छत्तीसगढ़

सरकारी नीति लाई रंग : धौराभाठा (ब) प्राथमिक शाला में तीन शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा में आया सुधार

बच्चों की बढ़ती उपस्थिति और आत्मविश्वास से स्कूल में लौटी खुशी

रायपुर। सरकार की ‘युक्तियुक्तकरण नीति’ के तहत स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा के स्तर, अनुशासन और छात्रों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। बिलाईगढ़ विकासखंड में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला धौराभाठा (ब) की शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से बदल चुकी है। वह स्कूल, जो कभी केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था, आज तीन शिक्षकों की उपस्थिति से एक नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया है।

वर्तमान में विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और पढ़ाई में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। पहले शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाओं का सुचारू संचालन मुश्किल था, लेकिन अब शिक्षक बच्चों पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं। इस बदलाव ने विद्यार्थियों की समझने की क्षमता, उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और आत्मविश्वास को बढ़ाया है।

पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं बच्चे

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम धौराभाठा (ब) के वरिष्ठ नागरिक सुरेश कंवर ने बताया कि पहले केवल एक शिक्षक होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता था और अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं लेते थे। अब तीन शिक्षकों के आने से विद्यालय का अनुशासन और शिक्षण का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। वहीं, ग्रामवासी दिलीप साहू ने कहा कि अब शिक्षक नियमित रूप से सभी विषयों की कक्षाएं ले रहे हैं। बच्चे न सिर्फ पढ़ाई में, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि अब स्कूल का वातावरण सकारात्मक और प्रेरणादायक बन गया है, जिससे गांव में शिक्षा के प्रति एक नई चेतना आई है। युक्तियुक्तकरण नीति का यह प्रभाव धौराभाठा (ब) जैसे ग्रामीण स्कूलों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है, जहाँ अब हर दिन बच्चों के सीखने की ललक और खुशी भरी आवाजें गूंज रही हैं।

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