किसानों के साथ ज्यादा से ज्यादा नागरिक जुड़े यह प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपने निवास कार्यालय से बिलासपुर में आयोजित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्बोधित कर रहे थे।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रमोद नायक का पदभार ग्रहण कार्यक्रम आज सहकारी बैंक बिलासपुर के प्रांगण में संपन्न हुआ। जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केंद्रीय सहकारी बैंक का काम सुचारू रूप से संचालित हो इसके लिए बड़ी जिम्मेदारी नवनियुक्त अध्यक्ष नायक को मिली है। उन्होंने कहा कि सहकारिता अधिनियम में अनेक संशोधन कर अधिनियम का सरलीकरण किया गया है, जिससे सहकारिता आंदोलन से ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकें। सहकारी बैंकों से किसानों को खाद, बीज का वितरण किया जाता है। अब राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, लघु वनोपज खरीदी आदि भी सहकारिता का हिस्सा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों का जुड़ाव सहकारिता से हो यह प्रयास करना होगा।
किसान हितैषी योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ बन रहा है मॉडल राज्य

कार्यक्रम में उपस्थित सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए अभिनव योजनाएं बनाई गई हैं। इस मामले में छत्तीसगढ़ मॉडल राज्य बन रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसानों के लिए जरूरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय सहकारी बैंक की व्यवस्था कर सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने का कार्य किया है। धान खरीदी, खाद, बीज, दवा सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को सुलभ है। पहले धान बिक्री के लिए किसानों को बड़ी दिक्कत होती थी, लेकिन सरकार ने सुव्यवस्थित खरीदी की व्यवस्था बनाई। आज धान बेचने के एक हफ्ते के भीतर किसानों के खाते में पैसा आ जाता है। किसानों की सुविधा के लिए नई सहकारी समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में समितियों की संख्या 1300 से बढ़ाकर 2058 की गई है। किसानों की ऋण माफी की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने का कार्य किया गया है।

कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, नगर निगम बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव, विधायक धरमजीत सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत बिलासपुर के अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बैंक के अधिकारी, कर्मचारी, किसान उपस्थित थे।

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बाप ने अपने ही 2 साल के बेटे की हत्या, तंत्र.मंत्र के चक्कर में मासूम बच्चे की ली जान

Date : 24-Jul-2021

धमतरी। धमतरी में बाप ने अपने ही 2 साल के बेटे की हत्या कर दी। उसे घुमाने के लिए साथ में ले गया और फिर तालाब में फेंक दिया। वह 15 दिनों से पूजा-पाठ कर रहा था, ऐसे में आशंका है कि तंत्र-मंत्र के चक्कर में उनसे मासूम बच्चे की जान ले ली। आरोपी शिवाराम साहू ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है।

वह बच्चे को लेकर गया था, लेकिन जब अकेले दिखाई दिया जब परिजनों को शक हुआ। बच्चे की तलाश शुरू हुई और गुरुवार देर रात करीब 12 बजे तालाब से उसका शव बरामद किया गया। उधर, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बच्चे की हत्या करने का मन था, इसलिए श्राद्ध करने के बाद उसे मार डाला।

सोरिद वार्ड निवासी शिवराम साहू (40) अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ रहता है। वह गुरुवार को अपने सबसे छोटे बेटे 2 साल के देवांशु को लेकर घूमने निकला था, लेकिन शाम तक नहीं लौटा। इस पर परिजनों ने तलाश शुरू की तो वह अकेले ही मोहल्ले में दिख गया। घरवालों ने पूछा तो उसने बच्चे को तालाब में डुबोकर मार देने की बात बताई। इसके बाद गोताखोरों की मदद से रात करीब 12 बजे बच्चे का शव मिल सका।

कोतवाली थाना क्षेत्र पुलिस ने आरोपी बाप को कॉलेज के पास से घूमते हुए रात को गिरफ्तार कर लिया। जिस समय पुलिस ने पकड़ा वह पूरी नग्न हालत में था। पूछताछ में आरोपी ने अपने बच्चे की हत्या करना कबूल कर लिया है। उसने बताया कि पूजा-पाठ और श्राद्ध कर्म करने के बाद ही उसने बच्चे को तालाब में मरने के लिए फेंका था। कहना है कि बच्चे को मारने का मन था, इसलिए मार दिया। हालांकि हत्या को लेकर अभी पूरी तरह कारण सामने नहीं आ सका है।

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गुरू पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेशवासियों को दी बधाई व शुभकामनाएं

Date : 24-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने गुरू पूर्णिमा पर जारी अपने संदेश में कहा है कि महाभारत और वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास के अवतरण दिवस आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरू पूर्णिमा मनाने की परम्परा रही है है। यह विशेष दिन अपने आराध्य गुरू के मार्गदर्शन और अमूल्य ज्ञान के प्रति आस्था, सम्मान और आभार प्रगट करने का महापर्व है।

श्री बघेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्हें साक्षात परब्रम्ह की संज्ञा दी गई हैं क्योंकि वे अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान की रोशनी की ओर लेकर जाते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गुरूजन सही राह दिखाकर जीवन को प्रगति की दिशा में लेकर जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। गुरू पूर्णिमा के पवित्र दिन हमें गुरूओं की अमूल्य शिक्षा को जीवन में उतारकर उसका सकारात्मक प्रभाव अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ बढ़ना चाहिए।

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हाईकोर्ट ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह की याचिकाओं को किया ख़ारिज

Date : 23-Jul-2021

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित एडीजी जीपी सिंह की राजद्रोह और EOW की कार्यवाही के विरुद्ध में दायर याचिकाओं को जस्टिस नरेंद्र व्यास की कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। मामले को लेकर न्यायमूर्ति नरेंद्र व्यास के उस विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है जिससे यह स्पष्ट होगा कि उन्होंने निर्णय के लिए क्या आधार बताया है। खबरें हैं कि राजद्रोह के मसले पर अग्रिम ज़मानत याचिका लगाए जाने और फिर वापस लिए जाने के मसले को भी ख़ारिज करने का एक आधार माना गया है।

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मुख्यमंत्री बघेल की राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा देने का फैसला सराहनीय

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कैबिनेट द्वारा बीते 20 जुलाई को राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा देने का फैसला सराहनीय है। सरकार के इस फैसले से मछुआरों को मत्स्य पालन के लिए किसानों के समान ब्याज रहित ऋण सुविधा मिलने के साथ ही जलकर और विद्युत शुल्क में भी छूट का लाभ मिलेगा। इससे राज्य में मछली पालन को बढ़ावा मिलने के साथ ही इससे जुड़े 2 लाख 20 हजार लोगों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में बीते ढाई सालों में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से मछली पालन के क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। राज्य में ढाई सालों में मत्स्य बीज उत्पादन के मामले में 13 प्रतिशत और मत्स्य उत्पादन में 9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कृषि का दर्जा मिलने से मत्स्य पालन के क्षेत्र में राज्य अब और तेजी से आगे बढ़ेगा, यह संभावना प्रबल हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के लिए अभी मछुआरों को एक प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक तथा 3 प्रतिशत ब्याज पर अधिकतम 3 लाख रुपए तक ऋण मिलता था। इस क्षेत्र को कृषि का दर्जा मिलने से अब मत्स्य पालन से जुड़े लोग सहकारी समितियों से अब अपनी जरूरत के अनुसार शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहजता से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। किसानों की भांति अब मत्स्य पालकों एवं मछुआरों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिलेगी।

राज्य में मछली पालन के लिए 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई बांधों एवं जलाशयों से नहर के माध्यम से जलापूर्ति आवश्यकता पड़ती थी, जिसके लिए मत्स्य कृषकों एवं मछुआरों को प्रति 10 हजार घन फीट पानी के बदले 4 रूपए का शुल्क अदा करना पड़ता था, जो अब उन्हें फ्री में मिलेगा। मत्स्य पालक कृषकों एवं मछुआरों को प्रति यूनिट 4.40 रुपए की दर से विद्युत शुल्क भी अदा नहीं करना होगा। सरकार के इस फैसले से मत्स्य उत्पादन की लागत में प्रति किलो लगभग 10 रुपए की कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलेगा। इससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा और उनकी माली हालत बेहतर होगी।

राज्य में मत्स्य कृषकों मछुआरों को सरकार द्वारा दी जा रही सहूलियतों का ही यह परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य उत्पादन में देश में छठवें स्थान पर है। मछली पालन को कृषि का दर्जा मिलने से राज्य 6 वें पायदान से ऊपर की ओर अग्रसर होगा और मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा, इसकी उम्मीद बढ़ गई है। राज्य में वर्तमान में 93 हजार 698 जलाशय और तालाब विद्यमान हैं, जिनका जल क्षेत्र एक लाख 92 हजार हेक्टेयर है। इसमें से 81 हजार 616 जलाशयों एवं तालाबों का एक लाख 81 हजार 200 हेक्टेयर जल क्षेत्र मछली पालन के अंतर्गत है, जो कुल उपलब्ध जल क्षेत्र का 94 प्रतिशत है।

मत्स्य बीज उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्कि यहां से मत्स्य बीज की आपूर्ति पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश उड़ीसा और बिहार को होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में 288 करोड़ मत्स्य बीज फ्राई तथा 5.77 लाख मैट्रिक टन मछली का उत्पादन प्रतिवर्ष होता है। राज्य की मत्स्य उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 3.682 मीटरिक टन है, जो राष्ट्रीय उत्पादकता 3.250 मीटरिक टन से लगभग 0.432 मीटरिक टन अधिक है।

छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य उत्पादन में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए अब केज कल्चर को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 2386 केज स्थापित किए जा चुके हैं। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय में 1000 केज की स्थापना की जा रही है। इस तकनीकी में जलाशयों में 6 बाई 4 बाई 4 मीटर में केज स्थापित कर तीव्र बढ़वार वाली मछली जैसे पंगेसिएश एवं तिलापिया प्रजाति का पालन किया जाता है, जिससे प्रति केज 3 मेट्रिक टन से अधिक मत्स्य उत्पादन होता है।

लैंडलॉक प्रदेश होने के कारण राज्य के मत्स्य कृषकों एवं मछुआ समूहों द्वारा स्वयं की भूमि पर बड़ी संख्या में तालाबों का निर्माण कराकर मत्स्य पालन करना, मत्स्य क्षेत्र के विस्तार का अच्छा संकेत है। बीते ढाई सालों में सरकार की मदद से लगभग एक हजार नवीन तालाबों का निर्माण मत्स्य पालन के उद्देश्य से हुआ है। सरकार इसके लिए सामान्य वर्ग के मत्स्य कृषकों को अधिकतम 4.40 लाख रुपए तथा अनुसूचित जाति जनजाति एवं महिला वर्ग के हितग्राहियों को 6.60 लाख रुपए की अनुदान सहायता तालाब निर्माण और मत्स्य आहार के लिए देती है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र को संवर्धित करने के उद्देश्य से मछुआरों को मछुआ दुर्घटना बीमा का कवरेज भी प्रदान करती है। बीमित मत्स्य कृषक की मृत्यु पर 5 लाख रूपए की दावा राशि का भुगतान किया जाता है। बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर 25 हजार रुपये तक के इलाज की सुविधा का प्रावधान है। मछुआ सहकारी समितियों को मत्स्य पालन के लिए जाल, मत्स्य बीज एवं आहार के लिए 3 सालों में 3 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है। बायोफ्लॉक तकनीकी से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य कृषकों को 7.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत की अनुदान सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मत्स्य कृषकों मछुआरों को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवीन मछली पालन नीति तैयार की जा रही है। इसके लिए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में गठित समिति ने मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने, ऐसे एनीकट जिनका क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर तक है, उसे स्थानीय मछुआरों के निःशुल्क मत्स्याखेट के लिए सुरक्षित रखने तथा मछुआ जाति के लोगों की सहकारी समिति को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर जलाशयों को मछली पालन के लिए पट्टे पर देने की सिफारिश की है।

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स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री बघेल ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें दी श्रद्धांजलि

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जनप्रिय राजनेता स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त की 23 जुलाई को पुण्यतिथि पर अपने निवास कार्यालय में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा है कि स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त का पूरा जीवन जनसेवा से जुड़ा रहा। महन्त ने अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक तथा मंत्री के रूप में प्रदेश के विकास के लिए अपनी अमूल्य सेवाएं दी। हसदेव बांगो सिंचाई परियोजना उनके सपनों का साकार रूप है। उन्होंने लोगों की बेहतरी के लिए क्षेत्र में खेती-किसानी, सिंचाई तथा सड़कों के कार्यों को बखूबी अंजाम दिया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि स्वर्गीय बिसाहू दास महन्त के आदर्शों के अनुरूप नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध हैं। उनके बताये जनकल्याण के मार्ग पर चलकर प्रदेश में विकास को नये आयाम देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

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सीएम बघेल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में होंगे शामिल

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल आज 23 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर में आयोजित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष प्रमोद नायक के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे

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वरिष्ठ पत्रकार राजादास के निधन पर मुख्यमंत्री बघेल ने व्यक्त किया दुख

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने दैनिक अंग्रेजी अखबार के उप संपादक और वरिष्ठ पत्रकार श्री राजादास के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने उनके शोकाकुल परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए, ईश्वर से उन्हें इस दुख की घड़ी को सहने के लिए शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

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