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कोरोना के संक्रमण और उसके लक्षण सामने आने में कितना समय लगता है?

दुनिया भर के 185 से भी ज़्यादा देशों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं.विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक महामारी घोषित किया है.भारत और अमरीका ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपने यहां यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं.  कोरोना के संक्रमण और उसके लक्षण सामने आने में कितना समय लगता है? वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद इसके लक्षण सामने आने में पांच दिनों का समय लगता है लेकिन कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखने में इससे ज़्यादा वक़्त भी लग सकता है.विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के लक्षण 14 दिनों तक रहते हैं. लेकिन कुछ शोधकर्ताओं की राय में इसके लक्षण 24 दिनों तक रह सकते हैं. कोरोना वायरस से जुड़े कई सवाल जिनके जवाब आपको जानना चाहिए -

फ़्लू और कोरोना वायरस में क्या अंतर है?
कोरोना वायरस और फ़्लू (बुखार और संक्रामक जुकाम) के कई लक्षण एक जैसे हैं. बिना मेडिकल टेस्ट के इसके अंतर को समझना मुश्किल है.कोरोना वायरस के प्रमुख लक्षण बुखार और सर्दी ही है. फ्लू में अक्सर दूसरे लक्षण भी दिखाई देते हैं जैसे गले में दर्द.जबकि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस की तकलीफ़ की शिकायत रहती है.

कोरोना से संक्रमण के बाद ठीक होने वाले लोग दोबारा संक्रमित नहीं होंगे?
फिलहाल ये कहना जल्दबाज़ी होगी. इस वायरस के बारे में अभी दिसंबर में ही पता चला है.वायरस संक्रमण के दूसरे मामलों से जुड़े अतीत के अनुभव बताते हैं कि रोग रोग प्रतिरोधकों के ज़रिये इससे बचाव किया जा सकता है. चीन से मिलने वाली कुछ रिपोर्टों में ये कहा गया है कि हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद भी कुछ लोगों के टेस्ट पॉज़िटिव पाए गए हैं पर हम उन टेस्ट को लेकर पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते.हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि ऐसे लोगों से अब संक्रमण का कोई ख़तरा नहीं था.

अस्थमा के मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक़?
हमारे श्वसन तंत्र या हमारी सांस लेने की प्रणाली में किसी भी तरह का संक्रमण, वो चाहे कोरोना वायरस ही क्यों न हो, अस्थमा की तकलीफ़ बढ़ा सकता है.
कोरोना वायरस को लेकर चिंतित अस्थमा के मरीज कुछ एहतियाती कदम उठा सकते हैं. इसमें डॉक्टर द्वारा सुझाए गए इनहेलर का इस्तेमाल भी शामिल है.
इससे कोरोना सहित किसी वायरस किसी वजह से पड़ने वाले अस्थमा के दौरे का ख़तरा कम होता है.

क्या कोरोना का संक्रमण फोन से भी हो सकता है?
माना जाता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण छींकने या खांसने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है. लेकिन जानकारों का कहना है कि ये वायरस किसी सतह पर भी अस्तित्व में रह सकता है और वो भी संभवतः कई दिनों तक.
इसलिए ये अहम है कि आपका फोन चाहे घर पर हो या दफ़्तर में पूरी तरह से बार-बार साफ़ हो. आजकल जो मोबाइल फोन आते हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि वे वाटर रेजिस्टेंस होते हैं यानी पानी से उनको कम ख़तरा रहता है.अगर ऐसा है तो आप फोन को साबुन और पानी या फिर पेपर टॉवल से साफ़ कर सकते हैं लेकिन ऐसा करने से पहले ये ज़रूर जांच लें कि आपका फोन वाटर रेजिस्टेंस है या नहीं.

क्या कोरोना दरवाज़े के हैंडल से भी फैल सकता है?
अगर कोई संक्रमित व्यक्ति छींकते वक़्त मुंह पर हाथ रखता है और फिर उसी हाथ से वो किसी चीज़ को छूता है तो वो सतह विषाणु युक्त हो जाती है.दरवाज़े के हैंडल ऐसी सतहों के अच्छे उदाहरण हैं जिससे दूसरे लोगों को संक्रमण का ख़तरा हो सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस किसी सतह पर भी अस्तित्व में रह सकता है और वो भी कई दिनों तक.

मास्क पहनना कितना ज़रूरी?
हालांकि डॉक्टर लोग हमेशा ही मास्क पहने हुए दिखते हैं लेकिन इस बात के प्रमाण कम ही मिलते हैं कि आम लोगों के मास्क पहनने से चीज़ें बदल जाती हैं.ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए वो मास्क पहनने की सिफारिश नहीं करता है.फिर भी अपनी सुरक्षा के लिए मास्क पहनना जरुरी है. विशेषज्ञों की राय में साफ़-सफ़ाई जैसे कि नियमित रूप से हाथ धोना ज़्यादा असरदार है.

बच्चों के लिए कितना ख़तरा?
चीन से मिल रहे आंकड़ों के अनुसार बच्चे तुलनात्मक रूप से कोरोना संक्रमण से बचे हुए हैं.हालांकि जिन बच्चों को फेफड़े की बीमारी है या फिर अस्थमा है, उन्हें ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि ऐसे मामलों में कोरोना वायरस हमला कर सकता है.ज़्यादातर बच्चों के लिए ये श्वसन संबंधी सामान्य संक्रमण की तरह है और इसमें ख़तरे जैसी कोई बात नहीं है.

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पत्नी को झूठ बोलकर प्रेमिका के साथ इटली गया युवक, जब कोरोना की चपेट में आया तो मामला फूटा

रोम (एजेंसी)। कोरोना वायरस की डरा देने वाली कहानियों के बीच ब्रिटेन में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। दरअसल, ब्रिटेन का एक शादीशुदा युवक पत्नी को धोखे में रखकर चोरी छिपे घूमने गया था, जहां वह कोरोना की चपेट में आ गया और पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
द सन की प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल का यह युवक पत्नी को बताकर गया था कि वह कारोबारी यात्रा पर ब्रिटेन में ही दूसरे शहर जा रहा है। घर लौटने के बाद उसमें कोरोना के लक्षण दिखने लगे, जांच के बाद पाया गया कि वह संक्रमित है। पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की पूछताछ में उसे बताना पड़ा कि वह ब्रिटेन में था ही नहीं, इटली में अपनी प्रेमिका के साथ था। 
पत्नी को इसकी भनक लगी तो मामले ने तूल पकड़ लिया। पत्नी का कहना है कि संक्रमित होने के कारण अभी वह कुछ नहीं बोलेगी। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, युवक की हालत स्थिर है और वह जल्द महामारी से उबर जाएगा। बता दें कि इटली में कोरोना का कहर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां चीन से अधिक मौतें हो चुकी हैं। 

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सामूहिक विवाह : 230 नव दम्पत्तियों को गृहस्थ जीवन का मिला आशीर्वाद

नारायणपुर। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत 230 वर-वधू एक ही मंडप के नीचे दाम्पत्य सूत्र में बंधे और साथ-साथ सुखमय जीवन जीने की शपथ ली।जिला मुख्यालय में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 230 नव दम्पत्तियों को जनसम्पर्क की मासिक पत्रिका भेंट की गई।

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जियोफाइबर की बाजार में दस्तक, 699 रुपये में मिलेगा 100 एमबीपीएस इंटरनेट स्पीड

नयी दिल्ली, (एजेंसी)। उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने अपनी ब्रॉडबैंड सेवा ‘जियोफाइबर’ को शुरू कर दी। कंपनी ने 699 रुपये मासिक किराये पर न्यूनतम 100 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड देने की पेशकश की है।जियोफाइबर पर एक जीबीपीएस की इंटरनेट स्पीड वाला प्लान 8,499 रुपये प्रति माह में उपलब्ध होगा।कंपनी ने बयान में कहा कि ब्रॉडबैंड सेवा के तहत देशभर में उसके ग्राहकों को असीमित इंटरनेट, मुफ्त वायस कॉल के साथ टीवी वीडियो कॉलिंग एवं कॉन्फ्रेंसिंग करने की सुविधा भी मिलेगी।
कंपनी ने कहा कि जो लोग वार्षिक उपयोक्ता सदस्यता लेंगे उन्हें मुफ्त सेटटॉप बॉक्स दिया जाएगा। जियोफाइबर के ‘गोल्ड’ और उसके ऊपर के प्लान के साथ एक टीवी भी दिया जाएगा। ये प्लान 1,299 रुपये मासिक से शुरू होंगे।(भाषा) 

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परलकोट जलाशय की सुंदरता पर आखिर कौन लगा रहा ग्रहण, स्थानीय प्रशासन नही दे रहा ध्यान

दीपेश साहा की रिपोर्ट। परलकोट जलाशय लबालब हो चूका । ओवर फ्लो का नाजरा देखने एक ओर जहां काफी भीड़ उमड़ रही है वही दूसरी ओर लोग जान की बाजी लगाकर सेल्फी लेने से भी नही कतरा रहे। जलाशय में सुरक्षा के कोई उपक्रम नही है वाटर फॉल एरिया के पास रेलिंग क्षतिग्रस्त हो चुके है। लोग वाटर ओवर फ्लो एरिया में खड़े होकर सेल्फी लेते नजर आ रहे है अगर जरा सी सावधानी हटी तो सीधे मौत के आगोश मे। ओवर फ्लो के दौरान डीप एरिया में डूबने से कापसी के एक युवक की मौत इसी जलाशय में हो चुकी इसके बाद भी डीप एरिया में सुरक्षा बॉडी नही लगाया गया । शराबी लोगो का जमावड़ा बना रहता है अभी रक्षाबंधन पर्व पर हाल ही के दिनों में परलकोट जलाशय में शराब पीकर मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया था उसके बाद भी प्रशासन ने ध्यान नही दिया । वही नाबालिक बच्चे को जलाशय के वाटर फाल डीप एरिया में 50 फिट ऊपर से छलांग लगाकर नहाते हुए देखा जा रहा है । जिसका वीडियो सोशल मिडिया में खूब वायरल हो रहाहै ।उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन जलाशय पर किसी भी प्रकार की स्थानीय निगरानी समिति गठित नही की । जल संसाधन विभाग ने किसी भी प्रकार की सूचना बोर्ड भी नही लगाया , मनोरम दृश्य देखने आए आगंतुकों को शक्त निर्देश देने,पालन करने के लिए किसी भी प्रकार की सावधानी सूचना फलक नही लगवाया गया। असामाजिक लोगों द्वारा जलाशय के शांति पूर्ण माहौल को भंग किया जा रहा । वे लोग जलाशय में मदिरा सेवन कर अश्लील गालीगलौज करते है । लोग परिवार के साथ जलाशय जाने में भी घबराते है कि कोई घर के माँ बेटी पर कमेंट पास न कर दे । इसके पूर्व जलाशय घुमने आयी युवती पर कुछ असामाजिक लोगों द्वारा छेड़खानी करते हुए वीडियो बनाकर कर उसे सोसल साइड में वायरल करने के मानले को लेकर भी बड़ा बवाल हो चुका है उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन ने कभी भी इस बेहद शोचनीय गंभीर मामले पर ध्यान आकर्षित नही किया । ग्रामीणों ने मांग की है कि ओवरफ़्लो के समय व त्यौहार पर्व के मौके पर जलाशय में भाड़ी भीड़ उमड़ती है इस दौरान के पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जानी चाहिए । बता दे कि परलकोट के इतिहास के बारे में अगर विस्त्रित जानकारी दी जाए तो परलकोट क्षेत्र के उत्तर दिशा में सुन्दर प्रकृति की गोद में परलकोट जलाशय मानो किसी जन्नत से कम नहीं है | यह जलाशय कांकेर मुख्यालय से 125 कि.मी और कापसी क्षेत्र से 10 किमी की दुरी पर स्थित है और लोग इस सुन्दर मनोरम ह्रदय स्मरणीय जलाशय को खैरकट्टा डैम के नाम से जानते है यहाँ जलाशय पुरे कांकेर जिले का सबसे बड़ा एवं महत्वपूर्ण जलाशय में से एक है | प्रति वर्ष विशेष पर्व त्योंहारो जैसे 15 अगस्त ,26 जनवरी ,राखी विश्वकर्मा पूजा में इस जलाशय की सुन्दरता देखने लोगो का भीड़ उमड़ता है| इस डैम का निर्माण केंद्र सरकार के दण्डकारण्या परियोजना (डी.एन के ) के तहत सन 1972 -73 में सिचाई हेतु जल आपूर्ति के लिए इस जलाशय का निर्माण हुआ जिसे सन 1986 में स्टेट को हस्तांतरित किया गया उस समय की यहाँ परियोजना से पुरे परलकोट गाँव में रोजगार के अवसर कुछ वर्षो तक सुलभ हो पाए और इसी बाँध के पानी से कई गाँव में रवि और खरीफ की फसल सिचाई होती है | ज्ञात हो की क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से जुलाई -अगस्त माह तक परलकोट जलाशय का जल भराव शत प्रतिशत हो जाता है जिससे वेस्ट वेयर (निकासी द्वार )से जल प्रवाह की सुन्दर मनोरम स्थिति निर्मित होती है जिसे देखने कई दूर दराज से लोग देखने आते है | जलाशय में भीड़ देखकर लगता है मानो जलाशय में कोई जलसा का आयोजन हो। वजूद खोता जा रहा जलाशय। नहरो का जीJर्णोद्धार भी नही हो रहा । देखरेख के अभाव में जलाशय की सुंदरता पर ग्रहण लगता नजर आ रहा । रेस्ट हाउस व स्टाफ विल्ड़िंग देखरेख के अभाव में जर्जर हो गया । वही नहरो का मरम्मत दिखाई ही नही देता लोग नहरो के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी जलाशय की निगरानी चौकसी मे लापरवाही बरती जा रही। वही अधिकारी कार्यालय से अक्सर गायब रहते है ।

जलाशय में नही है पेयजल की व्यवस्था

 जलाशय में आये लोग पेयजल के लिए अक्सर भटकते रहते है जलाशय में पेयजल की कोई व्यवस्था नही हैं कृषि के मामले में परलकोट जलाशय का महत्व। ज्ञात हो की परलकोट के किसान एक मात्र कृषि पर निर्भर है रबी फसल में मक्का और खरीफ फसल में धान इस परलकोट के किसानों द्वारा अधिक मात्रा में उपज की जाती है पुरे छतीसगढ़ में पैदावार की श्रेणी में परलकोट अव्वल है । परलकोट जलाशय के पानी से पहले कई हजार एकड भूमि सिंचित होती थी लेकिन अब यह कुछ ही गांव तक पानी को पहुचा पाती है। गौरतलब है कि इस वर्ष औसतन अच्छी बारिश हुई है। जिससे जलाशय पूरी तरह से भरी हुई है। जो किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

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रेलवे स्टेशन से बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाली रानू मंडल की दिलचस्प कहानी

बंग न्यूज (हैरी बैरागी)एक सामान्य सी दिखने वाली महिला जो रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपनी जीवन गुजरते है लेकिन अचानक उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जो आज पूरी दुनिया उसे सलाम करती है। कहते है अगर आप उस इंसान की तलाश कर रहे हैं जो आपकी जिंदगी बदल सकता है, तो आईने में देख लीजिऐ आपको वही इंसान दिखाई देगो, शायद कुछ ऐसा ही हुआ होगा रानू मंडल के साथ, जो आज पूरी दुनिया उनकी आवाज की दीवानी है। कुछ दिन पहले रानू मंडल की एक वीडियो वाइरल हुआ था, जिसमें वे प्यार का नगमा है...गाना गाते नजर आए। यह वीडियों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और रानू मंडल रातोरात ही सुपरस्टार बन गई। दरासल पश्चिम बंगाल के राणाघाट रेलवे स्टेशन पर बैठकर लता मंगेशकर की आवाज में गाना गाने वाली रानू मंडल को अपने इस टैलेंट के दम पर बॉलीवुड में एंट्री मिल गईं. खास बात यह है कि रानू मंडल अब बॉलीवुड सिंगर हिमेश रेशमिया के साथ गाना रिकार्ड कर रही है। हिमेश रेशमिया ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से रानू मंडल का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह अपनी फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' के लिए गाना 'तेरी मेरी कहानी...' रिकॉर्ड करती दिखाई दे रही हैं. इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए हिमेश रेशमिया ने लिखा, दिव्य आवाज वाली रानू मंडल के साथ मैं 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' का नया गाना 'तेरी मेरी कहानी...' रिकॉर्ड कर रहा हूं. आपके सभी सपने सच हो सकते हैं, अगर हम उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखें. एक सकारात्मक नजरिया वास्तव में सपना सच कर सकता है. आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद. हिमेश रेशमिया के इस कदम के लिए लोग उनकी खूब सराहना कर रहे हैं. 


बता दे कि किस्मत के धनी रानू मंडल की पालन पोषण पश्चिम बंगाल के राणाघाट में हुई। उनकी शादी मुंबई में बाबुल मंडल से हुई थी लेकिन उनकी शादी के कुछ साल बाद उनके पति का देहांत हो गया। पति के देहांत के बाद वे अपनी मातृभूमि राणाघाट लौट आई। रााणाघाट के रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना पेट पालती थी। कुछ मुसाफिरों ने उनके गाने को मोबाईल में कैद किया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। यह वीडियों देश भर में वायरल हुआ और लोगों ने काफी पसंद किया। इस वीडियो ने रानू मंडल रातोरात प्रसिद्धी मिल गई। वीडियो वायरल होने के बाद रानू मंडल को रेडियो चैनल्स, बंगाल के लोकल क्लबों और केरल के कई संगठन से गाने के लिए कई आॅफर आए। इसके अलावा मुंबई में एक रियलिटी शो में भी गाने का आॅफर मिला है। रानू को कोलकाता, केरल, मुंबई के साथ-साथ बांग्लादेश से भी गाने के आॅफर आने लगे हैं। 


रानू मंडल की एक बेटी भी है जो 10 साल से अलग रहती थी। दरासल उनकी बेटी को मां के रेलवे स्टेशन पर गाना पसंद नहीं था यही वजह है कि दस साल से बेटी अपनी मां से बात नहीं कर रही थी। हालांकि, अब प्रसिद्धि मिलने पर बेटी ने बात की है। वह कहती हैं कि यही उनके लिए सबसे बड़ी कामयाबी है। कहते है जीवन में आगे बढ़ने के लिए पहले खुद को अपनी नजरों में उठाइए, फिर दुनिया की नजरों में तो आप स्वयं ही उठ जाएंगे। किसी भी कार्य का परिणाम रातो-रात नहीं आता, धैर्य के साथ मेहनत करते रहें, मंजिल एक दिन आपको जरूर मिलेगी।

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नाबालिक लड़की को किया गर्भवती, फिर कर ली दूसरी लड़की से शादी

मिथुन मंडल (पखांजुर)। नाबालिक को प्रेमजाल में फंसाकर किया दुष्कर्म, गर्भवती हो गयी तो कर ली दूसरी लड़की से शादी। एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है कि युवक ने एक लड़की को मैं तुमसे शादी करूँगा कहते हुए भरोसा दिलाया और लगातार उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा जब लड़की गर्भवती हो गयी तो उसे युवक ने शादी करने से मना कर दिया। जब लड़की के परिवार वालो ने लड़की की शारीरिक स्थिति में बदलाव आता देखा तो तब जाकर मामला से पर्दा उठा। पीड़िता के परिजनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाबालिक को लेकर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है । फ़िलहाल पखांजूर पुलिस ने  दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आपको बता दे कि पूरा मामला पखांजुर थाना क्षेत्र का है। PV 114 पित्तेभोंडीया पंचायत के पवित्र विश्वास पिता निर्मल विश्वास उम्र 26 ने गांव की नाबालिक लड़की को शादी का झांसा देकर अपने प्रेम के जाल में फसाया औऱ उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा जिससे की लड़की गर्भवती हो गयी। गर्भवती होने के बाद युवक ने लड़की को अपनाने से इनकार करते हुये किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली। जिसके बाद पीड़िता के परिवार वालो को खबर लगते ही नाबालिक लड़की को लेकर थाने में पहुचकर इसकी शिकायत थाने में दर्ज करवाई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार करके आईपीसी की धारा 376,506, 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

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अटल जी के प्रथम पुण्यतिथि पर कापसी में नम आंखों से दी गयी श्रद्धांजलि

कापसी। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री रहे स्व श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रथम पु‍ण्‍यतिथि के मौके पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं व जनमानस ने राजनीति के युगपुरूष , भारत रत्‍न अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धा से याद किया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष ननिगोपाल बाला जी ने अटल जी को याद करते हुए कहा कि अटल जी ने मूल्यों एवं आदर्शों के साथ सुशासन की राजनीति को बढ़ावा दिया उनका एक नारा सिद्धान्त ।सबका साथ सबका विश्वास का भाव आज भी हम सबके लिए प्रेरणा बना हुआ है । इस मौके पर मंडल के पदाधिकारी युवा मोर्चा अध्यक्ष तुसार सरदार, वरिष्ठ कार्यकर्ता अमर ब्रह्मचारी, गौरांग राय ,वरुण बैरागी, रमेश पाल,अमित दास समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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वंदना अस्पताल की लापरवाही ,मरीज को घण्टो स्ट्रक्चर पर रखा

दिपेश साहा एवं  मिथुन मंडल (पखांजुर) । कांकेर जिले के परलकोट अंचल यानी कि पखांजुर इलाके में निजी अस्पतालों में लापरवाही बढ़ती ही जा रही है। पखांजूर के निजी अस्पताल वंदना पर फिर एक बार सवाल खड़ा हो गया है। कल कापसी पखांजुर के बीच हरणगढ़ के पास सड़क दुर्घटना हो गया था। हादसे के बाद एक लड़की को वंदना हॉस्पिटल ले जाया गया। जहाँ कई घंटों तक बिना किसी इलाज के घायल बच्ची को रखा गया था। छोटी बच्ची की जान खतरे में देख परिजनों ने मीडिया से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी दी। घायल बच्ची को घंटो तक बिना ईलाज के स्ट्रक्चर में रखे हुए थे, जब मीडिया कर्मी पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें बाहर निकलने को कहा। जिसके बाद अचानक लड़की को रेफर कर पखांजुर शासकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहाँ अब लड़की जिंदगी और मौत से जूझ रही है। फ़िलहाल बच्ची की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लेकिन अभी तक बच्ची की सुध लेने कोई नही पहुँचा। लगातार अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही हो रही है। जो कि जाँच का विषय है। संबंधित अधिकारी भी इस मामले में गंभीर नज़र नही आ रहे हैं। ऐसी लापरवाही को देखकर लगता है कि इस क्षेत्र के ग्रामीणों की जिंदगी ख़तरे में हैं। वही स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई । बाहर से आकर यह अस्पताल जनता की।सेवा के लिए खोला गया है न कि लूट मचाने । कुछ दिन पूर्व एक मरीज को डेंगू का शिकार बतलाकर उसे गलत दवाई देने के मामले में अस्पताल प्रबंधन को काफी जगहँसाई हुई को कैसे लापरवाहों के भरोसे परलकोट के मरीजो का उपचार हो रहा । एडमिट ओर स्मार्ट कार्ड से इलाज कराने के एवज में लूटने की प्रथा खूब फल फूल रही । रात को सीरियल केस पर डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नही रहते है। वही मानो क्षेत्रिय नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट चला रखा है जिसमे बिना किसी डिग्री के अंचल की युवतियो को नॉकरी में रखा गया है ताकि क्षेत्रीय लोग अस्पताल के उपचार पर ज्यादा भरोसा करे सरकारी अस्पताल के अपेक्षा निजी संस्थान में रुचि दिखाए ।

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2 दिनों से बाढ़ में फसे 6 लोगो का रेस्क्यु , टीम ने सफलता पूर्वक निकाला बाहर

दिपेश साहा (कपसी)। मत्स्याखेट करने गये पखांजुर तहसील अंतर्गत ग्राम पीवी 71,व 72 के ग्रामीणों की जान आफत में बन आयी बता दे की परलकोट के ग्रामीण मानसून के दौरान मत्स्याखेट करने में अभिरुचि रखते है पकड़े मछली को परिवार के आहार के साथ ही बाजारो में विक्रय कर लाभान्वित होते है। इसी अभिरुची को लेकर कुछ ग्रामीणों की जान आफत में बन आयी । आपको बता दे कि मामला कोयलीबेडा ब्लाक के परतापूर नदी की है कुछ मछवारे मछली पकड़ने के लिए सोमवार को परतापूर कोटरी नदी पार कर मेढ़की नदी के बागदाहड़ घाट पर पहुच गए थे जो इलाका बहुत ही नक्सली प्रभावित इलाका है, जो सघन माओवादी प्रभावित इलाक़ा है जिसे माओवादियों का गढ़ माना जाता है । लगातार हो रहे बारिश से नदी में जलस्तर बढ़ गया जिससे बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गयी । ऐसे में मत्स्याआखेट पर गए ग्रामीण नदी के बाढ़ के चपेट में आ गए ।स्थिति से बचने के लिए एक पेड़ में चढ़कर अपनी जान बचाने में सफल हुए । जलस्तर बढ़ने से नदी में फस गए थे 7 मछवारे। एक मछुवारे ने जैसे तैसे जान बचाते हैं डोंगी के सहारे नदी पार कर ग्रामीणों को दी खबर। । मौके की सूचना पाकर थाना परतापुर में जानकारी दी उसके बाद थाना प्रभारी ने एडिशनल एसपी व तहसीलदार को घटना की जानकारी दी इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आकर बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव मदद करने पहुची वस्तुस्थिति को देखते हुए जिला कांकेर से रेस्क्यु टीम को बुलाया गया लेकिन बाढ़ की विभीषिका से 6 ग्रामीण काफी दूर जान हथेली में लेकर नदी में हिचकोले खा रहे थे उनके पास सुरक्षा के कोई उपकरण नही था केवल गमछा के सहारे एक दूसरे को बांधे एक पेड के सहारे लटके हुए थे । रात को कांकेर से आई रेस्क्यु टीम रात 12 बजे के आसपास घटना स्थलपर पहुची लेकिन नदी के बाढ़ के आगे वे भी जहमत नही कर पाए । उसी बीच प्रशासन की ओर से लगातार पीड़ितों को हरसम्भव मदद करने के प्रयास किये जाते रहे । उन्हें हौसला देने के लिए उनके मोबाइल में पत्रकारों से फोन करवाया गया कि आप सभी की जान बचा लिया जाएगा , नदी की स्थिति को भांपने के लिए पत्रकार ने जब फोन पर सम्पर्क किया तो उनके मुंह से बस मदद की ग गुहार ही सुनाई दे रही थी , नदी का जल स्तर की कलरव आवाज साफ साफ सुनाई दे रही थी । बाढ़ में फसे एक व्यक्ति ने बतलाया कि अब उनका जान भगवान के भरोसे टिकी है । धीरे धीरे नदी का जलस्तर बढ़ रहा है हमे जल्दी बचा लो नही तो हम डूब जाएंगे । तमाम कोशिशों के बाद कांकेर रेस्क्यु टीम जलस्तर कम होने की प्रतीक्षा कर रहा था । रात्री से सुबह हो गयी पर बाढ़ पीड़ितों को बचाने की कवायद की कोई रूपरेखा नजर नही आ रही थी कि आखिर कैसे तेज बहाव में नदी पार किया जाए । प्रशासन ने मामले की गभीरता को देखते हुए जगदलपुर की रेस्क्यु टीम को घटना की जानकारी दी । एवं नदी का जलस्तर कम होने पर रेस्क्यु आपरेशन शुरू करने की तैयारी पुरीनकर ली गयी थी ।इसी बीच घटना को खबर पूरे अंचल ।के आग की तरह फैल गयी । लोगो का भी सहयोग रेस्क्यु टीम को मिला । जगदलपुर से आये बाढ़ आपदा प्रबंधन बचाव दल के कर्मियों ने इलेक्ट्रिक वोट के सहारे सभी बाढ़ में फसे 6 ग्रामीणों को नदी से निकालने में सफलता हासिल हुई । बता दे कि यह परलकोट ग्राम अंचल में घटित हुई पहली घटना है। इसके पहले इस प्रकार का कोई भी रेस्क्यु ऑपरेशन अब तक नही किया गया । इस ऑपरेशन को सफल बनाने में एडिशनल एसपी राजेन्द्र जायसवाल, तहसीलदार एस शेखर मिश्रा ,टीआई पखांजुर ,परतापूर टीआई समेत पत्रकारों के साथ ग्रामीणों का सहयोग रहा ।
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