छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में विकास की नई रफ़्तार : ‘प्रगति’ प्लेटफॉर्म बना बड़ी परियोजनाओं का सारथी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अधोसंरचना और ऊर्जा क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा मिली है। दशकों से अटकी हुई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल पटरी पर लौटी हैं, बल्कि समय सीमा के भीतर पूरी भी हो रही हैं।

प्रगति प्लेटफॉर्म: शासन और समाधान का आधुनिक मॉडल

मुख्यमंत्री के अनुसार, ‘प्रगति’ (Pro-Active Governance And Timely Implementation) एक ऐसा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित मंच है जिसने परियोजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने का काम किया है। हाल ही में संपन्न हुई इसकी 50वीं बैठक में छत्तीसगढ़ की दो प्रमुख परियोजनाओं—भिलाई इस्पात संयंत्र का आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट—की सफलता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

छत्तीसगढ़ की दो बड़ी उपलब्धियां

  1. भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) का कायाकल्प

वर्ष 2007 में स्वीकृत इस आधुनिकीकरण परियोजना को ‘प्रगति’ की नियमित समीक्षाओं से नई ऊर्जा मिली।

प्रभाव: उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि हुई है, जिससे रेल निर्माण को गति मिली।

रोजगार: हजारों स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के द्वार खुले हैं।

आर्थिक मजबूती: छत्तीसगढ़ की पहचान देश के प्रमुख इस्पात हब के रूप में और सुदृढ़ हुई है।

  1. लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (रायगढ़)

2009 में शुरू हुई 1600 मेगावाट की इस परियोजना को उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग के जरिए सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया है।

ऊर्जा सुरक्षा: यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि 6 पड़ोसी राज्यों को बिजली आपूर्ति कर रही है।

पावर हब: इसने राज्य की ‘पावर हब ऑफ इंडिया’ की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूती दी है।

कृषि और उद्योग: निर्बाध बिजली मिलने से राज्य की औद्योगिक और कृषि गतिविधियों में तेजी आई है।

विकसित भारत @ 2047 की ओर कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि पिछले एक दशक में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिली है। यह ‘सहयोगी संघवाद’ (Cooperative Federalism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ केंद्र और राज्य मिलकर बाधाओं को सुलझाते हैं।

“स्पष्ट लक्ष्य और तेज़ क्रियान्वयन ही नए भारत की कार्यसंस्कृति है। प्रगति प्लेटफॉर्म ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया है, जो हमें ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य की ओर ले जा रहा है।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

इस नई कार्यप्रणाली ने प्रदेश में निवेश और सहायक उद्योगों के विस्तार के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय विकास में अपनी निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

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