छत्तीसगढ़

डिजिटल कक्षा का नया दौर : उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “स्मार्ट क्लास से कठिन विषय भी बनेंगे रोचक और आसान”

उपमुख्यमंत्री ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के 9 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले में स्कूलों के डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने आज ग्राम सिलहाटी स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला से सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले 9 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास सुविधा की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में विकासखंड के सभी 9 स्कूल वर्चुअल तरीके से जुड़े थे।

सिलहाटी की डिजिटल कक्षा में छात्र बने उपमुख्यमंत्री

कार्यक्रम के दौरान, उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा खुद भी छात्रों के साथ एक छात्र की तरह डिजिटल कक्षा में बैठे और पढ़ाई की। इस अवसर पर, जीव विज्ञान के शिक्षक ने उन्हें डिजिटल बोर्ड का उपयोग करके 3D एनिमेटेड डिजिटल कंटेंट के माध्यम से आँख की संरचना और दिमाग की संरचना के बारे में पढ़ाया। कक्षा के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने छात्रों की तरह ही शिक्षकों से सवाल-जवाब भी किए।

डिजिटल शिक्षा का विस्तार और विकास की घोषणा

कवर्धा में डिजिटल कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर पूरे जिले में एक अभियान चलाया जा रहा है। कवर्धा
विकासखंड में इसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है, और अब इस डिजिटल शिक्षा का विस्तार सहसपुर लोहारा क्षेत्र में किया जा रहा है। इस दौरान, उपमुख्यमंत्री ने स्कूल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण की भी घोषणा की।

स्मार्ट क्लास के लाभ और छात्रों से संवाद

श्री शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को स्मार्ट क्लास के फायदों के बारे में समझाते हुए कहा कि वे इस आधुनिक तकनीक से अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक कैसे बना सकते हैं। छात्रों ने भी उत्साह के साथ अपने अनुभव साझा किए।

उपमुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे हमेशा अपनी कल्पना शक्ति को सक्रिय और मजबूत रखें। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लास से भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और भूगोल जैसे विषयों की जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझा जा सकेगा, जिससे विशेषकर सौर मंडल, संरचनात्मक प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक विषयों को समझना सरल हो जाएगा।

तकनीक का अवलोकन और दूरदर्शी पहल

श्री शर्मा ने स्मार्ट क्लास की पूरी तकनीकी कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया और शिक्षकों से इसकी संरचना, संचालन और उपयोग की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री ने इस पहल को केवल उपकरणों की स्थापना नहीं, बल्कि संपूर्ण शिक्षा-तकनीक में परिवर्तन लाने वाली एक दूरदर्शी पहल बताया।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विज़ुअलाइज़ेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग की सुविधा देगी, जिससे कठिन से कठिन विषय भी छात्रों के लिए रोचक, आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रणाली कला, वाणिज्य, विज्ञान और गणित सभी विषयों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि अब संपूर्ण शिक्षण सामग्री त्रि-आयामी स्वरूप में प्रदर्शित हो रही है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रदर्शन और उपयोग निर्देश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि AI की मदद से हम सीखने के तरीके को पूरी तरह से बदल सकते हैं। इसी क्रम में, उन्होंने मंच पर AI का लाइव उपयोग करके छात्रों को इस नई तकनीक का सीधा अनुभव भी कराया।

उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करे, ताकि स्मार्ट क्लास का उपयोग व्यवस्थित, प्रभावी और लक्ष्य-आधारित तरीके से हो सके।

अगले चरण की योजना

कवर्धा जिले के मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में अब अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण प्रणाली की सुविधा मिल गई है। स्मार्ट क्लास की शुरुआत से अब छात्रों को विषयों की गहराई, जिज्ञासा-आधारित शिक्षण और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा।

अगले चरण में, बोड़ला विकासखंड के सरकारी स्कूलों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जिले में CSR मद से कुल 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की योजना है, जिसके तहत अन्य स्कूलों में भी यह पहल शुरू कर दी गई है। आज जिन विद्यालयों में डिजिटल क्लास रूम का शुभारंभ हुआ उनमें सोनझरी, रक्से, सिलहाटी, सहसपुर लोहारा, सुरजपुरा वन, कोयलारी, छिरबांधा, खोलवा और राम्हेपुर शामिल हैं।

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