विदेशी उत्पादों को नकारें, स्वदेशी अपनाएं : डिप्टी सीएम साव

रायपुर। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दुर्ग में ‘स्वदेशी सुरक्षा और स्वावलंबन’ अभियान में भाग लिया, जहाँ उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में, उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कोका-कोला और पेप्सी जैसी विदेशी कोल्ड ड्रिंक्स को नाले में बहाकर विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर श्री साव ने कहा कि यह अभियान देश के आत्म-सम्मान, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पहचान को फिर से जगाने का एक माध्यम है। उन्होंने भारत को ‘विश्व गुरु’ और ‘सोने की चिड़िया’ कहने के पीछे हमारे संस्कारों और स्वभाव को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने समझाया कि स्वदेशी सिर्फ उत्पादों के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने भारत की हजारों सालों की परंपरा का उल्लेख किया, जिसमें शिक्षा, आयुर्वेद, विज्ञान और संस्कृति दुनिया को दी गई है। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के विचार की सराहना करते हुए कहा कि आज भी अगर कोई देश दुनिया को अपना परिवार मानता है, तो वह केवल भारत है।
श्री साव ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का जिक्र करते हुए इसे भारत की शक्ति का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भर बन रहा है, और पूरी दुनिया उसे आशा भरी नजरों से देख रही है। जापान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वहाँ का हर नागरिक आत्म-सम्मान के साथ खड़ा हो सकता है, तो भारत जैसे विशाल देश को भी स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह हमारे सैनिक सीमा पर माइनस डिग्री तापमान में देश की रक्षा करते हैं, उसी तरह हमें भी अपने घरों में विदेशी सामान को प्रवेश न देकर देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि विदेशी वस्तुओं ने हमारे खान-पान और जीवन शैली पर मानसिक हमला किया है, जिसे पहचानना ज़रूरी है। दीपावली के अवसर पर, उन्होंने स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए दीयों और मूर्तियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, क्योंकि ऐसा करने से न केवल हमारी संस्कृति जीवित रहेगी बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक मदद मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन की भूमिका को भी याद किया और कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में इस आंदोलन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज भी यही भावना देश को मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकती है। उन्होंने ‘तन स्वदेशी, मन स्वदेशी, संस्कार स्वदेशी’ के विचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, जितेंद्र वर्मा, सुरेंद्र कौशिक, दिनेश पटेल और स्वदेशी सुरक्षा स्वावलंबन के संयोजक जगदीप पटेल के साथ-साथ कई व्यापारी, स्थानीय नेता और नागरिक मौजूद थे।