माहवारी (पीरियड्स) के दर्द से पाएं राहत, अपनी डाइट में शामिल करें ये चीज़ें

नई दिल्ली (एजेंसी)। माहवारी के दौरान महिलाओं और युवतियों को अक्सर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समय पेट में दर्द (पीरियड क्रैम्प्स), पेट फूलना, मूड स्विंग्स (मिजाज में बदलाव), भारीपन, एंग्जायटी (चिंता), और खाने की तीव्र इच्छा (फूड क्रेविंग) जैसी समस्याएं आम हैं। आमतौर पर 13 साल या उससे अधिक उम्र में मासिक धर्म (माहवारी) शुरू होता है और लगभग 45 से 50 साल की उम्र में यह प्राकृतिक प्रक्रिया रुक जाती है। पोषण विशेषज्ञों (न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स) के अनुसार, पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए कुछ खास खाद्य पदार्थों का सेवन बहुत फ़ायदेमंद हो सकता है। आइए, जानते हैं उनके बारे में:
सुबह खाली पेट इन चीज़ों का सेवन होगा सबसे ज़्यादा असरदार
विशेषज्ञों का कहना है कि माहवारी के दिनों में दर्द को कम करने के लिए सुबह-सुबह खाली पेट भिगोई हुई काली किशमिश और केसर का सेवन करना चाहिए। काली किशमिश इस मामले में और भी ज़्यादा लाभकारी मानी जाती है। यह उपाय पीरियड के दर्द से राहत पाने का एक पारंपरिक तरीका है। साथ ही, केसर प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षणों को भी कम करने में सहायक है।
हर भोजन के साथ इस एक चीज़ को करें शामिल
नाश्ते, दोपहर के भोजन (लंच), और रात के भोजन (डिनर) में घी का सेवन ज़रूर करें। यह न सिर्फ पीरियड क्रैम्प्स को कम करने में मदद करता है, बल्कि चक्कर आने और सिर दर्द की समस्या में भी राहत देता है। इसके अलावा, घी से आँतों का स्वास्थ्य (गट हेल्थ) भी बेहतर होता है।
दोपहर के खाने में खाएं ये पौष्टिक आहार
डॉक्टरों के अनुसार, दोपहर के खाने में दही-चावल के साथ थोड़ी सी दाल खाना बहुत फ़ायदेमंद हो सकता है। यह मिश्रण पीरियड के दर्द और ऐंठन से दूरी बनाने में सहायक है। दही में कैल्शियम और चावल में मैग्नीशियम तथा थायमिन जैसे तत्व होते हैं। ये सभी पोषक तत्व दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुट्ठी भर नट्स से मिलेगी राहत
पीरियड के दर्द को दूर करने के लिए मुट्ठी भर काजू या मूंगफली खाने की सलाह दी जाती है। ये नट्स पीरियड पेन को कम करने में सहायक हैं। यदि मीठा खाने की इच्छा (क्रेविंग) हो, तो आप गुड़ का सेवन कर सकती हैं। गुड़ खाने से मूड भी बेहतर बना रहता है।
रात का भोजन (डिनर) ऐसा होना चाहिए
रात के समय खिचड़ी खाना भी पीरियड के दर्द को कम करने में फ़ायदेमंद है। यह अन्य समस्याओं, जैसे मूड स्विंग्स, फूड क्रेविंग और PMS के लक्षणों को भी नियंत्रित करता है। साबुत अनाज की खिचड़ी या कुट्टू का सेवन करना भी लाभकारी हो सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना: ऊपर दी गई जानकारी और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी प्रोफेशनल डॉक्टर या चिकित्सक की सलाह के रूप में न समझें। यदि आपको कोई बीमारी या गंभीर परेशानी है, तो हमेशा डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
















