Chhattisgarh

एक महिला ड़ॉक्टर ने अपने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर की आत्महत्या

अंबिकापुर। एक महिला ड़ॉक्टर ने अपने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने का कारण पता नहीं चला है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं। शहर के नमनाकला में निवासरत डॉ.खुशबू सिंह ने अपने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतिका बलरामपुर जिले के ग्राम बरियों अस्पताल में पदस्थ थीं और नमनाकला में अपने मायके में अपने बेटे के साथ रहती थी। 8 अगस्त की रात खुशबू सिंह खाना खाने के बाद अपने बेटे के साथ कमरे में सोने चली गई थी। इसी बीच उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रात करीब 2 बजे जब बेटे की नींद खुली तो बच्चे नानी को इस बात की जानकारी दी। जब परिजन कमरे में पहुचें तो अंदर नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। डॉ. खुशबू सिंह पंखे में दुपट्टे से लटकी हुई थी। परिजनों ने तत्काल फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज अस्पातल लेकर आए। यहां जांच उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल महिला डॉक्टर ने आत्महत्या क्यों की कारण अज्ञात हैं। पुलिस को डॉक्टर के कमरे से सुसाइड नॉट बरामद नहीं हुआ हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं। 

Trend News

एक ग्रामीण के मकान में बड़ी तादाद में दिखें अजगर, गांव में मचा हडकंप

कोरबा। कोरबा के नक्तिखार ग्राम पंचायत के भालूसटका में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ग्रामीण के मकान में बड़ी तादाद में अजगर देखे गए। अजगर की सूचना मकान मालिक विवेक सिंह ने स्नेक रेस्क्यू की टीम को दी। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने जब इतनी बड़ी तादाद में एक साथ अजगरों को देखा तो उनके भी पेशानी से पसीने टपकने लगे। टीम द्वारा सभी अजगरों का रेस्क्यू किया गया।स्नेक कैचर जितेंद्र सार्थी ने बताया कि घंटों मशक्कत के बाद खोदाई कर एक मादा अजगर के साथ 13 बेबी स्नेक साथ मिले। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई है।

Sports

ट्रेनिंग फिर से शुरू करने को लेकर बीसीसीआई ने जारी की एसओपी

स्पोर्ट डेस्क (एजेंसी) । कोरोनाकाल के चलते लंबे समय से क्रिकेट बंद था, लेकिन अब भारत में भी इसे धीरे धीरे लाइन पर लाने की कोशिश जारी है, आईपीएल का आयोजन सितंबर से यूएई में होना है इसकी तैयारी में बीसीसीआई और सभी फ्रेंचाईजी टीमें जुट चुकी हैं, इतना ही नहीं अब घरेलू क्रिकेट को भी शुरू करने की तैयारी में अब बीसीसीआई लग चुका है।

इसीलिए तो अब बीसीसीआई ने फिर से ट्रेनिंग शुरू करने को लेकर राज्य क्रिकेट संघों को मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। जिसमें संबंधित केंन्द्रों में ट्रेनिंग शुरू करने से पहले एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा, एसओपी में शिविर में हिस्सा लेने से ऐसे लोगों को प्रतिबंधित किया गया है जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, या फिर जिनका किसी भी तरह का इलाज चल रहा है। और इस नियम का असर अब बंगाल के कोच अरुण लाल और बड़ौदा के कोच ऑस्ट्रेलिया के डेव व्हाटमोर पर पड़ेगा। क्योंकि इन दोनों ही खिलाडिय़ों की उम्र 60 साल से ऊपर है। अरुण लाल की उम्र जहां 65 साल है तो वहीं व्हाटमोर की उम्र 66 साल है। ऐसे में इन दोनों ही कोच के लिए इस नियम के बाद अब बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।

बीसीसीआई ने जो एसओपी जारी की है, उसके तहत खिलाडिय़ों को एक फॉर्म में हस्ताक्षर करने होंगे कि वो कोविड-19 महामारी के बीच ट्रेनिंग फिर से शुरू करने को लेकर जोखिम से वाकिफ हैं।

बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक खिलाडिय़ों, स्टाफ और संबंधित हितधारकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा पूरी तरह से संबंधित राज्य क्रिकेट संघों की जिम्मेदारी होगी।

Astrology

आज का हिन्दू पंचांग

हिन्दू पंचांग 

दिनांक 09 अगस्त 2020
दिन - रविवार
विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)
शक संवत - 1942
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - श्रावण)
पक्ष - कृष्ण 
तिथि - षष्ठी पूर्ण रात्रि तक
नक्षत्र - रेवती शाम 07:07 तक तत्पश्चात अश्विनी
योग - धृति सुबह 06:46 तक तत्पश्चात शूल
राहुकाल - शाम 05:23 से शाम 07:00 तक 
सूर्योदय - 06:16 
सूर्यास्त - 19:11 
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण - रांधण-हल षष्ठी, षष्ठी वृद्धि तिथि
विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-38)
रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंड: 75.90)
रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंड: 75)
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
               

जन्माष्टमी
भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है - ब्रह्मवैवर्त पुराण
 

गर्भवती देवी के लिये–जन्माष्टमी व्रत
जो गर्भवती देवी जन्माष्टमी का व्रत करती हैं..... उसका गर्भ ठीक से पेट में रह सकता है और ठीक समय जन्म होता है..... ऐसा भविष्यपुराण में लिखा है  
 

हजार एकादशी का फल देनेवाला व्रत
जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है । उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात, जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्व है ।
भविष्य पुराण में लिखा है कि जन्माष्टमी का व्रत अकाल मृत्यु नहीं होने देता है । जो जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, उनके घर में गर्भपात नहीं होता ।
एकादशी का व्रत हजारों - लाखों पाप नष्ट करनेवाला अदभुत ईश्वरीय वरदान है लेकिन एक जन्माष्टमी का व्रत हजार एकादशी व्रत रखने के पुण्य की बराबरी का है ।
एकादशी के दिन जो संयम होता है उससे ज्यादा संयम जन्माष्टमी को होना चाहिए ।
बाजारु वस्तु तो वैसे भी साधक के लिए विष है लेकिन जन्माष्टमी के दिन तो चटोरापन, चाय, नाश्ता या इधर - उधर का कचरा अपने मुख में न डालें ।
इस दिन तो उपवास का आत्मिक अमृत पान करें ।अन्न, जल, तो रोज खाते - पीते रहते हैं, अब परमात्मा का रस ही पियें । अपने अहं को खाकर समाप्त कर दें।

Relation

अगर दोस्त की गर्लफ्रेंड पर आपका आ गया है दिल तो ये खबर आपके लिए

कई बार एक ही नजर में अट्रेक्शन हो जाती है तो कई लंबे समय तक साथ रहने के बाद इस बात का एहसास होता है। हांलाकि आपको किसी पर क्रश होना बुरी बात नहीं है। लेकिन अगर यह अट्रेक्शन दोस्त की गर्लफ्रेड पर हो तो आपको मुश्किल हो सकती है। अगर आप भी कुछ ऐसी सिच्यूएशन से गुजर रहे हैं तो आपके लिए हम कुछ जरूरी बताने जा रहे हैं। 

अट्रेक्शन एक ऐसी चीज है जो इंसान को कभी भी किसी से हो सकती है। इस पर इंसान का कोई जोर नहीं होता है। कई बार एक ही नजर में अट्रेक्शन हो जाती है तो कई लंबे समय तक साथ रहने के बाद इस बात का एहसास होता है। हांलाकि आपको किसी पर क्रश होना बुरी बात नहीं है। लेकिन अगर यह अट्रेक्शन दोस्त की गर्लफ्रेड पर हो तो आपको मुश्किल हो सकती है। अगर आप भी कुछ ऐसी सिच्यूएशन से गुजर रहे हैं तो आपके लिए हम कुछ जरूरी बताने जा रहे हैं। आपको इन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

फील करें कि यह गलत है

सबसे पहले आपके लिए जरूरी है कि इस बात का एहसास दिलाएं कि आपकी यह फीलिंग्स सही नहीं है। दोस्त की गर्लफ्रेंड पर क्रश होना सही नहीं है। इस बात का एहसास करने से आप खुद को अट्रेक्शन से लाइक तक पहुंचने के लिए खुद को रोक पाएंगे। इस बात का एहसास करने से आप खुद की फीलिंग्स को रोक पाएंगे

डिस्टेंस बनाएं

दोस्त की गर्लफ्रेंड से फ्रेंडली टम्र्स होना आम बात है। लेकिन जब यह अट्ररेक्शन होने लगे तो दूरी बनाने में ही भलाई है। आप दोस्त और उसकी गर्लफ्रेंड के साथ घूमना फिरना कम कर दें। अगर आप सोशल मीडिया पर उससे कनेक्ट हैं तो उनके स्टेटस म्यूट कर दें।

दोस्ती ज्यादा जरूरी है

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपकी यह अट्रेक्शन दोस्ती से बढ़कर नहीं हैं। आपकी इस फीलिंग्स को आगे बढ़ाने का मतलब है कि दोस्ती खत्म करना। आपकी इस गलती से आपकी दोस्ती हमेशा के लिए टूट सकती है।