भूपेश बघेल ने कसा तंज : कलेक्टर कॉन्फ्रेंस पर उठाए सवाल

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली जाने से पहले रायपुर में हो रहे कलेक्टर कॉन्फ्रेंस और राज्य की भाजपा सरकार पर कड़ा हमला बोला है।
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस पर कटाक्ष
भूपेश बघेल ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को लेकर कहा कि सरकार ने कॉन्फ्रेंस में रेत चोरी की बात स्वीकार की है और माना है कि वह इसे रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, और वह इसे ठीक से संभाल नहीं पा रहे हैं। बघेल ने यह भी कटाक्ष किया कि सरकार के पास चर्चा के लिए पर्याप्त विषय नहीं थे, इसीलिए कॉन्फ्रेंस को दो दिन में ही समाप्त कर दिया गया।
धान खरीदी पर सरकार को घेरा
पूर्व सीएम ने धान खरीदी के मामले को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले साल का धान अभी तक मिलों तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कितना धान बेचा गया है और कितने डिलीवरी ऑर्डर (DO) काटे गए हैं।
बघेल ने अधिकारियों पर दोष डालने के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नियमों में बदलाव सरकार ने किया है। उन्होंने बताया कि जिस धान को 72 घंटे में उठा लिया जाना चाहिए था, उसके लिए अब तीन महीने की समय सीमा कर दी गई है। उन्होंने पूछा, “इसमें कलेक्टर क्या कर सकता है? क्या कलेक्टर धान को अपने सिर पर लादकर ले जाएगा?” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि सरकार में एक कलेक्टर का तबादला करने की भी हिम्मत नहीं है।
डीएफओ की बैठक में भागीदारी और कोल घोटाला
एसपी बैठक में वन मंडल अधिकारी (DFO) को शामिल करने के फैसले पर बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि “रेत से उनका पेट नहीं भरा, इसलिए वे जंगल की ओर जा रहे हैं।”
कोल घोटाला मामले में धारा 164 के उल्लंघन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह हाई कमान को इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब “अधिकारी और न्यायालय के सांठगांठ” से हुआ है, और वह वरिष्ठ नेताओं को इस पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
















