
कीवी ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, होबार्ट टेस्ट की ऐतिहासिक जीत के रहे थे नायक
नई दिल्ली (एजेंसी)। न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुभवी ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 35 वर्षीय ब्रेसवेल ने अपने करियर के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन वे हमेशा अपनी उस यादगार गेंदबाजी के लिए याद किए जाएंगे जिसने ऑस्ट्रेलिया को उन्हीं की धरती पर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संन्यास की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
होबार्ट टेस्ट: करियर का सबसे स्वर्णिम क्षण
डग ब्रेसवेल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होबार्ट टेस्ट में आई थी। उस समय न्यूजीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 7 रनों से हराकर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस मैच में ब्रेसवेल ने घातक गेंदबाजी करते हुए:
पहली पारी: 3 विकेट झटके।
दूसरी पारी: मात्र 40 रन देकर 6 महत्वपूर्ण विकेट लिए।
कुल प्रदर्शन: मैच में 9 विकेट लेकर वे जीत के सूत्रधार बने थे।
दिलचस्प बात यह है कि 2011 की उस जीत के बाद से न्यूजीलैंड की टीम टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया को दोबारा नहीं हरा पाई है।
अंतरराष्ट्रीय करियर पर एक नजर
ब्रेसवेल ने साल 2011 में जिम्बाब्वे के खिलाफ एक ही दौरे पर तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में डेब्यू किया था। उनका करियर करीब 12 साल तक चला, जिसमें उन्होंने अपना अंतिम मैच मार्च 2023 में श्रीलंका के विरुद्ध खेला था।
ब्रेसवेल के करियर के आंकड़े:
फॉर्मेट,मैच,रन,विकेट
टेस्ट,28,568,74
वनडे,21,221,26
टी20,20,126,20
विदाई और सम्मान
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। हालांकि चोट और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण वे टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन एक ‘मैच विनर’ ऑलराउंडर के रूप में उनकी पहचान हमेशा कायम रहेगी।
















