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प्रदेश के बिलासपुर में किसान ने खास तरह की उगाई गोभी, जिसको तीन गुना दाम पर लोग खरीदने के लिए तैयार

Date : 25-Mar-2021

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक किसान ने खास तरह की गोभी उगाई है, जिसको  तीन गुना दाम पर लोग खरीदने के लिए तैयार है. इस गोभी की खासियत क्या है, इसके बारे में हम आपको बताएं इससे पहले हम आपको किसान के बारे में बता रहे हैं।

बिलासपुर जिले के मल्हार के किसान जदुनंदन वर्मा इन दिनों चर्चा में हैं, क्योंकि उन्होंने अपने खेत में कुछ ऐसा किया है जो अमूमन देखने को नहीं मिलता. जदुनंदन वर्मा ने अपने खेतों पर कुदरती तौर पर गुलाबी और पीले रंग की गोभी उगाकर सभी को चौंका दिया है. खास बात यह है कि इनमें किसी भी तरह का बाहरी कलर इस्तेमाल नहीं किया गया है।

गुलाबी और पीले रंग की एक फूलगोभी पूरी तरह से नैचुरल है और ऑर्गेनिक खेती के जरिए इसे तैयार किया गया है. वर्मा ने बताया कि फिलहाल प्रयोग के तौर पर 60 डिसमिल में उन्होंने 300 पौधे लगाए थे. कुछ समय पहले उन्होंने स्विटजरलैंड की सिजेंटा कंपनी के बीज लिए थे और इसके बाद उन्होंने अपने खेतों में लगाया. वर्मा ने बताया कि उन्हें खेती में नए-नए प्रयोग करने का शौक है और इसी के चलते यह मुमकिन हो पाया है।

तीन गुना कीमत देकर गोभी खरीदने को तैयार हैं लोग

गुलाबी और पीले रंग की फूलगोभी की तस्वीरें जब सोशल मीडिया में आने लगी तो इलाके में जदुनंदन वर्मा की यह फसल चर्चा में आ गई. लोग वर्मा से यह फूल गोभी 3 गुना कीमत पर खरीदना चाहते हैं. जदुनंदन वर्मा ने बताया कि 6 से 7 रुपए प्रति किलो के हिसाब से वह सामान्य सफेद फूल गोभी बेचा करते थे, लेकिन अब इसे लोग 20 रुपए किलो तक का दाम देने के लिए तैयार हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में इसी तरह की फूलगोभी 80 रुपए किलो के दाम में बाजार में बिकती है. वर्मा की फसल तैयार है जल्द ही बाजार में भी आ जाएगी।

इम्यूनिटी बढ़ाने में ममदगार है ये फूलगोभी

वर्मा ने बताया कि कंपनी और कुछ एक्सपर्ट से चर्चा में पता चला कि अन्य फूलगोभी में प्रोटीन न के बराबर होता है, जबकि इसमें अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक जैसे गुण पाए जाते हैं. यह बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद जरूरी हैं. यह गुण लोगों की इम्यूनिटी के लिए भी अहम माने गए हैं।

जदुनंदन ने बताया कि मैंने खुद इस गोभी को खाकर देखा है. प्रयोग के तौर पर इसका असल स्वाद समझने के लिए मैंने इसे सलाद के तौर पर खाया. इसके स्वाद में मुझे हल्कापन लगा जैसे सामान्य गोभी हल्की सी स्वाद में तेज होती है उसकी एक गंध होती है, मगर इस गोभी में ऐसा नहीं है।

कभी दूसरों के खेतों में थे मजदूर, आज कमा रहे लाखों रुपये

जदुनंदन वर्मा अपने गांव में अपनी खेती को लेकर बेहद मशहूर हैं, लेकिन कुछ साल पहले तक वह दूसरे के खेतों में मजदूरी करते थे. पलायन करके आसपास के जिलों में मजदूरी करने जाते थे. मगर अपनी मेहनत के दम पर इन्होंने 7 एकड़ जमीन लीज पर लेकर खेती शुरू की. धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया और अब इनका खुद का खेत है।

बनना चाहते थे वैज्ञानिक, अब बेटा पूरा करेगा सपना

जदुनंदन वर्मा बताते हैं कि इन्हें पढ़ने और खेती किसानी के नए-नए प्रयोगों को करने का बेहद शौक था. इसी वजह से वह कृषि वैज्ञानिक बनना चाहते थे. मगर गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले वर्मा को जिस उम्र में पढ़ाई करनी थी, तब हाथ में फावड़ा और कुदाली आ गई और वह मजदूरी करने लगे. मगर अब अपने बेटे को पढ़ा रहे हैं. कृषि वैज्ञानिक बनने का सपना बेटा रोहन पूरा करेगा. 12वीं के बाद अब वो एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी में एडमिशन की तैयारी में जुटा हुआ है।

जदुनंदन वर्मा ने बताया कि उनके पास गाय नहीं है, इस वजह से उनके पास गोबर नहीं होता. ऐसे में वो पड़ोसियों से गोबर लाकर ना सिर्फ खाद तैयार करते हैं बल्कि नीम के पत्ते और दूसरी चीजों से कुदरती कीटनाशक भी तैयार करते हैं. उन्होंने बताया कि उनके खेत में अब पहले के मुकाबले कम कीड़े लगते हैं. यह प्रयोग वो आसपास के दूसरे किसानों को भी सिखा रहे हैं, लेकिन यह थोड़ा मेहनत और समय देने वाला काम है इसलिए किसान अक्सर रासायनिक प्रोडक्ट की तरफ भागते हैं. वर्मा ने कहा कि मेरी कोशिश है कि मैं ऑर्गेनिक काम ही करूं यदि शासन की तरफ से कोई सहयोग मिले तो मैं शायद अपने काम को और बेहतर तरीके से कर पाऊंगा।

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इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर, 68 वर्षीय दरिंदे ने 40 कुत्तों के साथ किया रेप, गिरफ्तार

Date : 15-Mar-2021

मुंबई (एजेंसी)। देश में आए दिन ऐसी कई घटना सामने आती है, जिसे सुनकर रूह कांप उठती है। एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक 68 वर्षीय दरिंदे ने कुत्तों के साथ रेप किया हैं। जी हाँ, सुनकर हैरानी होगी, लेकिन ऐसा ही हुआ है। इस हैवान ने जानवरों को अपने हवस का शिकार बनाया है। यह घटना सुनकर सबके होश उड़ गए हैं।

इस हैवान का नाम अहमद शाह बताया गया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला बॉम्बे एनिमल राइट नामक संस्था के विजय मोहन मोहनानी ने दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अहमद शाह अभी तक कई जानवरों के साथ इस तरह का दुष्कर्म कर चुका है। साथ ही उन्होंने बताया है कि आरोपी ने अब तक 30 से 40 कुत्तों का रेप कर चूका है।  मोहनानी के बयान और वीडियो के आधार पर डीएन नगर पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज कर दरिंदे को हिरासत में ले लिया है। जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां आरोपी को जमकर कोसा जा रहा है।

चेतवानी के बाद भी करता रहा दुष्कर्म 

रिपोर्ट्स की मानें तो, आरोपी अहमद शाह एक सब्जी विक्रेता है जो जुहू गली में रहता है। वहीं इस वारदात का वीडियो भी वायरल हो चूका है, जिसमें इस हैवान की गंदी करतूत साफ़ देखि जा सकती है। साथ ही यह भी बताया गया है कि स्थानीय लोगों ने कई बार आरोपी को इस बारे में चेतावनी दी थी लेकिन उसने हर बार इन्हें अनसुना कर दिया था।

जानवरों को आपत्ति नहीं 

खबर के अनुसार, पुलिस ने जब आरोपी से पूछताछ की, तो अहमद शाह ने कहा कि वह जानवरों को खाना देता है और उनके साथ रेप करता है। इसमें अगर जानवरों को कोई आपत्ति नहीं है तो यह क्राइम कैसे हुआ। उसका यह बयान लोगों का और भी खून खौला रहा है। वहीं, मोहनानी के मुताबिक, मंगलवार को उन्हें अहमद के इस कर्तोत को लेकर एक कॉल भी आया था। जहाँ उन्हें बताया कि एक व्यक्ति आवारा कुत्तों का रेप करता रहता है। सबूत के तौर पर उसने दिसंबर 2020 का एक वीडियो भी भेजा था, जिसे देखकर विजय मोहनानी चौंक गए थे। जिसके बाद इस बात की सुचना डीएन नगर पुलिस स्टेशन को दी गई। पुलिस अब जाँच में जुट गई है।

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तेलंगाना में हत्या का एक अनोखा मामला, जहां एक मुर्गे ने गलती से अपने मालिक को मार डाला, मुर्गे को कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

Date : 28-Feb-2021

हैदराबाद (एजेंसी)। तेलंगाना में हत्या का एक अनोखा मामला सामने आया है, यहां पुलिस ने एक शख्स की हत्या के सिलसिले में एक मुर्गे को अपनी कस्टडी में रखा है। तेलंगाना के जगतियाल जिले में एक मुर्गे ने गलती से अपने मालिक को मार डाला। अब इसे पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। हालांकि, पुलिस ने हत्या के आरोप के तहत मुर्गे को गिरफ्तार करने की खबरों को नकारा है।

बाद दें कि अवैध कॉक फाइट (मुर्गों के बीच की लड़ाई) की तैयारी के दौरान मुर्गे के पैर से बंधा एक चाकू से गलती से 45 साल के थानुगुल्ला सतीश की कमर के नीचे कट गया। यह घटना 22 फरवरी को लथुनुर गांव में उस समय हुई जब मुर्गे का मालिक सतीश अवैध कॉक फाइट के लिए मुर्गा लेकर आया था।

खबरों के मुताबिक, मुर्गे की लड़ाई के दौरान ही मुर्गे के पैर में बंधे चाकू से सतीश घायल हो गया। इसके बाद सतीश के शरीर से काफी खून बहने लगा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चूंकि इस राज्य में कॉक फाइट बैन है, इसलिए लोगों के एक समूह ने चोरी-छिपे गांव में येलम्मा मंदिर के पास मुर्गे की लड़ाई का आयोजन किया था।

इस घटना के बाद पुलिस मुर्गे को गोलापल्ली थाने में ले आई, जहां उसे रखा गया है, पुलिस ने इसके लिए भोजन की भी व्यवस्था की। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने मुर्गे को अपने मालिक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर रखा है, मगर पुलिस ने इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मुर्गे की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली है।
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जिले के हस्तिनापुर में हुई अनोखी शादी, सपा नेता ने 2 लीटर पेट्रोल देकर किया बेटी का कन्यादान

Date : 24-Feb-2021

मेरठ (एजेंसी) । मेरठ जिले के हस्तिनापुर में हुई शादी अनोखा कन्यादान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ लगातार देश में पेट्रोल व व डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है तो वहीं हस्तिनापुर के गांव अल्लीपुर मोरना में सपा नेता किशोर वाल्मीकि ने पेट्रोल डीजल एलपीजी की बढ़ती कीमतों का अनोखे ढंग से शादी में कन्यादान के रूप में 2 लीटर पेट्रोल देकर विरोध किया।

दरअसल सपा नेता किशोर वाल्मीकि हस्तिनापुर विधानसभा के अलीपुर मोरना मे बाबूराम कि बिटिया सुनीता कि शादी में पहुंचे और कन्या दान के रूप मे दो लीटर पेट्रोल देकर पेट्रोल डीज़ल कि बढ़ती कीमतों का अनोखे अंदाज़ मे विरोध प्रदर्शन किया। किशोर वाल्मीकि ने बताया कि सरकार लगातार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाती जा रही है, जिससे पेट्रोल डीजल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई है। ग़रीब मज़दूर वर्ग इसे पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। एलपीजी के दाम में बेहताशा वृद्धि करना व सब्सिडी न देना केन्द्र सरकार की नीयत पर सवालिया निशान उठाती है। इस मौके पर सपा नेता अमोद भडाना संदीप जाटव मनोज बंसल बलराम लौहरे आदि मौजूद रहे।

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क्या आपने कभी देखा नीले रंग का कुत्ता, इस देश में हाल ही में नीले रंग के कुत्तों का नजर आया झुंड

Date : 19-Feb-2021

न्यूज डेस्क (एजेंसी)। दुनियाभर में आमतौर पर काले, भूरे, सफेद, काले-सफेद समेत आदि रंगों के कुत्ते देखे जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी नीले रंग यानि‍ ब्‍लू रंग का कुत्ता देखा है? रूस में हाल ही में नीले रंग के कुत्तों का एक झुंड नजर आया है। इन कुत्‍तों के झूंड के दृश्‍य सामने आने के बाद इनकी तस्‍वीरें दुनियाभर में वायरल हो गई हैं।

ये तस्वीरें रूस के निजनी नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित डेजरजिन्च से वायरल हुई हैं। रूस में कुछ आवारा कुत्तों की ऐसी हालत देखकर स्थानीय लोगों के साथ ही पूरी दुनिया भी हैरान रह गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, इन कुत्तों की स्किन पूरी तरह से नीली हो गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन कुत्तों का रंग नीला कैसे हो गया। पता लगाया जा रहा है कि क्‍या यह कोई केमिकल रिएक्‍शन या कुछ कोई और वजह। कुत्‍तों की तस्‍वीरें वायरल होने के बाद दुनियाभर में इनकी इस हालत पर लोगों में गुस्‍सा है।

दरअसल, कुत्‍तों की ये तस्वीरें एक संयंत्र (Plant) के पास ली गई थीं, जो कभी हाइड्रोसेलेनिक एसिड और प्लेक्सिग्लास बनाने वाली एक बड़ी रासायनिक उत्पादन फैसिलिटी थी। यह केमिकल प्लांट लगभग 6 साल पहले बंद हो गया था।
इस मामले में जब केमिकल प्लांट के मैनेजर आंद्रे मिसलिवेट्स से सवाल किए गए तो उन्‍होंने मीडि‍या को बताया कि उनके प्लांट की वजह से ऐसा नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने यह दावा जरूर किया है कि कुत्ते कॉपर सल्फेट नाम के केमिकल के संपर्क में आए होंगे, इसीलिए उनकी ऐसी हालत हुई है।

अब जल्दी ही कुत्तों की इस हालत की जांच कर उनके बालों के रंग बदलने का कारणों के बारे में पता लगाया जाएगा।

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23 साल की उम्र में महिला ने जन्में 11 बच्चे, 100 बच्चो की मां बनने की अभी भी है चाहत

Date : 13-Feb-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। रूस में रहने वाली 23 साल की क्रिस्टिना ओज्टर्क को बच्चों से कुछ ज्यादा ही लगाव है और यही कारण है कि वे यंग उम्र में ही 11 बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। हालांकि उनका बच्चों को लेकर दीवानापन यही तक ही खत्म नहीं होता है और वे भविष्य में भी कई बच्चों की मां बनना चाहती हैं. जानकारी देते हुए क्रिस्टिना ने बताया कि मैंने छह साल पहले एक लड़की को जन्म दिया था। उसके बाद से मैंने इन बच्चों को जन्म नहीं दिया है और हमने सरोगेसी तकनीक के सहारे बाकी बच्चों को पैदा किया है. ये सभी बच्चे हमारे जेनेटिक्स के ही हैं. हम हालांकि कई बच्चों को पैदा करना चाहते हैं।

आपको बता दे इस कपल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा था कि वे 105 बच्चे चाहते हैं जिसके बाद उनका ये पोस्ट वायरल होने लगा था हालांकि क्रिस्टिना ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि हम संख्या को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं लेकिन इतना जरूर है कि हम 11 पर रूकने वाले नहीं है। हम फाइनल नंबर पर फैसला नहीं कर पाए हैं. मुझे लगता है कि हर चीज का एक समय होता है और हमें उसके हिसाब से ही चीजें सोचनी चाहिए ये परिवार जॉर्जिया के बातुमी शहर में रहता है।

वही इस शहर में सरोगेसी गैर-कानूनी नहीं है और सरोगेट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के लिए इस्तेमाल करने पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि सरोगेसी के सहारे बच्चे पैदा करने की पूरी प्रक्रिया की कीमत लगभग 8 हजार यूरो यानी 7 लाख रूपए है। अगर ये फैमिली 100 बच्चे चाहती है तो सरोगेसी के सहारे उनके 70 करोड़ रूपए खर्च आ सकता है।

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देश में एक ऐसा समाज जहां बेटियों को दहेज में दिए जाते हैं 21 सांप, पढे पूरी खबर

Date : 11-Feb-2021

भारत ही नहीं पूरी दुनिया में विवाह की अजीबोगरीब रस्में हैं। इन रस्मों में एक है दहेज प्रथा, जिसे कुरीति माना जाता है। आपने यह तो सुना ही होगा कि दहेज में नकद, बर्तन, सोना, चांदी, कार या मोटर साइकिल दी जाती है परंतु आपने यह नहीं सुना होगा कि दहेज में 21 सांप दिए जाते हैं। निश्चित ही यह हैरान करने वाली बात है। आओ जानते हैं इस प्रथा की पूरी कहानी।

वैसे तो हमारे देश में दहेज लेना या देना गैरकानूनी है इसके बावजूद भी यह प्रथा जारी है। दहेज प्रथा के कारण आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। प्रतिवर्ष सैकड़ों तलाक होते हैं और कई महिलाओं की इसी कारण मौत हो जाती है या वे आत्महत्या कर लेती हैं। परंतु हम जिस दहेज प्रथा की बात कर रहे हैं उसके बारे में कहा जाता है कि इससे बेटियां सुरक्षित रहती हैं।
 
आप सभी यह तो जानते ही हैं कि बेटियों को दहेज देने के लिए पिता कर्ज लेकर कीमती सामान, सोना-चांदी, गहने और नकदी आदि दहेज में देता है। बेटी की शादी के बाद माता-पिता कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं फिर भी उनसे और भी कई तरह के दहेज की मांग की जाती है। लेकिन आपको यह जानकर अच्‍छा लगेगा कि हमारे देश में एक समाज ऐसा भी है जहां दहेज में महंगे सामान नहीं बल्कि जहरीले सांप दिए जाते हैं। ये सांप भी एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 21 दिए जाते हैं। दहेज में गेहुआ और डोमी प्रजाति के सांप देते हैं, जो बेहद जहरीले होते हैं। इनके एक बार काटने भर से इंसान की मौत हो सकती है।
 
मध्यप्रदेश और गोरिया समाज अपनी इस अनोखी प्रथा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस समुदाय के लोग अपनी बेटियों की शादी में दहेज के रूप में दूल्हे को 21 जहरीले सांप देते हैं। इनका मानना है कि अगर बेटी को दहेज में 21 खतरनाक सांप नहीं दिए गए तो बेटी की शादी टूट जाएगी या कोई अपशकुन हो जाएगा। इस समुदाय में बेटी की शादी को सफल और उसके वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए सांपों को बतौर दहेज देते हैं और यह भी माना जाता है कि इससे ससुराल में बेटी सुरक्षित रहेगी।
 
मान्यता भी ऐसी है कि बेटी की शादी तय होने के बाद बेटी का पिता सांप पकड़ने का काम शुरू कर देता है। इन्हीं सांपों को बेटी की शादी के दिन दहेज में दिया जाता है। यह भी कहा जाता है कि यदि लड़की का पिता तय समय पर सांप ना पकड़ पाया तो समझो रिश्ता टूट जाएगा। यह परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है।

 

गौरिया समाज के लोग पेशे से सांप पकड़ने का ही काम करते हैं, जिन्हें लोग सपेरा कहते हैं। दरअसल सांप देने का कारण यह भी है कि यही 21 सांप उनकी आजीविका का साधन भी बनता है। ये लोग सांपों का खेल दिखाकर या नागपंचमी पर सांप दिखाकर पैसे कमाते हैं। ये लोग सांप का जहर बेचने का काम भी करते हैं। यही कारण है कि दहेज में सांप दिए जाते हैं। सबसे खास बात है कि शादी में दहेज के दिए जाने वाले सांप खुद लड़की का पिता ही तय समय में पकड़ कर लाता है।

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देश में चमगादड़ की मिली नई प्रजाति, इस नए रंग से वैज्ञानिक भी हैरान

Date : 16-Jan-2021

नई दिल्ली (एजेंसी)। उल्टे लटकते हुए चमगादड़ को एक बार देखने भर से किसी भी इंसान में डर पैदा हो सकता है। पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस महामारी के लिए भी इन्हें ही जिम्मेदार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि चीन में चमगादड़ से मनुष्य में कोविड वायरस आया। हालांकि हम सभी ने अबतक सिर्फ काले रंग के ही चमगादड़ देखे हैं। किसी ने भी इनके रंगीन होने की कल्पना नहीं की होगी, लेकिन अब नारंगी रंग का चमगादड़ मिलने से वैज्ञानिक भी हैरान हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह चमगादड़ की नई प्रजाति है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ना केवल इसका रंग नारंगी है बल्कि यह फ्लकी भी है। साइंटिफिक जर्नल अमेरिकन म्यूजियम नोविटेट्स में वैज्ञानिकों ने इस चमगादड़ को लेकर अपनी स्टडी प्रकाशित की है। इस स्टडी में यह बात सामने आई है कि ये चमगादड़ की एकदम नई प्रजाति है।

अफ्रीकी देश में मिली ये नई प्रजाति

पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी में वैज्ञानिकों को यह नई प्रजाति मिली है। टेक्सास के ऑस्टिन में एक गैर-लाभकारी संगठन बेंट कंजर्वेशन इंटरनेशनल के डायरेक्टर जॉन फ्लैंडर्स ने कहा कि यह एक तरह से जीवन का लक्ष्य था लेकिन मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह पूरा होगा। उन्होंने आगे कहा कि वैसे तो हर प्रजाति महत्वपूर्ण होती है लेकिन आप दिलचस्प दिखने वाले प्राणियों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और यह वास्तव में शानदार है।

उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में पहले से नई प्रजातियों को ढूंढने के लिए कोशिश जारी हैं लेकिन जंगल में जाकर इस तरह की नई प्रजाति ढूंढना अपने आप में अलग बात है। न्यूयॉर्क में अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री में स्तनधारियों की क्यूरेटर नैंसी सीमंस कहती हैं कि यह एक ऐसी चीज है जिसकी हम पहचान नहीं कर सकते।

नई प्रजाति की नर-मादा चमगादड़ ढूंढी

इस चमगादड़ की नई प्रजाति का नाम मायोटिस निंबेन्सिस है और यह गिनी के निम्बा पहाड़ों पर रहते हैं। इस चमगादड़ की सटीक जांच के लिए वैज्ञानिकों ने इस नई प्रजाति के एक नर और एक मादा प्रजाति को भी पकड़ा। आनुवंशिक विश्लेषण से यह सामने आया है कि यह नारंगी चमगादड़ अपने निकटतम रिश्तेदारों से एकदम अलग हैं। इसे नई प्रजाति घोषित करने में यह पहला कदम था। एक तरह से यह काले पंख वाले आम चमगादड़ की तरह दिखता है लेकिन इसके नारंगी रंग ने इसे चर्चित कर दिया है।

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सड़क चोरी की अनोखी शिकायत सीएसपी से की, कहा कि रात में सड़क बनी फिर सुबह गायब हो गई

Date : 30-Nov-2020

रायगढ़। सड़क चोरी होने की की अनोखी शिकायत सीएसपी से की गई है। शिकायत में कहा गया है कि रात में सड़क बनी फिर सुबह गायब हो गई। पता लगाएं कि आखिर सड़क कहाँ गई ?

सड़क की चोरी वो भी एक सप्ताह में दो बार ! जी हां, सड़क चोरों ने यह कारनामा छत्तीसगढ़ के रायगढ जिला मुख्यालय में कर दिखाया है। दरअसल पिछले हफ्ते यह सड़क रात में बनी और सुबह होते ही गायब हो गई ! सड़क के नाम से उखड़ी हुई बजरी का मलबा ही बचा था। बात मीडिया में आई तो कलेक्टर और विधायक जांच करने पहुंचे और सड़क दुबारा बनाने के निर्देश दिए। रात सड़क दुबारा बनी और सुबह होते होते फिर चोरी हो गई ! सड़क के नाम पर फिर वही बिखरा हुआ बजरी मलवा बचा है। अब देखना होगा कि पुलिस सड़क चोर को ढूंढ लेती है या फिर कलेक्टर और विधायक मौका मुआयना कर फिर से सड़क बनाने के निर्देश देंगे और अपना पुराना बयान दुहरायेंगे कि भ्रष्टाचार बर्दास्त नही किया जाएगा।

मजेदार वाकया रायगढ़ का है, जहां ढिमरापुर कोतरा रोड बाईपास मार्ग से लोग त्रस्त हैं। इस रास्ते पर इतनी धूल है कि जो उस सड़क से निकलता है धूल से लथपथ जाता है। इस सड़क की मरम्मत और निर्माण भी किया गया, लेकिन भाजयुमो नेता प्रवीण द्विवेदी का कहना है कि यदि सड़क बनी तो गई कहाँ ? क्या किसी ने चुरा लिया ? यदि चुराया है तो पुलिस खोजे।

इस सड़क की शिकायत के बाद कुछ दिन पहले सड़क निर्माण की बात सामने आई थी, लेकिन सड़क फिर से उखाड़ जाने पर स्थानीय विधायक और कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए थे। लेकिन भाजयुमो नेता का कहना है कि उन्हें बताया गया कि कल ही इस सड़क का पुनः निर्माण किया गया। जब आज अपने समर्थकों के साथ उस सड़क को देखने पहुंचे तो वहां से सड़क नदारद थी।

लिहाजा भाजयुमो कार्यकर्ता प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और सड़क चोरी की शिकायत कर दी। ऐसे में सीएसपी रायगढ़ क्या बोलते, लेकिन उन्हें आश्वासन देकर विदा किया। ज्ञापन देने वालों में प्रवीण द्विवेदी, जितेंद्र निषाद, रामजाने भारद्वाज, आकाश सोनी एवं अन्य शामिल थे।

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इस जिले के एक गांव में नलकूप खनन से पानी की जगह निकल ​रही आग, यह देखकर लोग हुए हैरान

Date : 30-Nov-2020

कोरिया । छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के एक गांव में नलकूप खनन से पानी की जगह आग निकल रही है। यह देखकर लोग हैरान है। जानकारों की माने तो जमीन के भीतर कोयले की आग या कोई ज्वलनशील गैस होने के कारण ऐसा हो रहा है। देर शाम तक बोर से आग की लपटें निकलती रहीं।

जानकारी के अनुसार केल्हारी के पास स्थित ग्राम पंचायत केवटी का गांव बिलोनीडांड़ में यह घटना सामने आई है। सुबह करीब 11 बजे नलकूप खनन शुरू हुआ, पहले 2 इंच पानी निकला, तब तक सब कुछ ठीक था, उसके 4 घंटे बाद उसी स्थान पर अचानक आग की लपटें निकलने लगी। इससे ग्रामीणों के साथ नलकूप खनन के लगे मजदूर भी हैरान रह गए।

बोर खनन वालों का कहना है कि यहां या तो किसी गैस का भंडार है या तेल का, तभी इतनी तेजी से आग जल रही है। नलकूप खनन में लगे ठेकेदार धनेन्द्र मिश्रा का कहना है कि यह हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, बोर किए 4 घंटे बीत गए, उसके बाद अचानक बोरिंग वाले स्थान से आग की तेज लपटें आने लगी। शायद कहीं न कहीं कोई तेल का स्रोत है, तभी ऐसा हो रहा है।

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