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जिन छात्रों की सभी क्लासेस ऑनलाइन हो रही हैं उन्हें देश छोड़ना होगा : अमेरिका

Date : 07-Jul-2020

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका में रहने वाले विदेशी छात्र ट्रम्प प्रशासन के एक फैसले से प्रभावित होने जा रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने कहा है कि जिन स्टूडेंट्स की सभी क्लासेस ऑनलाइन शिफ्ट हो गईं हैं, उन्हें देश लौटना होगा। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के इस फैसले से कुल 10 लाख स्टूडेंट्स पर असर पड़ेगा। इनमें 2 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। यहां सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स चीन से आते हैं। इसके बाद भारतीयों का नंबर है। ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन वाले स्टूडेंट्स के लिए एफ-1 और एम-1 कैटेगरी के वीजा जारी किए जाते हैं।

इमीग्रेशन डिपार्टमेंट का फैसला
यूएस इमीग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट ने यह फैसला लिया है। डिपार्टमेंट के मुताबिक, कोरोनावायरस के बाद पैदा हुए हालात की वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा है। डिपार्टमेंट ने बयान में कहा, “ऐसे स्टूडेंट्स जिनकी क्लासेस पूरी तरह ऑनलाइन हो गईं हैं। वो फिलहाल अमेरिका में नहीं रह सकेंगे। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”  

नए वीसा भी जारी नहीं होंगे
बयान में साफ किया गया है कि अमेरिकी विदेश विभाग उन छात्रों को अब नए वीसा जारी नहीं करेगा जिनकी सभी क्लासेस ऑनलाइन चल रही हैं। कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन परमिट भी इन स्टूडेंट्स के लिए जारी नहीं किया जाएगा। एफ-1 स्टूडेंट्स एकेडमिक कोर्स वर्क जबकि एम-1 वोकेशनल कोर्स वर्क वाली क्लासेस अटैंड करते हैं।

यूनिवर्सिटीज ने नहीं जारी किया प्लान
महामारी की वजह से अब तक अमेरिकी कॉलेज और यूनिवर्सिटीज ने सेमिस्टर प्लान जारी नहीं किया है। हालांकि, पढ़ाई के लिए वो अलग-अलग तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अपनी सभी क्लासेस ऑनलाइन कर दी हैं। यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा- 40% अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स को कैम्पस में आने की मंजूरी दी जाएगी। लेकिन, इसके लिए भी ऑनलाइन इंस्ट्रक्शन जारी की जाएंगी।

कितने विदेशी छात्र
2018-19 के लिए अमेरिका में कुल 10 लाख विदेशी छात्रों ने वीसा लिए हैं। यह अमेरिका में हायर स्टडीज करने वालों का 5.5% है। 2018 में अमेरिका को विदेशी छात्रों से 44.7 करोड़ डॉलर की कमाई हुई थी। सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स चीन के हैं। इसके बाद भारत, साऊथ कोरिया, सऊदी अरब और कनाडा का नंबर है। 2018-19 में भारत से दो लाख से ज्यादा छात्र अमेरिका गए। चीन से 3 लाख 69 हजार 548 छात्र अमेरिका आए। 

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नेपाल के प्रधानमंत्री ओली और मुख्य विरोधी प्रचंड के साथ लगातार चौथे दिन हुई बातचीत

Date : 07-Jul-2020

काठमांडू (एजेंसी) । नेपाल में प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे पर सस्पेंस जारी है। उनकी ही पार्टी के नेता प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। शनिवार, रविवार के बाद सोमवार को भी ओली ने अपने मुख्य विरोधी पुष्प कमल दहल प्रचंड से बातचीत की। उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन, नतीजा नहीं निकला। ओली को सिर्फ इतनी कामयाबी मिली कि प्रचंड मंगलवार को भी बातचीत के लिए तैयार हो गए। 

ओली सरकार बचाने के लिए चीन भी एक्टिव है। नेपाल में चीन की एम्बेसेडर होउ यांगकी लगातार नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के नेताओं से बातचीत कर रही हैं। 

आज की मीटिंग पर नजर
ओली और प्रचंड के बीच बातचीत दोपहर में शुरू होगी। सोमवार को बातचीत हुई लेकिन इसकी जानकारी मीडिया को नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि दोनों नेता मंगलवार को बातचीत जारी रखने पर सहमत हो गए हैं। लिहाजा, आज होने वाली बातचीत पर भी नजरें रहेंगी। सूत्रों के मुताबिक, प्रचंड ने ओली से साफ कह दिया है कि उनको इस्तीफा देना होगा। हालांकि, एक धड़ा ऐसा भी है जो चाहता है कि सरकार बच जाए। इसलिए समझौता कराने की कोशिशें भी जारी हैं।

कल स्टैंडिंग कमेटी की अहम मीटिंग
अगर आज ओली और प्रचंड के बीच मीटिंग में कोई फैसला नहीं होता तो यह माना जा सकता कि कल यानी बुधवार को होने वाली स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग अहम होगी। इस कमेटी में 40 मेंबर हैं। 30 से 33 ओली का इस्तीफा मांग रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं एनसीपी की तीन कमेटियों में से किसी में भी ओली को समर्थन हासिल नहीं है। लिहाजा, ज्यादा संभावना यही है कि अगर ओली और प्रचंड के बीच समझौता नहीं हुआ तो प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। 

पार्टी टूट भी सकती है
माना जा रहा कि अगर ओली ने इस्तीफे से इनकार किया तो पार्टी टूट जाएगी। एक गुट ओली और दूसरा प्रचंड के साथ चला जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, रविवार को प्रचंड ने ओली से पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा ताकि सरकार बचाई जा सके। 

ओली से इसलिए नाराजगी
पार्टी नेता कई मुद्दों पर ओली से नाराज हैं। प्रधानमंत्री कोविड-19 से निपटने में नाकाम साबित हुए। भष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं की। एक बेहद अहम मुद्दा भारत से जुड़ा है। पार्टी नेता मानते हैं कि सीमा विवाद पर उन्होंने भारत से बातचीत नहीं की। वैसे भी ओली पार्टी के तीनों प्लेफॉर्म्स पर कमजोर हैं। सेक्रेटेरिएट, स्टैंडिंग कमेटी और सेंट्रल कमेटी में उनको समर्थन नहीं हैं। पार्टी के नियमों के मुताबिक, अगर इन तीन प्लेटफॉर्म पर नेता कमजोर होता है तो उसका जाना तय है।  

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भारत-नेपाल सीमा विवाद के पीछे होउ यांगकी की अहम भूमिका

Date : 06-Jul-2020

काठमांडू  (एजेंसी) ।  चाइनीज डिप्लोमैट होउ यांगकी को नेपाल में सबसे पावरफुल विदेशी डिप्लोमैट माना जा रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री के दफ्तर से लेकर आर्मी हेडक्वार्टर तक उनकी सीधी पहुंच है। नेपाल के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ पूर्णचंद्र थापा उनके करीबी माने जाते हैं। 13 मई को चीन की एम्बेसी में एक डिनर हुआ था। इसमें थापा चीफ गेस्ट थे। राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी, टूरिज्म मिनिस्टर योगेश भट्टराई भी यांगकी से मिलते रहे हैं। कोविड-19 से निपटने के लिए चीन ने जो कन्साइमेंट नेपाल को सौंपा था। उसे जनरल थापा ने ही रिसीव किया था।

भारत-नेपाल सीमा विवाद में भी यांगकी की भूमिका
नेपाल के नए नक्शे और भारत-नेपाल सीमा विवाद में भी यांगकी की भूमिका अहम मानी जा रही है। नक्शा विवाद के अलावा अब यांगकी ओली सरकार की मुसीबतें कम करने में लगी हुईं हैं। शुक्रवार को उन्होंने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात की थी। भंडारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की नेता रह चुकी हैं। रविवार को यांगकी पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल से मिलने उनके घर पहुंचीं थीं। 

नेपाल और चीन के लिए बिचौलिए का काम कर रहीं यांगकी
अप्रैल के शुरुआत में जब नेपाल में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे थे, तब चाइनीज डिप्लोमैट ने ही टेलीफोन पर नेपाल की राष्ट्रपति और चाइनीज प्रसीडेंट शी जिनिपंग की बात करवाई थी। यहीं नहीं 27 अप्रैल को चीनी दूतावास ने एक बयान जारी कर नेपाल की जनता को भरोसा दिलाया था कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए चीन हर कदम पर नेपाली नागरिकों की मदद करेगा।

भारतीय मीडिया के विरोध के बाद दी थी सफाई
पिछले हफ्ते जब भारतीय मीडिया ने होउ को नक्शा विवाद में शामिल होने का आरोप लगाते हुए खबरें की थीं, तो होउ ने नेपाल के प्रमुख डायरीज द रायजिंग नेपाल और गोरखपत्र को 1 जुलाई को एक लंबा चौड़ा इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कालापानी सीमा विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ मीडिया समूह लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। कालापानी नेपाल और भारत के बीच का मुद्दा है। उन्होंने इसमें चीनी दखल होने से साफ इनकार कर दिया था।

मई में बचाई थी ओली सरकार
मई के पहले हफ्ते में भी ओली की कुर्सी जाने वाली थी। तब भी होउ यांगकी एक्टिव हुईं थीं। उन्होंने ओली के मुख्य विरोधी पुष्प कमल दहल प्रचंड से मुलाकात की थी। कई और नेताओं से भी मिलीं। किसी तरह ओली की सरकार तब बच गई थी। इस बार परेशानी ज्यादा है। इसकी वजह ये है कि स्टैंडिंग कमेटी के 40 में 30 मेंबर प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कोरोना वैक्सीन बउपलब्ध के बयान को आयुक्त स्टीफन हैन ने नकारा

Date : 06-Jul-2020

नयी दिल्ली/वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के आयुक्त स्टीफन हैन ने नकार दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान `इस साल के अंत से पहले कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है` को नकारा है और कहा कि `मैं यह अनुमान नहीं लगा सकता कि वैक्सीन कब उपलब्ध होगी` वैक्सीन के विकास के लिए अभूतपूर्व गति से काम हो रहा है, लेकिन अमेरिकी लोगों के लिए हमारा एकमात्र वादा यह है कि हम डेटा और विज्ञान के आधार पर ही कोई निर्णय लेंगे।
बता दें कि वाशिंगटन में चार जुलाई के संबोधन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि देश में इस साल के अंत से काफी पहले कोरोना वायरस का एक चिकित्सीय इलाय या फिर एक वैक्सीन तैयार होने की संभावना है। वैक्सीन के लिए अगले साल की शुरुआत की ओर इशारा करते हुए हैन ने कहा कि वह कोरोना वायरस वैक्सीन विकसित करने के मौजूदा प्रयासों के बारे में आशावादी हैं।


वहीं, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने 15 अगस्त तक कोरोना की वैक्सीन लांच होने की बात कही है। भारतीय दवा महानियंत्रक (डीजीसीआइ) ने भारत बायोटेक की कोवाक्सिन और जायडस कैडिला की जायकोव-डी वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी दी है।


जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में कोरोना वायरस के 28 लाख 80 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसमें से अब तक कुल लगभग 1 लाख 29 हजार 946 लोगों की मौत हो चुकी है।

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ईरान के क्लोरिन गैस संयंत्र में रिसाव से 70 कर्मी बीमार

Date : 05-Jul-2020

नयी दिल्ली/तेहरान (एजेंसी)। दक्षिणपूर्व ईरान में एक पेट्रोकेमिकल केंद्र से क्लोरीन गैस का रिसाव होने से 70 कर्मचारी बीमार पड़ गए। जानकारी के मुताबिक दक्षिणपूर्व खुजेस्तान प्रांत के माहशहर नगर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल केंद्र के अधिकतर कर्मियों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
खुजेस्तान के ही अहवाज़ शहर में जेरगन ऊर्जा संयंत्र में ट्रांस्फार्मर में विस्फोट के बाद आग लग गई। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ऊर्जा संयंत्र के सुरक्षा प्रबंधक मोहम्मद हाफेजी ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

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कोरोना मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को घेरते हुए कहा विडंबना है कि चीन में इसे बनाया

Date : 05-Jul-2020

नयी दिल्ली/वाशिंगटन डीसी (एजेंसी)। चीन से आये कोरोना वैरास पर एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति ने हमला बोला है। अमेरिका के 244वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वाशिंगटन में दूसरे `सैल्यूट टू अमेरिका` कार्यक्रम को संबोधित किया। ट्रंप ने कहा कि देश में सबकुछ ठीक चल रहा था, तभी चीन से आए वायरस ने यहां हमला बोल दिया। 
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, विदेशी भूमि पर टैरिफ शक्तियों का प्रयोग कर अमेरिका ने दशकों तक लाभ कमाया। इस दौरान हमें बड़े व्यापार सौदे का लाभ हुआ। अरबों डॉलर का भुगतान अब उन्हीं देशों द्वारा अमेरिकी खजाने को किया जाता है, लेकिन सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि हम चीन से आए वायरस की चपेट में आ गए। 
उन्होंने आगे कहा, हम गाउन, मास्क और सर्जिकल उपकरण का उत्पादन कर रहे हैं। पहले यह विशेष रूप से विदेशी भूमि में बनाया गया था। विडंबना यह है कि, विशेष रूप से चीन में इसे बनाया गया, जहां से यह वायरस और अन्य बीमारियां आई थीं।
ट्रंप ने कहा कि चीन की गोपनीयता बरतने, धोखे और आवरण रखने की सोच ने इसे पूरी दुनिया में फैलने दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए चीन को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उसे जिम्मेदारी लेनी ही होगी।
कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, अब हम अविश्वसनीय रूप से अच्छा कर रहे हैं और वैक्सीन का परीक्षण कर रहे हैं। मैं देश और दुनिया भर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को अपना धन्यवाद भेजना चाहता हूं जो जीवन रक्षक उपचारों को तेजी से विकसित करने और वितरित करने के हमारे ऐतिहासिक प्रयास में सबसे आगे हैं। 
उन्होंने कहा, हम अपने देश की वैज्ञानिक प्रतिभा को उजागर कर रहे हैं और वर्ष के अंत से बहुत पहले तक हम वैक्सीन को तैयार कर लेंगे। ट्रंप ने कहा, अमेरिका में अब तक चार करोड़ लोगों की जांच की गई है और इस बात पर जोर दिया कि जिस रफ्तार से यहां जांच हो रही है, वैसा दुनिया के किसी भी दूसरे मुल्क में नहीं हो रहा है।

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इजरायल ने ईरान पर हमला कर परमाणु ठिकाने को तबाह किया ! F-35 विमानों ने मिसाइल अड्डे पर ग‍िराए बम…

Date : 05-Jul-2020

तेहरान (एजेंसी) । इजरायल और उसके धुर व‍िरोधी ईरान के बीच साइबर अटैक चरम पर है। ताजा घटना में इजरायल ने जोरदार साइबर हमला करके ईरान के परमाणु ठिकानों में दो विस्‍फोट करा दिए। इनमें से एक यूरेनियम संवर्धन केंद्र है और दूसरा मिसाइल निर्माण केंद्र। यही नहीं इजरायल ने अपने घातक F-35 फाइटर जेट की मदद से ईरान के पर्चिन इलाके में मिसाइल न‍िर्माण स्‍थल पर धावा बोला और उसे बर्बाद कर दिया।

कुवैती अखबार अल जरीदा की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना पिछले सप्‍ताह हुई। अखबार ने बताया कि इजरायल के साइबर हमले से 2 जुलाई को ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र में आग लग गई और जोरदार विस्‍फोट हुआ। यह पूरा केंद्र जमीन के अंदर बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि इस इजरायली हमले के बाद अब ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब दो महीने पीछे चला गया है।

इजरायल ने ईरानी ठिकाने पर धावा बोला और बम गिराए
अल जरीदा ने बताया कि पिछले 3 जुलाई को इजरायल के F-16 स्‍टील्‍थ फाइटर जेट ने पर्चिन इलाके में स्थित एक ईरानी ठिकाने पर धावा बोला और कई बम गिराए थे। माना जाता है कि यह मिसाइल उत्‍पादन केंद्र था। दरअसल, इजरायल का कहना है क‍ि ईरान अपने हथियार और मिसाइलें लगातार उन्‍नत बना रहा है और वह इसे यहूदियों के विरोधी हिज्‍बुल्‍ला को सप्‍लाइ कर रहा है।

इन दोनों ही हमले की इजरायल ने पुष्टि नहीं की है। इससे पहले ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि ईरान ने अप्रैल महीने में इजरायल के पानी के सप्‍लाइ को हैक करने की कोशिश की थी। ईरान के इस हमले को इजरायल के साइबर डिफेंस ने असफल कर दिया था। अगर ईरान अपने इस प्रयास में सफल हो जाता तो पानी के अंदर क्‍लोरीन की मात्रा खतरनाक स्‍तर तक बढ़ जाती। पूरे देश में पानी का संकट भी खड़ा हो जाता।

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ऑस्ट्रेलिया में मिले कुल 113 कोरोना पॉजिटिव मरीज, मेलबर्न में 108 व सिडनी में 5 केस, शेष पूरा देश कोरोना मुक्त

Date : 05-Jul-2020

मेलबर्न (एजेंसी ) । पूरा विश्व कोरोना महामारी के दंश को झेल रहा है। कोरोना संक्रमितों की संख्या में वैश्विक स्तर पर रोज इजाफा हो रहा है। इधर इस वायरस को अपने को सुरक्षित रखने में सफल रहे आस्ट्रेलिय में कोरोना पॉजिटिव मिले है। लगभग एक महीने से कुल केसों में से 90 प्रतिशत या अधिक केवल मेलबर्न शहर से निकले हैं। ऑस्ट्रेलिया में पिछले 24 घंटे में कुल 113 केस बढ़े है। मेलबर्न में 108 व सिडनी में 5 केस मिले है शेष पूरे देश कोरोना मुक्त है। हुआ यूं कि अमेरिका के जॉर्ज फ्लॉयड के लिए ऑस्ट्रेलिया में हर राज्य के अनेक शहरों में सोलिडारिटी प्रदर्शन आयोजित किए गए। हजारों लोगों ने इन प्रदर्शनों में भाग लिया। यह प्रदर्शन एक महीना से हो रहे हैं लेकिन मेलबर्न शहर को छोड़ कहीं भी कोरोना संक्रमितों की संख्या नहीं बढ़ी। जाहिर है कि मेलबर्न शहर में दो चार लोग गैर जिम्मेदार निकले और कोविड-19 संक्रमित होते हुए भी प्रदर्शनों में भाग लिया और परिणाम सामने हैं। कोरोना का सिर्फ एक केस कुछ समय में ही सैकड़ों केस कर देता है। यदि मेलबर्न शहर के चंद लोगों ने गलती नहीं की होती तो अब तक ऑस्ट्रेलिया कोविड-19 मुक्त हो गया होता। इधर सिडनी में जो दो चार केस निकले हैं। उनमें से सभी विदेश से लौटे नागरिक या स्थाई निवासी या मेलबर्न से आए लोग हैं। खैर सतर्कता इतनी है और पूरी कोशिश है कि संक्रमण मेलबर्न के बाहर नहीं फैल पाए।

कुछ दिन पहले मेलबर्न से बिना सूचना दिए कुछ संक्रमित लोग सिडनी आ गए। इस घटना के बाद सिडनी ने मेलबर्न से आने वाले लोगों पर साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक का जुर्माना का नियम बना दिया है। इधर कैनबरा में दो महीने से अधिक हो गया कोई केस नहीं मिला। कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं। आशा है कि मेलबर्न से कोई संक्रमण लेकर नहीं आएगा। ऑस्ट्रेलिया में प्रति दस लाख लोगों में एक लाख से अधिक लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है। मोटा मोटी यह मान लें कि कुछ कम अधिक लगभग हर नौवें व्यक्ति की टेस्टिंग हो चुकी है। कैनबरा में दो महीने से एक भी केस नहीं होने के बावजूद अब भी टेस्टिंग हो रही है और लगातार होती रहेगी। एक भी केस नहीं होने के बावजूद टेस्टिंग करने के केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। व्यापक व ईमानदार टेस्टिंग करते हुए संक्रमित व्यक्ति की पहचान करना तथा संक्रमित व्यक्ति का आदर व प्रेम के साथ इलाज करना एकमात्र विकल्प है।

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सरोज खान के निधन पर माधुरी दीक्षित ने किया इमोशनल ट्वीट, कहा- मैं पूरी तरह से बिखर गई हूं

Date : 03-Jul-2020

मुंबई (एजेंसी) । कोरियोग्राफर सरोज खान का गुरुवार देर रात कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। माधुरी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, “मेरे दोस्त व गुरु के चले जाने से मैं पूरी तरह से बिखर गई हूं। डांस में अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच पाने में उन्होंने जो मेरी मदद की है उसके लिए मैं हमेशा उनकी आभारी रहूंगी। दुनिया ने आज एक बेहतरीन प्रतिभाशाली व्यक्ति को खो दिया है। मुझे आपकी हमेशा याद आएगी। परिवार के प्रति दिल से मेरी संवेदनाएं।बता दें कि  सरोज खान के कोरियोग्राफ किए हुए कुछ हिट गानों ने अस्सी व नब्बे के दशक में माधुरी के स्टारडम को बखूबी परिभाषित किया।

साल 1988 में आई सुपरहिट फिल्म ‘तेजाब’ के गाने एक दो तीन से माधुरी को खासा लोकप्रियता मिली, जो आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा है। साल 1992 में आई फिल्म ‘बेटा’ के गाने ‘धक-धक’ गाने से माधुरी ने इतनी सूर्खियां बटोरीं कि उन्हें आज भी लोग धक-धक गर्ल के नाम से जानते हैं। इसके अलावा ‘चोली के पीछे क्या है’ (‘खलनायक’) और ‘तम्मा तम्मा लोगे’ (‘थानेदार’) जैसे कई गीतों को माधुरी और सरोज खान की जोड़ी ने अमर बना दिया।

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इंटरनेशनल फ्लाइट्स 31 जुलाई तक के लिए बैन

Date : 03-Jul-2020

नई दिल्ली (एजेंसी) । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगे प्रतिबंध को केंद्र सरकार ने और बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगा यह बैन अब 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इससे पहले आदेश में कहा गया था कि 15 जुलाई तक भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट्स की आवाजाही को इजाजत नहीं होगी। बता दें कोरोना वायरस की वजह से भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट्स 31 मार्च के बाद से ही बंद कर दी गई हैं।

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