हिंदू एकता पदयात्रा को मिला मुस्लिम समाज का समर्थन : बागेश्वर धाम सरकार की 80 करोड़ हिंदुओं को जोड़ने की पहल

छतरपुर (एजेंसी)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए सनातन हिंदू एकता पदयात्रा की विस्तृत जानकारी दी। यह यात्रा 7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक चलेगी।
महाराज श्री ने देश की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए कहा कि, हिंदू बहुसंख्यक राष्ट्र में, हिंदुओं को एक-दूसरे से सुनियोजित तरीके से लड़ाया गया है ताकि वे कभी एकजुट न हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 80 करोड़ हिंदुओं की एकता की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य जाति-पाति में बंटे हिंदुओं को एकजुट करना है।
सभी हिंदुओं से यात्रा में सहयोग की अपील
बागेश्वर महाराज ने हर हिंदुत्ववादी विचार रखने वाले व्यक्ति से यात्रा में सहयोग की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त हिंदू समाज की है।
उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले हिंदुओं का आह्वान किया कि वे 7 से 16 नवंबर की इस यात्रा में कम से कम एक दिन के लिए अवश्य शामिल हों। यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश नहीं आ पा रहा है, तो वह घर बैठे भी इस पहल का समर्थन कर सकता है।
विदेशी ताकतों पर आरोप और संवाद पर जोर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि विदेशी शक्तियों ने हिंदुओं को जातिवाद में उलझा दिया है, ताकि वे एक न हो सकें और आपस में लड़ते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका रास्ता विवाद का नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से आगे बढ़ने का है। उन्होंने स्वीकार किया कि यात्रा में चुनौतियाँ होंगी, लेकिन सबके सहयोग से उनका सामना किया जाएगा। उन्होंने इस यात्रा को ‘अस्तित्व की लड़ाई’ बताया।
सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अनर्गल बातें करने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हर एक हिंदू को इन शरारती ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
इस्लाम धर्म के लोगों का अभूतपूर्व समर्थन
यह पहला मौका है जब बागेश्वर महाराज की किसी यात्रा को इस्लाम धर्म के लोगों का समर्थन मिला है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम समाज के लोग इस यात्रा में शामिल होंगे।
हाल ही में दिल्ली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ हुई बैठक में, सभी ने महाराज श्री की यात्रा का समर्थन किया और साथ चलने का वादा किया। मुस्लिम समाज के लोगों का मानना है कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है, इसलिए वे इस सद्भाव की पहल में साथ रहेंगे।
यात्रा के लिए नियम और सुरक्षा व्यवस्था
बागेश्वर महाराज ने सभी पदयात्रियों से मर्यादा और शांति बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
किसी भी जाति, पंथ, या संप्रदाय विशेष पर कोई टिप्पणी न की जाए।
यात्रा में अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
शांति के साथ चलें और भगदड़ न मचाएं।
उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया है कि विशेष स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए और अन्य धर्मावलंबियों के आस्था के केंद्रों की विशेष सुरक्षा की जाए, ताकि कोई असामाजिक तत्व साजिश न कर सके।
यात्रा का उद्देश्य: अहंकार और भेदभाव को मिटाना
महाराज ने दोहराया कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का मुख्य लक्ष्य जातियों के अहंकार को शून्य करना है। इसका संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचाना है कि भेदभाव, क्षेत्रवाद और भाषावाद को खत्म किया जाए।
इस यात्रा के जरिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश की 422 ग्राम पंचायतों, नगरों और कस्बों सहित लगभग 5 करोड़ की आबादी तक एकता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने बताया कि महिलाओं के विश्राम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरा से निगरानी रखी जाएगी और उनकी निजता का विशेष ध्यान रखते हुए अलग व्यवस्था की गई है।
















