खरोरा, अभनपुर, गनौद समेत 34 गांवों में भूमि की खरीदी-बिक्री पर रोक हटी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले में ज़मीन की खरीद-बिक्री को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक परियोजना के तहत ज़िले के 34 गाँवों में ज़मीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक को हटा दिया गया है।
यह रोक खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे परियोजना के लिए प्रस्तावित 278 किलोमीटर लंबी 5वीं और 6वीं रेल लाइन के निर्माण के कारण लगाई गई थी। अब कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार, इन 34 गाँवों में ज़मीन के लेन-देन पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है।
इन 34 गांवों में ज़मीन से प्रतिबंध हटा
इस नए आदेश के बाद अभनपुर, गोबरा नवापारा, खरोरा और मंदिर हसौद तहसील के कई गाँवों में चिह्नित खसरा नंबरों पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। ये प्रतिबंध खरीद-बिक्री, नामांतरण, बंटवारा और डायवर्सन जैसे सभी कामों पर लागू थे।
अभनपुर तहसील: गिरोला, बेलभाठा (बेलडीह), उरला, बकतरा, अभनपुर, सारखी, कोलर, खोरपा, पलौद, ढोढरा, खटटी, परसदा।
गोबरा नवापारा तहसील: खरखराडीह, नवागांव, तर्रा, थनौद, जामगांव।
खरोरा तहसील: छड़िया, आलेसुर, पचरी, पथराकुण्डी, नहारबीड, खरोरा, मांठ, बेलदारसिवनी, बुडेनी।
मंदिर हसौद तहसील: खौली, टिकारी, डिघारी, नारा, रीवा, गुजरा, धमनी, गनौद।
क्यों हटाई गई रोक?
यह फैसला छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2024 और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से मिले निर्देशों के आधार पर लिया गया है। यह कदम भू-अर्जन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उठाया गया है।
40 से ज़्यादा गाँवों में अभी भी प्रतिबंध जारी
रायपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में चल रही पाँच सरकारी परियोजनाओं में से दो अब पूरी हो चुकी हैं, जिसके बाद यह रोक हटाई गई है। हालाँकि, नई परियोजनाओं के कारण 40 से ज़्यादा गाँवों में अभी भी ज़मीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध जारी है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। इस प्रतिबंध की वजह से कई लोग अपनी ज़रूरत के समय भी अपनी ज़मीन का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
















