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बच्ची का शरीर धीरे.धीरे पत्थर में हो रहा तब्दील, बीमारी को देखकर डॉक्टर भी हैरान

Date : 02-Jul-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। 5 महीने की लेक्सी रॉबिंस के पेरेंट्स के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनकी बच्ची को ऐसी दुर्लभ बीमारी है, जिसका इलाज मिलना ही मुश्किल है। 31 जनवरी को बच्ची का जन्म हुआ था। उनके माता-पिता एलेक्स और डेव बेहद खुश थे, जब तक उन्हें बच्ची की इस गंभीर और लाइलाज बीमारी के बारे में नहीं पता था। बच्ची का शरीर धीरे-धीरे पत्थर में तब्दील हो रहा है। इस बीमारी को देखकर डॉक्टर भी हैरान है।

उसने दूसरे बच्चों की तरह ही एक्टिविटीज शुरू कीं और उनके पेरेंट्स को लगा कि उनका बच्चा काफी स्ट्रॉन्ग है.। पहले बच्ची के पैर में एक गोखरू जैसी चीज दिखी। इसके बाद जब बच्ची को डॉक्टर के पास ले जाया गया तो उसे फाइब्रोडिस्प्लेशिया आॅसिफिशियंस प्रोग्रेसिवा नाम की बीमारी होने का पता चला।

इस जेनेटिक डिसआॅर्डर में शरीर के अंदर मांस और कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं और इसका स्थान हड्डियां ले लेती हैं। पहली बार अप्रैल में एक्सरे के बाद पता चला कि लेक्सी के पांव में गोखरू बना हुआ है और उसके हाथ के अंगूठे में भी डबल ज्वाइंट है।

डॉक्टरों ने ये भी बताया कि शायद बच्ची चल-फिर भी नहीं पाएगी। माता-पिता ने इंटरनेट पर बीमारी के बारे में काफी कुछ पढ़ा और बच्ची को स्पेशलिस्ट के पास लेकर गए। उसके तमाम जेनेटिक टेस्ट कराए गए और बच्ची को की पुष्टि हो गई।

-डॉक्टर भी बीमारी देखकर हैं हैरान

लिक्सी को उनके पेरेंट्स ने ब्रिटेन के सबसे बेहतरीन डॉक्टर को दिखाया और उन्होंने बच्ची की बीमारी देखते ही कहा कि अपने 30 साल के करियर में उन्हें कभी ऐसा केस देखने को नहीं मिला। इस बीमारी के चलते शरीर के कंकाल के बाहर भी हड्डियों का विकास होने लगता है और ये धीरे-धीरे मांसपेशियों और कोशिकाओं को भी खत्म करके उनकी जगह लेने लगती है।

इस स्थिति का मतलब है कि बच्ची न तो वैक्सीन या इंजेक्शन ले पाएगी, न ही दूसरे बच्चों की तरह दांतों से काम कर पाएगी। कान की हड्डी बढ़ने से वो बहरी भी हो सकती है, जबकि हाथों-पैरों की गतिविधि भी रुक सकती है। सबसे दुख की बात ये है कि बच्ची की इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।

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प्रदेश के इस जिले में जन्मी बच्ची के दोनों पैर उल्टे, अस्पताल में छोड़कर भागे माता.पिता

Date : 23-Jun-2021

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के हरदा जिले में अनोखा मामला सामने आया है। यहां जन्मी एक बच्ची का पैर घुटने के पास से उल्टा है। इसके बाद जन्मी बच्ची को अस्पताल में छोड़कर माता-पिता भाग गये हैं। वहीं डॉक्टर इसे दुर्लभ मान रहे हैं।

बच्ची का वजन एक किलो 600 ग्राम है। आमतौर पर जन्म के समय बच्चे का वजन 2 किलो 700 ग्राम से 3 किलो 200 ग्राम तक होता है। बच्ची को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में रखा गया है। जन्मी बच्ची को देखकर डॉक्टर नर्स सभी परेशान हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यह अब तक का अनोखा मामला है।

आपको बता दें कि खिरकिया ब्लॉक के झांझरी निवासी विक्रम की पत्नी पप्पी की डिलीवरी सोमवार दोपहर 12 बजे हुई। उसने बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी सामान्य थी। जन्म के समय से ही बच्ची के दोनों पैर उल्टे हैं।

मामले में शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि 5 साल के कॅरियर में अब तक ऐसा केस नहीं आया। इंदौर-भोपाल के शिशु रोग विशेषज्ञों और हड्डी रोग विशेषज्ञों से भी चर्चा की। उनका कहना है कि यह मामला रेयर है। बच्ची का वजन 1 किलो 600 ग्राम है।

जन्म के बाद बच्ची डॉक्टरों की निगरानी में है और खतरे से बाहर है, लेकिन उसके माता-पिता उसे छोड़कर चले गए हैं। मंगलवार को अस्पताल परिसर में उन्हें तलाशा गया। माइक से अनाउसमेंट भी किया गया, लेकिन उनका पता नहीं चला।

इस तरह के मामले लाखों में एक होते हैं। आॅपरेशन के बाद घुटनों को सीधा किया जा सकता है। बच्ची को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अब तक इस तरह का मामला मैंने नहीं देखा है।

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जिले में पहली बार चारों विकासखंडों में ब्लैक राइस का उत्पादन कर रहे किसान

Date : 12-Jun-2021

दंतेवाड़ा। कृषि विभाग के एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजना अंतर्गत जिले के चारों विकासखंडों में स्व-सहायता समूह को हल्दी एवं जिमीकंद (गजेंद्रा) की खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 यूनिट हल्दी, 10 यूनिट जिमीकंद प्रदर्शन हेतु दिया जा रहा है, जिससे स्व-सहायता समूह के किसानों की आय में वृद्धि हो सके, इसके साथ ही इस वर्ष चारों विकासखंडों में ब्लैक राइस (जो मेडिसिनल गुणों से भरपूर है) के 49 कृषकों की 49 एकड़ में फसल प्रदर्शन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में पहली बार चारों विकासखंडों में ब्लैक राइस का उत्पादन किया जा रहा है।

इस चावल की विशेषता यह है कि इसके उपयोग से हृदय को स्वस्थ एवं मजबूत रखने के लिए फार्मेशन इस्तेमाल फायदेमंद है। इसमें मौजूद फायटोकेमिकल कोलेस्ट्रोल के स्तर को नियंत्रित करते हैं, और कोलेस्ट्रॉल को घटाते हैं। साथ ही यह हृदय की धमनियों में आर्थोस्क्लेरोसिस फ्लेक फॉरमेशन की संभावना कम करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना कम होती है। मोटापा कम करने के लिए लोग चावल खाना लगभग छोड़ देते हैं, वही काले चावल बेहद फायदेमंद है, क्योकि काले चावल मोटापा को कम करने के लिए लाभदायक है। भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होने से कब्ज जैसी समस्याओं को समाप्त करता है। पेट फूलना या पाचन से जुड़ी अन्य समस्याओं में लाभ देता है। रोजाना भी इसका सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है।

काले चावल में एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मौजूद होता है जो कार्डियोवेस्कुलर और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक हैं। यह प्रतिरोध क्षमता में भी इजाफा करता है। इन चावलों का गहरा रंग इनमें मौजूद विशेष एंटीऑक्सीडेंट तत्व के कारण होता है जो आपकी त्वचा व आंखों के साथ ही दिमाग के लिए फायदेमंद होता है।

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प्रदेश के बिलासपुर में किसान ने खास तरह की उगाई गोभी, जिसको तीन गुना दाम पर लोग खरीदने के लिए तैयार

Date : 25-Mar-2021

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक किसान ने खास तरह की गोभी उगाई है, जिसको  तीन गुना दाम पर लोग खरीदने के लिए तैयार है. इस गोभी की खासियत क्या है, इसके बारे में हम आपको बताएं इससे पहले हम आपको किसान के बारे में बता रहे हैं।

बिलासपुर जिले के मल्हार के किसान जदुनंदन वर्मा इन दिनों चर्चा में हैं, क्योंकि उन्होंने अपने खेत में कुछ ऐसा किया है जो अमूमन देखने को नहीं मिलता. जदुनंदन वर्मा ने अपने खेतों पर कुदरती तौर पर गुलाबी और पीले रंग की गोभी उगाकर सभी को चौंका दिया है. खास बात यह है कि इनमें किसी भी तरह का बाहरी कलर इस्तेमाल नहीं किया गया है।

गुलाबी और पीले रंग की एक फूलगोभी पूरी तरह से नैचुरल है और ऑर्गेनिक खेती के जरिए इसे तैयार किया गया है. वर्मा ने बताया कि फिलहाल प्रयोग के तौर पर 60 डिसमिल में उन्होंने 300 पौधे लगाए थे. कुछ समय पहले उन्होंने स्विटजरलैंड की सिजेंटा कंपनी के बीज लिए थे और इसके बाद उन्होंने अपने खेतों में लगाया. वर्मा ने बताया कि उन्हें खेती में नए-नए प्रयोग करने का शौक है और इसी के चलते यह मुमकिन हो पाया है।

तीन गुना कीमत देकर गोभी खरीदने को तैयार हैं लोग

गुलाबी और पीले रंग की फूलगोभी की तस्वीरें जब सोशल मीडिया में आने लगी तो इलाके में जदुनंदन वर्मा की यह फसल चर्चा में आ गई. लोग वर्मा से यह फूल गोभी 3 गुना कीमत पर खरीदना चाहते हैं. जदुनंदन वर्मा ने बताया कि 6 से 7 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वह सामान्य सफेद फूल गोभी बेचा करते थे, लेकिन अब इसे लोग 20 रुपए किलो तक का दाम देने के लिए तैयार हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में इसी तरह की फूलगोभी 80 रुपए किलो के दाम में बाजार में बिकती है. वर्मा की फसल तैयार है जल्द ही बाजार में भी आ जाएगी।

इम्यूनिटी बढ़ाने में ममदगार है ये फूलगोभी

वर्मा ने बताया कि कंपनी और कुछ एक्सपर्ट से चर्चा में पता चला कि अन्य फूलगोभी में प्रोटीन न के बराबर होता है, जबकि इसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक जैसे गुण पाए जाते हैं. यह बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद जरूरी हैं. यह गुण लोगों की इम्यूनिटी के लिए भी अहम माने गए हैं।

जदुनंदन ने बताया कि मैंने खुद इस गोभी को खाकर देखा है. प्रयोग के तौर पर इसका असल स्वाद समझने के लिए मैंने इसे सलाद के तौर पर खाया. इसके स्वाद में मुझे हल्कापन लगा जैसे सामान्य गोभी हल्की सी स्वाद में तेज होती है उसकी एक गंध होती है, मगर इस गोभी में ऐसा नहीं है।

कभी दूसरों के खेतों में थे मजदूर, आज कमा रहे लाखों रुपये

जदुनंदन वर्मा अपने गांव में अपनी खेती को लेकर बेहद मशहूर हैं, लेकिन कुछ साल पहले तक वह दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे. पलायन करके आसपास के जिलों में मजदूरी करने जाते थे. मगर अपनी मेहनत के दम पर इन्होंने 7 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती शुरू की. धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया और अब इनका खुद का खेत है।

बनना चाहते थे वैज्ञानिक, अब बेटा पूरा करेगा सपना

जदुनंदन वर्मा बताते हैं कि इन्हें पढ़ने और खेती किसानी के नए-नए प्रयोगों को करने का बेहद शौक था. इसी वजह से वह कृषि वैज्ञानिक बनना चाहते थे. मगर गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले वर्मा को जिस उम्र में पढ़ाई करनी थी, तब हाथ में फावड़ा और कुदाली आ गई और वह मजदूरी करने लगे. मगर अब अपने बेटे को पढ़ा रहे हैं. कृषि वैज्ञानिक बनने का सपना बेटा रोहन पूरा करेगा. 12वीं के बाद अब वो एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी में एडमिशन की तैयारी में जुटा हुआ है।

जदुनंदन वर्मा ने बताया कि उनके पास गाय नहीं है, इस वजह से उनके पास गोबर नहीं होता. ऐसे में वो पड़ोसियों से गोबर लाकर ना सिर्फ खाद तैयार करते हैं बल्कि नीम के पत्ते और दूसरी चीजों से कुदरती कीटनाशक भी तैयार करते हैं. उन्होंने बताया कि उनके खेत में अब पहले के मुकाबले कम कीड़े लगते हैं. यह प्रयोग वो आसपास के दूसरे किसानों को भी सिखा रहे हैं, लेकिन यह थोड़ा मेहनत और समय देने वाला काम है इसलिए किसान अक्सर रासायनिक प्रोडक्ट की तरफ भागते हैं. वर्मा ने कहा कि मेरी कोशिश है कि मैं ऑर्गेनिक काम ही करूं यदि शासन की तरफ से कोई सहयोग मिले तो मैं शायद अपने काम को और बेहतर तरीके से कर पाऊंगा।

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इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर, 68 वर्षीय दरिंदे ने 40 कुत्तों के साथ किया रेप, गिरफ्तार

Date : 15-Mar-2021

मुंबई (एजेंसी)। देश में आए दिन ऐसी कई घटना सामने आती है, जिसे सुनकर रूह कांप उठती है। एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक 68 वर्षीय दरिंदे ने कुत्तों के साथ रेप किया हैं। जी हाँ, सुनकर हैरानी होगी, लेकिन ऐसा ही हुआ है। इस हैवान ने जानवरों को अपने हवस का शिकार बनाया है। यह घटना सुनकर सबके होश उड़ गए हैं।

इस हैवान का नाम अहमद शाह बताया गया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला बॉम्बे एनिमल राइट नामक संस्था के विजय मोहन मोहनानी ने दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अहमद शाह अभी तक कई जानवरों के साथ इस तरह का दुष्कर्म कर चुका है। साथ ही उन्होंने बताया है कि आरोपी ने अब तक 30 से 40 कुत्तों का रेप कर चूका है।  मोहनानी के बयान और वीडियो के आधार पर डीएन नगर पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज कर दरिंदे को हिरासत में ले लिया है। जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां आरोपी को जमकर कोसा जा रहा है।

चेतवानी के बाद भी करता रहा दुष्कर्म 

रिपोर्ट्स की मानें तो, आरोपी अहमद शाह एक सब्जी विक्रेता है जो जुहू गली में रहता है। वहीं इस वारदात का वीडियो भी वायरल हो चूका है, जिसमें इस हैवान की गंदी करतूत साफ़ देखि जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया है कि स्थानीय लोगों ने कई बार आरोपी को इस बारे में चेतावनी दी थी लेकिन उसने हर बार इन्हें अनसुना कर दिया था।

जानवरों को आपत्ति नहीं 

खबर के अनुसार, पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की, तो अहमद शाह ने कहा कि वह जानवरों को खाना देता है और उनके साथ रेप करता है। इसमें अगर जानवरों को कोई आपत्ति नहीं है तो यह क्राइम कैसे हुआ। उसका यह बयान लोगों का और भी खून खौला रहा है। वहीं, मोहनानी के मुताबिक, मंगलवार को उन्हें अहमद के इस कर्तोत को लेकर एक कॉल भी आया था। जहाँ उन्हें बताया कि एक व्यक्ति आवारा कुत्तों का रेप करता रहता है। सबूत के तौर पर उसने दिसंबर 2020 का एक वीडियो भी भेजा था, जिसे देखकर विजय मोहनानी चौंक गए थे। जिसके बाद इस बात की सुचना डीएन नगर पुलिस स्टेशन को दी गई। पुलिस अब जाँच में जुट गई है।

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तेलंगाना में हत्या का एक अनोखा मामला, जहां एक मुर्गे ने गलती से अपने मालिक को मार डाला, मुर्गे को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

Date : 28-Feb-2021

हैदराबाद (एजेंसी)। तेलंगाना में हत्या का एक अनोखा मामला सामने आया है, यहां पुलिस ने एक शख्स की हत्या के सिलसिले में एक मुर्गे को अपनी कस्टडी में रखा है। तेलंगाना के जगतियाल जिले में एक मुर्गे ने गलती से अपने मालिक को मार डाला। अब इसे पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। हालांकि, पुलिस ने हत्या के आरोप के तहत मुर्गे को गिरफ्तार करने की खबरों को नकारा है।

बाद दें कि अवैध कॉक फाइट (मुर्गों के बीच की लड़ाई) की तैयारी के दौरान मुर्गे के पैर से बंधा एक चाकू से गलती से 45 साल के थानुगुल्ला सतीश की कमर के नीचे कट गया। यह घटना 22 फरवरी को लथुनुर गांव में उस समय हुई जब मुर्गे का मालिक सतीश अवैध कॉक फाइट के लिए मुर्गा लेकर आया था।

खबरों के मुताबिक, मुर्गे की लड़ाई के दौरान ही मुर्गे के पैर में बंधे चाकू से सतीश घायल हो गया। इसके बाद सतीश के शरीर से काफी खून बहने लगा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चूंकि इस राज्य में कॉक फाइट बैन है, इसलिए लोगों के एक समूह ने चोरी-छिपे गांव में येलम्मा मंदिर के पास मुर्गे की लड़ाई का आयोजन किया था।

इस घटना के बाद पुलिस मुर्गे को गोलापल्ली थाने में ले आई, जहां उसे रखा गया है, पुलिस ने इसके लिए भोजन की भी व्यवस्था की। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने मुर्गे को अपने मालिक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर रखा है, मगर पुलिस ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मुर्गे की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है।
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जिले के हस्तिनापुर में हुई अनोखी शादी, सपा नेता ने 2 लीटर पेट्रोल देकर किया बेटी का कन्यादान

Date : 24-Feb-2021

मेरठ (एजेंसी) । मेरठ जिले के हस्तिनापुर में हुई शादी अनोखा कन्यादान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लगातार देश में पेट्रोल व व डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है तो वहीं हस्तिनापुर के गांव अल्लीपुर मोरना में सपा नेता किशोर वाल्मीकि ने पेट्रोल डीजल एलपीजी की बढ़ती कीमतों का अनोखे ढंग से शादी में कन्यादान के रूप में 2 लीटर पेट्रोल देकर विरोध किया।

दरअसल सपा नेता किशोर वाल्मीकि हस्तिनापुर विधानसभा के अलीपुर मोरना मे बाबूराम कि बिटिया सुनीता कि शादी में पहुंचे और कन्या दान के रूप मे दो लीटर पेट्रोल देकर पेट्रोल डीज़ल कि बढ़ती कीमतों का अनोखे अंदाज़ मे विरोध प्रदर्शन किया। किशोर वाल्मीकि ने बताया कि सरकार लगातार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाती जा रही है, जिससे पेट्रोल डीजल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई है। ग़रीब मज़दूर वर्ग इसे पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। एलपीजी के दाम में बेहताशा वृद्धि करना व सब्सिडी न देना केन्द्र सरकार की नीयत पर सवालिया निशान उठाती है। इस मौके पर सपा नेता अमोद भडाना संदीप जाटव मनोज बंसल बलराम लौहरे आदि मौजूद रहे।

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क्या आपने कभी देखा नीले रंग का कुत्ता, इस देश में हाल ही में नीले रंग के कुत्तों का नजर आया झुंड

Date : 19-Feb-2021

न्यूज डेस्क (एजेंसी)। दुनियाभर में आमतौर पर काले, भूरे, सफेद, काले-सफेद समेत आदि रंगों के कुत्ते देखे जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी नीले रंग यानि‍ ब्‍लू रंग का कुत्ता देखा है? रूस में हाल ही में नीले रंग के कुत्तों का एक झुंड नजर आया है। इन कुत्‍तों के झूंड के दृश्‍य सामने आने के बाद इनकी तस्‍वीरें दुनियाभर में वायरल हो गई हैं।

ये तस्वीरें रूस के निजनी नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित डेजरजिन्च से वायरल हुई हैं। रूस में कुछ आवारा कुत्तों की ऐसी हालत देखकर स्थानीय लोगों के साथ ही पूरी दुनिया भी हैरान रह गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, इन कुत्तों की स्किन पूरी तरह से नीली हो गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन कुत्तों का रंग नीला कैसे हो गया। पता लगाया जा रहा है कि क्‍या यह कोई केमिकल रिएक्‍शन या कुछ कोई और वजह। कुत्‍तों की तस्‍वीरें वायरल होने के बाद दुनियाभर में इनकी इस हालत पर लोगों में गुस्‍सा है।

दरअसल, कुत्‍तों की ये तस्वीरें एक संयंत्र (Plant) के पास ली गई थीं, जो कभी हाइड्रोसेलेनिक एसिड और प्लेक्सिग्लास बनाने वाली एक बड़ी रासायनिक उत्पादन फैसिलिटी थी। यह केमिकल प्लांट लगभग 6 साल पहले बंद हो गया था।
इस मामले में जब केमिकल प्लांट के मैनेजर आंद्रे मिसलिवेट्स से सवाल किए गए तो उन्‍होंने मीडि‍या को बताया कि उनके प्लांट की वजह से ऐसा नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने यह दावा जरूर किया है कि कुत्ते कॉपर सल्फेट नाम के केमिकल के संपर्क में आए होंगे, इसीलिए उनकी ऐसी हालत हुई है।

अब जल्दी ही कुत्तों की इस हालत की जांच कर उनके बालों के रंग बदलने का कारणों के बारे में पता लगाया जाएगा।

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23 साल की उम्र में महिला ने जन्में 11 बच्चे, 100 बच्चो की मां बनने की अभी भी है चाहत

Date : 13-Feb-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस में रहने वाली 23 साल की क्रिस्टिना ओज्टर्क को बच्चों से कुछ ज्यादा ही लगाव है और यही कारण है कि वे यंग उम्र में ही 11 बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। हालांकि उनका बच्चों को लेकर दीवानापन यही तक ही खत्म नहीं होता है और वे भविष्य में भी कई बच्चों की मां बनना चाहती हैं. जानकारी देते हुए क्रिस्टिना ने बताया कि मैंने छह साल पहले एक लड़की को जन्म दिया था। उसके बाद से मैंने इन बच्चों को जन्म नहीं दिया है और हमने सरोगेसी तकनीक के सहारे बाकी बच्चों को पैदा किया है. ये सभी बच्चे हमारे जेनेटिक्स के ही हैं. हम हालांकि कई बच्चों को पैदा करना चाहते हैं।

आपको बता दे इस कपल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा था कि वे 105 बच्चे चाहते हैं जिसके बाद उनका ये पोस्ट वायरल होने लगा था हालांकि क्रिस्टिना ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि हम संख्या को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं लेकिन इतना जरूर है कि हम 11 पर रूकने वाले नहीं है। हम फाइनल नंबर पर फैसला नहीं कर पाए हैं. मुझे लगता है कि हर चीज का एक समय होता है और हमें उसके हिसाब से ही चीजें सोचनी चाहिए ये परिवार जॉर्जिया के बातुमी शहर में रहता है।

वही इस शहर में सरोगेसी गैर-कानूनी नहीं है और सरोगेट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के लिए इस्तेमाल करने पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि सरोगेसी के सहारे बच्चे पैदा करने की पूरी प्रक्रिया की कीमत लगभग 8 हजार यूरो यानी 7 लाख रूपए है। अगर ये फैमिली 100 बच्चे चाहती है तो सरोगेसी के सहारे उनके 70 करोड़ रूपए खर्च आ सकता है।

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देश में एक ऐसा समाज जहां बेटियों को दहेज में दिए जाते हैं 21 सांप, पढे पूरी खबर

Date : 11-Feb-2021

भारत ही नहीं पूरी दुनिया में विवाह की अजीबोगरीब रस्में हैं। इन रस्मों में एक है दहेज प्रथा, जिसे कुरीति माना जाता है। आपने यह तो सुना ही होगा कि दहेज में नकद, बर्तन, सोना, चांदी, कार या मोटर साइकिल दी जाती है परंतु आपने यह नहीं सुना होगा कि दहेज में 21 सांप दिए जाते हैं। निश्चित ही यह हैरान करने वाली बात है। आओ जानते हैं इस प्रथा की पूरी कहानी।

वैसे तो हमारे देश में दहेज लेना या देना गैरकानूनी है इसके बावजूद भी यह प्रथा जारी है। दहेज प्रथा के कारण आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। प्रतिवर्ष सैकड़ों तलाक होते हैं और कई महिलाओं की इसी कारण मौत हो जाती है या वे आत्महत्या कर लेती हैं। परंतु हम जिस दहेज प्रथा की बात कर रहे हैं उसके बारे में कहा जाता है कि इससे बेटियां सुरक्षित रहती हैं।
 
आप सभी यह तो जानते ही हैं कि बेटियों को दहेज देने के लिए पिता कर्ज लेकर कीमती सामान, सोना-चांदी, गहने और नकदी आदि दहेज में देता है। बेटी की शादी के बाद माता-पिता कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं फिर भी उनसे और भी कई तरह के दहेज की मांग की जाती है। लेकिन आपको यह जानकर अच्‍छा लगेगा कि हमारे देश में एक समाज ऐसा भी है जहां दहेज में महंगे सामान नहीं बल्कि जहरीले सांप दिए जाते हैं। ये सांप भी एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 21 दिए जाते हैं। दहेज में गेहुआ और डोमी प्रजाति के सांप देते हैं, जो बेहद जहरीले होते हैं। इनके एक बार काटने भर से इंसान की मौत हो सकती है।
 
मध्यप्रदेश और गोरिया समाज अपनी इस अनोखी प्रथा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस समुदाय के लोग अपनी बेटियों की शादी में दहेज के रूप में दूल्हे को 21 जहरीले सांप देते हैं। इनका मानना है कि अगर बेटी को दहेज में 21 खतरनाक सांप नहीं दिए गए तो बेटी की शादी टूट जाएगी या कोई अपशकुन हो जाएगा। इस समुदाय में बेटी की शादी को सफल और उसके वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए सांपों को बतौर दहेज देते हैं और यह भी माना जाता है कि इससे ससुराल में बेटी सुरक्षित रहेगी।
 
मान्यता भी ऐसी है कि बेटी की शादी तय होने के बाद बेटी का पिता सांप पकड़ने का काम शुरू कर देता है। इन्हीं सांपों को बेटी की शादी के दिन दहेज में दिया जाता है। यह भी कहा जाता है कि यदि लड़की का पिता तय समय पर सांप ना पकड़ पाया तो समझो रिश्ता टूट जाएगा। यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है।

 

गौरिया समाज के लोग पेशे से सांप पकड़ने का ही काम करते हैं, जिन्हें लोग सपेरा कहते हैं। दरअसल सांप देने का कारण यह भी है कि यही 21 सांप उनकी आजीविका का साधन भी बनता है। ये लोग सांपों का खेल दिखाकर या नागपंचमी पर सांप दिखाकर पैसे कमाते हैं। ये लोग सांप का जहर बेचने का काम भी करते हैं। यही कारण है कि दहेज में सांप दिए जाते हैं। सबसे खास बात है कि शादी में दहेज के दिए जाने वाले सांप खुद लड़की का पिता ही तय समय में पकड़ कर लाता है।

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