नक्सली आत्मसमर्पण : हिड़मा की मौत के बाद संगठन हुआ कमज़ोर

रायपुर। नक्सली हिड़मा के मारे जाने के बाद, नक्सली संगठन को एक बड़ा आघात लगा है। अब उसके कई साथी भी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हैं।
आज शनिवार को, छत्तीसगढ़ से सटे राज्य तेलंगाना में कुल 37 नक्सली आत्मसमर्पण करने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा के साथी भी शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में होगा।
हिड़मा के मारे जाने का असर
दरअसल, 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों (ग्रेहाउंड्स) ने एक संयुक्त अभियान में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली माड़वी हिड़मा, उसकी पत्नी राजे समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया था।
हिड़मा, जो कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, उसके एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठन बुरी तरह से कमज़ोर हो गया है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने हिड़मा के पैतृक गांव पुवर्ती जाकर उसके परिजनों से मुलाकात की थी और उससे आत्मसमर्पण करने की अपील की थी।
हिड़मा के सहयोगी करेंगे सरेंडर
हिड़मा ने आत्मसमर्पण करने से मना कर दिया था और अंततः एक एनकाउंटर में मारा गया। पहले उसके साथी भी हथियार डालने को तैयार नहीं थे, लेकिन अब हिड़मा की मौत और संगठन के कमज़ोर पड़ जाने के बाद, वे भी आत्मसमर्पण करने के लिए राज़ी हो गए हैं।
मुख्य आत्मसमर्पणकर्ता:
नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के सदस्य आज़ाद उर्फ़ अप्पासी नारायण।
नक्सली कमांडर हिड़मा का सहयोगी एर्रा।
एर्रा लंबे समय से नक्सलियों की बटालियन नंबर 01 में हिड़मा के साथ सक्रिय रहा है।
तेलंगाना के डीजीपी आज दोपहर 3 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा करेंगे।
















