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केंद्र सरकार ने PFI को 5 साल के लिए कर दिया बैन

Date : 28-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने आज सुबह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI को 5 साल के लिए बैन कर दिया। पहले इस संगठन पर दिसंबर तक बैन लगाने की तैयारी थी। PFI के अलावा 8 और संगठनों पर कार्रवाई की गई है। गृह मंत्रालय ने इन संगठनों को बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया है।

NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने 22 और 27 सितंबर को PFIऔर उससे जुड़े संगठनों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। पहले राउंड की छापेमारी में 106 PFI से जुड़े लोग कार्यकर्ता हुए थे। 27 सितंबर को दूसरे राउंड की छापेमारी में 250 PFI से जुड़े लोग गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए।

PFI के जैसे सहयोगी संगठनों पर भी बैन

PFI के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया,ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वुमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन, रिहैब फाउंडेशन, जैसे सहयोगी संगठनों पर भी बैन लगाया गया है।

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55 सिख अफगानिस्तान से दिल्ली लाए गए

Date : 27-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। पिछले साल अफगानिस्तान में तालिबान के फिर सत्तारूढ़ होने के बाद बचे भारतवंशियों को भी स्वदेश लाने का काम जारी है। रविवार को 55 अफगानी सिखों को विशेष विमान से भारत लाया गया। उन्होंने बताया कि वहां हालात ठीक नहीं हैं। अल्पसंख्यकों को बंदी बनाए जाने और जेल में उनके बाल काटने की भी शिकायत की। 

एक अफगान सिख-बलजीत ने कहा कि अफगानिस्तान में स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। मुझे चार महीने कैद रखा गया। तालिबान ने हमें धोखा दिया है, उन्होंने हमारे बालों को जेल में काट दिया है। मैं भारत और हमारे धर्म में लौटने के लिए आभारी और खुश हूं।

एक अफगान सिख सुखबीर सिंह खालसा ने दिल्ली पहुंचने पर मीडिया से चर्चा में कहा कि हम भारत सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उसने हमें तत्काल वीजा दिया और हमें भारत पहुंचने में मदद की। हम में से कई के परिवार अभी भी वहीं छूट गए हैं। अफगानिस्तान में अब भी 30-35 लोग फंसे हुए हैं।

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नासा ने रचा कीर्तिमान, धरती को एस्टेरॉयड से बचाने किया सफल परीक्षण

Date : 27-Sep-2022

वाशिंगटन (एजेंसी)। आज का दिन पूरी धरती के लिए ऐतिहासिक है। अब से कुछ देर पहले 4 बजकर 45 मिनट पर नासा ने बड़ा कीर्तिमान रचा है। पृथ्वी को एस्टेरॉयड से बचाने का स्पेस एजेंसी ने सफलतापूर्ण परीक्षण किया है। इसके तहत अपने डार्ट मिशन को अंजाम दिया। एस्टेरॉयड की दिशा और रफ्तार बदलने वाला नासा का परीक्षण कामयाब रहा। इसकी अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है।

नासा को यकीन है कि एस्टेरॉयड नाम के महाविनाश से महाटक्कर सफल रही। यानी नासा का मिशन डार्ट कामयाब रहा। फुटबॉल स्टेडियम के बराबर डिमॉरफोस से स्पेसक्राफ्ट के टकराते ही प्रोजेक्ट डार्ट से जुड़ी नासा की टीम खुशी से उछल पड़ी। वैज्ञानिक दिल थामकर अंतरिक्ष के इस ऐतिहासिक लम्हे का गवाह बने। टक्कर होते ही सब तालियां पीटने लगे।

दरअसल, नासा प्रोजेक्ट डार्ट के जरिए ये देखना चाहता था कि क्या एस्टेरॉइड पर स्पेसक्राफ्ट की टक्कर का कोई इम्पैक्ट पड़ता है या नहीं ? क्या स्पेस क्राफ्ट की टक्कर से एस्टेरॉयड की दिशा और रफ्तार पर असर पड़ता है कि नहीं ? इन सवालों का विस्तार से जवाब डिटेल रिपोर्ट आने के बाद ही मिलेगा। लेकिन नासा के वैज्ञानिकों को यकीन है कि स्पेस क्राफ्ट की टक्कर से डिमॉरफोस पर असर जरूर पड़ा है। इम्पैक्ट सक्सेस का भी यही मतलब है, लेकिन इम्पैक्ट कितना पड़ा है इस पर बहुत जल्द नासा की रिपोर्ट सामने आ जाएगी।

यह पहली दफा हुआ कि किसी ग्रह रक्षा प्रणाली यानी डार्ट मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसका फायदा अब भविष्य में किसी भी एस्टोरॉयड को खत्म करने में लिया जा सकेगा। यह अंतरिक्ष यान सुबह 4ः45 मिनट पर डिमॉरफोस नामक एक छोटे एस्टेरॉयड से टकराया। डार्ट स्पेसक्राफ्ट से टकराने वाले एस्टरॉयड की लंबाई 169 मीटर की थी। इसको लाइव दिखा रहे लाइव स्ट्रीम ने डार्ट के अपने कैमरे द्वारा क्यूब के आकार की तस्वीरों को दिखाया। 

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अब भगत सिंह के नाम पर होगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट, पीएम मोदी ने की घोषणा

Date : 26-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चंडीगढ़ हवाईअड्डे का नाम स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह के नाम पर करने की घोषणा की। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 93वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि एक कार्यबल मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए अफ्रीकी चीतों की निगरानी कर रहा है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि आम जन इन चीतों का दीदार कब से कर पाएंगे। मोदी ने कहा, भगत सिंह की जयंती के ठीक पहले उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है। यह तय किया है कि चंडीगढ़ हवाईअड्डे का नाम अब शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जाएगा। 

चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी.सरदार भगत सिंह की जयंती 28 सितंबर को मनाई जाती है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए अफ्रीकी चीतों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि देश के कोने-कोने से लोगों ने भारत में चीतों के लौटने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह भारत का प्रकृति प्रेम ही है कि 130 करोड़ भारतवासी खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं। मोदी ने बताया, एक कार्यबल बनाया गया है। यह कार्यबल चीतों की निगरानी करेगा। यह देखा जाएगा कि यहां के माहौल में ये चीते कितने घुल-मिल पाए हैं। इसी के आधार पर कुछ महीने बाद कोई निर्णय लिया जाएगा और तब आप चीतों को देख पाएंगे। 

देशवासियों से मांगे सुझाव

प्रधानमंत्री ने चीतों के लेकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान और चीतों के नाम को लेकर भी देशवासियों से सुझाव मांगे। मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारक और जनसंघ के सस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, हम उन्हें जितना जानेंगे, उनसे जितना सीखेंगे, हम सबको देश को उतना ही आगे लेकर जाने की प्रेरणा मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय का एकात्म मानवदर्शन और अंत्योदय का एक विचार पूरी तरह से भारतीय था। 

पीएम मोदी ने कहा किदीनदयाल उपाध्याय कहते थे कि देश की प्रगति का पैमाना, अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति होता है। आज़ादी के अमृतकाल में हम दीनदयाल जी को जितना जानेंगे, उनसे जितना सीखेंगे, देश को उतना ही आगे लेकर जाने की हम सबको प्रेरणा मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है, आत्मवत् सर्वभूतेषु, अर्थात्ह म जीव मात्र को अपने समान मानें, अपने जैसा व्यवहार करें। आधुनिक, सामाजिक और राजनैतिक परिप्रेक्ष्य में भी भारतीय दर्शन कैसे दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है, ये, दीनदयाल जी ने हमें सिखाया। 

बलूनी ने कहा कि वह केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत करेंगे और श्री नारायण गुरु तीर्थ केंद्र भी जाएंगे। नड्डा रविवार को नागमपदम में कोट्टायम भाजपा जिला कार्यालय का उद्घाटन करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। वह सोमवार को थायकॉड में एक और जिला भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ इस समय केरल से होकर गुजर रही है। नड्डा शुक्रवार से तमिलनाडु के दो-दिवसीय दौरे पर हैं।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने विधायक दल की बुलाई बैठक

Date : 26-Sep-2022

जयपुर (एजेंसी)। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में अशोक गहलोत की विरासत किसे सौंपी जाए, इस पर चर्चा होने के आसार हैं और संभवत: विधायक दल अपने नए नेता का चुनाव करे। यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है जब ऐसी चर्चा है कि गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बन जाने की स्थिति में राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। 

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार शाम 7 बजे बुलाई गई है। पार्टी महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन तथा वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक में बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, ‘‘राजस्थान में 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के लिए प्रभारी महासचिव अजय माकन के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे पर्यवेक्षक होंगे।''

कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाए जाने से पहले गहलोत ने गत शुक्रवार को स्पष्ट रूप से कहा था कि वह पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में उम्मीदवार होंगे और मुख्यमंत्री पद से उनके हटने की स्थिति में पार्टी नेतृत्व यह फैसला करेगा कि इस जिम्मेदारी को कौन संभालेगा। 

कांग्रेस के नेतृत्व के संदर्भ में राहुल गांधी के ‘एक व्यक्ति, एक पद' वाले बयान और चुनाव जीतने की सूरत में राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में उनके संभावित उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने कहा था कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राजस्थान में पार्टी मामलों के प्रभारी अजय माकन इस संबंध में निर्णय लेंगे। 

दरअसल, राहुल गांधी ने पिछले दिनों केरल में संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह उम्मीद जताई थी कि ‘उदयपुर चिंतन शिविर' में तय हुई ‘एक व्यक्ति, एक पद' की व्यवस्था पर पूरी तरह अमल किया जाएगा। 

इससे पहले ही, कांग्रेस अध्यक्ष पद के एक संभावित उम्मीदवार के रूप में देखे जा रहे अशोक गहलोत ने यह संकेत दिया था कि वह अध्यक्ष पद और राजस्थान के मुख्यमंत्री का पद दोनों संभाल सकते हैं। बाद में गहलोत ने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया। 

माना जा रहा है कि कांग्रेस का अध्यक्ष चुने जाने पर गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, हालांकि इसको लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई कि उनके हटने पर सचिन पायलट मुख्यमंत्री होंगे या फिर गहलोत की पसंद का ही कोई नेता इस जिम्मेदारी को संभालेगा।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस विषय पर कुछ न कुछ फैसला हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को अजय माकन ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और राजस्थान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी। 

उधर, मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद लगाए हुए कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान विधानसभा अध्‍यक्ष सीपी जोशी और कई विधायकों से मुलाकात की थी। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पायलट मुख्यमंत्री पद के लिए मुख्य दावेदार हैं, लेकिन जोशी के नाम पर भी चर्चा चल रही है। 

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे। 

इस बीच, मुख्यमंत्री गहलोत रविवार को जैसलमेर के तनोट मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। वह सुबह साढ़े 11 बजे जयपुर से रवाना होंगे और शाम साढ़े चार बजे जयपुर लौटेंगे।

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को सुनाई 5 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना

Date : 24-Sep-2022

लखनऊ (एजेंसी)। बांदा जेल में बंद माफिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी पर योगी आदित्यनाथ सरकार के बाद अब कोर्ट का भी शिकंजा कसा है। जेलर को धमकी देने के मामले में सात वर्ष कैद की सजा के बाद अब मुख्तार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के 23 वर्ष पुराने मामले में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पचास हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 वर्ष पुराने एक मामले में भी जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने शुक्रवार को उसे पांच वर्ष कैद के साथ पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है। सरकारी वकील राव नरेन्द्र सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्तार को गैंगस्टर के इस मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले की वर्ष 1999 में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने इससे पहले गुरुवार को वर्ष 2003 के एक मामले में मुख्तार अंसारी को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। मामला लखनऊ जेल के जेलर को पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी से जुड़ा था। बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ इस मामले में जेलर एसके अवस्थी के अकेले ही लड़े और सजा दिलवाई। इस लड़ाई में पहले कई गवाह थे जो बाद में मुकर गए। 2003 में लखनऊ जेल में बंद रहे तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी से कुछ लोग जेल में मिलने पहुंचे थे। असलहों से लैस होकर मुलाकात करने पहुंचे लोगों की तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने जब तलाशी लेनी चाहिए तो जेल की कोरनटाइन जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने इस पर एतराज जताया। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि मुख्तार अंसारी ने मुलाकाती की पिस्टल निकालकर धमकी दी। जेलर एसके अवस्थी की तरफ से लखनऊ के आलमबाग थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

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11 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर एनआईए.ईडी का छापा, कई राज्यों के चीफ सहित 106 गिरफ्तार

Date : 23-Sep-2022

नई दिल्ली (एजेंसी)। टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के नेतृत्व में 11 राज्यों में पीएफआई (PFI) के ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाई की गई। छापेमारी में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को देश में आतंकी गतिविधियों का कथित रूप से समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

एनआईए-ईडी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए कई छापे में केरल से 22, कर्नाटक से 20, महाराष्ट्र से 20, आंध्र प्रदेश से 5, असम से 9, दिल्ली से 3, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी से 3, राजस्थान से 2, तमिलनाडु से 10 और उत्तर प्रदेश से 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने की बैठक

बता दें कि इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की। बैठक में NSA, गृह सचिव, NIA DG सहित अधिकारियों ने भाग लिया। टेरर फंडिंग मामले में NIA, ED और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने 11 राज्यों में PFI के ठिकानों पर छापा मारा है। छापेमारी में अब तक PFI के 106 से अधिक सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें PFI के कई प्रमुख नेता भी शामिल हैं। ये तलाशी आतंकवाद को फंडिंग करने, ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल व्यक्तियों के घरों और कार्यालयों में की जा रही है।

आतंकी फंडिंग मामले में कार्रवाई

अधिकारियों ने कहा कि आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। PFI की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने NIA-ED द्वारा देशभर में की गई कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि नेताओं की गिरफ्तारी और उत्पीड़न एवं संगठन के सदस्यों और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई गलत है। उन्होंने कहा कि NIA के निराधार दावे के पीछे आतंक का माहौल बनाना है।

PFI के 106 सदस्य गिरफ्तार

देश भर में 11 राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए, NIA, ED और राज्य पुलिस ने PFI के 106 से सदस्यों को गिरफ्तार किया है।' जानकारी के अनुसार, PFI के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की कार्रवाई हुई है।

जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के विरोध में कई जगह PFI और SDPI के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक के मंगलुरु में NIA की कार्रवाई के खिलाफ PFI और SDPI के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। साथ ही तमिलनाडु के डिंडुगल में NIA की कार्रवाई के विरोध में PFI के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

कुछ दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई

बता दें कि NIA ने इस महीने की शुरुआत में एक PFI मामले में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में 40 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसी ने तब तेलंगाना में 38 स्थानों (निजामाबाद में 23, हैदराबाद में चार, जगत्याल में सात, निर्मल में दो, आदिलाबाद और करीमनगर जिलों में एक-एक) और आंध्र प्रदेश में दो स्थानों (कुरनूल और नेल्लोर में एक-एक) पर तलाशी ली थी। उस दौरान, तलाशी अभियान में डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज, दो चाकू और 8,31,500 रुपये नकद सहित अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त की थी। NIA ने बताया कि सभी आरोपी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रहे थे।

PFI की स्थापना केरल में 2006 में हुई थी। 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद तीन मुस्लिम संगठनों- केरल का राष्ट्रीय विकास मोर्चा, कर्नाटक फोरम फार डिग्निटी और तमिलनाडु की मनिथा नीति पासारी के विलय के बाद PFI का जन्म हुआ। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, दक्षिण भारत में कई संगठन सामने आए थे, जिनमें से कुछ को मिलाकर PFI का गठन किया गया था। PFI खुद को अल्पसंख्यक समुदायों, दलितों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध एक नव-सामाजिक आंदोलन के रूप में बताता है।

PFI का दावा है कि वर्तमान में 22 राज्यों में उसकी इकाइयां हैं। पिछले कुछ वर्षों में PFI की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। PFI को एशिया के अलावा मध्य-पूर्वी देशों से भी फंडिंग मिलती है। पहले PFI का मुख्यालय कोझिकोड में था, लेकिन इसके विस्तार के बाद मुख्यालय को दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया। PFI के प्रदेश अध्यक्ष नसरुद्दीन एलमारोम संगठन के संस्थापक नेताओं में से एक हैं। इसके अखिल भारतीय अध्यक्ष ई अबुबकर भी केरल के रहने वाले हैं।

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महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो इनामी नक्सलियों ने किया समर्पण

Date : 23-Sep-2022

गढ़चिरौली (एजेंसी)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो इनामी नक्सलियों ने समर्पण किया है। गढ़चिरौली पुलिस के सामने समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। गढ़ चिरौली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नक्सली अनिल उर्फ रामसाय कुजूर और महिला नक्सली रोशनी पल्लो ने लाल आतंक को छोड़कर सामाजिक जीवन जीने की इच्छा रखते हुए समर्पण किया।

सरकार ने अनिल पर चार लाख रुपए और रोशनी पर दो लाख रुपयों का इनाम घोषित किया था। गढ़चिरौली जिला पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने बताया कि समर्पित नक्सली अनिल गढ़चिरौली जिले के ऐटा पल्ली क्षेत्र का निवासी है और रोशनी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली है। दोनो साल 2009 में नक्सल संगठन में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि दोनों कई मुठभेड़ों और वारदातों में भी शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ जिले के थानों में भी मामले दर्ज हैं। लेकिन अब सामाजिक जीवन जीने की इच्छा से इन दोनों ने नक्सल संगठन को त्यागकर समर्पण किया है तो दोनों को राज्य और केंद्र सरकार की समर्पण नीतियों का लाभ दिया जाएगा।

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इस ऑटो चालाक की लगी 25 करोड़ की लॉटरी

Date : 20-Sep-2022

केरल (एजेंसी)। कहते हैं ऊपर वाले के यहां देर है, अंधेर नहीं। अपनी लॉटरी का टिकट दिखाकर खुशी का इजहार करते इस ऑटो ड्राइवर पर ये बात सौ टका लागू होती है। केरल केे श्रीवराहम में रहने वाले अनूप की माली हालत इतनी खराब हो गई थी कि ऑटो चलाकर परिवार का पेट नहीं पाल पा रहे थे।

आलम ये था कि उन्होंने ये काम छोड़कर विदेश जाकर शेफ की नौकरी करने का फैसला कर लिया था। बैंक से तीन लाख रुपए का लोन भी अप्रूव हो गया था, लेकिन किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि अनूप की तो निकल पड़ी।

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आतंकी ठिकाना का पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने किया धवस्त, हथियार व गोला.बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद

Date : 20-Sep-2022

रामबन (एजेंसी)। जम्मू में गूल की पहाड़ियों से हथियार और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। यह सफलता सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप द्वारा चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान में मिली।

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) विकार अहमद ने रविवार शाम को गूल में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उपमंडल गूल और रामबन में लंबे समय से संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा है।

सेना की 23 राष्ट्रीय राइफल्स, गूल पुलिस और एसओजी रामबन द्वारा संगलदान और गूल के जंगलों और ऊंचे इलाकों में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया था। इस प्रक्रिया के दौरान रविवार की सुबह एक ठिकाने का पता चला। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।  

डीएसपी विकार अहमद ने बताया कि आतंकी ठिकाने से एक रिवॉल्वर एक चीनी पिस्तौल मैगजीन के साथ, एक चाकू, चार एके 47 मैगजीन, 198 7.62x39 राउंड, 9 एमएम पिस्टल के 69 कारतूस, एक दूरबीन, एक कैमरा, एक वायरलेस सेट, थ्री नॉट थ्री, 36 कारतूस की दो मैगजीन, एक कम्पेस्टर, एक ग्रेनेड, एक लांचर, एक यूबीजीएल पेंडुलम, एक खाली कारतूस (यूबीजीएल) बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है और आगे की जांच के लिए पुलिस स्टेशन गूल में धारा 120-बी,121 आईपीसी 7/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान मेजर सार्थक निगम (23 आरआर), सेना और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। 

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