Chhattisgarh

नहाने के लिए घर से निकले बालक की नहर के पास मिली लाश, जांच में जूटी पुलिस

Date : 23-Jul-2021

रायगढ़। जिले के खरसिया क्षेत्र के बरगढ़ से दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ बरगढ़ की मुख्य नहर से करीब पांच सौ मीटर दूरी पर एक 10 वर्षीय बच्चे की लाश मिली है। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को नहाने के लिए घर से निकले बालक की लाश आज नहर से पांच सौ मीटर दूर मिली है। बच्चे की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई है। बच्चे का नाम युगल महंत उम्र 10 वर्ष, पिता भोजदास महंत कोरबा जिले के सीतामणी क्षेत्र के वैष्णो देवी मंदिर के पास का निवासी है। वहीं मृतक का पिता भोजदास आटो चालक है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टर्म के लिए भेज दिया है। वहीँ मामले की जाँच में जुटी है।

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राज्यपाल उईके व मुख्यमंत्री बघेल ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा शिक्षक उस दीपक जैसेए जो जलकर रौशनी देते हैं

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। शिक्षक, केवल विभिन्न विषयों का ज्ञान ही नहीं देते बल्कि एक अच्छे नागरिक बनने के गुण भी अपने विद्यार्थियों में विकसित करते हैं। शिक्षक विद्यार्थी के अन्दर छुपी प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारते हैैं और जीवन जीने का सही तरीका सिखाते हैं। चरित्र निर्माण करने के साथ ही नैतिकता का बीजारोपण करते हैं। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान-2020 समारोह में संबोधित करते हुए कही।

शिक्षकों को सम्मानित किया

इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने सभी सम्मानित होने वाले शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कोरोना काल में दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार 2020 हेतु चयनित 3 शिक्षकों और राज्य शिक्षक पुरस्कार 2019 के लिए चयनित 47 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक हमारे मार्गदर्शक और हमारे व्यक्तित्व के निर्माता होते हैं। वे जलते हुए दीपक की तरह स्वयं जलकर, हमारी जिंदगियों में उजाला भरते हैं। वे न केवल हमें ज्ञान की रोशनी देते हैं बल्कि सच्चाई के मार्ग पर चलने का हौसला भी देते हैं, क्योंकि शिक्षक अपना पूरा जीवन, इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए समर्पित कर देते हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि समाज में शिक्षक समुदाय को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है। हमारे ’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ में अपनी परम्पराओं का सम्मान और शिक्षा का सर्वोच्च स्थान है। शिक्षा लोक कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम बने यही हमारा प्रयास है। अध्यापन का पेशा अनादि काल से मौजूद है। पुराने समय में शिक्षण की गुरूकुल प्रथा थी, जहां कई वर्षाें तक छात्रों को शिक्षण प्रशिक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान शिक्षक हम सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं।

इन्हें किया गया सम्मानित

राजभवन में राज्यपाल सुश्री उइके ने शिक्षक श्रीमती मधु शर्मा महासमुंद, नरेश कुमार नायक महासमुंद, श्रीमती लीना वर्मा रायपुर और गोपाल वर्मा, रायपुर को शॉल-श्रीफल और 21 हजार रूपए का बैंक ड्रॉफ्ट देकर सम्मानित किया।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार 2020 के अंतर्गत राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों की स्मृति में 3 शिक्षकों श्रीमती रश्मि गुप्ता व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल लिबियाडीह बिलासपुर को डॉ. मुकुटधर पांडे स्मृति पुरस्कार, दिनेश कुमार पांडे उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ओछीनापार कोटा बिलासपुर को डॉ.बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार और मुन्नालाल देवदास प्रधान पाठक शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला कौंदकेरा फिंगेश्वर गरियाबंद को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया।

इनका भी हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत तीनों शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, शॉल श्रीफल और 50 हजार रूपए राशि का बैंक ड्रॉफ्ट प्रदान कर सम्मानित किया। बघेल ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 2 शिक्षिकाओं श्रीमती शैलजा सुरेश व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोहका दुर्ग और डॉ. श्रीमती नीलांजना जैन उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई दुर्ग को भी सम्मानित किया।

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तेज बारिश व भू.स्खलन के कारण राज्य से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें हुई रद्द, कई रेल के रूट को किया गया परिवर्तीत

Date : 23-Jul-2021

रायपुर। तेज बारिश और भू-स्खलन की वजह से छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है, या फिर उनके मार्ग परिवर्तित किये गये हैं। मुंबई मंडल के कसारा-कल्याण सेक्शन में भूस्खलन के कारण गाड़ियों का परिचालन प्रभावित हुआ है।

जिन ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होगा, उसका विवरण इस प्रकार है –

दिनांक 22 जुलाई, 2021 को सीएसएमटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 02809 सीएसएमटी-हावड़ा मेल स्पेशल रद्द रहेगी |

दिनांक 22 जुलाई, 2021 को सीएसएमटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 02259 सीएसएमटी-हावड़ा स्पेशल परिवर्तित मार्ग ठाणे-वसईरोड़-नंदुरबार-जलगांव-भुसावल होकर चलेगी |

दिनांक 22 जुलाई, 2021 को एलटीटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 02865 एलटीटी-पुरी स्पेशल परिवर्तित मार्ग ठाणे-वसईरोड़-नंदुरबार-जलगांव-भुसावल होकर चलेगी |

दिनांक 21 जुलाई, 2021 को एलटीटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 01051 एलटीटी-हावड़ा स्पेशल परिवर्तित मार्ग वसईरोड़-नंदुरबार-जलगांव-भुसावल होकर चल रही है |

दिनांक 21 जुलाई, 2021 को सीएसएमटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 02809 सीएसएमटी-हावड़ा स्पेशल परिवर्तित मार्ग वसईरोड़-नंदुरबार-जलगांव-भुसावल होकर चल रही है |

दिनांक 22 जुलाई, 2021 को सीएसएमटी से चलने वाली गाड़ी संख्या 02105 सीएसएमटी-गोंदिया स्पेशल रद्द रहेगी।

दिनांक 21 जुलाई, 2021 को गोंदिया से चलने वाली गाड़ी संख्या 02810 गोंदिया-सीएसएमटी स्पेशल भुसावल समाप्त होकर नागपुर के लिए रवाना होगी ।

दिनांक 21 जुलाई, 2021 को हावड़ा से चलने वाली गाड़ी संख्या 02096 हावड़ा-सीएसएमटी स्पेशल परिवर्तित मार्ग जलगांव-नंदुरबार-वसईरोड़ होकर चलेगी ।

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तालाब पर बना मैग्नेटो मालए हाईकोर्ट सख्त

Date : 22-Jul-2021

बिलासपुर। बिलासपुर में मैग्नेटो माल के तालाब पर बने होने के मामले में लगी याचिका पर हाईकोर्ट में कार्यवाहक चीफ जस्टिस की बेंच ने शासन और नगर निगम बिलासपुर से जवाब तलाब किया है। दो हप्ते में मामले में जवाब पेश करने का आदेश दिया है। राजनीतिक रसूख रखने वालों से जुड़ा मैग्नेटो माल तालाब पर बना है।

मामले में रोहित राठौर ने यचिका लगाई है। अधिवक्ता अर्जित तिवारी ने मामले की पैरवी की। अर्जित तिवारी ने बताया, किसी भी जल स्रोत पर निर्माण नहीं किया जा सकता न उसके स्वरूप को बिगड़ा जा सकता है। मैग्नेटो माल तालाब पर बना दिया गया है। इससे वाटर लेबल नीचे गया और नैसर्गिक स्रोत को पाट कर माल बना दिया गया जो पूर्णतः गलत है। जलस्रोत जनउपयोगी और जनहित के लिये होता है। ऐसे में किसी तालाब को पाट कर माल बनानां गलत है। मामले में शासन और नगर निगम से जवाब तलब किया गया है।

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पेगासस मामले को लेकर मरकाम का प्रदर्शन, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से कांग्रेसियों ने राजभवन तक किया पैदल मार्च

Date : 22-Jul-2021

रायपुर। इजराइल की जासूस कंपनी पेगासस से डील मामले को लेकर आज राजधानी रायपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की अगुवाई में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से कांग्रेसियों ने राजभवन तक पैदल मार्च किया। इस बीच केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।

उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र भी जारी है, लेकिन पेगासस स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को लेकर संसद में भी जमकर बखेड़ा खड़ा किया गया। जिसकी वजह से दो दिनों तक सदन की कार्रवाई ठप रही। इसकी आंच से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार है और केंद्र में पेगासस स्पाईवेय को लेकर आग लगी हुई है, ऐसे में छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन स्वाभाविक है।

विदित है कि इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर भी आरोप लग चुके हैं कि उन्होंने सत्ता में रहते पेगासस स्वाईवेयर से डील की थी, हालांकि इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने भूपेश सरकार को चुनौती भी दी है कि वे जांच करा सकते हैं।

पीसीसी चीफ की अगुवाई में आज कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी तादाद में पैदल मार्च करते हुए राजभवन तक पहुंचे। इस दौरान पूरे रास्ते मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते नजर आए। पीसीसी चीफ मरकाम की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल को उच्च स्तरीय मांग के लिए ज्ञापन सौंपा है

 
 
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भिलाई स्टील प्लांट में मिला एक कर्मचारी का शव, जांच में जूटी पुलिस

Date : 22-Jul-2021

भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस-2 के कास्टर-6 में एक कर्मचारी का शव मिला है। कर्मचारी की पहचान जगत राम उईके के रूप में की गई। जगत राम दो दिनों से गायब था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को लेकर जांच में जुट गई है। सीएसपी राकेश जोशी ने बताया कि मामले की जांच हत्या और सुसाइड एंगल दोनों तरह से की जा रही है। हमारी टीम मंगलवार से खोजबीन में लगी हुई थी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सीआईएसएफ के सूत्रों की माने तो बुधवार की शाम को तकरीबन 4 बजे के आसपास एसएमएस-2 के कास्टर-6 में एक केबिन है। इसकी ऊंचाई तकरीबन 30 फीट के आसपास है। केबिन में मेंटिनैंस के लिए बीच-बीच में कर्मचारी आते-जाते हैं। बुधवार को भी एक कर्मचारी वहां पर गया, तो उसे बदबू आई। उसने तुरंत सीआईएसएफ को जानकारी दी। सीआईएसएफ और पुलिस की टीम पहले ही जगत राम की खोजबीन में लगी हुई थी। शव का पंचनामा करके पीएम के लिए भेजा गया। इस मामले में पुलिस की फॉरेंसिक टीम व अधिकारी जांच में जुटे हैं।

मृतक का लास्ट लोकेशन प्लांट में दिखा

छावनी पुलिस ने सोमवार देर रात 53 साल के बीएसपी कर्मी जगत राम उइके की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। कर्मी सोमवार शाम 4 बजे से रहस्यमय ढंग से गायब हो गया था। मंगलवार रात करीब 9 बजे उसकी कार प्लांट के अंदर खड़ी मिली। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन भी प्लांट के अंदर बता रही थी। लेकिन रात 10.45 बजे तक उसका पता नही चल पाया था। आज सुबह डॉग स्क्वाड की मदद से उसकी तलाश की गई।

सोमवार को हाफ-डे लिया था

मृतक जगत राम ने सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे हाफ डे कि अनुमति लेकर घर चला गया था। इसके बाद वह अपने बच्चों के साथ खुद की शादी के लिए लड़की देखने गया। दोपहर करीब 3.30 बजे उसके अपने बच्चों की घर पर छोड़ा। परिचित से मिलकर घर लौटने का बोल कर चला गया। इसके बाद वह सोने चांदी के जेवर लेकर प्लांट के अंदर चला गया। इसके बाद घर नहीं लौटा। इस पूरे घटना क्रम की पुलिस जांच कर रही है।

 

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स्कूलों के संचालन को लेकर प्रदेश सरकार का यह फ़ैसला कन्फ़्यूज़्ड नेतृत्व की निशानी : कश्यप

Date : 22-Jul-2021

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व शिक्षा मंत्री कश्यप ने प्रदेश सरकार ने 2 अगस्त से प्रदेश में स्कूल खोले जाने के फैसले को सरकार ने भ्रमित करने वाला निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर बार की तरह स्कूलों को खोलने के मामले में भी अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह चुराती नज़र आ रही है।

कश्यप ने कहा कि स्कूलों के संचालन को लेकर प्रदेश सरकार का यह फ़ैसला कन्फ़्यूज़्ड नेतृत्व की निशानी है। प्रदेश सरकार अपनी व्यवस्था तय करने के बजाय स्कूलों को खोलने का अधिकार पंचायतों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और पालकों पर छोड़कर अब शिक्षा जैसे विषय के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना काल और तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच स्कूलों को शुरू करने का फ़ैसला लेकर एक तो जनस्वास्थ्य के प्रति अपनी लापरवाही का प्रदर्शन किया है, दूसरे अपनी कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की हाल ही जताई गई उस चिंता को भी अनदेखा कर दिया है, जिससे बच्चों में संक्रमण का हंगामा मचाकर केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रलाप करता नहीं थक रहा था। कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्कूलों को खोलने का फ़ैसला तो सुना दिया, लेकिन स्कूलों के संचालन के लिए कोई दिशा-निर्देश तय नहीं किए हैं।

सरकार ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया है कि पंचायतों, स्थानीय निकायों के पार्षद व पालक मिलकर व्यवस्थाएँ तय करेंगे। अभी जहाँ कोरोना संक्रमण के शून्य प्रकरण हैं, वहाँ स्कूल खोले जाएंगे, लेकिन सरकार यह भी तो बताए कि जहाँ स्कूल खुलने के बाद अगर कोरोना संक्रमण का एक भी प्रकरण सामने आया तो फिर क्या होगा? क्या उन स्थानों के स्कूल वापस बंद कर दिए जाएँगे? कश्यप ने कहा कि स्कूल खोलने और संचालित करने को लेकर प्रदेश सरकार कोई स्पष्ट नीति बना नहीं पाई है और यह भ्रमित करने वाला फ़रमान जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार तमाम पहलुओं पर संज़ीदगी से विचार करके न केवल नीतिगत फ़ैसला करे, अपितु अपने निर्णय के क्रियान्वयन के लिए एक सुविचारित गाइडलाइन तय करके अपनी ज़िम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करे।

कश्यप में कहा निजी स्कूलों को कोरोनाकाल में आ रही दिक्कतों पर सरकार ने कोई सहायता अब तक नही की साथ ही जिन शिक्षकों की दुखद मृत्यु हुई सरकार ने उनके परिवारों से भी मुंह मोड़ लिया ऐसे में सरकार न किसी बात की जिम्मेदारी लेना चाहती है न किसी की मदद करना चाहती है तो ऐसी सरकार किस काम की।

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मुख्यमंत्री बघेल से छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष वोरा ने की मुलाकात, 11 लाख का चेक किया भेंट

Date : 22-Jul-2021

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल से शाम राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष अरूण वोरा ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के दौरान अध्यक्ष वोरा ने उन्हें राज्य में कोरोना संकट से निपटने में मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में भण्डार गृह निगम की ओर से 11 लाख रूपए का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने श्री वोरा को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।

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बिजली सप्लाई निर्बाध बनाने बढ़ाई गई 66 पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता

Date : 22-Jul-2021

रायपुर। अवर्षा की स्थिति के चलते राज्य में विद्युत की मांग 4905 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सतत निगरानी और सही समय पर की गई कार्रवाई से कारगार रही। कृषि पंप कनेक्शन वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर 66 पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढाई गई है, ताकि घरेलु उपभोक्ताओं के साथ किसानों को भी निर्बाध बिजली मिलती रहे।

विद्युत कृषि पंप के लोड को संभालने के लिये केवल बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करना हल नहीं है। बढ़े मांग के अनुरूप पॉवर टांसफार्मर की क्षमता भी उसी अनुरूप होनी चाहिये। प्रदेश में डिमांड 4905 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, प्रदेश में बिजली की उपलब्धता भी है किन्तु कुछ विशेष क्षेत्रों कृषि पंपों के कारण लोड अचानक बढ़ जाता है, ऐसे में बिजली उपलब्ध रहने पर भी निर्बाध बिजली आपूर्ति में समस्या आती है। इसका एकमात्र उपाय पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि करना है। इस वर्ष पहले से ही पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता लोड के अनुरूप करने के लिए कार्य आरंभ कर दिये गए थे जिसका सीधा लाभ खरीफ़ (धान) की फसल के समय भी मिला।

रबी फसल के समय 33/11के वी के 25 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के कार्य हुए जिसके तहत 20 अतिरिक्त नए पावर टांसफार्मर स्थापित किये गये एवम 5 पावर ट्रांसफॉर्मर को अधिक क्षमता के पॉवर ट्रांसफार्मर से उन्नयन भी किया गया। उल्लेखनीय है कि अकेले महासमुंद जिले में ही 10 उपकेन्द्रों में 11पॉवर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई गयी जो कि जिले के पीरदा, बुंदेली, नर्रा, देवरी,भगत देवरी, कनकेवा, लिमदरहा, मुड़ागांव, मुंगासेर,आरंगी हैं। इसी तरह कांकेर जिले में 5 उपकेन्द्रों के पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की गयी जो कि मथुराबाज़ार, पखांजुर, गोण्डाहूर, कापसी और बांदे हैं। इसी तरह बलौदाबाजार भाटापारा जिले में ढेकुना और सिंगारपुर, राजनांदगांव जिले में छुरिया और सड़क चिरचारी में , गरियाबंद जिले में मुड़ागांव में , जांजगीर चाम्पा जिले में सलनी और बेमेतरा जिले में नांदघाट और खैरझिटी में तथा सूरजपुर जिले में किशनपुर ( कलुआ) में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हुई।

खरीफ़ सीजन में भी पॉवर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि को भी प्रथमिकता मिली और कुल 41 उपकेन्द्रों को क्षमता वृद्धि हेतु चयनित किया गया है जिसमे से कुल,22 पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है और 12 पावर ट्रांसफॉर्मर हेतु युद्धस्तर पर कार्य जारी है जो इसी सप्ताह पूर्ण होने की संभावना है और शेष 7 कार्य भी अंतिम चरणों में हैं।

राजनांदगांव जिले में भैंसातरा,और अटरिया, बेमेतरा जिले में नवागढ़, आनंद गांव, खिलोरा, कोबिया, परपोड़ी, बोरतरा,सोढ,गोंड़गिरी तथा बालोदबाज़ार-भाटापारा जिले में नगेड़ा रायगढ़ जिले में केडार , टीमरलगा कबीर धाम जिले में गोपालभावना, मोहगांव ,बाजार चार भाटा, जोराताल एवं दुर्ग जिले में हिर्री(रसमुड़ा) , लिटिया , सिसाभाटा और राजपुर उपकेन्दों में पॉवर ट्रांसफार्मर के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जहॉ कार्य पूर्णता अंतिम चरणों मे हैं वे हैं कबीरधाम जिले में राजानवा गांव , राजनांदगांव जिले में टप्पा,भैयाटोला उदयपुर, ईटार , बांधाबाज़ार और छुरिया , दुर्ग जिले अमोरे, खिलौद, पतपोड़ी , गोंड़गिरी और रसमुड़ा में कार्य प्राथमिकता के आधार पर किये जा रहे हैं जिनकी पूर्णता की संभावना इसी सप्ताह है।

इसके अतिरिक्त महासमुंद जिले में पोटापारा , खैरखुटा, बल्दीडीह, कुडेकेल एवं सालखण्ड भी प्रगति पर हैं और दुर्ग जिले में सिंधभाठा ,राजपुर भी प्रगति पर हैंएवं अंतिम चरण पर हैं। इस तरह रबी और खरीफ़ के लोड के संतुलन के लिए 66 पॉवर ट्रांसफॉर्मर के कार्य किया जाना अपने आप में ही एक नया रिकॉर्ड बन गया है। इन कार्यों के कारण पंप बाहुल्य क्षेत्रों में पावर की उपलब्धता बहुत सुदृढ़ हुई है।

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मंत्री चंद्राकर ने कहा जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों तत्काल दें सरकार

Date : 22-Jul-2021

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री चंद्राकर ने जुलाई 2019 से लंबित 16 प्रतिशत महंगाई भत्ता के भुगतान की मांग को लेकर आंदोलित छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की है। चंद्राकर ने प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनर्स को जुलाई, 2019 से लंबित 5 प्रतिशत सहित 11 प्रतिशत (कुल 16 प्रतिशत) महंगाई भत्ता देने की मांग को लेकर आंदोलित छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फ़ेडरेशन के साथ न्याय करने पर ज़ोर दिया है।

चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों को महज़ 12 फ़ीसदी महंगाई भत्ता दे रही है जबकि केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हाल ही लंबित 11 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के साथ ही कुल 28 फ़ीसदी महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। ऐसी स्थिति में प्रदेश के कर्मचारियों को महज़ 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता देना अन्यायपूर्ण है। चंद्राकर ने कहा कि इन संघर्षरत कर्मचारियों को जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते के 5 प्रतिशत का तत्काल भुगतान करने की दिशा में प्रदेश सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

कोरोना संक्रमण के आपदाकाल में इन कर्मचारियों-अधिकारियों ने अनथक परिश्रम किया है और शासन उनको अब उनके हक़ का आर्थिक लाभ देकर अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करे। अन्य प्रदेशों की तुलना में छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति बेहतर होने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार अपनी फ़िजूलख़र्ची पर रोक लगाकर कर्मचारियों के साथ न्याय करे।

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