पठियापाली के छात्रों की पढ़ाई में आया सुधार : अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला ब्लॉक में स्थित ग्राम पठियापाली की प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों की शिक्षा लंबे समय से प्रभावित थी। इसका मुख्य कारण था, स्कूल में केवल एक ही शिक्षक का होना। इस एकल-शिक्षक व्यवस्था के चलते, एक साथ सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना मुश्किल था, जिससे कई बार छात्रों को खाली बैठना पड़ता था या सभी कक्षाओं को एक साथ मिलाकर पढ़ाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री की पहल से हुआ शिक्षकों का समायोजन
राज्य सरकार की ‘युक्तियुक्तकरण’ (Rationalization) प्रक्रिया के तहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर, जिले के अतिरिक्त शिक्षकों का स्थानांतरण उन स्कूलों में किया गया जहाँ शिक्षकों की कमी थी। इस पहल से सैकड़ों स्कूलों को फायदा हुआ। इसी क्रम में, पठियापाली प्राथमिक शाला में भी एक अतिरिक्त शिक्षिका, श्रीमती सविता पैंकरा, की नियुक्ति की गई है। इस बदलाव से स्कूल में शैक्षणिक व्यवस्था बेहतर हुई है और छात्रों को अब नियमित रूप से सभी विषयों की कक्षाएं मिल रही हैं।
छात्रों और अभिभावकों में खुशी
स्कूल के प्रधानपाठक, श्री जवाहर सिंह, ने बताया कि स्कूल में 32 छात्र-छात्राएं हैं, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जनजाति समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि पहले एकल शिक्षक होने से पढ़ाई कराना बहुत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब नई शिक्षिका के आने से छात्रों की पढ़ाई सहज और सुचारू रूप से चल रही है।
विद्यार्थियों ने भी नई शिक्षिका के आने पर अपनी खुशी जाहिर की। कक्षा पाँच के छात्र रुद्र प्रताप सिंह और सौम्या कंवर, और कक्षा चौथी की अनुष्का ने बताया कि मैडम उन्हें बहुत अच्छे से पढ़ाती हैं। वे खेल-खेल में हिंदी और अंग्रेजी की वर्णमाला, जोड़-घटाव, पहाड़े और अन्य विषय सिखाती हैं। वे बच्चों को अच्छी बातें और नैतिक शिक्षा भी देती हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चों की शिक्षा को लेकर उनकी चिंता दूर हो गई है। अतिरिक्त शिक्षिका के आने से बच्चों का स्कूल में उत्साह बढ़ा है, और उनकी उपस्थिति में भी सुधार हुआ है। अभिभावकों ने सरकार की इस नीति को बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
















