जशपुर के सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति : मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 206 स्मार्ट क्लास के लिए हुआ समझौता

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्कूली शिक्षा की तस्वीर बदलने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया में आज जिला प्रशासन, एसईसीएल (SECL) और ईडीसीआईएल (EdCIL) के बीच एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता (MoU) हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पढ़ाना है।
इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए तीनों पक्षों ने अपनी जिम्मेदारियां साझा की हैं:
हस्ताक्षरकर्ता: जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसईसीएल के महाप्रबंधक श्री सी.एम. वर्मा और ईडीसीआईएल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री विकास सहरावत ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
वित्तीय सहायता: एसईसीएल ने अपने सीएसआर (CSR) मद से 5 करोड़ रुपये की राशि इस कार्य के लिए स्वीकृत की है।
लक्ष्य: जिले के चुनिंदा शासकीय स्कूलों में 206 इंटरएक्टिव डिजिटल पैनल लगाए जाएंगे।
शिक्षा में आएगा आधुनिक बदलाव
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीक के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों और गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को भी वही सुविधाएं मिलेंगी जो बड़े शहरों के छात्रों को मिलती हैं। इससे छात्रों में न केवल सीखने की जिज्ञासा बढ़ेगी, बल्कि वे तकनीकी रूप से भी दक्ष बनेंगे।
केवल उपकरण ही नहीं, प्रशिक्षण भी मिलेगा
इस एमओयू की खास बात यह है कि इसमें केवल मशीनों की स्थापना ही शामिल नहीं है, बल्कि इनके दीर्घकालिक उपयोग पर भी ध्यान दिया गया है:
डिजिटल कंटेंट: शिक्षक अब वीडियो, ई-लर्निंग सामग्री और प्रभावी प्रेजेंटेशन के जरिए कठिन विषयों को आसानी से समझा पाएंगे।
ट्रेनिंग और मेंटेनेंस: शिक्षकों को इन उपकरणों को चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उपकरणों के नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इस सहयोग के लिए एसईसीएल और ईडीसीआईएल का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस डिजिटल हस्तक्षेप से जिले के शैक्षणिक स्तर में क्रांतिकारी सुधार आएगा और छात्रों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
















