छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना (शहरी) : समय सीमा बढ़ाने की तैयारी, हितग्राहियों को मिलेगा अतिरिक्त समय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने योजना की वर्तमान समय सीमा को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो योजना की अवधि एक वर्ष और बढ़कर 26 दिसंबर 2026 तक हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति
राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन काफी प्रभावी रहा है। अब तक के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ अपने लक्ष्यों के काफी करीब है:
कुल स्वीकृत आवास: 2,43,261
पूर्ण हो चुके आवास: 2,17,022
कुल प्रगति: लगभग 89% कार्य संपन्न
योजना मुख्य रूप से दो श्रेणियों—हितग्राही आधारित व्यक्तिगत आवास (BLC) और किफायती आवास (AHP)—के तहत संचालित की जा रही है।
समय सीमा खत्म होने पर क्या होगा?
नगरीय प्रशासन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय सीमा विस्तार को तुरंत मंजूरी नहीं भी मिलती है, तो भी राज्य पर इसका बड़ा संकट नहीं आएगा। इसका मुख्य कारण यह है कि अधिकांश स्वीकृत मकानों पर काम पहले ही शुरू हो चुका है।
वर्तमान में केवल 481 आवास ऐसे हैं जिनका निर्माण शुरू होना बाकी है।
लगभग 25,758 मकानों का निर्माण अभी चल रहा है।
निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि वे 31 दिसंबर 2025 तक प्रगतिरत कार्यों को पूरा कर क्लेम जमा कर देते हैं, तो उनकी राशि सुरक्षित रहेगी।
केंद्र सरकार के हालिया निर्देश
गौरतलब है कि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने पिछले महीने स्पष्ट किया था कि योजना की आधिकारिक अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही है। केंद्र ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन आवासों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ है, उनके लिए नई राशि आवंटित नहीं की जाएगी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विस्तार की मांग की है ताकि शेष बचे कार्यों को सुगमता से पूरा किया जा सके।
















