National

Previous1234Next

महाराष्ट्र में भाजपा ने सरकार बनाकार सबको चौका दिया ।

रायपुर ब्यूरो- महाराष्ट्र के सियासत में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला सरकार बनाने की कवायद में शिवसेना ,एनसीपी, कांग्रेस को तिकड़मबाजी ने राजनीतिक गलियारों में सरकार बनाने की दावे सभी खोखली साबित हुई। वही भाजपा ने एनसीपी का समर्थन में महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार बना ली है। जिससे कि शिवसेना के सत्ता में आसीन होने का सपना चकनाचूर हो गया और उद्धव के सीएम बनने के राह में एनसीपीने काटे बिछा दिया जो एनसीपी पहले संयुक्त गठबंधन में शिवसेना को समर्थन देने की बात कहती दिख रही थी उसने शिव सेना को दिन में तारे दिखाने का काम किया। आज राज्यपाल ने देवेन्द्र फडणवीस को संख्याबल दिखाकर सरकार बनाने आमंत्रित किया । जिसके बाद देवेन्द्र फडणवीस ने संख्याबल दिखाकर सीएम पद की शपथ ले ली साथ ही एनसीपी के अजीत पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आई है जब कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने को लेकर विचार-विमर्श शुक्रवार को अंतिम चरण में पहुंच गया था। लेकिन राजनीतिक उठापथल में भाजपा ने एनसीपी को अपने समर्थन में लाकर महाराष्ट्र में भाजपा का परचम लहरा दिया । पीएम मोदी ने ट्वीट कर देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार को महाराष्ट्र के सीएम और डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के लिए बधाई दी ।
View More...

आर्थिक मंदी के चपेट से बिगड़ेगी दुर्गा पूजा की तैयारी ,आयोजकों की बजट में भी पड़ रहा असर

कोलकाता:- आर्थिक मंदी से बंगाली दुर्गा पूजा पर असरनकदी की कमी के चलते घटे विज्ञापनबजट में 20-40 फीसदी कटौती का दबाव। दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है जो बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. लेकिन ऐसा लग रहा है कि देश में छाई आर्थिक मंदी ने इस त्योहार की चमक फीकी कर दी है. मंदी के प्रभाव में आकर पूजा आयोजकों की स्थिति डावांडोल है, क्योंकि कॉर्पोरेट विज्ञापनदाताओं ने नकदी की कमी के चलते विज्ञापन घटा दिए हैं । पूजा आयोजकों का कहना है कि कॉर्पोरेट प्रायोजकों की कमी के चलते हम पर दबाव है कि हम अपने बजट में 20 से 40 फीसदी तक कटौती करें । दक्षिणी कोलकाता में हाजरा पार्क दुर्गोत्सव कमेटी के सचिव सायनदेब चकबर्ती का कहना है, हर साल इस टाइम तक पूजा पंडाल के बाहर खाली जगहें विज्ञापनों से भर जाती थीं, लेकिन इस साल एक भी विज्ञापन नहीं है. हमने हर चीज में कटौती की है, क्योंकि कंपनियां विज्ञापन पर खर्च करने की इच्छुक नहीं हैं, जबकि विज्ञापन ही हमारे लिए पैसे का मुख्य स्रोत था । चक्रबर्ती के मुताबिक, बड़े स्तर के दुर्गा पूजा आयोजनों के लिए पिछले साल की पूजा खत्म होते ही अगले साल की प्लानिंग और बजट का काम हो जाता था. पूजा आयोजकों के लिए कलाकारों को जुटाना, साज-सज्जा कराना, नई थीम चुनना काफी मुश्किल काम होता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा भीड़ को आकर्षित किया जा सके । इसके लिए असंगठित क्षेत्र से जो पैसे मिलते हैं वे ज्यादातर एडवांस में और कैश में मिलते हैं. लेकिन इस बार कलाकारों और वेंडरों को डर सता रहा है कि उन्हें नुकसान होगा । मूर्ति बनाने वाले अरुण पाल ने बताया, पूजा कमेटियां मूर्तियां बुक कराती हैं तो कुछ पेमेंट एडवांस में देती हैं । और जब हम मूर्ति पहुंचाते हैं तो हमें पूरे पैसे मिल जाते हैं । आमतौर पर हम मूर्तियां बनाने के लिए कर्ज लेते हैं और पैसे आने पर वापस कर देते हैं. इस बार हमें डर लग रहा है कि पूजा आयोजक हमें समय से भुगतान करेंगे या नहीं । स्पॉन्सर्स को सता रहा डर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के क्षेत्र भवानीपुर के एक पूजा पंडाल में तैयारियों की निगरानी कर रहे कुछ ​वरिष्ठ लोगों ने बताया कि पूजा खर्च पर आयकर विभाग की निगरानी के चलते ज्यादातर स्पॉन्सर्स को डर सता रहा है । आबशार सरबोजनीन दुर्गोत्सव समिति के एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट आशीष सेनगुप्ता ने कहा, आयकर का कोई भी डर सिर्फ गप्प है, कोई पूजा कमेटी आयकर नहीं देने जा रही है ।आयकर विभाग ने यह स्पष्ट किया है. फिर भी लोगों में एक धारण बन गई है जिसने स्पॉन्सर्स को प्रभावित किया है । एसोचैम की 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की कुल अर्थव्यवस्था 25,000 करोड़ की थी । उम्मीद थी कि यह हर साल 35 फीसदी की दर से बढ़ेगी. बड़े बजट के साथ पूजा आयोजक भीड़ को आकर्षित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं ​ताकि विज्ञापन देने वाले ब्रांड को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो, लेकिन खपत में गिरावट के चलते मांग में कमी आई है. इससे संगठित क्षेत्र की कंपनियों ने त्योहारी सीजन में विज्ञापन खर्च कम कर दिया है । 8000 बैनर की बुकिंग, मिला है 2000 का ऑर्डर आउटडोर एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाने वाले रतुल बिस्वास का कहना है, जो क्लाइंट्स विज्ञापन पर 50 से 60 लाख खर्च करते थे, वे अब महज 10 लाख खर्च कर रहे हैं. हमें क्लाइंट के ऑर्डर के पहले ही विज्ञापन की जगह बुक करनी होती है. हमने पूरा कोलकाता में एडवांस में 8000 बैनर की जगह की बुकिंग करा ली है, लेकिन अभी तक सिर्फ 2000 का ऑर्डर मिला है. दुर्गा पूजा में अब सिर्फ तीन हफ्ते बचे हैं, यह हमारी सोच से परे है. ऑटोमोबाइल, रीयल एस्टेट और फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर सबसे खराब हालत में है । फंडिंग की व्यवस्था न हो पाने के चलते आयोजक आखिरी वक्त में प्रचार संबंधी व्यवस्था में बदलाव कर रहे हैं. इसका मतलब यह भी है कि उद्घाटन के लिए बड़ी शख्सियतें नहीं बुलाई जाएंगी. एक पूजा कमेटी मेंबर ने कहा, सच कहें तो इस बार हमें मां दुर्गा ही बचाएंगी दुर्गा पूजा समितियों को मदद करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे प्रदेश की 28000 समितियों में से प्रत्येक को 25,000 रुपये देने का ऐलान किया है. सरकारी मदद में पिछले साल के मुकाबले यह 150 फीसदी की बढ़त है. वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता मदन मित्रा ने कहा, मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते देश की अर्थव्यवस्था अंतिम सांसे गिन रही है. ऐसे में मुझे संदेह है कि पूजा समितियां पांच दिनों के लिए ढंग से पूजा आयोजिक करा सकेंगी । वहीं, बीजेपी नेता शिशिर बजोरिया ने किसी तरह की आर्थिक मंदी की बात को नकारते हुए कहा कि पूजा समितियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है जिसके चलते लोगों ने पूजा के लिए दान देना बंद ​कर दिया है । उन्होंने कहा, पहले पूजा के लिए स्थानीय लोगों से फंड जुटाए जाते थे और कभी फंड की कमी नहीं होती थी. फिर इसमें धीरे धीरे चिट फंड की संलिप्तता सामने आई, लेकिन अब वह भी समाप्त हो गई. तृणमूल के नेता और मंत्री पूजा को पैसा उगाहने के रैकेट के लिए इस्तेमाल करते हैं. इसका राज्य की अर्थव्यवस्था से कोई लेना देना नहीं है ।
View More...

जियोफाइबर की बाजार में दस्तक, 699 रुपये में मिलेगा 100 एमबीपीएस इंटरनेट स्पीड

नयी दिल्ली, (एजेंसी)। उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने अपनी ब्रॉडबैंड सेवा ‘जियोफाइबर’ को शुरू कर दी। कंपनी ने 699 रुपये मासिक किराये पर न्यूनतम 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड देने की पेशकश की है।जियोफाइबर पर एक जीबीपीएस की इंटरनेट स्पीड वाला प्लान 8,499 रुपये प्रति माह में उपलब्ध होगा।कंपनी ने बयान में कहा कि ब्रॉडबैंड सेवा के तहत देशभर में उसके ग्राहकों को असीमित इंटरनेट, मुफ्त वायस कॉल के साथ टीवी वीडियो कॉलिंग एवं कॉन्फ्रेंसिंग करने की सुविधा भी मिलेगी।
कंपनी ने कहा कि जो लोग वार्षिक उपयोक्ता सदस्यता लेंगे उन्हें मुफ्त सेटटॉप बॉक्स दिया जाएगा। जियोफाइबर के ‘गोल्ड’ और उसके ऊपर के प्लान के साथ एक टीवी भी दिया जाएगा। ये प्लान 1,299 रुपये मासिक से शुरू होंगे।(भाषा) 

View More...

एयरसेल-मैक्सिस मामले की सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नयी दिल्ली, (एजेंसी)। दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती से जुड़े एयरसेल-मैक्सिस मामले में सुनवाई अनिश्चित काल के लिए शुक्रवार को स्थगित करते हुए कहा कि सीबीआई और ईडी बार-बार स्थगन मांग रहे थे। विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने बिना कोई तारीख बताए सुनवाई स्थगित करते हुए कहा कि जब भी जांच पूरी हो जाए तो अभियोजन पक्ष अदालत का रुख कर सकता है।अदालत ने एयरसेल मैक्सिस सौदे के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर धनशोधन के मामले के साथ ही सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में चिदंबरम और उनके बेटे को बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत दे दी थी। मामले में आरोपपत्र का संज्ञान लेने पर जिरह के लिए इसे सूचीबद्ध किया गया था।सीबीआई और ईडी की ओर से पेश हुए क्रमश: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा ने इस आधार पर स्थगन मांगा कि ‘लेटर्स रोगेटरी’ पर जवाब का इंतजार है।एजेंसियों ने अदालत से इस मामले को अक्टूबर में पहले सप्ताह तक स्थगित करने का अनुरोध किया था।

अदालत ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष तारीख पर तारीख मांग रहा है। मामले को अनिश्चितकाल तक स्थगित किया जाता है। जब भी जांच पूरी हो जाए और उन्हें विभिन्न देशों से लेटर्स रोगेटरी प्राप्त हो जाएं तो अभियोजन पक्ष अदालत का रुख कर सकता है।’’ 
सीबीआई और ईडी इस बात की जांच कर रहे हैं कि 2006 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे तब उनके पुत्र कार्ती चिदंबरम को एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी कैसे मिली। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान वित्त मंत्री रहते हुए कांग्रेस नेता ने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी क्षमता से परे जाकर इस सौदे को मंजूरी दी और रिश्वत ली थी। (भाषा) 

View More...

एनआरसी की अंतिम सूची जारी, 19 लाख से अधिक लोग सूची से बाहर

गुवाहाटी, (एजेंसी)। असम में बहुप्रतीक्षित नेशनल सिटिजन रजिस्टर यानि एनआरसी की अंतिम सूची शनिवार को जारी कर दी गई हैं। एनआरसी में 19 लाख से अधिक आवेदक अपना स्थान बनाने में विफल रहे। सूची से बाहर रखे गए इन आवेदकों का भविष्य अधर में लटक गया है क्योंकि एनआरसी असम में वैध भारतीय नागरिकों की पुष्टि से संबंधित है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने कोई दावा पेश नहीं किया था।अंतिम सूची में उन लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जो 25 मार्च 1971 से पहले असम के नागरिक हैं या उनके पूर्वज राज्य में रहते आए हैं।

एनआरसी के राज्य समन्वयक कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 3,30,27,661 लोगों ने एनआरसी में शामिल होने के लिए आवेदन दिया था। इनमे से 3,11,21,004 लोगों को दस्तावेजों के आधार पर एनआरसी में शामिल किया गया है और 19,06,657 लोगों को बाहर कर दिया गया है।जिन लोगों के नाम एनआरसी से बाहर रखे गये है, वे इसके खिलाफ 120 दिन के भीतर विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी) में अपील दर्ज करा सकते हैं। यदि वे न्यायाधिकरण के फैसलों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का रूख कर सकते है।असम सरकार पहले ही कह चुकी है जिन लोगों को एनआरसी सूची में शामिल नहीं किया गया उन्हें किसी भी स्थिति में हिरासत में नहीं लिया जाएगा, जब तक एफटी उन्हें विदेशी ना घोषित कर दे।

शामिल किए गए लोगों की पूरक सूची एनआरसी सेवा केंद्रों (एनएसके), उपायुक्त के कार्यालयों और क्षेत्राधिकारियों के कार्यालयों में उपलब्ध है, जिसे लोग कामकाज के घंटों के दौरान देख सकते हैं।
सूची जारी किये जाने की सूचना मिलने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग कार्यालयों के बाहर जमा होना शुरू हो गए। जिन लोगों के नाम सूची में थे, वे प्रसन्न थे और जिनके नाम नहीं थे, वे दुखी थे। सत्तारूढ़ भाजपा, विपक्षी कांग्रेस और आल असम स्टूडेंट यूनियन ने कहा है कि वे अंतिम नागरिकता सूची से असंतुष्ट हैं । असम सरकार में भाजपा के वरिष्ठ मंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि 1971 से पहले बांग्लादेश से भारत आए कई शरणार्थियों को एनआरसी सूची से बाहर निकाला गया।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने आरोप लगाया कि केन्द्र त्रुटिरहित एनआरसी लाने के लिए अपने कर्तव्य को निभाने में विफल रही है और असम के लोग ‘‘असहाय’’ महसूस कर रहे है।असम सरकार ने शनिवार को दावा किया कि कई वास्तविक भारतीय एनआरसी की अंतिम सूची से छूट गये है लेकिन उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उनके पास एफटी में अपील करने का विकल्प उपलब्ध है।असम के संसदीय कार्य मंत्री चन्द्रमोहन पटवारी ने कहा कि सरकार एनआरसी सूची में स्थान नहीं पाने वाले भारतीय नागरिकों को कानूनी मदद उपलब्ध करायेगी।
पटवारी ने कहा, ‘‘एक बात निश्चित है कि कई वास्तविक भारतीय एनआरसी में छूट गये है। हालांकि उन्हें घबराने और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वे एफटी में अपील कर सकते हैं।’’ 
एनआरसी सूची जारी होने के मद्देनजर असम में स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए गुवाहाटी और दिसपुर समेत राज्य के कई क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाई गई थी और शहरों तथा गांवों की सड़कों पर राज्य पुलिस के कर्मियों के अलावा केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों के 20 हजार से अधिक जवान गश्त कर रहे थे। (भाषा)

 

 

View More...

आतंकवादियों और उनके संरक्षकों की "ढाल" बन गया था अनुच्छेद 370 : रविशंकर प्रसाद

नागपुर,  (एजेंसी)। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 आतंकवादियों और उनके संरक्षकों की "ढाल" बन गया था।
प्रसाद ने महाराष्ट्र के नागपुर में राज्य कानूनी सेवा प्राधिकारियों की 17वीं अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन से इतर पत्रकारों से कहा, "सरकार ने देश के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की आम जनता के हित में अनुच्छेद 370 पर फैसला लिया।" 
उन्होंने कहा, "हमें समझना चाहिये कि यह एक अस्थायी प्रावधान था और इसे देश हित में हटाया गया।" कानून मंत्री के मुताबिक, "हम हमेशा देश और जम्मू-कश्मीर के लोगों की की सुरक्षा के लिए प्रयास करते हैं। हम चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर प्रगति करे।" 
उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 370 आतंकवादियों और उनके संरक्षकों की ढाल बन गया था, लेकिन हमने इसे समाप्त कर दिया। कश्मीर के विकास के लिए ऐसा किया गया।"  (भाषा) 

View More...

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा- भूटान के छात्रों में असाधारण शक्ति और क्षमता है

थिम्पू (एजेंसी )। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भूटान के रॉयल विश्वविद्यालय ’में छात्रों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भूटान के छात्रों में अतिरिक्त चीजें करने की असाधारण शक्ति और क्षमता है, जो कि पीढ़ी पीढ़ी को प्रभावित करेगा।प्रधानमंत्री ने इस दौरान अंतरिक्ष और डिजिटल भुगतान जैसे नए क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग का प्रस्ताव भी रखा।भूटान के विश्वविद्यालय रॉयल विश्वविद्यालय ’में छात्रों को संबोधित करते हुए मोदी ने उन्हें लगन से काम करने और हिमालयी देश को ऊंचाइयों पर ले जाने को कहा।


मोदी ने कहा, ने आज विश्व आज पहले से कई और अवसर मुहैया और है। आप में अतिरिक्त चीजें करने की शक्ति और क्षमता है, जो खोज पीढ़ी को प्रभावित करेगी। अपनी रुचि को पहचानें और पूरे जुनून के साथ किपर काम करें। ''मोदी ने कहा, ने कि जैसा कि भूटान अपने प्रयासों में उच्च स्तर पर है, आपके 1.3 अरब भारतीय मित्र केवल आपको अपमान और खुशी के साथ नहीं दिखेंगे। बल्कि वे आपके साथी बनेंगे, आपका साथ देंगे और आप सीखेंगे। ''प्रधानमंत्री ने आगे आने वाली कई कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए कहा, का का हर चुनौती का उन्नत समाधान निकालने के लिए, उबरने के लिए हमारे पास अपना युवा मस्तिष्क है। ''उन्होंने छात्रों से कहा, ‘सीमा कोई सीमा आपको रोक नहीं पाई गई। मैं कहता हूँ कि मैं चाहता हूँ कि युवा होने के लिए सही समय कोई भी नहीं हो सकता है। ''प्रधानमंत्री ने भारत के कई क्षेत्रों में ऐतिहासिक होने का सामना करने का जिक्र करते हुए कहा कि भारत स्कूलों, अंतरिक्ष से लेकर डिजिटल भुगतान, आपदा प्रबंधन तक नए मोर्चे पर बड़े पैमाने पर सहयोग करने को तैयार है।उन्होंने कहा, दक्षिण दक्षिण हमने दक्षिण एशिया उपग्रह के थिम्पू ग्राउंड स्टेशन का उद्घाटन किया और अपने अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार किया। उपग्रहों के माध्यम से, टेली मेडिसिन, दूरस्थ शिक्षा, संसाधन मापन, मौसम की भविष्यवाणी और यहां तक ​​कि प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी के लाभ भी कई क्षेत्रों तक पहुंचेंगे। ''

भारत के चंद्रयान -2 मिशन और अंतरिक्ष कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भूटान भी अपने उपग्रह हासिल करने की दिशा में जा रहा है।भूटान की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे मोदी ने शनिवार को भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल अग्रचुक, भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग से मुलाकात की थी।मई में दूसरी बार सरकार का गठन करने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है। (भाषा)

View More...

जम्मू-कश्मीर में धारा 144 हटाने की याचिका पर SC का इनकार

नई दिल्ली, (एजेंसी ).जम्मू-कश्मीर में धारा 144 हटाने की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला संवेदनशील है. इसमें सरकार को वक्त मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते बाद मामले की सुनवाई करेंगे.इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ये कब तक चलेगा. इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जैसी ही स्थिति सामान्य होगी, व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी. हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या आप स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ? इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम रोज समीक्षा कर रहे हैं. सुधार आ रहा है. उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे.
सुनवाई के दौरान एजी ने कहा कि पिछले साल जुलाई में 40 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि इस बार किसी की भी मौत नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने बेहद गलत ढंग से याचिका दाखिल की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी को नहीं पता कि कश्मीर क्या हो रहा है. सरकार पर विश्वास करना होगा. यह मामला बेहद संवेदनशील है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे पास वास्तविक तस्वीर होनी चाहिए, कुछ समय के लिए यह मामला रुकना नहीं चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस मामले की सुनवाई 2 सप्ताह बाद की जाएगी.
याचिकाकर्ता की वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाना चाहिए. कम से कम अस्पतालों में संचार सेवा को बहाल किया जाना चाहिए. इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि स्थिति संवेदनशील है. हम मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने पर काम कर रहे हैं.
गौरतलब है कि घाटी में अभी भी मोबाइल फोन, मोबाइल इंटरनेट और टीवी-केबिल पर रोक लगी हुई है. हालांकि, जम्मू में धारा 144 को पूरी तरह से हटा दिया गया है और कुछ क्षेत्रों में फोन की सुविधा चालू की गई है. अभी सिर्फ मोबाइल कॉलिंग की सुविधा ही शुरू की गई है.

View More...

राहुल गांधी का अध्यक्ष पद पर बने रहने से इनकार, फिर होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक

नयी दिल्ली,  (एजेंसी )। कांग्रेस के लिए नए कप्तान चुनने का  रास्ता अभी तक  साफ़ नहीं  हुआ है. शनिवार को पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर पार्टी के बड़े नेताओ के बीच  विस्तृत परामर्श का दौरा चला लेकिन नए अध्यक्ष कौन होगा यहाँ अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया ।  अब रात आठ बजे एक बार फिर सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी जिसमें पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर कोई न कोई निर्णय होने की संभावना है। इस बीच, पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी ने नया अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है। 

नए अध्यक्ष को लेकर सुबह हुई सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद नेताओं ने पांच अलग-अलग समूहों में मंथन किया। इन समूहों के परामर्श के आधार पर सीडब्ल्यूसी रात आठ बजे बैठक कर कोई फैसला करेगी।सीडब्ल्यूसी के नेताओं को पांच अलग अलग समूहों- पूर्वोत्तर क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, उत्तर क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र- में बांटकर परामर्श बैठकें हुईं। पूर्वोत्तर क्षेत्र के समूह में अहमद पटेल, अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद और कई अन्य वरिष्ठ नेता, पूर्वी क्षेत्र के समूह में केसी वेणुगोपाल, कुमारी शैलजा, तरुण गोगोई और कई अन्य वरिष्ठ नेता, उत्तरी क्षेत्र वाले समूह में प्रियंका गांधी, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कई अन्य वरिष्ठ नेता, पश्चिमी क्षेत्र के समूह में एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य वरिष्ठ नेता तथा दक्षिणी क्षेत्र के समूह में मनमोहन सिंह, अधीर रंजन चौधरी, आनंद शर्मा तथा कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे। 

सीडब्ल्यूसी की पहले दौर की बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का सहमति से आग्रह किया। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति हैं।' 

सूत्रों के मुताबिक बैठक में शामिल ज्यादातर नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बने रहना चाहिए, हालांकि गांधी ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से साफ इनकार किया।बैठक से बाहर आने के बाद पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा, ‘‘मुझसे विकल्प के बारे में पूछा गया और मैंने कहा कि राहुल गांधी का कोई विकल्प नहीं है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ही पार्टी मजबूत हो सकती है।’’ उधर, बैठक से बाहर निकलने के बाद सोनिया ने संवाददाताओं से कहा कि नया अध्यक्ष तय करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है। मैं और राहुल इसका हिस्सा नहीं हो सकते। मेरा नाम बैठक के लिए गलती से शामिल हो गया था।

दरअसल, इस्तीफा देते समय राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति अध्यक्ष नहीं बनेगा और वह इसके चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के चयन की प्रक्रिया से अलग होने के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं ने यह फैसला किया ताकि किसी की राय पर उनका प्रभाव नहीं पड़े।सीडब्ल्यूसी की बैठक में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे , राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कई अन्य नेता शामिल हुए।

 (भाषा)

View More...

प्रणव मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मिला भारत रत्न

नयी दिल्ली, (एजेंसी )। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, भारतीय जनसंघ के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख और दिवंगत गायक भूपेन हजारिका को गुरुवार को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में मुखर्जी, हजारिका के बेटे तेज और नानाजी देशमुख के करीबी रिश्तेदार विरेंद्रजीत सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया। हजारिका और देशमुख को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है।

राष्ट्रपति भवन के भव्य दरबार हॉल में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस नेता अधीर रंजन, अहमद पटेल, सुशील शिंदे, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल समेत तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समारोह में नहीं दिखे। 

भारत रत्न पुरस्कार चार साल बाद दिया गया है। इससे पहले 2015 में यह पुरस्कार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को दिया गया था।

मुखर्जी, जिन्हें लोग प्यार से ‘प्रणव दा’ कहते हैं, इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पांचवें राष्ट्रपति हैं। वह 2012 से 2017 के बीच भारत के राष्ट्रपति रहे।
मुखर्जी (83) इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपतियों राजेंद्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जाकिर हुसैन और वी वी गिरि के प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो गए, जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है।
मुखर्जी 1982 में 47 वर्ष की आयु में भारत के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने। 2004 से उन्होंने तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों- विदेश, रक्षा और वित्त मंत्रालय को संभाला और 2012 में राष्ट्र के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए।

नानाजी देशमुख 1928 से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे। उनका निधन 2010 में 94 वर्ष की आयु में मध्यप्रदेश के सतना में हुआ और उन्हें पूरे भारत में आरएसएस से प्रेरित विद्यालयों की एक श्रृंखला शुरू करने के लिए जाना जाता है।
वह भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बना।उन्हें 1975 में आपातकाल के खिलाफ जय प्रकाश नारायण के आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने वालों में शुमार किया जाता है। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनाने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही थी। 

1926 में असम में जन्मे हजारिका एक महान गायक, गीतकार, संगीतकार, कवि और फिल्मकार थे।उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1987), पद्म श्री (1977), दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (1992), पद्म भूषण (2001) और पद्म विभूषण (2012-मरणोपरांत) से सम्मानित किया जा चुका है।
हजारिका ने 1952 में कोलम्बिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की थी। 2011 में उनका निधन हो गया।
हजारिका ने राजनीति की दुनिया में भी कदम रखा था और 2004 में भाजपा के टिकट पर गुवाहाटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रहे थे। वह 1967-72 के दौरान असम के निर्दलीय विधायक रहे।हजारिका ने कई प्रतिष्ठित बॉलीवुड फिल्मों रुदाली, दरमियाँ, गज गामिनी, दमन और कई लोकप्रिय असमी फिल्मों में संगीत दिया, जिनमें पुरस्कार विजेता फिल्म ‘चमेली मेमसाब’ भी शामिल है।

सरकार ने जनवरी में मुखर्जी, देशमुख और हजारिका को भारत रत्न से सम्मानित करने के निर्णय की घोषणा की थी।इन तीनों हस्तियों को मिलाकर अब तक 48 हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।  (भाषा)

View More...
Previous1234Next