राइस मिलर्स की समस्याओं को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से की चर्चा

रायपुर। रायपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में ‘द फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया राइस मिलर्स एसोसिएशन’ (FARIMA) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के चावल उद्योग के सामने आ रही तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराना और उनके समाधान हेतु ज्ञापन सौंपना था।
चर्चा के मुख्य बिंदु: तकनीक और गुणवत्ता पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के साथ मुख्य रूप से तीन विषयों पर विस्तार से चर्चा की:
ऑटोमैटिक ग्रेन एनालाइज़र (AGA) की बहाली: मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा इस मशीन के उपयोग को बंद करने पर चिंता जताई। यह मशीन AI और इमेज प्रोसेसिंग के जरिए बिना किसी मानवीय पक्षपात के अनाज की गुणवत्ता की जांच करती है।
पारदर्शिता की मांग: सांसद अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के तहत इस प्रणाली को 2021-22 में शुरू किया गया था। इसे बंद करने से पारदर्शिता कम हुई है और फील्ड स्टाफ द्वारा मिलर्स के शोषण की शिकायतें बढ़ी हैं।
फोर्टिफाइड राइस (FRK) की समीक्षा: प्रतिनिधिमंडल ने FRK इकाइयों में मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि खराब गुणवत्ता वाले FRK के कारण राइस मिलों के संचालन में बाधा आ रही है और इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है।
इस मुलाकात के दौरान फेडरेशन के चेयरमैन जी. वेंकटेश्वर राव, अध्यक्ष तरसेम सैनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल और कोषाध्यक्ष माखन लाल सिंहला मौजूद रहे।
समाधान का आश्वासन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रहित और किसान हित का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि AGA तकनीक को पूरे देश में अनिवार्य रूप से पुनः लागू किया जाए और FRK की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि विभाग इन तकनीकी समस्याओं का गहन परीक्षण कर जल्द ही उचित कदम उठाएगा।
















